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Author name: Vinod Jha

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मुजफ्फरपुर के कांटी थाने में तोड़फोड़ का वीडियो देखिए, हाजत में युवक की मौत के बाद मचा बवाल

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना के हाजत में लूट कांड में पकड़े गये आरोपी का शव गुरुवार सुबह फंदे से लटका मिला. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान कांटी थाना क्षेत्र के कलवारी गांव निवासी शिवम झा के रूप में की गई है. सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी विद्यासागर, डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. युवक का शव मफलर से बने फंदे से लटका हुआ था. वीडियोग्राफी करा कर फंदे से नीचे उतारा गया. इसी बीच पुलिस कस्टडी में युवक की मौत की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में लोग थाना पहुंच गये. परिजन हत्या का आरोप लगा कर हंगामा करने लगे. वहां उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. लेकिन कुछ उपद्रवियों ने थाना परिसर में तोड़फोड़ कर दिया. जिसका वीडियो आप देख सकते हैं. Also Read: मोकामा शूटआउट केस: अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज, अभी जेल में ही रहेंगे बाहुबली The post मुजफ्फरपुर के कांटी थाने में तोड़फोड़ का वीडियो देखिए, हाजत में युवक की मौत के बाद मचा बवाल appeared first on Naya Vichar.

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Android Phone Vs iPhone: एंड्रॉयड फोन से महंगे क्यों होते हैं आईफोन? वजह जानकर आप भी मान लेंगे

