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Author name: Vinod Jha

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iPhone भी मिस करता है Samsung फोन की ये 5 खूबियां

स्मार्टफोन की दुनिया में Apple और Samsung दोनों ही दिग्गज हैं. iPhone अपनी सादगी और स्थिरता के लिए जाना जाता है, जबकि Samsung यूजर्स को ज्यादा लचीलापन और कंट्रोल देता है. यही वजह है कि कुछ फीचर्स ऐसे हैं जो आज भी iPhone में नहीं मिलते, लेकिन Samsung फोन इन्हें लंबे समय से ऑफर कर रहे हैं. 1. वन-हैंडेड मोड बड़े डिस्प्ले वाले फोन को एक हाथ से इस्तेमाल करना मुश्किल होता है. iPhone का Reachability फीचर स्क्रीन को नीचे खींचता है, लेकिन टाइपिंग या पूरी इंटरैक्शन संभव नहीं होती. Samsung का One-Handed Mode पूरी स्क्रीन को छोटे फ्लोटिंग विंडो में बदल देता है, जिसमें कीबोर्ड भी सिकुड़ जाता है. इससे आप आसानी से एक हाथ से मैसेज टाइप कर सकते हैं. 2. असली मल्टीटास्किंग iPhone पर आप एक बार में सिर्फ एक ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं. Samsung Galaxy डिवाइस पर आप Split-Screen Multitasking कर सकते हैं. यानी वीडियो देखते हुए नोट्स लिखना, या दो वेबसाइट्स पर प्रोडक्ट्स की तुलना करना एक साथ संभव है. यह फीचर काम और मनोरंजन दोनों के लिए बेहद उपयोगी है. 3. रिवर्स वायरलेस चार्जिंग Samsung फोन को आप वायरलेस चार्जिंग पैड की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. बस अपने ईयरबड्स या किसी अन्य वायरलेस चार्जिंग सपोर्टेड डिवाइस को फोन के पीछे रखिए और चार्जिंग शुरू हो जाएगी. मजेदार बात यह है कि Samsung फोन से आप Apple AirPods भी चार्ज कर सकते हैं, जबकि iPhone ऐसा नहीं कर पाता. 4. डुअल अकाउंट सपोर्ट आजकल ज्यादातर लोग WhatsApp या Messenger जैसे ऐप्स पर दो अकाउंट इस्तेमाल करना चाहते हैं- एक पर्सनल और एक वर्क के लिए. iPhone पर यह संभव नहीं है. Samsung का Dual Messenger फीचर आपको एक ही ऐप के दो वर्जन इंस्टॉल करने देता है, जिससे दोनों अकाउंट्स अलग-अलग चल सकते हैं. 5. इंटरैक्टिव लाइव वॉलपेपर iPhone पर वॉलपेपर खूबसूरत, लेकिन स्थिर होते हैं. Samsung फोन पर आप इंटरैक्टिव लाइव वॉलपेपर लगा सकते हैं, जो स्क्रीन को टच करने पर रिएक्ट करते हैं. इससे होम स्क्रीन ज्यादा डायनैमिक और पर्सनलाइज्ड लगती है. छोटे लेकिन खास फीचर्स Apple और Samsung, दोनों की अपनी-अपनी फिलॉसफी है. Apple सादगी और स्थिरता पर ध्यान देता है, जबकि Samsung यूजर्स को ज्यादा फीचर्स और फ्लेक्सिबिलिटी देता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन ज्यादा काम करे और रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा मददगार बने, तो Samsung इन छोटे लेकिन अहम फीचर्स के साथ iPhone से आगे निकल जाता है. यह भी पढ़ें: Galaxy Forever: आधी कीमत में Galaxy S26 Ultra और Plus, लेकिन यहां ट्विस्ट है यह भी पढ़ें: iPhone 18 Pro सीरीज कैसा होगा? लीक्स ने बताया- डिजाइन पुराना, लेकिन अपग्रेड्स बड़े The post iPhone भी मिस करता है Samsung फोन की ये 5 खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बोर्ड 12वीं स्क्रूटिनी के लिए आवेदन शुरू, इस दिन तक भरें फॉर्म

