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Author name: Vinod Jha

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Bihar News: रेवेन्यू कोर्ट से अंतिम आदेश डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के साथ होगा ऑनलाइन पारित

Bihar News: बिहार में रेवेन्यू कोर्ट से अंतिम आदेश अब डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के साथ ऑनलाइन पारित होगा. इसका मकसद आदेश पारित होने की तिथि को ही संबंधित सभी पक्षों को इसकी जानकारी उपलब्ध करवाना है. इससे यदि किसी पक्ष को आदेश से आपत्ति होगी तो वे तय समय में ही आदेश के खिलाफ अपील कर सकेंगे. इससे न्याय प्राप्त करने में लोगों को सुविधा होगी, इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों के कामकाज अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकेंगे. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पोर्टल से जुड़े सभी न्यायालयों को इस व्यवस्था का पालन करने का निर्देश दिया है. नया आदेश… नया आदेश अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अपर समाहर्ता, समाहर्ता और आयुक्त के राजस्व न्यायालयों पर समान रूप से लागू होगा. सूत्रों के अनुसार पहले की व्यवस्था के तहत राजस्व न्यायालयों द्वारा सुनवाई के बाद दिये गये आदेश को ऑफलाइन पारित कर दिया जाता था. ऑफलाइन पारित आदेश पर कलम से दस्तखत करने के बाद पोर्टल पर ऑनलाइन करने की व्यवस्था थी. अब ऑनलाइन पोर्टल पर ही आदेश टाइप कर लिखने और इसे डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट से हस्ताक्षर के बाद पारित किया जायेगा. इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और सभी समाहर्ताओं को इस संबंध में एक पत्र लिखकर पूरी जानकारी साझा की है. विभाग को मिली थी अनियमितता की जानकारी सूत्रों के अनुसार विभाग को राजस्व न्यायालयों से ऑफलाइन पारित आदेशों में अनियमितता की जानकारी मिली थी. कई मामलों में विभिन्न स्तर के राजस्व न्यायालयों के आदेशों को पूर्व की तिथि से ही हस्ताक्षर और निर्गत किया गया था. साथ ही आरसीएमएस पोर्टल पर बाद की तिथि में अपलोड किया गया था. इससे राजस्व वादों में संबंधित पक्षों को परेशानी हुई थी और राजस्व न्यायालयों की पारदर्शिता पर सवाल उठे थे. राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के तहत न्यायालय की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन करने और सुनवाई की तिथि को पारित अंतरिम आदेश को डिजिटली ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था पहले से ही लागू है. इसके तहत सभी वादों को ऑनलाइन दायर करने, वादों की सुनवाई संबंधी काउज लिस्ट को ऑनलाइन किये जाने की व्यवस्था है. क्या कहते हैं मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सभी राजस्व न्यायालयों को एकीकृत करके जून, 2024 में एक ही पोर्टल में समाहित कर दिया गया था. अगस्त, 2024 में इसमें समाहर्ता और आयुक्त के न्यायालय को जोड़ दिया गया था. नयी व्यवस्था में न्याय निर्णय होने और उसे प्रकाशित या प्रसारित होने के बीच का अंतराल खत्म हो जायेगा. Also Read: Bihar News: ड्रोन से डंप साइट पर जमा कचरे का अध्ययन करेंगी छह एजेंसियां, विभाग को रिपोर्ट करेगी चयनित एजेंसी The post Bihar News: रेवेन्यू कोर्ट से अंतिम आदेश डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के साथ होगा ऑनलाइन पारित appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: भागलपुर के 86 गांव के लोगों को इस गर्मी में नहीं मिल पायेगा शुद्ध पीने का पानी, जानें इसकी वजह