Android Phone Vs iPhone: स्मार्टफोन की दुनिया में एंड्रॉयड फोन और आईफोन का मुकाबला हमेशा से एक चर्चा का विषय रहा है. दोनों के बीच न सिर्फ डिजाइन, फीचर्स और यूजर इंटरफेस में अंतर है, बल्कि इनके प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के रेट्स में भी काफी अंतर देखने को मिलता है. अगर आपने कभी एंड्रॉयड और आईफोन के बीच तुलना की है, तो आपने देखा होगा कि आईफोन अक्सर महंगा होता है, जबकि एंड्रॉयड फोन की कीमतें बहुत व्यापक रेंज में उपलब्ध होती हैं. इस लेख में हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि एंड्रॉयड फोन और आईफोन के प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के रेट्स में इतना अंतर क्यों होता है. Android Phone Vs iPhone : ब्रांडिंग और मार्केटिंग सबसे पहला कारण जो आईफोन की कीमत को अधिक बनाता है, वह है ऐपल का ब्रांड. ऐपल ने अपने उत्पादों के लिए एक प्रीमियम ब्रांडिंग बनाई है. आईफोन का नाम ही एक स्टेटस सिम्बल बन चुका है. ऐपल के प्रॉडक्ट्स की कीमतें इस प्रीमियम ब्रांड की पहचान को बनाए रखने के लिए निर्धारित की जाती हैं. ऐपल के प्रॉडक्ट्स को एक खास डिजाइन, क्वॉलिटी और एक्सपीरिएंस के रूप में पेश किया जाता है, जो अन्य कंपनियों से अलग होता है. इसके उलट, एंड्रॉयड फोन विभिन्न ब्रांड्स द्वारा बनाये जाते हैं, जैसे सैमसंग, शाओमी, वनप्लस, ओप्पो, आदि. इन कंपनियों का फोकस अधिक से अधिक यूजर्स तक पहुंचने पर होता है, जिससे उनकी कीमतें आईफोन की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहती हैं. एंड्रॉयड फोन की मार्केटिंग अक्सर ‘वैल्यू फॉर मनी’ पर आधारित होती है, जबकि आईफोन के विज्ञापन हमेशा एक विशिष्ट प्रीमियम अनुभव पर जोर देते हैं. Android Phone Vs iPhone : प्रॉसेसिंग और हार्डवेयर क्वॉलिटी आईफोन की कीमत हाई क्वॉलिटी वाले हार्डवेयर और प्रॉसेसिंग की वजह से भी अधिक होती है. ऐपल अपनी चिपसेट तकनीक (बायोनिक सीरीज) में खुद इनोवेशन करती है, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली स्मार्टफोन चिप्स में से एक मानी जाती है. इन चिप्स का परफॉर्मेंस बहुत अधिक होता है, जो आईफोन को तेज, शक्तिशाली और बेहतर यूजर एक्सपीरिएंस देता है. दूसरी तरफ, एंड्रॉयड फोन में विभिन्न प्रकार के प्रॉसेसर होते हैं, जैसे कि क्वालकॉम स्नैपड्रैगन, मीडिया टेक और अन्य. हालांकि ये प्रॉसेसर अच्छे होते हैं, ऐपल के प्रॉसेसर से उनका परफॉर्मेंस कम होता है और इस वजह से एंड्रॉयड फोन की कीमतें आईफोन से कम होती हैं. Android Phone Vs iPhone : सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम आईफोन में ऐपल का आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जो एंड्रॉयड की तुलना में अधिक कस्टमाइज्ड और प्रीमियम एक्सपीरिएंस देता है. आईओएस एक क्लोज्ड सिस्टम है, जिसे पूरी तरह से ऐपल ही कंट्रोल करती है और इसमें सिक्योरिटी, अपडेट्स और यूजर एक्सपीरिएंस का लेवल बहुत हाई होता है. एंड्रॉयड एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो विभिन्न कंपनियों द्वारा कस्टमाइज किया जा सकता है. एंड्रॉयड यूजर्स को अधिक कस्टमाइजेशन और फीचर्स का अनुभव होता है, लेकिन आईओएस की तुलना में इसमें सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी की चुनौतियां हो सकती हैं. इस वजह से, आईफोन का सॉफ्टवेयर अधिक महंगा होता है, क्योंकि ऐपल इसे लगातार अपडेट और सुधार करता है. Android Phone Vs iPhone : सर्विसेज और ऐप स्टोर ऐपल अपनी सर्विसेज को भी एक प्रीमियम स्तर पर रखता है. ऐपल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध ऐप्स की क्वॉलिटी और सिक्योरिटी एंड्रॉयड की तुलना में बेहतर मानी जाती है. इसके अलावा, ऐपल की क्लाउड स्टोरेज, म्यूजिक स्ट्रीमिंग (Apple Music) और अन्य सर्विसेज का भी प्रीमियम मूल्य होता है. वहीं, एंड्रॉयड प्लैटफॉर्म पर कई ऐप्स मुफ्त या सस्ती कीमतों पर उपलब्ध होते हैं. गूगल के प्ले स्टोर की तुलना में ऐपल का ऐप स्टोर अधिक महंगा है और ऐप डेवलपर्स को भी ऐपल के ऐप स्टोर में 30% कमीशन देना होता है, जो एंड्रॉयड की तुलना में काफी अधिक है. Android Phone Vs iPhone : बिल्ड क्वाॅलिटी और डिजाइन ऐपल अपनी डिजाइन और बिल्ड क्वॉलिटी में हमेशा एक स्टैंडर्ड सेट करता है. आईफोन का मेटल और ग्लास बॉडी, फिनिश और फील उच्चतम स्तर की होती है. ऐपल के फोन का डिजाइन आमतौर पर बहुत प्रीमियम होता है और इसका इस्तेमाल करने पर एक खास अनुभव मिलता है. एंड्रॉयड फोन में विभिन्न ब्रांड्स द्वारा अलग-अलग डिजाइन पेश किये जाते हैं, जो मेटल, प्लास्टिक और ग्लास के होते हैं. हालांकि, सैमसंग जैसे ब्रांड प्रीमियम बिल्ड क्वाॅलिटी ऑफर करते हैं, लेकिन अधिकांश एंड्रॉयड फोन की बिल्ड क्वालिटी आईफोन के मुकाबले कमजोर होती है. इसके परिणामस्वरूप, एंड्रॉयड फोन की कीमतें आम तौर पर कम होती हैं. Android Phone Vs iPhone : स्मार्टफोन की लाइफ और रिसेल वैल्यू आईफोन की उम्र और रिसेल वैल्यू अक्सर एंड्रॉयड फोन से बेहतर मानी जाती है. ऐपल अपने फोन को लंबे समय तक सपोर्ट करता है और आईफोन की सॉफ्टवेयर अपडेट्स काफी समय तक मिलती रहती हैं. इसके अलावा, आईफोन की रिसेल वैल्यू भी अच्छी रहती है, यानी जब आप पुराने आईफोन को बेचते हैं, तो आपको अच्छी कीमत मिलती है. एंड्रॉयड फोन में, हालांकि अपडेट्स और सपोर्ट ब्रांड के हिसाब से भिन्न होते हैं. अधिकांश एंड्रॉयड फोन को उतना लंबा सपोर्ट नहीं मिलता, जितना आईफोन को मिलता है और उनकी रिसेल वैल्यू भी कम होती है. Android Phone Vs iPhone : मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की बात आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भी महंगी होती है. ऐपल हाई क्वॉलिटी वाले सामान का उपयोग करता है और इसे बनाने के लिए कड़ी क्वॉलिटी टेस्टिंग होती है. ऐपल का सप्लाई चेन सिस्टम भी बहुत सख्त और नियंत्रित है, जिससे इसके उत्पादों की कीमतें बढ़ जाती हैं. इसके उलट, एंड्रॉयड फोन के मैन्युफैक्चरर्स के लिए अधिक फ्फ्लेक्सिबिलिटी होती है, जिससे वे अपने प्रॉडक्ट्स को सस्ती कीमतों पर बना सकते हैं. इसके अलावा, एंड्रॉयड फोन की सप्लाई चेन ज्यादा विविध होती है, जो कीमतों काे तय करने में मदद करती है. Android Phone Vs iPhone : जरूरत और बजट पर तय करें यूजर्स कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि आईफोन और एंड्रॉयड फोन के बीच प्रॉडक्ट और सर्विसेज के रेट्स में अंतर खास तौर पर ब्रांड, हार्डवेयर क्वॉलिटी, सॉफ्टवेयर सपोर्ट, सर्विसेज और प्रॉडक्शन प्रॉसेस में अंतर की वजह से होता है. जहां आईफोन प्रीमियम ब्रांड और स्टाइलिश डिजाइन के साथ आता है, वहीं एंड्रॉयड फोन अधिक सस्ते और कस्टमाइज्ड रेंज ऑफर करते हैं. दोनों के अपने फायदे और सीमाएं