BSEB 12th Scrutiny 2026 Application: बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की कॉपियों की स्क्रूटिनी को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की है. जिन छात्रों को अपने किसी विषय के नंबर से असंतोष है, वे अब अपनी आंसर शीट को फिर से चेक करा सकते हैं. इसमें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. BSEB की तरफ से जारी नोटिस के अनुसार, इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट 23 मार्च 2026 को जारी किया गया था. रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्र अपने नंबरों को लेकर असंतुष्ट हो सकते हैं. ऐसे छात्रों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्क्रूटिनी की सुविधा उपलब्ध कराई है. BSEB 12th Scrutiny 2026 के लिए कब तक करें अप्लाई? बिहार बोर्ड की ओर से जारी नोटिस के अनुसार इंटर स्क्रूटिनी के लिए 25 मार्च 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. छात्र 2 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवदेन करने के लिए नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करें. BSEB की नोटिस इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के स्क्रूटिनी कराने के संबंध में आवश्यक सूचना।#Bihar#BSEB#BiharBoard pic.twitter.com/Vn3jCCd8s5 — Bihar School Examination Board (@officialbseb) March 25, 2026 BSEB 12th Scrutiny 2026 के लिए ऐसे करें अप्लाई सबसे पहले बिहार बोर्ड की स्क्रूटिनी वेबसाइट- intermediate.biharboardscrutiny.com पर जाएं. वहां Apply for Scrutiny (Intermediate Annual Examination 2026) लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद रोल कोड, रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें. नया पासवर्ड बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें. लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म खुलेगा. जिस विषय की स्क्रूटिनी करानी है उसे चुनें. अंत में ऑनलाइन फीस जमा कर आवेदन सबमिट कर दें. सब्जेक्ट वाइज देनी होगी फीस स्क्रूटिनी के लिए छात्रों को प्रति विषय 120 रुपये फीस देनी होगी. अगर किसी छात्र को एक से अधिक विषयों में नंबर को लेकर संदेह है तो वह सभी विषयों के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकता है. फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. स्क्रूटिनी के दौरान छात्र की कॉपी को दोबारा जांचा जाता है. इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाता है कि कहीं किसी सवाल के अंक जोड़ने में गलती तो नहीं हुई है या कोई उत्तर जांचने से छूट तो नहीं गया है. बिहार बोर्ड के अनुसार स्क्रूटिनी के बाद छात्रों के नंबर बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या पहले जैसे ही रह सकते हैं यह भी पढ़ें: बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जल्द, इन वेबसाइट्स पर मिलेगी मार्कशीट The post बिहार बोर्ड 12वीं स्क्रूटिनी के लिए आवेदन शुरू, इस दिन तक भरें फॉर्म appeared first on Naya Vichar.

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हेलमेट साफ करने के लिए फॉलो करें क्रिएटर शशांक के क्लीनिंग टिप्स 

Helmet Cleaning Tips: जब भी हम बाहर बाइक या स्कूटी से जाते हैं तो हेलमेट हमारी सेफ्टी के लिए बहुत काम आता है. हेलमेट के लगातार इस्तेमाल की वजह से इसमें धूल, गंदगी और पसीने की बदबू आने लगती हैं. जिससे बालों का झड़ना या गंदा होने जैसी समस्या होने लगती है. इस आर्टिकल से आप हेलमेट को साफ करने का तरीका जान सकते हैं, जिसे अपनाकर आप हेलमेट को सही तरीके से साफ कर सकते हैं.  हेलमेट की सफाई कैसे करें? सबसे पहले हेलमेट के अंदर की फोम पैडिंग को पूरी तरह निकाल लें. ये पैड सबसे ज्यादा पसीना और गंदगी सोखते हैं. इन्हें बेबी शैम्पू की मदद से पानी में 3–4 घंटे के लिए भिगो दें. भिगोने के बाद इन्हें अच्छी तरह धो लें और पूरी तरह सूखने दें.  ध्यान रखें आप पूरा हेलमेट पानी में बिल्कुल न डुबोएं. इसकी हार्ड शेल और अंदर की परतों में पानी फंस सकता है, जिससे ठीक से न सूखने पर फंगस और बदबू हो सकती है.  अब हेलमेट के वाइजर (visor) को निकालकर गुनगुने पानी में हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. इससे धूल, उंगलियों के निशान और दाग बिना खरोंच के हट जाते हैं. फिर इसे सूखे साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ लें.  हेलमेट के बाहरी हिस्से और बाकी भागों को हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. इसके बाद सूखे कपड़े से सब कुछ अच्छी तरह पोंछ लें.  अगर हेलमेट के बाहर में एक्स्ट्रा पार्ट्स हैं तो उसे स्क्रू से खोलकर साफ करें. जब हेलमेट के सभी हिस्से पूरी तरह सूख जाए, तब हेलमेट को वापस जोड़ लें.  View this post on Instagram A post shared by Shashank Alshi (@alshihacks) यह भी पढ़ें- Plastic Water Bottle Cleaning Tips: बोतल चमकेगा एकदम नया जैसा, करें इन आसान टिप्स को फॉलो  यह भी पढ़ें- बर्तन धोते समय कर रहे हैं ये लापरवाही, तो हो जाएं सावधान! स्वास्थ्य के लिए बन सकती है जानलेवा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post हेलमेट साफ करने के लिए फॉलो करें क्रिएटर शशांक के क्लीनिंग टिप्स  appeared first on Naya Vichar.

