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Author name: Vinod Jha

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Public Holiday : 5 फरवरी को छुट्टी का ऐलान, स्कूल-ऑफिस बंद

Public Holiday: दिल्ली में 5 फरवरी 2025 को यानी बुधवार को 70 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी. इस वजह से सभी प्रशासनी और प्राइवेट ऑफिस को बंद रखने की घोषणा की गई है. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) पहले ही कह चुका है कि वोटिंग वाले दिन सभी केंद्रीय प्रशासनी कार्यालयों सहित औद्योगिक प्रतिष्ठान भी बंद रखे जाएंगे. इससे कर्मचारियों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में कोई कठिनाई नहीं होगी. मतदान के दौरान कई स्कूलों और कॉलेजों में वोटिंग के लिए बूथ बनाए जाते हैं. इसलिए इस दिन शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखा जाता है. चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित हो सके इसके लिए अक्सर मतदान से एक दिन पहले भी छुट्टी की घोषणा की जाती है. ऐसा इसलिए ताकि प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देना आसान हो जाए. इसी क्रम में जामिया मिल्लिया इस्लामिया का स्कूल सेक्शन 4 और 5 फरवरी को पूरी तरह बंद रहेगा. Holiday in Haryana : हरियाणा में भी छुट्टी का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान के मद्देनजर, हरियाणा प्रशासन ने 5 फरवरी को सभी सार्वजनिक कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, बोर्ड और निगमों में सवैतनिक छुट्टी की घोषणा की है. अवकाश देने का उद्देश्य उन प्रशासनी कर्मचारियों को सुविधा प्रदान करना है जो दिल्ली में रजिस्टर्ड वोटर हैं. वे चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं. एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है. इसके अनुसार, यह अवकाश परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1996 में संशोधित) की धारा 135-बी के अंतर्गत दिया गया है. यह प्रावधान उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो एनसीआर दिल्ली के मतदाता हैं. मतदाता जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया दिल्ली चुनाव के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से शिक्षा उपनिदेशक ने 3 फरवरी को एक प्रभात रैली का आयोजन किया. इस रैली में छात्र पोस्टर और बैनर लेकर हिस्सा लिया. ये नारे लगाकर स्थानीय निवासियों को मतदान के प्रति प्रेरित करते नजर आए. वोटरों को जागरुक करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम भी चलाए गए. The post Public Holiday : 5 फरवरी को छुट्टी का ऐलान, स्कूल-ऑफिस बंद appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली का ताज किसके सर सजेगा, तय करेंगे ये 6 फैक्टर, जानें क्यों ?