ब्रजेश/ Bihar News. भागलपुर में गंगा के पानी को ट्रीटमेंट कर आर्सेनिक प्रभावित 86 गांवों तक पहुंचाने की योजना की समय सीमा फेल हो गयी है. इस गर्मी भी लोगों की प्यास बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के पानी से नहीं बुझ सकेगी. काम फाइनल करने के लिए मार्च 2025 तक का एक्सटेंशन मांगा गया था, तीन महीने बाद भी इसकी फाइल मुख्यालय में धूल फांक रही है. लेटलतीफी के कारण सबसे ज्यादा नाथनगर प्रखंड के आर्सेनिक प्रभावित इलाकों के लोगों को दिक्कत हो रही है. सुलतानगंज में गंगा किनारे कुछ गांव में जलापूर्ति होनी है. बाकी जलापूर्ति नाथनगर प्रखंड की छह पंचायत के आर्सेनिक प्रभावित गांवों में होगी. पांच जलमीनार का निर्माण हुआ है. ये सभी जलमीनार नाथनगर प्रखंड के दोगच्छी, अजमेरीपुर, शाहपुर आदि में बने हैं. एक्सटेंशन का आवेदन मुख्यालय में लंबित यहां बता दें कि बीते एक दशक से सुलतानगंज से नाथनगर तक के लोग इस योजना पर काम होते देख रहे हैं. प्यास बुझाने लायक पानी अब तक उन्हें नहीं मिल सका है. पीएचईडी पश्चिमी डिवीजन ने पूर्व में दावा किया था कि जून 2024 तक योजना पूरी हो जायेगी और जलापूर्ति होने लगेगी. सच्चाई यह है कि सिर्फ पंपिंग स्टेशन का काम 80 फीसदी तक करने में एक दशक लग गये हैं. अभी तो जेटी तैयार भी नहीं हुआ है. पाइपलाइन का काम भी बचा हुआ है. सुलतानगंज बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना साल 2012 में शुरू हुई थी. इसे हर हाल में 2015 तक पूरा करना था. योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए मुख्यालय ने 56.54 लाख रुपये आवंटित किये गये है. एजेंसी बदलने के बाद भी काम में तेजी नहीं विभाग ने सबसे पहले हैदराबाद की आइवीआरसीएल को योजना पर काम करने के लिए बहाल किया. साढ़े 14 महीने तक काम चला, लेकिन विभागीय अधिकारियों को पता चला कि काम तो सिर्फ नौ फीसदी हो पाया है. आश्चर्य यह कि विभाग को लेटलतीफी की जानकारी होने में 14 महीने लग गये. एग्रीमेंट के मुताबिक समय पर काम पूरा नहीं करने की स्थिति में एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई हुई. विभाग ने टेंडर रद्द कर एजेंसी को काली सूची में डाल दिया. काम ठप पड़ा रहा. वर्ष 2018 में री-टेंडर हुआ. कोलकाता की कंपनी मेसर्स रियान वाटर टेक प्राइवेट लिमिटेड को काम दिया गया. साथ ही तेजी से काम कराने के लिए विभाग ने और दो एजेंसी हाजीपुर की कंपनी मंगलम एग्रोकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं कटिहार के पवन चौबे को बहाल किया. वर्तमान में मेसर्स रियान वाटर टेक प्राइवेट काम कर रहा है, फिर भी काम में तेजी नहीं आयी है. Also Read: Bihar News: रेवेन्यू कोर्ट से अंतिम आदेश डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के साथ होगा ऑनलाइन पारित एक नजर में… सुलतानगंज-नाथनगर बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना की लागत : 80.60 करोड़ रुपये कार्य प्रारंभ : वर्ष 2012 कार्य पूरा होने की तिथि : वर्ष 2015 चयनित एजेंसी : आइवीआरसीएल, हैदराबाद काम चला : 14 महीने तक काम हुआ : 09 फीसदी कार्रवाई : एजेंसी हुई ब्लैक लिस्टेड री-टेंडर : वर्ष 2018 चयनित एजेंसी : मेसर्स रियान वाटर टेक प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता काम में तेजी लाने के लिए और 02 एजेंसी की बहाली : पवन चौबे, कटिहार व मंगलम एग्रोकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भागलपुर पूर्वी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार सुमन ने बताया कि जलापूर्ति योजना का कार्य प्रगति पर है. 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है. मार्च तक योजना पूरी हो जायेगी. टाइम एक्सटेंशन के लिए मुख्यालय को फाइल भेजी गयी है. स्वीकृति नहीं मिली है, लेकिन काम पर इसका असर नहीं पड़ा है. काम चल रहा है. The post Bihar News: भागलपुर के 86 गांव के लोगों को इस गर्मी में नहीं मिल पायेगा शुद्ध पीने का पानी, जानें इसकी वजह appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में चुनाव जीतकर 5 बिहारी बने विधायक, मधुबनी के संजीव झा ने बनायी हैट्रिक