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रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट Palamu Ram Navami Security: रामनवमी के पावन पर्व को लेकर पलामू पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की हुड़दंगई या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. इसी कड़ी में पूरी पलामू कमिश्नरी में 3059 लोगों को नोटिस जारी किया गया है. यह कदम शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई पलामू प्रमंडल के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि यह नोटिस बीएनएसएस की धारा 126 के तहत जारी किए गए हैं, जिसे पहले धारा 107 के नाम से जाना जाता था. इस कार्रवाई के तहत लातेहार में 621, गढ़वा में 968 और पलामू जिले में 1470 लोगों को नोटिस दिया गया है. उन्होंने बताया कि पलामू जिले के भीतर भी सदर अनुमंडल से 1059, हुसैनाबाद से 249 और छतरपुर से 162 लोगों को नोटिस तामिल कराया गया है. प्रशासन का मानना है कि इससे संभावित उपद्रवियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा. शांति समिति की बैठक और सुरक्षा तैयारियां रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए तीनों जिलों में शांति समिति की बैठकों का आयोजन किया गया है. लातेहार के 12, पलामू के 25 और गढ़वा के 22 थानों में बैठकें पूरी हो चुकी हैं. डीआईजी और तीनों जिलों के एसपी के साथ भी उच्चस्तरीय बैठक की गई है. संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. हर जगह मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है. अतिरिक्त बलों की तैनाती और छुट्टियां रद्द मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी भेजे गए हैं. पलामू को 250, गढ़वा को 200 और लातेहार को 200 होमगार्ड जवान दिए गए हैं. इसके अलावा आईआरबी और इको बल को भी तैनात किया गया है. रामनवमी के मद्देनजर सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. केवल विशेष परिस्थिति में ही संबंधित एसपी की अनुमति से छुट्टी मिल सकेगी. अधिकारियों को अधिक से अधिक समय फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. कंट्रोल रूम और निगरानी व्यवस्था मजबूत तीनों जिलों में जिला कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. प्रत्येक थाना से हर दो घंटे में खैरियत रिपोर्ट ली जाएगी. यह रिपोर्ट सीधे जिले के अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे हर स्थिति पर नजर रखी जा सके. इसके साथ ही मॉक ड्रिल भी लगातार की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे. डीजे और जुलूस को लेकर सख्त निर्देश रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने को लेकर भी प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. किसी भी प्रकार के भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. आपात स्थिति से निपटने की तैयारी तीनों जिलों के दमकल विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है. सभी दमकल वाहनों को पानी से भरकर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा, एंटी राइट वाहन, रबर बुलेट और टियर गैस जैसे उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं. अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज रामनवमी से पहले अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. सिर्फ पलामू जिले में ही 6525 किलोग्राम अवैध जावा महुआ को नष्ट किया गया है. साथ ही 309 लीटर शराब भी बरामद की गई है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में इन 30 गांवों में डिजिटल इंडिया फेल, पेड़-पहाड़ पर चढ़कर मोबाइल चलाते हैं लोग शांतिपूर्ण आयोजन पर प्रशासन का फोकस प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि रामनवमी का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो. इसके लिए पुलिस और प्रशासन हर स्तर पर तैयारी में जुटे हुए हैं. सुरक्षा, निगरानी और सख्ती के जरिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है. इसे भी पढ़ें: रामनवमी जुलूस के दौरान धनबाद में नहीं होगी बिजली गुल, जेबीवीएनएल का स्पेशल प्लान तैयार The post रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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मोनालिसा ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगाया बैडटच का आरोप, लेंगी एक्शन