Delhi Election 2025: द‍िल्‍ली चुनाव में प्रचार प्रसार का शोर थम चुका है. सभी पार्टियों के अपने-अपने दावे हैं. दिल्ली में कई ऐसे फ़ैक्टर्स हैं जो जीत और हार में बड़ी भूमिका निभाते हैं. आज आपको हम 6 ऐसे फ़ैक्टर्स के बारे में बताएंगे जो इस बार हार-जीत में बड़ा रोल निभा सकते हैं. वो 6 फ़ैक्टर्स जो दिलाएंगे दिल्ली की सत्ता स्त्री वोटर : स्त्री वोटरों की भूमिका इस चुनाव में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. सिर्फ इसलिए नहीं कि उन्हें 2100 या 2500 रुपये देने का वादा किया गया है, बल्कि इसलिए भी कि शराब घोटाले का सबसे अधिक असर स्त्रीओं पर पड़ा है। दिल्ली में जब शराब ठेकों के खिलाफ आंदोलन चला था, तब स्त्रीएं ही इसका नेतृत्व कर रही थीं. स्त्रीएं अच्छी तरह से जानती हैं कि शराब उनके परिवार पर कितना नकारात्मक असर डालती है. जाति-धर्म: दिल्ली में जाति को लेकर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन धार्मिक मुद्दों पर वोटिंग हो सकती है. भाजपा इसे एक नेतृत्वक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी अल्पसंख्यकों के बड़े वर्ग तक पहुंचने में सफल हो रही है. कांग्रेस भी इस पर अपना प्रभाव डालने की कोशिश कर रही है। यह चुनावी नतीजे तय करेंगे कि कौन सी पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय का विश्वास जीतने में सफल होती है। विशेष रूप से उन सीटों पर, जहां त्रिकोणीय मुकाबला होता है, यह सबकुछ आखिरी समय पर तय होगा. फ्री की योजनाएं: आम आदमी पार्टी (AAP) पहले से ही फ्री बिजली, फ्री पानी और अन्य कई योजनाओं का लाभ देती आ रही है. अब स्त्री सम्मान योजना में AAP ने 2100 रुपये देने का ऐलान किया है. दूसरी ओर, भाजपा ने 2500 रुपये देने का वादा किया है और यह भी घोषणा की है कि वह किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी। इस स्थिति में दोनों के पास एक जैसा पैकेट है, और यह देखना होगा कि जनता किसके पैकेट पर विश्वास करती है. कैडर: बीजेपी अपने वोटरों को अंतिम समय में निकालने में माहिर मानी जाती है. संघ की मदद से पिछले चुनावों में हरियाणा और महाराष्ट्र में यह सफलता मिल चुकी है। इस बार संघ ने पूरी ताकत झोंक दी है और बीजेपी ने 50 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, आम आदमी पार्टी भी पीछे नहीं है, उसका कैडर भी मजबूत है और वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. स्प्लिट वोटर: 2004 लोकसभा चुनाव के बाद स्प्लिट वोटिंग का पैटर्न दिल्ली में देखने को मिला है. यानी लोकसभा में किसी एक पार्टी को और विधानसभा में दूसरी पार्टी को वोट दिया जाता है. इस प्रकार के वोटर्स चुनाव के स्तर के हिसाब से अपना वोट देते हैं। दिल्ली में कई लोग ऐसे हैं जो अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी दोनों के फैन हैं और वे उसी हिसाब से वोट करते हैं. वोटिंग प्रतिशत: 2015 में दिल्ली में 67.13% और 2020 में 62.59% वोटिंग हुई थी, लेकिन दोनों ही बार चुनाव शनिवार को हुआ था। इस बार वोटिंग बुधवार को हो रही है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ेगा. यह देखा जाएगा कि यह बढ़ा हुआ प्रतिशत किस ओर जाएगा, चुनाव के परिणामों से ही इसका पता चलेगा. यह भी पढ़ें.. Delhi Election 2025: दिल्ली चुनाव प्रचार खत्म, आखिरी दिन सियासी दलों ने झोंकी ताकत, अब वोटर्स तय करेंगे प्रत्याशियों की किस्मत यह भी पढ़ें.. ‘सीट एक विधायक दो’, दिल्ली में हुए पहले चुनाव क्यों था इतना खास The post दिल्ली का ताज किसके सर सजेगा, तय करेंगे ये 6 फैक्टर, जानें क्यों ? appeared first on Naya Vichar.

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MLA Son Suicide: आज सुपुर्द ए खाक होगा विधायक शकील अहमद का बेटा अयान, बहन का किया जा रहा था इंतजार

MLA Son Suicide: बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के इकलौते बेटे अयान को आज यानी मंगलवार को मिट्टी दी जाएगी. आज दोपहर में एयरपोर्ट के पास स्थित शाह ए गद्दी कब्रिस्तान में उनको सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. शकील अहमद के विधानसभा क्षेत्र कदवा से बड़ी संख्या में लोग अयान को मिट्टी देने पहुंच सकते हैं. शकील अहमद के इकलौते बेटे के सुपुर्द ए खाक से पहले बहन का इंतजार हो किया जा रहा था. बता दें, अयान की बड़ी बहन जेनब खान इंग्लैंड में रहकर लॉ की पढ़ाई करती हैं. भाई की मौत की जानकारी मिलते ही वह इंग्लैंड से पटना के लिए रवाना हो गईं. आज सुबह जेनब पटना पहुंची हैं.  जनाजे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होंगे शामिल जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता शकील अहमद खान के बेटे के जनाजे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ पार्टी के विधायक और सांसद शामिल हो सकते हैं. साथ ही अन्य दलों के नेता भी शामिल हो सकते हैं. बीते दिन यानी सोमवार को मौत की सूचना के बाद बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन, जदयू एमएलसी नीरज कुमार सहित कई बड़े नेता शकील अहमद खान के घर पहुंचे थे.  प्रशासनी आवास पर ही अयान ने की खुदकुशी बता दें, अयान दिल्ली पब्लिक स्कूल में 12वीं में पढ़ता था. शकील अहमद सोमवार को अहमदाबाद में थे. बेटे की मौत की समाचार सुनकर वे दोपहर करीब 1 बजे पटना लौटे. अयान का शव गर्दनीबाग स्थित प्रशासनी आवास पर ही फंदे से लटका मिला था. दरवाजा तोड़कर पुलिस कमरे के अंदर गई. मौके पर DGP विनय कुमार खुद पहुंचे थे. एफएसएल की टीम ने भी मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं. बता दें, अयान के माता-पिता शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं शकील अहमद बीते 18 जनवरी को राहुल गांधी के पटना दौरे के दौरान विधायक शकील अहमद खान ने अपने बेटे अयान को राहुल गांधी से मिलाया था. अयान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक पेंटिंग भेंट की थी. बता दें, डॉ. शकील अहमद बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं. साथ ही कदवा से विधायक हैं. उनकी छवि साफ-सुथरे नेता वाली रही है. 2023 में उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ विधायक का सम्मान भी मिला है. ALSO READ: Muzaffarpur News: जिला एसएसपी को सम्मन जारी, कुत्तों द्वारा नवजात को नोंच-नोंचकर खाने का है मामला The post MLA Son Suicide: आज सुपुर्द ए खाक होगा विधायक शकील अहमद का बेटा अयान, बहन का किया जा रहा था इंतजार appeared first on Naya Vichar.