Delhi Election Result : पटना. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में पांच बिहारी जीतकर विधायक बने हैं. इनमें से एक तो चौथी बार एमएलए बने हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव में बिहार मूल के पांच प्रत्याशियों ने परचम लहराया है. इनमें हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) से तीन और आम आदमी पार्टी (आप) से दो विधायक बने हैं. भाजपा से अभय वर्मा (दरभंगा), डॉ. पंकज कुमार सिंह (बक्सर) और चंदन कुमार चौधरी (खगड़िया) ने जीत दर्ज की है. वहीं, आप से अनिल झा (मधुबनी) और संजीव झा (मधुबनी) को सफलता मिली है. बुराड़ी से संजीव झा चौथी बार विधायक चुने गए. हालांकि आप के विनय मिश्रा द्वारका सीट से हार गए. वह दिग्गज नेता महाबल मिश्र के बेटे हैं. दरभंगा मधुबनी का जलवा दिल्ली की लक्ष्मी नगर विधानसभा सीट से जीतनेवाले अभय वर्मा मूल रूप से दरभंगा के रहनेवाले हैं. वह पेशे से वकील और दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष भी हैं. उन्हें लक्ष्मी नगर विधानसभा में 65858 वोट मिले. वर्मा ने आप के बीबी त्यागी को 11,542 मतों से हराया. मधुबनी जिले के बेनीपट्टी के बरहा गांव के निवासी अनिल झा (आप) ने किरारी विधानसभा सीट पर भाजपा के बजरंग शुक्ला को 21 हजार 871 वोटों से हराया. वह तीसरी बार जीते हैं. इससे पूर्व वह बीजेपी से दो बार इसी विधानसभा से विजयी हुए थे. पिछले चुनाव में पराजित होने के बाद इस बार आप पार्टी की टिकट पर किरारी विधानसभा से ही चुनाव लड़े. चंदन की जीत पर खगड़िया में जश्न खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के चकप्रयाग निवासी चंदन कुमार चौधरी ने संगम विहार विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट पर 54049 वोट हासिल किए. उन्होंने आम आदमी पार्टी के दिनेश मोहनिया को 344 वोट से हराया. उनके परबत्ता प्रखंड स्थित पैतृक गांव चकप्रयाग में जश्न का माहौल है. गांव के लोगों ने स्थानीय महावीर मंदिर में मिठाई चढ़ाई और एक-दूसरे को अबीर लगाकर खुशी का इजहार किया. चंदन चौधरी, स्व. रासो चौधरी व कृष्णा देवी के इकलौते पुत्र हैं. चंदन की पत्नी नीलू चौधरी दिल्ली में ही भाजपा स्त्री मोर्चा की प्रवक्ता हैं. इसी प्रकार पंकज सिंह का पैतृक गांव बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड के धरौली में है. उनके बड़े भाई मनोज सिंह सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं.पंकज सिंह को एक लाख 35 हजार से अधिक वोट मिले. उन्होंने करीब 13 हजार मतों से जीत मिली है. Also Read: बिहार में किसी से गठबंधन नहीं करेंगी मायावती, इतनी सीटों पर बसपा कर रही है तैयारी The post दिल्ली में चुनाव जीतकर 5 बिहारी बने विधायक, मधुबनी के संजीव झा ने बनायी हैट्रिक appeared first on Naya Vichar.

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गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का रास्ता साफ, झारखंड ने रेलवे को दी 150 एकड़ जमीन

Indian Railways: भागलपुर, ललित किशोर मिश्र. गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का रास्ता साफ हो गया है. गोड्डा से पीरपैंती के बीच 62 किलोमीटर लंबी रेल लाइन योजना के लिए झारखंड प्रशासन ने रेलवे को 150 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है. गोड्डा भू अर्जन पदाधिकारी ने शनिवार को पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को जमीन का कागजात सौंप दिया है. बताया जा रहा है कि रेलवे के स्वामित्व में जमीन आने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो जायेगा. 1393 करोड़ की है योजना, दो फेज में होना है काम इस नयी रेल परियोजना पर 1393 करोड़ रुपये खर्च अनुमानित है. इसके लिए लगभग 420 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. झारखंड प्रशासन ने 150 एकड़ जमीन उपलब्ध कर दी है. इस योजना पर दो फेज में काम होना है. पहले फेज में गोड्डा-महागामा व दूसरे फेज के लिए महागामा से पीरपैंती तक काम होना है. फिलहाल गोड्डा व पीरपैंती रेलमार्ग से जुड़ा नहीं है. परियोजना के पूरा होने से लोगों को रेल की सुविधा मिलेगी. इससे नार्थ इस्ट से आने वाली ट्रेनों का सीधा जुड़ाव इस रेलखंड से हो जायेगा. कोयले की आपूर्ति में होगा फायदा इस रेलखंड के निर्माण के बाद एनटीपीसी फरक्का को ललमटिया से कोयला लाने में काफी सहूलियत होगी. अभी कहलगांव होकर जाता है. साथ ही मिर्जाचौकी, पाकुड़ व साहेबगंज का स्टोन चिप्स जाने के लिए यह रास्ता सही होगा. वहीं पीरपैंती में घोषित पावर प्लांट के लिए भी यह मार्ग उपयोगी साबित होगा. पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने कहा कि कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी जमीन हस्तांतरण के काम में कई दिनों से लगे थे. गोड्डा के भू अर्जन पदाधिकारी ने चिट्ठी सौंप दी है. जाहिर है इस परियोजना पर अब काम आगे बढ़ेगा. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का रास्ता साफ, झारखंड ने रेलवे को दी 150 एकड़ जमीन appeared first on Naya Vichar.

