अटल सरकार में हम मंत्री थे, भाजपा से संबंध 1995 से : मुख्यमंत्री
नया विचार समस्तीपुर– प्रगति यात्रा के दूसरे चरण के दौरान सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समस्तीपुर जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की. समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जिले के विकास कार्यों का प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी. जिलाधिकारी ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम, हर घर नल का जल एवं उनका अनुरक्षण, हर घर तक पक्की गली-नाली, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी, कृषि फीडर का निर्माण, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत कनेक्शन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, उच्चतर शिक्षा हेतु स्त्रीओं को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य उपकेंद्र में टेली मेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा परामर्श, पशु चिकित्सा सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी तथा पंचायत प्रशासन भवन के निर्माण की अद्यतन स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. इसके अलावा हर पंचायत में 10 प्लस 2 विद्यालय, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत में स्पोर्ट्स-कूद को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स क्लब का गठन, प्रत्येक पंचायत में स्पोर्ट्स का मैदान, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों का गठन, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, दाखिल खारिज,रिमार्जन , परिमार्जन प्लस एवं जल-जीवन-हरियाली के तहत जीर्णोद्धार कराये गये सार्वजनिक कुओं, पोखर तथा तालाबों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी रखीं. जनप्रतिनिधियों ने जो समस्याएं रखी है, उनका जल्द निराकरण करें अधिकारी समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जो भी समस्याएं रखी हैं, उनका जल्द से जल्द निराकरण करें. मुख्य सचिव भी समस्याओं के समाधान को लेकर त्वरित कार्रवाई करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा के क्रम में हम जिन जिलों में जा रहे हैं, वहां विकास कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही जमीनी स्तर पर उसका जायजा भी लेते हैं. पिछले कैबिनेट की बैठक में प्रगति यात्रा के दौरान जो पहले घोषणाएं हुई हैं, उसकी मंजूरी दे दी गयी है. 24 नवंबर, 2005 से बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया. उस समय से हमलोग बिहार के विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के लिए लगातार विकास का काम किया जा रहा है. वर्ष 2005 से पहले बिहार की हालत काफी खराब थी. शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे. अस्पतालों में इलाज का इंतजाम नहीं था, सड़कें जर्जर थीं. शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा से हमारा संबंध वर्ष 1995 से है. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशासन में हम केंद्र में मंत्री थे. वे मुझे बहुत मानते थे. उन्होंने ही मुझे बिहार का मुख्यमंत्री बनाया. हम सब मिलकर बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे, बिहार को और आगे बढ़ायेंगे. जब लोगों ने हमें काम करने का मौका दिया, तो बिहार की स्थिति बदली. जब बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है. हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं. किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है. हमलोग मिलकर लगातार बिहार को आगे बढ़ा रहे हैं. वर्ष 2006 से हमलोगों ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू करायी. अब तक आठ हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है और 1247 कब्रिस्तानों को चिह्नित किया गया है. जिसमें 746 कब्रिस्तानों का काम लगभग पूरा हो गया है और शेष बचे कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा रही है. हमलोगों ने देखा कि मंदिरों से मूर्ति चोरी की घटनाएं हो रही है. इसको देखते हुए मंदिरों की चहारदीवारी के निर्माण का निर्णय लिया गया ताकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं नहीं हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण बिहार में विकास का काम हमलोग करा रहे हैं. बिहार का कोई भी इलाका विकास से अछूता नहीं है. हमलोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है, जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले आठ घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर पांच घंटे किया गया है. इसके लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा हैं. लड़कियों को देख लड़कों ने भी मांगें साइकिल- पोशाक, उन्हें भी दिया मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से प्रशासनी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई. वर्ष 2009 से लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गई थी, लेकिन जब लड़कों ने मांग शुरू की तो वर्ष 2010 से उनके लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई. पहले काफी कम संख्या में लड़कियां पढ़ने जाती थीं. लड़कियों को जब साइकिल दी गई तो वे समय पर स्कूल जाने लगीं और साथ ही शाम में अपने माता-पिता को भी बाजार ले जाती हैं.यह दृश्य देखकर काफी अच्छा लगता है. बिहार में बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई है. स्कूल भवनों का निर्माण कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया है. बड़ी संख्या में प्रशासनी शिक्षकों की भी बहाली की जा रही है. इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से प्रशासनी मान्यता प्रदान की जा रही है. मदरसों को भी प्रशासनी मान्यता प्रदान की गई और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशासनी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में सिर्फ 39 मरीज इलाज कराने आते थे. अब एक माह में औसतन 11 हजार से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं. लगातार बढ़ रही है मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले बिहार में सिर्फ छह प्रशासनी मेडिकल कॉलेज थे. अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है. सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. पीएमसीएच को 5400 बेड का वर्ल्ड क्लास अस्पताल बनाया जा रहा है. आईजीआईएमएस का भी विस्तारीकरण किया जा रहा है, यहां पर 3000 बेड की सुविधा होगी. इसके साथ ही हर घर नल का जल, हर घर पक्की गली एवं नाली का निर्माण, हर घर शौचालय, हर घर तक बिजली का कनेक्शन जैसी मूलभूत