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रेलवे क्वार्टर खाली करने के नोटिस के खिलाफ तृणमूल का जोरदार प्रदर्शन

प्रतिनिधि, हुगली बंडेल स्टेशन के पास आमबागान इलाके में स्थित रेलवे क्वार्टर में कई परिवार वर्षों से रह रहे हैं. रेलवे प्रशासन ने इन्हें 48 घंटे के भीतर क्वार्टर खाली करने का नोटिस दिया है. साथ ही चेतावनी भी दी गयी है कि निर्धारित समय के भीतर क्वार्टर खाली नहीं करने पर रेलवे प्रशासन कानूनी कार्रवाई करेगा. नोटिस के नीचे आदेशानुसार पूर्व रेलवे हावड़ा लिखा हुआ है. वहीं, नोटिस के खिलाफ सोमवार को तृणमूल कांग्रेस ने आमबागान में एक सभा आयोजित की. फिर रैली निकालकर इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स के कार्यालय पहुंचे. विधायक असित मजूमदार ने कहा कि पुनर्वास की व्यवस्था किये बिना किसी को भी हटाया नहीं जा सकता है. यदि रेल प्रशासन जबरदस्ती करेगी, तो जवाब भी उसी अंदाज में मिलेगा. वहीं, भाजपा हुगली सांगठनिक जिला के सचिव सुरेश साव ने कहा कि रेलवे अपनी जमीन वापस ले रही है. यह राज्य प्रशासन की जमीन नहीं है. रेलवे क्वार्टर निवासी कृष्णा मंडल ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा : मैं घरेलू कामकाज करती हूं. किराये का घर लेने पर 5000 रुपये मासिक खर्च आयेगा. इतने पैसा कहां से लाऊंगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post रेलवे क्वार्टर खाली करने के नोटिस के खिलाफ तृणमूल का जोरदार प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कंपनियों की निगरानी करेगी राज्य सरकार