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राजस्व विभाग में नहीं थम रहा नौकरी छोड़ने का सिलसिला, कैसे होगा भूमि सर्वेक्षण का काम

Bihar Land Survey: पटना. बिहार में पिछले छह माह से जमीन सर्वे का काम चल रहा है. इस काम में अमीन की महत्वपूर्ण भूमिका है. प्रशासन ने जमीन सर्वे का कार्य आरंभ करने से पूर्व बड़ी संख्या में अमीन के पद पर बहाली की, लेकिन पिछले छह माह के दौरान बिहार में भूमि सर्वेक्षण के बीच सैकड़ों विशेष सर्वेक्षण कर्मियों ने इस्तीफा दे दिया है. दूसरी जगह नौकरी मिलने या फिर अन्य कारणों से सर्वे कर्मियों ने नौकरी छोड़ दी. नौकरी छोड़ने का यह सिलसिला नहीं थम रहा है. 6 फरवरी को 47 विशेष सर्वेक्षण अमीनों ने नौकरी छोड़ी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने या इस्तीफा मंजूर किया या उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है. नौकरी छोड़ने का सिलसिला जारी शेखपुरा बंदोबस्त कार्यालय में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया है. बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा कनीय अभियंता के पद पर चयन होने के बाद बंदोबस्त पदाधिकारी शेखपुरा की अनुशंसा के आलोक में भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने श्रीमती राजनंदनी को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया है .वहीं बांका बंदोबस्त कार्यालय में पदस्थापित दो विशेष सर्वेक्षण अमीनो ने त्यागपत्र दिया है. जिसे विभाग ने स्वीकृत कर लिया है. प्रदीप कुमार यादव और लवकुश कुमार विशेष सर्वेक्षण अमीन ने इस्तीफा दिया है. नालंदा के 38 सर्वेक्षण अमीनों ने एक दिन में मिला एनओसी बंदोबस्त पदाधिकारी दरभंगा की अनुशंसा के आलोक में पांच विशेष सर्वेक्षण अमीनो का त्यागपत्र स्वीकृत किया गया है .ये हैं अजीत कुमार, प्रवीण कुमार, निवेदिता कुमारी, दीपशिखा और श्रीकांत गुप्ता . पटना के बंदोबस्त पदाधिकारी की अनुशंसा के आलोक में विशेष सर्वेक्षण अमीन ज्योति कुमारी को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है. इनका चयन कनीय अभियंता के पद पर हुआ है. वहीं नालंदा के बंदोबस्त पदाधिकारी की अनुशंसा के आलोक में 38 विशेष सर्वेक्षण अमीन को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है. इस तरह से एक दिन 47 कर्मियों ने नौकरी छोड़ दी. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post राजस्व विभाग में नहीं थम रहा नौकरी छोड़ने का सिलसिला, कैसे होगा भूमि सर्वेक्षण का काम appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Ips Transfer: बिहार में 5 आईपीएस का ट्रांसफर, सारण के ग्रामीण एसपी बने शिखर चौधरी