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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में ये कैसी हलचल? चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुने गए खिलाड़ी ने कर दी संन्यास की घोषणा

Marcus Stoinis: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस ने चौंकाते हुए वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है. स्टोइनिस को चैंपियंस ट्रॉफी टीम के लिए चुना गया था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने संन्यास लेकर सबको हैरान कर दिया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने गुरुवार को कहा कि स्टोइनिस टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे और उनका यह कदम टी20 क्रिकेट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है. उनके वनडे से संन्यास लेने का मतलब है कि सीए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करेगा. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 74 मैच स्पोर्ट्सने वाले स्टोइनिस ने अपने संन्यास पर कहा, “ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट स्पोर्ट्सना एक अद्भुत यात्रा रही है, और मैं हरे और सुनहरे मैदानों पर बिताए हर पल के लिए आभारी हूं. उच्चतम स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान है जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा. यह निर्णय लेना आसान नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि अब मेरे लिए वनडे से कुछ समय दूर रहकर अपने करियर के अगले अध्याय पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है.” ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका वनडे करियर 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू हुआ था, और उसी दौरे पर उन्होंने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी स्पोर्ट्सा. हालांकि, उन्हें ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में अपनी जगह स्थापित करने के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ा, जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ईडन पार्क में नाबाद 146 रन बनाते हुए तीन विकेट भी लिए, जिससे उनकी स्थिति मजबूत हो गई. अपने कैरियर में मार्कस स्टोइनिस 1 शतक और 6 अर्धशतकों के साथ कुल 1495 रन बनाए. गेंदबाजी में भी उनका जलवा रहा है. इस दौरान उन्होंने 6 की इकॉनमी से 48 विकेट भी लिए.   “This wasn’t an easy decision, but I believe it’s the right time for me to step away from ODIs and fully focus on the next chapter of my career” Australia allrounder Marcus Stoinis has announced his ODI retirement and won’t feature in the upcoming Champions Trophy pic.twitter.com/xUkVr7D3wl — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) February 6, 2025 स्टोइनिस 2023 में हिंदुस्तान में हुए वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की चैंपियन टीम का हिस्सा थे और 2018-19 में उन्हें देश का वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया था. हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, “स्टोइनिस पिछले एक दशक से हमारे वनडे सेटअप का अहम हिस्सा रहे हैं. वह न केवल एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं, बल्कि टीम के भीतर एक शानदार इंसान भी हैं. वह एक स्वाभाविक नेता और असाधारण रूप से लोकप्रिय खिलाड़ी हैं.” चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम चयन में स्टोइनिस के संन्यास और पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की चोटों के कारण सीए ने कहा कि राष्ट्रीय चयन पैनल (एनएसपी) श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अंतिम टीम का चयन करेगा. ऑस्ट्रेलिया पहले ही मिशेल मार्श को पीठ की चोट के कारण खो चुका है, और अब स्टोइनिस के वनडे से संन्यास लेने के बाद टीम को चार नए खिलाड़ी जोड़ने होंगे. टूर्नामेंट के लिए आईसीसी को अंतिम टीम सौंपने की अंतिम तिथि 12 फरवरी है. ऑस्ट्रेलिया को चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप बी में अफगानिस्तान, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है. The post ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में ये कैसी हलचल? चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुने गए खिलाड़ी ने कर दी संन्यास की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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खुराफाती दिमाग का खेल, Video देख हिल जाएगा दिमाग