संवाददाता, कोलकाता राज्य में चिटफंड कंपनियों के घोटाले की घटना सामने आयी थी और इसमें राज्य के लाखों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई गवां दी है. इसलिए पश्चिम बंगाल प्रशासन प्रशासन पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए एनबीएफसी कंपनियों को लेकर सतर्क हो गयी है. यही कारण है कि पश्चिम बंगाल प्रशासन अब इन एनबीएफसी पर निगरानी के लिए सिर्फ केंद्रीय नियामक संस्था के भरोसे रहना नहीं चाहती. राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, राज्य में गैर-बैंक वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी) खोले जाने के बाद इसके बारे में सभी विवरण आर्थिक अपराध निदेशालय (डीईओ) के पास पंजीकृत कराना होगा. एनबीएफसी कंपनियों के बारे में अलग डेटा संग्रह केंद्र बनायेगी राज्य प्रशासन : इसके लिए डीईओ ने अलग डेटा संग्रह केंद्र बनाया है, ताकि यदि कोई एनबीएफसी कंपनी दिवालिया हो जाये या जमाकर्ताओं का पैसा वापस न करे तो उसके निदेशकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके और कंपनी की सभी संपत्तियां और बैंक खाते जब्त किये जा सकें. गौरतलब है कि राज्य में एक दशक से भी अधिक समय पहले सारदा, रोज वैली और कई अन्य संदिग्ध कंपनियों से जुड़े घोटाले प्रकाश में आये थे. इस घटना से पूरे बंगाल में हंगामा मच गया था. इस चिटफंड घोटाले के कारण राज्य के लाखों जमाकर्ताओं का करोड़ों रुपये डूब गये थे. उन्होंने बिना अनुमति के बाजार से पैसा वसूलना शुरू कर दिया और जैसे ही इस घटना की जांच शुरू हुई, विभिन्न केंद्रीय नियामक एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे. उस समय केंद्र ने पश्चिम बंगाल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि राज्य प्रशासन ने इन कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई नहीं की और इसी कारण चिटफंड कंपनियों के कारोबार में तेजी आयी. यह देखना संबंधित नियामक संस्था की जिम्मेदारी है कि एनबीएफसी कंपनियां सेबी और आरबीआइ के नियमों के अनुसार धन जुटा रही हैं या नहीं. लेकिन इन सभी कंपनियों पर अपने कारोबार के एक बड़े हिस्से का ””प्रबंधन”” करके उसे चलाने का आरोप है. इसलिए इस बार राज्य प्रशासन अब केंद्र पर निर्भर नहीं रहना चाहती. वह दिल्ली की तरह एक अलग नियामक संस्था बनाना चाहती है. इस कारण से, नबान्न ने अपराध निदेशालय को विशेष जिम्मेदारी दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कंपनियों की निगरानी करेगी राज्य प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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मदन ने की आइपैक की निंदा, पार्टी में धांधली का भी आरोप

कमरहट्टी विधायक के बयान पर पार्टी में घमासान संवाददाता, कोलकाता तृणमूल विधायक मदन मित्रा ने अपनी पार्टी को नेतृत्वक परामर्श देने वाली एजेंसी आइपैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि आइपैक के जुड़ाव के कारण पार्टी के भीतर अवसरवादी लोगों को जगह मिली, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि धूमिल हुई. एक मीडिया चैनल से बातचीत में कमरहट्टी विधायक ने कहा कि ममता बनर्जी का नाम कभी किसी घोटाले से नहीं जुड़ा. हालांकि, अब उनकी प्रतिष्ठा पर पैकवालों (आइपैक सदस्यों) की हरकतों के कारण दाग लगा है. एजेंसी से जुड़े लोगों ने अवांछनीय प्रभाव डाला है. कुछ लोग आइपैक से होने का दावा करते हुए राज्य के मंत्रियों पर दबाव भी डाल रहे हैं और विभिन्न मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आइपैक के दृष्टिकोण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमने 2009 से बिना किसी बाहरी एजेंसी की मदद के अपने दम पर बैठकें और रैलियां कर चुनाव जीते हैं. बाहरी हस्तक्षेप तब शुरू हुआ, जब आइपैक के कुछ लोगों ने प्रवेश किया. इससे पहले मित्रा ने पार्टी की छवि सुधारने और भ्रष्टाचार के बारे में अपनी चिंताएं प्रकट की थीं. उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस की जिला समितियां बड़ी रकम के लिए पार्टी के पदों को बेच रही हैं. जिला समितियों में पद के लिए 10 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए आगाह किया है कि इस तरह की गतिविधियां 2026 के चुनावों से पहले तृणमूल की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मदन ने की आइपैक की निंदा, पार्टी में धांधली का भी आरोप appeared first on Naya Vichar.

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नये उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास में जुटी सरकार