Bihar Ips Transfer: पटना. बिहार प्रशासन ने हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पांच अधिकारियों का ट्रांसफर किया है, जबकि दो को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. सारण में शिखर चौधरी को ग्रामीण एसपी बनाया गया है. मोतिहारी, बगहा में भी नए एसडीपीएओ और एएसपी की तैनाती की गई है. राज्य गृह विभाग ने इस संबंध में शनिवार को अधिसूचना जारी की. अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुधांशु कुमार को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण का एडीजी बनाते हुए एडीजी (यातायात) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. कन्नन को आईजी आधुनिकीकरण का अतिरिक्त प्रभार रेल आईजी पी कन्नन को आईजी आधुनिकीकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. मोतिहारी सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 शिखर चौधरी को सारण का एसपी (ग्रामीण) बनाया गया है. इसके अलावा सीआईडी की सहायक पुलिस अधीक्षक दीक्षा को पटना नगर एसडीपीओ-1, सारण के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मोहिबुल्लाह अंसारी को मोतिहारी के पकड़ीदयाल का एसडीपीओ नियुक्त किया गया है. दिव्यांजलि का बगहा तबादला नालंदा की सहायक पुलिस अधीक्षक दिव्यांजलि जायसवाल का बगहा ट्रांसफर कर दिया गया है. यहां उन्हें रामनगर का एसडीपीओ बनाया गया है. इसके अलावा गया के सहायक पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़ को मोतिहारी भेजा गया है. उन्हें सदर एसडीपीओ-1 के पद पर तैनाती दी गई है. सुश्री दिव्यांजलि जायसवाल और शिवम धाकड़ दोनों 2022 बैच के आईपीएस अफसर हैं. तबादले की पूरी लिस्ट देखिये.. Bihar ips transfer: बिहार में 5 आईपीएस का ट्रांसफर, सारण के ग्रामीण एसपी बने शिखर चौधरी 3 Bihar ips transfer: बिहार में 5 आईपीएस का ट्रांसफर, सारण के ग्रामीण एसपी बने शिखर चौधरी 4 Also Read: एक माह में तीन एनकाउंटर, चार अपराधी ढेर, नये डीजीपी के आते ही बिहार पुलिस ने बदले तेवर The post Bihar Ips Transfer: बिहार में 5 आईपीएस का ट्रांसफर, सारण के ग्रामीण एसपी बने शिखर चौधरी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में किसी से गठबंधन नहीं करेंगी मायावती, इतनी सीटों पर बसपा कर रही है तैयारी

Mayawati: पटना. मायवती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) बिहार में सभी 243 विधानसभा सीटों पर लड़ने का एलान किया है. साथ ही यह भी कहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी. शनिवार को पार्टी के प्रदेश दफ्तर में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक हुई. इसमें बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. बैठक में दावा किया गया कि बिहार में अगली प्रशासन बसपा की ही बनेगी. एनडीए से ऊब चुकी है जनता बिहार बसपा के बिहार प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि जनता एनडीए से ऊब चुकी है और नए विकल्प की तलाश में है. उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. बैठक को मुख्य अतिथि बसपा सांसद रामजी गौतम, केंद्रीय प्रदेश प्रभारी सुरेश राव, एनपी. अहिरवार, कुणाल विवेक, संजय मंडल, जिग्नेश जिज्ञासु ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शंकर महतो एवं संचालन कुणाल विवेक ने किया. बैठक में इस बात को लेकर सभी एक मत दिखे कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी अकेले ही मैदान में उतरेगी. 2020 में बसपा ने किया था गठबंधन पिछले विधानसभा चुनाव में मायावती की बसपा ने उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के साथ गठबंधन कर 80 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे. बसपा को उनमें से सिर्फ एक सीट कैमूर जिले की चैनपुर पर जीत मिली थी. वहां से बसपा के टिकट पर जीते जमा खान बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे और फिर नीतीश प्रशासन में मंत्री भी बने. इस साल नवंबर में होने जा रहे बिहार विधानसभा में भी बसपा बिहार में अपने उम्मीदवार उतारेगी, लेकिन पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो किसी भी अन्य दलों के साथ कोई गठबंधन नहीं कर ने जा रही है. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post बिहार में किसी से गठबंधन नहीं करेंगी मायावती, इतनी सीटों पर बसपा कर रही है तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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जानवरों का खानपान: बाघ-शेर रखते हैं एक दिन की फास्टिंग, पर हाथी-गैंडा को भूख बर्दाश्त नहीं