Viral Video: हिंदुस्तान में जुगाड़ के न जाने कितने तरीके हैं, जो लोगों के दिमागी कारनामों को साबित करते हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे जुगाड़ के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं, और जब भी ऐसा कोई वीडियो सामने आता है, तो सोशल मीडिया लोग हैरान रह जाते हैं. अब एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो आपको जुगाड़ के एक नए और बेहद अजीब तरीके से परिचित कराएगा. वायरल वीडियो में क्या हुआ? आप देख सकते हैं इस वायरल वीडियो में एक शख्स घर के अंदर खड़ा है, और वहां एक सीलिंग से पाइप लटका हुआ है. इस शख्स ने सिगरेट जलाई और फिर उसे आमतौर पर हवा में न उड़ाकर, पाइप के अंदर छोड़ दिया. लेकिन अब सवाल ये है कि यह शख्स ऐसा क्यों कर रहा है? वीडियो में आगे दिखता है कि कई पाइप्स का एक समूह है और एक पाइप से धुआं बाहर निकलता है। इस वीडियो को देखकर समझ में आता है कि यह शख्स पाइप की स्थिति और लाइन क्लियर करने के लिए इस तरीके का जुगाड़ इस्तेमाल कर रहा है। पाइप लाइन को चेक करने का यह तरीका सच में कमाल का है और इसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा. Bro used 100% of his brain 😂 🔥 pic.twitter.com/U5uGLY72nH — Guhan (@TheDogeVampire) February 5, 2025 सोशल मीडिया पर इस वीडियो की खूब हो रही चर्चा यह वीडियो एक्स प्लेटफॉर्म पर @TheDogeVampire नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया, ‘भाई ने अपना 100% दिमाग लगाया है।’ समाचार लिखे जाने तक इस वीडियो को 31 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। वीडियो देखकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “देसी लोग देसी जुगाड़,” जबकि दूसरे यूजर ने कहा, “कितना दिमाग लगाया है यार।” तीसरे यूजर ने लिखा, “ये ट्रिक बाहर नहीं जानी चाहिए,” और चौथे ने कहा, “चेक करने का तरीका थोड़ा कैजुअल है।” एक अन्य यूजर ने तो मजाक करते हुए लिखा, “सब सोच रहे होंगे क्या हो गया।” वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे और भी दिलचस्प तरीके से कमेंट किया, जैसे “भाई अब वायर डालकर चेक नहीं करते ये सब. “ The post खुराफाती दिमाग का स्पोर्ट्स, Video देख हिल जाएगा दिमाग appeared first on Naya Vichar.