संवाददाता, कोलकाता किसी भी राज्य में औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा होना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य की तृणमूल कांग्रेस प्रशासन की ओर से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाये जा रहे हैं. इसलिए, इस बार के बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में राज्य प्रशासन द्वारा सड़क अवसंरचना पर विशेष फोकस किया जा रहा है. राज्य के लोक निर्माण विभाग ने विभिन्न जिलों के औद्योगिक तालुकों में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया है. राज्य प्रशासन अगले दो महीनों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 1,000 किलोमीटर (983.95 किलोमीटर) सड़कों का नवीनीकरण या नयी सड़कों का निर्माण करने जा रही है. इसकी लागत लगभग 3527 करोड़ रुपये है. यह कार्य कुल 119 परियोजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है. बताया गया है कि कई परियोजनाओं पर काम 99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. लोक निर्माण विभाग ने प्रत्येक परियोजना पर कार्य की प्रगति का मूल्यांकन किया है. उत्तर 24 परगना में मुरागाछा से काम्पा मोड़ तक कल्याणी एक्सप्रेसवे का विस्तार, हावड़ा में सलकिया- चंडीतला रोड, पूर्व मेदिनीपुर में कांथी-खेंजुरी रोड का विस्तार, बीरभूम में अहमदपुर किरनाहार-रामजीबनपुर रोड, नदिया में तारापुर-बोलागरघाट रोड, मालदा में बामनगोला-हबीबपुर रोड, अलीपुरदुआर में कालचीनी-पाइटकपाड़ा रोड आदि शामिल है. इसमें दार्जिलिंग जिले की कई सड़कें भी इस सूची में हैं. सूची में बड़े और छोटे दोनों प्रकार के 14 पुल शामिल हैं. इसे लेकर राज्य प्रशासन का कहना है कि इनके पूरा हो जाने पर सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में ””राेड कनेक्टिविटी”” में सुधार होगा. ममता बनर्जी की प्रशासन ने अपने खजाने से 9,000 करोड़ रुपये खर्च करके 32,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनवायी है. इसके साथ ही राज्य प्रशासन ने एकाधिक औद्योगिक तालुकाओं को सड़कों से जोड़ने से फैसला किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया निवेशकों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द करने का निर्देश सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री को जानकारी मिली है कि कई उद्योगपतियों को राज्य में निवेश करने में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. ममता बनर्जी ने इस बारे में संबंधित विभागों के सचिवों से बात की है और इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का निर्देश दिया है. नबान्न सूत्रों के अनुसार, सैकड़ों एकड़ जमीन लंबे समय से ””परित्यक्त”” अवस्था में पड़ी हुई है. राज्य प्रशासन इस बात पर विचार कर रही है कि क्या उन जमीनों पर कोई नया उद्योग या औद्योगिक पार्क बनाया जा सकता है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि इस बार उनकी प्रशासन का लक्ष्य अधिक उद्योग और रोजगार उपलब्ध कराना है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नये उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास में जुटी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में कई जगह सरस्वती पूजा की नहीं दी गयी अनुमति

बोले केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधि, हुगलीत्रिवेणी कालीतला गिरिश स्मृति संघ के फुटबॉल मैदान में सरस्वती पूजा के मंडप का उद्घाटन केंद्रीय जहाज राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने किया. साथ ही उन्होंने क्लब की ओर से बीते दिनों आयोजित स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किया. केंद्रीय मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि कॉलेजों में पुलिस पहरे के बीच सरस्वती पूजा हो रही है, जबकि कई स्थानों पर पूजा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इसके लिए राज्य प्रशासन जिम्मेदार है. यह हमारे लिए शर्मनाक बात है. तृणमूल प्रशासन के कार्यकाल में सब कुछ नेतृत्वक लाभ के लिए किया जा रहा है. यह महज वोट की नेतृत्व है. मंत्री ने बजट को लेकर कहा कि इस बार का बजट मुख्य रूप से मध्यवर्गीय लोगों के हित में है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र प्रशासन की कई योजनाओं के नाम बदलकर राज्य प्रशासन उसे अपने नाम से चला रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बंगाल में कई जगह सरस्वती पूजा की नहीं दी गयी अनुमति appeared first on Naya Vichar.

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देश में कैंसर के मामलों में 12 से 18% वृद्धि की आशंका