Food of Animals: पटना. संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) क्षेत्रफल के हिसाब से देश में चौथा स्थान रखता है, जो 152.95 एकड़ में है. 52 साल के इस जू में 92 प्रजातियों के कुल 1122 जानवर हैं. ऐसे में इन जानवरों के आहार का खास ख्याल रखा जाता है, जिसके लिए आहार गोदाम भी है. इसकी देख-रेख के लिए वनरक्षी तैनात हैं. जानवरों के खान-पान पर सालाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च किये जाते हैं. खान-पान में हर चीज का खास ख्याल रखा जाता है. रोग से बचाने के लिए जानवरों को मल्टीविटामिन और अन्य दवाएं डॉक्टर की देखरेख में दी जाती हैं. जानवरों के खान-पान को लेकर रुटीन सेट जू प्रशासन ने बताया कि जानवरों के खान-पान को लेकर रुटीन सेट है, जिनमें एक दिन की फास्टिंग भी शामिल है. मांसाहारी जानवरों को सप्ताह में एक दिन फास्टिंग में रखा जाता है. इसका कारण उनके डायजेस्टिव सिस्टम के साथ मेटोबॉलिज्म को बेहतर करना होता है. जंगलों में भी जब उन्हें शिकार मिलता है, वह खाते हैं लेकिन जब नहीं मिलता है तो फास्टिंग में रहते हैं. यह उनका नेचुरल प्रोसेस है. यही वजह है कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ( सीजेडए ) के गाइडलाइन के अनुसार मांसाहार खाने वाले जानवरों को एक दिन भूखा रखने का नियम बनाया गया है. कुछ जानवर खास कर चितल, बारहसिंघा, हिरण, ऑस्ट्रीच, बर्ड्स, गैंडा, हाथी आदि फास्टिंग में नहीं रहते हैं. इसका कारण यह है कि यह काफी एक्टिव रहते है जिसकी वजह से इनकी एनर्जी ज्यादा खपत होती है. इसलिए वह लगातार खाते रहते हैं. दूसरा कारण यह है कि जब यह घास या खाना खाते है तो लंबे समय तक इसे चिबाते है जिसकी वजह से खान पूरी तरीके से मिन्स होकर उनके पेट में जाता है और जल्दी पचता है. जू में रोजाना डेढ़ क्विंटल मांस की खपत मांसाहारी जानवरों को प्रतिदिन डेढ़ क्विंटल मांस, मछली 60-150 किला ( गर्मी और ठंड में अलग मात्रा) दिया जाता है. वहीं, शाकाहारी पक्षी और जानवरों को प्रतिदिन सीजनल फल दो क्विंटल, डियर मेस दो से ढाई क्विंटल, बर्ड मेस 4 केजी, सब्जी 50 किलो शामिल है. फलों में सीजनल फल, जूस, शहद, हाथियों के लिए गन्ना 25 किलो दो हाथी प्रतिदिन दी जाती है. गैंडा और हाथी के लिए बरसिम और सूडान घास जो सिर्फ उनके लिए मंगाया जाता है. मौसम के हिसाब से घटता-बढ़ता है आहार मांसाहार खा वालों में बाघ, शेर, तेंदुआ, ब्लैक पैंथर को प्रति दिन 6-12 किलो मांस दिया जाता है. गर्मी और ठंडी के अनुसार इसकी मात्रा घटती और बढ़ती है. एक समय ही खाना दिया जाता है. अगर बीमार हुए, तो दवा के अनुसार आहार दिया जाता है. बर्ड्स को दो बार खाना दिया जाता है. इनमें दाना, सीजनल फल, मूंगफली, चीना, बीज, धान दिया जाता है. भालू शहद, रोटी, फल, मूंगफली, जाड़े में अंडा दिया जाता है. चिंपांजी को सीजनल फल, अनार जूस, डाभ का पानी, गर्मी में दही-चावल, ठंड में खीर दिया जाता है. हाथी को दो बार खाना दिया जाता है. जाड़े में गन्ना दिया जाता है. रोटी, खिचड़ी का गोला, गुड़, पुआल, सीजनल फल, डाल पत्ता गर्मी में केला का थंब देते हैं. राइनो को दो बार खाना दिया जाता है. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post जानवरों का खानपान: बाघ-शेर रखते हैं एक दिन की फास्टिंग, पर हाथी-गैंडा को भूख बर्दाश्त नहीं appeared first on Naya Vichar.