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School Closed News : आठवीं तक के स्कूल 8 फरवरी तक बंद, जानें वजह

School Closed News : महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद वाराणसी में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में क्लास 8 तक के सभी स्कूलों को आठ फरवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है. इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी. बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि जिलाधिकारी ने स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है. इसके निर्देशानुसार, वाराणसी के शहरी क्षेत्रों में आठवीं कक्षा तक के सभी प्रशासनी, शासकीय सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के स्कूल आठ फरवरी तक बंद रहेंगे. इस दौरान केवल ऑनलाइन क्लास हीं चलेंगे. शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टी नहीं होगी अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल खुले रहेंगे. इस दौरान प्रशासनी और सहायता प्राप्त स्कूलों में डीबीटी प्रोसेसिंग, आधार सीडिंग और स्कूल की मरम्मत, रंग-रोगन इत्यादि जैसे काम जारी रखे जाएंगे. शिक्षकों और कर्मचारियों को इन कामों के देखरेख के लिए स्कूलों में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. कब खत्म होगा महाकुंभ मेला? कुंभ मेला सनातन धर्म का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है. यह हर 12 साल पर लगता है. इस बार महाकुंभ प्रयागराज में लगा है. इसकी शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हो चुकी है, जिसका समापन 26 फरवरी 2025 को होगा. The post School Closed News : आठवीं तक के स्कूल 8 फरवरी तक बंद, जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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Lata Mangeshkar Death Anniversary: सफेद साड़ी, सोने के पायल, जानें हेमा से लता बनी ‘स्वर सम्राज्ञी’ की अनसुनी बातें

Lata Mangeshkar Death Anniversary: ‘स्वर सम्राज्ञी’, ‘कोकिला’ और ‘बुलबुले हिंद’ से पुरे देश में विख्यात लीजेंडरी सिंगर लता मंगेशकर की आज पुण्यतिथि है. 28 सितंबर 1929 में इंदौर में हेमा नाम से जन्मीं लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी. आज भले वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज आज भी हमारे कानों में मिश्री घोलने का काम करती है. आज उनकी तीसरी डेथ एनिवर्सरी पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ ऐसे दिलचस्प किस्सों से रूबरू कराएंगे, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे. ‘लता समग्र’ में दर्ज है 14 भाषाओं में गाए गानों का ब्योरा लता मंगेशकर बहुमुखी प्रतिभाओं की धनी थीं. उन्होंने ना सिर्फ हिंदी गाने गाए, बल्कि देश की बुलबुल ने 14 भाषाओं में गानों को अपनी आवाज दी. साथ ही अपने करियर में उन्होंने 50 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए, जिसके बाद उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया. लता मंगेशकर के साल 2014 तक गाए लिस्ट सुमन चौरसिया की किताब ‘लता समग्र’ में शामिल है. इसके मुताबिक, गायिका ने 5328 हिंदी फिल्मी गाने, 198 गैर फिल्मी गाने और 127 गाने ऐसे गाए जो कभी रिलीज नहीं हुए. साथ ही इस किताब में उनके 2014 तक अलग-अलग भाषाओं में गाए गए गानो की भी लिस्ट है. इसमें 405 मराठी गाने, 206 बंगाली, 69 पंजाबी, 48 गुजराती और 24 संस्कृत गानों शामिल है. क्यों पहनती थीं सफेद साड़ी? लता मंगेशकर अपने हर इवेंट या पुरस्कार समारोह में सफेद साड़ी पहनती थीं. गायिका को बचपन से ही सफेद रंग बहुत था. यतींद्र मिश्र ने लता मंगेशकर की बायोग्राफी ‘सुर गाथा’ में बताया था है कि जब उन्होंने लता से पूछा था कि वह सफेद साड़ी क्यों पहनती हैं तो गायिका ने कहा, ‘रंग मुझे अच्छे लगते हैं और वे सब साड़ियों में खूब फबते भी हैं, लेकिन दूसरों पर. खुद मुझे रंगीन कपड़े पहनना अटपटा सा लगता है. इसकी कोई वजह नहीं है, लेकिन अगर मैं कभी लाल या ऑरेंज कलर की साड़ी पहनती हूं तो मुझे लगता है कि किसी ने मुझ पर होली के रंग डाल दिए हैं, इसलिए मुझे सफेद या चंदन जैसे रंग पसंद आते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘साड़ी जितनी सफेद होती है, मेरा मन उतना ही खुश हो जाता है. आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भी क्या रंगों से परहेज करना, लेकिन मैं क्या करूं, मुझे गहरे रंग के कपड़े जंचते ही नहीं हैं.’ सोने के पायल पहनती थीं लता मंगेशकर ‘सुर गाथा’ किताब में ही इस बात का भी जिक्र किया गया था कि लता मंगेशकर अपने पैरों में कभी चांदी की पायल नहीं पहनती थीं. वह हमेशा सोने के पायल ही पहनना पसंद करती थीं क्योंकि उन्हें एक ज्योतिषी ने पैरों में साने की पायल पहनने की सलाह दी थी. यह भी पढ़े: Kangana Ranaut: कंगना के खिलाफ जारी हो सकता है गैर-जमानती वारंट, जावेद अख्तर ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा The post Lata Mangeshkar Death Anniversary: सफेद साड़ी, सोने के पायल, जानें हेमा से लता बनी ‘स्वर सम्राज्ञी’ की अनसुनी बातें appeared first on Naya Vichar.