संवाददाता, कोलकाता विश्वभर में कैंसर तेजी से फैल रहा है. हिंदुस्तानीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के विशेषज्ञों ने हिंदुस्तान में कैंसर के मामलों में 12% से 18% की वृद्धि की आशंका जतायी है. देश में कैंसर के मामले 2022 में 1.46 मिलियन (14.6 लाख) से बढ़कर 2025 में 1.57 मिलियन (15.7 लाख) तक पहुंच सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र से ही लोगों को कैंसर के प्रति सावधानी बरतने की आवश्यकता है. इसके लिए दिनचर्या में सुधार, पौष्टिक आहार का सेवन करना और रसायनों के अधिक संपर्क में आने से बचना प्रमुख है. जिनके परिवार में पहले से किसी को ये बीमारी रही है, उन्हें और सावधान रहने की आवश्यकता है. दुनियाभर में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और इलाज को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. कैंसर आज दुनिया में मौत के बड़े कारणों में से एक है. ज्ञात रहे कि विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत चार फरवरी 2000 को यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल ने की थी. बढ़ती उम्र में स्त्रीओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा सर्वाइकल कैंसर के मुख्य रूप से युवा स्त्रीओं को प्रभावित करने की आम गलत धारणा के बावजूद चिकित्सा विशेषज्ञ रजोनिवृत्ति के करीब पहुंच रही स्त्रीओं के बीच जागरूकता, जांच और रोकथाम के महत्व पर जोर देते हैं. स्त्रीओं की उम्र बढ़ने के साथ सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बना रहता है. इस बारे में कोलकाता आनंदपुर स्थित फोर्टिस अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी के डॉ आशीष उपाध्याय ने बताया कि उम्र बढ़ने के बाद स्त्रीओं को नियमित शारीरिक जांच करानी चाहिए. अक्टूबर 2015 से सितंबर 2016 के दौरान हुए एक अध्ययन ने पैप स्मीयर डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें रजोनिवृत्ति से पहले की स्त्रीओं की तुलना में रजोनिवृत्ति के बाद की स्त्रीओं में प्रीमैलिग्नेंट और घातक घावों का अधिक प्रचलन पाया गया. राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार, हर साल लगभग 123,907 स्त्रीओं में सर्वाइकल कैंसर की पहचान की जाती है. रजोनिवृत्ति के बाद भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है. स्त्रीओं को 65 वर्ष की उम्र तक स्क्रीनिंग करानी चाहिए. रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, संभोग के बाद रक्तस्राव, योनि के निचले हिस्से में स्राव, पैल्विक दर्द और हेमट्यूरिया जैसे लक्षणों के देखे जाने पर तुरंत चिकित्सा का परामर्श लेना चाहिए. हालांकि धूम्रपान, शराब का सेवन, एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध बनाने से सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है. देश में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की पहचान भी समय पर नहीं हो रही है. खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र की स्त्रीओं में. ओपीडी में इलाज के लिए लगभग 60-65% सर्वाइकल कैंसर के रोगी 40 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं. एचपीवी वैक्सीन से इस बीमारी से बचा जा सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post देश में कैंसर के मामलों में 12 से 18% वृद्धि की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल को बांग्लादेश बनाने में सफल हो रहीं ममता : सुकांत

संवाददाता, कोलकाता सरस्वती पूजा को लेकर महानगर सहित राज्य के कई इलाकों में पुलिस की तैनाती को लेकर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चिंता जतायी है. उन्होंने ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह (ममता) बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती थीं और उसमें सफल भी हो रही हैं. क्योंकि यहां पूजा करने की भी आजादी नहीं है. बंगाल में पुलिस की सुरक्षा में पूजा हो रही हैं. सुकांत ने कहा कि कोलकाता ही नहीं मालदा, हरिणघाटा जैसी जगहों पर जहां हिंदू आबादी घट गयी है, वहां सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस की तैनाती करनी पड़ रही है. ठीक वैसे ही जैसे बांग्लादेश में होता है. फिर भी हिंदुओं पर वहां पर हमले होते हैं और मूर्तियां तोड़ दी जाती हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा : कोलकाता में पुलिस प्रोटेक्शन में सरस्वती पूजा की जा रही है. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने सपना देखा था कि वह पश्चिम बंगाल को धीरे-धीरे पश्चिम बांग्लादेश बनायेंगी और उसमें वह सफल भी हो रही हैं. जैसे बांग्लादेश में पुलिस और आर्मी की सुरक्षा के बीच दुर्गा पूजा सहित अन्य पूजा होती हैं. इसके बावजूद भी अटैक हो जाते हैं और मूर्तियां तोड़ी जाती हैं. वैसे ही आज कुछ हद तक कोलकाता में ममता बनर्जी भी सफल हो गयीं. हरिणघाटा में तृणमूल कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष ने लोगों को धमकाया था कि हम सरस्वती पूजा नहीं करने देंगे. साथ ही मालदा में भी सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस तैनाती करनी पड़ रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बंगाल को बांग्लादेश बनाने में सफल हो रहीं ममता : सुकांत appeared first on Naya Vichar.

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