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Crime News: पति ने खाना मांगा तो पत्नी ने टांगी से किया जख्मी, केरोसिन तेल छिड़ककर लगा दी आग, पिता-पुत्र RIMS रेफर

Crime News: गुमला, दुर्जय पासवान-गुमला के घाघरा प्रखंड स्थित नवनी गांव में शनिवार की दोपहर को पति जितिया उरांव द्वारा खाना मांगने पर पत्नी धनमुनी देवी ने उसके सिर में टांगी से वार कर घायल कर दिया. इसके बाद मिट्टी तेल (केरोसिन तेल) छिड़ककर आग लगा दी. इससे जितिया बुरी तरह झुलस गया. बगल में सो रहे 10 माह का पुत्र भी इसमें झुलस गया. धनमुनी देवी का भी हाथ जल गया है. घटना के बाद परिजनों द्वारा तीनों घायलों को गुमला सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जितिया उरांव और उसके 10 माह के बेटे को रांची रिम्स रेफर कर दिया गया. जितिया और उसके पुत्र के शरीर का 45 प्रतिशत हिस्सा जल गया है. कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर में जितिया उरांव काम करने के बाद घर आया. उसने अपनी पत्नी धनमुनी से खाना मांगा. तभी पति और पत्नी में विवाद हो गया. जितिया उरांव जहां बैठा था. उसी के बगल में उसका बेटा सो रहा था. इसी दौरान पत्नी धनमुनी देवी पीछे से टांगी लेकर आयी और अपने पति के सिर पर वार कर दिया. इससे जितिया घायल होकर गिर गया. इतने में ही धनमुनी ने मिट्टी का तेल छिड़क कर उसे आग के हवाले कर कर दिया. इससे जितिया गंभीर रूप से झुलस गया और इसकी चपेट में उसका 10 माह का बेटा और खुद धनमुनी भी आ गयी. धनमुनी की दिमागी हालत ठीक नहीं आग से जलने के बाद चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने वहां आकर आग बुझायी. इसके बाद सभी को अस्पताल लाया गया. इस संबंध में जितिया की भतीजी बैजंती कुमारी ने बताया कि उसकी चाची धनमुनी देवी का कुछ समय से दिमागी हालत ठीक नहीं है. घटना के समय घर में चाचा, चाची और 10 माह का छोटा भाई था. किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया. इसके बाद चाची ने इस घटना को अंजाम दिया. ये भी पढ़ें: Success Story: कभी दो वक्त रोटी के लिए थीं मोहताज, खेतीबाड़ी की इस तकनीक से बदली किस्मत, शीला उरांव की कमाई पर नहीं होगा यकीन ये भी पढ़ें: Success Story: कभी एक-एक रुपए के लिए थीं मोहताज, मजदूरी से करने लगीं कारोबार, उद्यमी रीना देवी ऐसे बन गयीं लखपति ये भी पढ़ें: Success Story: कभी चूल्हा-चौका संभालती थीं प्रीति देवी, आज हैं लखपति, कैसे बदली जिंदगी? The post Crime News: पति ने खाना मांगा तो पत्नी ने टांगी से किया जख्मी, केरोसिन तेल छिड़ककर लगा दी आग, पिता-पुत्र RIMS रेफर appeared first on Naya Vichar.

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सोशल वर्क में भी नारी आगे, ग्रामीण महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ रहीं शहर की महिलाएं