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Health Tips: कहीं आप भी इन सब्जियों को काटकर फ्रिज में रखने की गलती तो नहीं कर रहे? सेहत को हो सकता है नुकसान

Health Tips: आजकल के समय में काम का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है. टेक्नोलॉजी की वजह से हम कई सारे कामों को आसानी से कर पाते हैं. जो लोग हर दिन काम पर जाते हैं उनके लिए खाना बनाना किसी टास्क से कम नहीं है. सुबह में समय बचाने के लिए लोग अक्सर फ्रिज में चीजों को स्टोर करते हैं जिससे वह ताजा बना रहे. सुबह या रात में जब लोग खाना बनाने जाते हैं तो फ्रिज में रखी हुई चीजों का इस्तेमाल करते हैं. जिससे उनका काफी समय भी बचता है. कुछ कटी हुई सब्जियों को अगर हम फ्रिज में रखते हैं तो ये हमारे सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. तो आइए जानते हैं कौन सी सब्जियां है जिन्हें हमें फ्रिज में नहीं रखना चाहिए? प्याज प्याज को आप फ्रिज में रखने की गलती ना करें. अगर आप प्याज को फ्रिज में स्टोर करते हैं तो इसमें फफूंद लग सकती है. कटा हुआ प्याज फ्रिज में रखने से बदबू आने लगती है. हेल्थ से जुड़ी समाचारें यहां पढ़ें यह भी पढ़ें: Health Tips: जानें कौन सी आदतें पहुंचा रही है आपके दिमाग को नुकसान, तुरंत इन्हें बदलें  यह भी पढ़ें: Health Tips: लिवर इन्फेक्शन को हल्के में ना लें, इन लक्षणों से पहचानें  टमाटर  कई लोग टमाटर को भी फ्रिज में स्टोर करते हैं. ऐसा करना सही नहीं है. टमाटर को फ्रिज में रखने पर इसका स्वाद बदल जाता है. टमाटर को हमेशा सामान्य तापमान पर ही रखें. खीरा  खीरा में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है इसको फ्रिज में रखने से बचना चाहिए. अगर आप इसे फ्रिज में रखते हैं तो इनमें मिलने वाले पोषक तत्व में कमी आने लगती है. फ्रिज में रखा हुआ खीरा जल्दी सड़ सकता है.  यह भी पढ़ें: Health Tips: क्या आप भी हैं कब्ज की समस्या से परेशान, इन उपायों को अपनाकर पाएं आराम मूली  मूली को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए अक्सर हम इसे फ्रिज में स्टोर करके रखते हैं. ऐसा करने से यह जल्दी खराब होने लगती है और इसके स्वाद में भी बदलाव आ जाता है. लौकी और कद्दू अगर आप भी लौकी और कद्दू की सब्जी को काटकर फ्रिज में रखते हैं तो आपको ऐसा नहीं करना चाहिए. इन सब्जियों को फ्रिज में रखने से यह बहुत जल्दी खराब होने लगते हैं. इन सब्जियों में मिलने वाले पोषक तत्व घटने लगते हैं और सेहत को नुकसान हो सकता है.  यह भी पढ़ें: Health Tips: क्या पैरों में अक्सर होती है झनझनाहट? इन लक्षणों को अनदेखा ना करें, हो सकती है विटामिन बी12 की कमी  The post Health Tips: कहीं आप भी इन सब्जियों को काटकर फ्रिज में रखने की गलती तो नहीं कर रहे? सेहत को हो सकता है नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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Anupama: पुजारी बाबा की भविष्यवाणी सुन मोटी बा के उड़े होश, राही के अतीत का सच बर्बाद कर देगा उसकी खुशियां

Anupama: राजन शाही के सीरियल अनुपमा में 15 साल के लीप आने के बाद इसकी कहानी अनु के बच्चों पर शिफ्ट हो गई है. राही और प्रेम की कहानी को दिखाया जा रहा है. कुछ समय पहले ही शो में प्रेम की फैमिली कोठारी परिवार की एंट्री हुई है. प्रेम के पिता पराग नहीं चाहते कि प्रेम और राही का रिश्ता हो. हालांकि मोटी बा की वजह से दोनों का रिश्ता तय हो जाता है. राही शादी के बाद अपने सपने पूरा करने का सोचती है. लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जाएगा कि कोठारी परिवार राही की कुंडली दिखाने के लिए पुजारी बाबा को बुलाते हैं. पुजारी बताता है कि राही की कुंडली से प्रेम की जान को खतरा है. दूसरी तरफ प्रेम और राही एक साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं. इस दौरान एक सीढ़ी अचानक उनपर गिरने लगती है. हालांकि दोनों इससे बच जाते हैं. राही की वजह से प्रेम की जिंदगी में आएगा खतरा? अनुपमा में दिखाया जाएगा कि पुजारी की बात सुनकर मोटी बा काफी परेशान हो जाती है. वह इस बारे में बात करने के लिए अनुपमा को मिलने बुलाती है. मोटी बा उससे एक मंदिर में मिलती है, जहां बाबूजी और राही भी होते हैं. मोटी बा राही और प्रेम की कुंडली के बारे में जो पुजारी बाबा ने भविष्यवाणी की है, उसके बारे में बताती है. राही कहती है कि पुजारी ने अपनी रीडिंग सिर्फ उसकी जन्मतिथि के आधार पर की है, जो सही नहीं हो सकती है. इसपर मोटी बा कहती है अनु ने कभी भी उसे उसके जन्म का सही टाइम नहीं बताया. मोटी बा के सामने आया – राही है अनाथ मोटी बा की बातें सुनने के बाद अनुपमा खुलासा करती है कि उसने राही को जन्म नहीं दिया, बल्कि मुंबई के एक आश्रम से गोद लिया था. राही की सच्चाई जानने के बाद मोटी बा शॉक्ड हो जाती है. मोटी बा कहती है कि प्रेम की जान से ज्यादा उसके परिवार की इज्जत पर खतरा आने वाला था. मोटी बा कहती है अगर उन्हें पता होता कि राही अनाथ है, तो वह ये रिश्ता कभी नहीं मानती. अब देखना होगा कि राही के बारे में जानने के बाद क्या प्रेम उसे अपनाएगा. क्या वह कोठारी परिवार की बहू बनेगी. क्या होगा आगे. यह भी पढ़ें- Anupama: ख्याति नहीं ये है प्रेम की असली मां, मरने से पहले राही से अपने पोते की शादी करवाना चाहती है मोटी बा यह भी पढ़ें- Anupama: गिरती टीआरपी के बीच इन 2 एक्टर्स की शो में होगी एंट्री, प्रेम के अतीत से हटेगा पर्दा The post Anupama: पुजारी बाबा की भविष्यवाणी सुन मोटी बा के उड़े होश, राही के अतीत का सच बर्बाद कर देगा उसकी खुशियां appeared first on Naya Vichar.