Social Work: पटना. आज कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां स्त्रीओं की सशक्त भागीदारी न हो. वे अपने दायित्व निर्वहन और पारिवारिक रिश्ते-नातों को संभालते हुए अपना नाम रोशन कर रही हैं. आज की स्त्रीएं जागरूक हैं, तो जज्बातों को समझने वाली भी. मेहनती हैं, तो सजग भी और सामाजिक भी. स्त्रीओं को पढ़ाती हैं, कानूनी साक्षरता का पाठ नागेश्वर कॉलोनी की रहने वाली सुधा अम्बष्ठ पेशे से हाइकोर्ट की वकील हैं. वे पिछले 30 साल से वकालत कर रही हैं. अपने वकालत के दौरान उन्होंने देखा कि स्त्रीएं अपने अधिकारों को लेकर सजग नहीं हैं. घरेलू हिंसा, लिंग भेद और स्त्री उत्पीड़न आदि जैसी सभी परेशानियों से उन्हें गुज़रना पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि स्त्रीएं अपने हित के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी रखें, ताकि किसी भी तरह की प्रताड़ना को न सहना पड़े और उसके खिलाफ अपनी आवाज उठा सकें. इसलिए वे एनजीओ और क्लब से जुड़कर पीड़ित स्त्रीओं की समस्याओं को सुनकर रिपोर्ट दर्ज करवाती हैं और न्याय के लिए मुकदमा भी लड़ती हैं. अब तक वे 50 स्त्रीओं का केस बिना शुल्क लिए लड़ी भी और जीतीं भी. सुधा अम्बष्ठ, वकील, हाइकोर्ट पटना सामाजिक विकलांगता दूर करना है इनका मकसद ट्रांसपोर्ट नगर की रहने वाली कुमारी वैष्णवी शारीरिक विकलांगता को दरकिनार करते हुए सामाजिक विकलांगता को दूर करने में लगी हैं. वे विकलांग अधिकार मंच की अध्यक्ष और वैष्णव स्वावलंबन संस्था की सेक्रेटरी हैं. वैष्णव स्वावलंबन संस्था असहाय स्त्रीओं को सशक्त बनाती हैं और उन्हें उनके अधिकार, हिंसा संबंधी मामला, प्रशासनी योजनाओं और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देती हैं. आपसी विवाद में काउंसेलिंग करती हैं. जरूरत पड़ने पर केस लड़ने में मदद भी करती हैं. साल 2009 से चल रही इस संस्था से अब तक हजारों स्त्रीएं जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं. संस्था की ओर से 57 जोड़े की शादी करवायी गयी है. वे कई बार दिव्यांगों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती हैं. उनके इस कार्य को लेकर राष्ट्रपति भी सम्मानित कर चुकी हैं. कुमारी वैष्णवी, अध्यक्ष, विकलांग अधिकार मंच स्त्रीओं को न्याय मिले इसलिए की कानून की पढ़ाई हाजीपुर की रहने वाली सरिता राय स्त्रीओं और किशोरियों पर पिछले नौ साल से कार्य कर रही हैं. शुरुआत में उन्होंने गांव की स्त्रीओं और किशोरियों के लिए माहवारी जागरूकता अभियान चलाया. इस दौरान उन्हें महसूस हुआ कि इन स्त्रीओं को उनके अधिकारों के लेकर खास जानकारी नहीं है. अगर कोई मामला उन पर आता है, तो उनके हक के लिए कोई खड़ा नहीं होता है. ऐसे में उन्होंने लॉ की पढ़ाई की ताकि ऐसे स्त्रीओं को कानूनी रूप से मदद कर सकें. वे साल 2022 से उड़ान संस्था चला रही हैं, जिसमें किशोरियों को हर रविवार को नौकरी पेशा लोग पढ़ाने में योगदान देते हैं. हाल ही में उन्होंने वकीलों की टीम तैयार की है जिसमें उनकी ओर से रेप पीड़िताओं को केस लड़े जायेंगे और उनको कानूनी सलाह फ्री ऑफ कॉस्ट दी जायेगी. सरिता राय, समाजसेवी भय, भूख व गरीबी को ले लड़कियों को करती हैं सशक्त न्यू अजीमाबाद कॉलोनी की रहने वाली शाहिना परवीन ‘द हंगर प्रोजेक्ट’ की स्टेट कोऑर्डिनेटर हैं. वे पंचायत में स्त्री नेतृत्व के माध्यम से वंचित समुदाय की स्त्रीओं को भय, भूख और गरीबी को लेकर सशक्त करती हैं. वे वर्ष 2006 से यह काम कर रही हैं. पहले बाल विवाह आम बात थी, लड़कियों को स्कूल नहीं जाने दिया जाता था. यही वजह रही कि उन्होंने 2016 में किशोरी सशक्तीकरण को लेकर कार्य करने लगीं. उन्होंने बाल विवाह पर जागरूकता अभियान चलाया. इसके लिए वे स्कूल प्रबंधन समिति और पंचायत के साथ मिलकर 40 पंचायतों में काम करती हैं. अब तक वे 3500 से ज्यादा किशोरियों को बाल विवाह से मुक्त करा चुकी हैं. वे विभिन्न जिलों के पंचायतों में सुकन्या क्लब भी चलाती हैं, ताकि किशोरियां अपने अधिकारों को समझने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल भी कर सकें. शाहिना परवीन, स्टेट कोऑर्डिनेटर, द हंगर प्रोजेक्ट Also Read: एक माह में तीन एनकाउंटर, चार अपराधी ढेर, नये डीजीपी के आते ही बिहार पुलिस ने बदले तेवर The post सोशल वर्क में भी नारी आगे, ग्रामीण स्त्रीओं को मुख्यधारा से जोड़ रहीं शहर की स्त्रीएं appeared first on Naya Vichar.

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