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भगवान शिव के डमरू का है धार्मिक और वास्तु शास्त्र में महत्व, जानकर चौंक जाएंगे

Vastu Tips related to shiv ji damru: महादेव, जिन्हें देवों के देव के रूप में जाना जाता है, का सम्पूर्ण सृष्टि की रचना में अत्यधिक महत्व है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इनका स्थान सभी देवताओं से ऊँचा है. भगवान अपने शरीर पर अनेक वस्तुएँ धारण करते हैं, जैसे कि सिर पर गंगा, गले में नाग, एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में डमरू. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिव डमरू क्यों धारण करते हैं और इसका क्या महत्व है? आइए, इस विषय पर जानकारी प्राप्त करें. शिवजी का डमरू क्यों है विशेष डमरू एक प्रकार का वाद्य यंत्र है जिसे बजाने के लिए उपयोग किया जाता है. वर्तमान में, साधु-संत इसे अपने साथ रखते हैं और कई लोग इसे अपने घरों में भी रखते हैं. भगवान शिव ने सृष्टि के कल्याण के लिए डमरू को धारण किया था. इसका आकार शंक्वाकार होता है और इसके दोनों छोर पर रस्सी बंधी होती है. जब इसे बजाया जाता है, तो यह मधुर ध्वनि उत्पन्न करता है, जिसमें चौदह प्रकार के लय होते हैं. इसकी आवाज सामान्यतः डुग-डुग के रूप में सुनाई देती है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के ज्ञाता डॉ एन के बेरा से जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार शिव जी का डमरू का घर में रखने से क्या फायदा होता है. माघ पूर्णिमा के दिन करें इन मंत्रों का जाप, दूर हो सकती है सारी परेशानियां शिवजी का डमरू का वास्तु में महत्व घर के मंदिर में डमरू का होना और उसका प्रतिदिन घंटी की तरह बजाना अमंगल का कारण नहीं बनता. डमरू की ध्वनि से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, डमरू का घर में होना वास्तु दोषों को दूर करने में सहायक है. यह घर में सुख, शांति और समृद्धि को बढ़ावा देता है. डमरू की ध्वनि शरीर में ऊर्जा का संचार करती है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है. डमरू से उत्पन्न ध्वनि तरंगें शरीर के विभिन्न अंगों पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं. डमरू का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है. इसे घर में रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और धार्मिक अनुष्ठानों में आरती और स्तुति के समय इसका उपयोग किया जा सकता है. डमरू की ध्वनि ध्यान की एकाग्रता में सहायता करती है. यह मन को शांत करने और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे ध्यान में सुधार होता है. The post भगवान शिव के डमरू का है धार्मिक और वास्तु शास्त्र में महत्व, जानकर चौंक जाएंगे appeared first on Naya Vichar.

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New Income Tax Bill 2025:  मोदी सरकार कल ले सकती है बड़ा फैसला, नए आयकर विधेयक को मिल सकती है मंजूरी 

New Income Tax Bill 2025: केंद्र प्रशासन द्वारा नए आयकर विधेयक को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट इस विधेयक को 7 फरवरी को स्वीकृति दे सकती है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए प्रत्यक्ष कर कोड या नए आयकर विधेयक को शुक्रवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025 के दौरान घोषणा की थी कि प्रशासन एक नया आयकर विधेयक पेश करेगी. यह विधेयक 1961 के मौजूदा आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित करेगा और कर नियमों को अधिक सरल और स्पष्ट बनाने का प्रयास करेगा. इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए कर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है. नए विधेयक में कर ढांचे को सुव्यवस्थित करने और शर्तों को आसान बनाने पर जोर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 की प्रस्तुति के दौरान कहा था कि नया आयकर विधेयक अधिक स्पष्ट और सरल होगा, जिससे करदाताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा. प्रशासन इस विधेयक के जरिए कर सुधारों को गति देने और करदाताओं को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. Also Read : ट्रंप की ऑफर और अमेरिका में हलचल, एक झटके में 40 हजार प्रशासनी कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी The post New Income Tax Bill 2025:  मोदी प्रशासन कल ले सकती है बड़ा फैसला, नए आयकर विधेयक को मिल सकती है मंजूरी  appeared first on Naya Vichar.

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