Viral Girl Monalisa: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाली समाचार सामने आई है, जहां ‘वायरल गर्ल’ के नाम से पहचान बनाने वाली मोनालिसा ने एक फिल्म डायरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शूटिंग के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार हुआ, जिसे उन्होंने लंबे समय तक सहा. मोनालिसा ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर आरोप लगाते हुए कहा कि फिल्म के सेट पर कई बार उनके साथ बदसलूकी (बैडटच) की गई. उन्होंने बताया कि उस समय उनकी उम्र 18 साल से भी कम थी और ये घटनाएं नेपाल और देहरादून में शूटिंग के दौरान हुईं. कानूनी मदद लेंगी मोनालिसा मोनालिसा के मुताबिक, उन्होंने इस बारे में अपने परिवार को भी बताया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई खास सपोर्ट नहीं मिला. उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके घरवालों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसे नजरअंदाज कर दिया. एक्ट्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि डायरेक्टर अब सच छिपाने के लिए नए-नए विवाद खड़े कर रहे हैं. उनका कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दे उठाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है. मोनालिसा ने साफ कहा कि अब वो इस मामले को दबाने वाली नहीं हैं और जल्द ही कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रही हैं. इस दौरान उनके पति फरमान भी उनके साथ नजर आए. कुंभ मेला 2025 के बाद अचानक चर्चा में आई मोनालिसा मध्य प्रदेश के महेश्वर की रहने वाली हैं.  घुमंतू पारधी समुदाय से आती हैं. उन्हें तब पहचान मिली जब कुंभ मेला 2025 के दौरान माला और रुद्राक्ष बेचते हुए उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद वह अचानक काफी चर्चा में आ गईं. फरमान खान के परिवार के अनुसार, उसने 11 मार्च को केरल के अरुमानूर में नैनार मंदिर में शादी की थी. जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था. यह भी पढ़ें: कौन रखता है अनुराग डोभाल का ख्याल? पिता ने संपत्ति से किया था बेदखल The post मोनालिसा ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगाया बैडटच का आरोप, लेंगी एक्शन appeared first on Naya Vichar.

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अगर आपके इलाके में आ गई है पाइपलाइन, तो 3 महीने में बंद हो सकता है आपका LPG सिलेंडर

Gas Pipeline Connection Mandatory: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की भारी किल्लत को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रशासन ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू कर दिया है, जिसके तहत अब रसोई गैस के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं. इस नए कानून का सीधा असर आपके घर के बजट और रसोई के इंतजाम पर पड़ने वाला है. आइए, इन नए नियमों को विस्तार से समझते हैं. सोसायटियों की मनमानी खत्म अक्सर देखा जाता था कि हाउसिंग सोसायटियों या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के आपसी विवाद या विरोध की वजह से इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम महीनों लटका रहता था. अब नए नियमों के तहत किसी भी सोसाइटी को पाइपलाइन कंपनी की अर्जी मिलने के महज 3 दिन के भीतर मंजूरी देनी होगी. अगर कोई सोसाइटी इसमें देरी करती है या मना करती है, तो प्रशासन सख्त कदम उठाते हुए वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सिलेंडर सप्लाई पर रोक लगा सकती है. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी पाइपलाइन के विस्तार में प्रशासनी दफ्तरों की लालफीताशाही अब रोड़ा नहीं बनेगी. नए नियमों के अनुसार, प्रशासनी विभागों के लिए छोटे नेटवर्क की फाइलों को 10 दिन और बड़ी लाइनों के प्रोजेक्ट्स को 60 दिन के भीतर क्लियर करना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर तय समय सीमा के भीतर विभाग कोई जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ऑटोमैटिक मंजूरी मान लिया जाएगा और कंपनी अपना काम शुरू कर सकेगी. इससे गैस ग्रिड बिछाने के काम में तेजी आएगी. जमीन और मुआवजे का झंझट खत्म अक्सर पाइपलाइन बिछाते समय निजी जमीन के मालिकों के साथ मुआवजे को लेकर सालों तक अदालती चक्कर चलते थे, जिससे सप्लाई बाधित होती थी. अब प्रशासन ने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का एक फिक्स फॉर्मूला तय कर दिया है. अगर जमीन का मालिक इस पर राजी नहीं होता, तो जिला कलेक्टर (DM) को सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है. कलेक्टर की दखल के बाद काम को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि आम जनता को होने वाली गैस सप्लाई में कोई देरी न हो. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है ? प्रशासन ने इन सख्त नियमों को ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत जारी किया है. इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसे आपातकालीन हालातों में भी देश के हर घर तक बिना किसी रुकावट के रसोई गैस पहुंचाना है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ताओं को अब सिलेंडर बुकिंग या उसके अचानक खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी. हालांकि, इसका एक पहलू यह भी है कि जो लोग पाइपलाइन के बजाय अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते थे, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे. PNG सप्लाई के 4 नए कड़े नियम दोहरे कनेक्शन पर पाबंदी: अब एक ही घर या पते पर PNG (पाइप वाली गैस) और LPG (सिलेंडर) दोनों कनेक्शन एक साथ रखना पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है. रिफिलिंग और बुकिंग बंद: जिन उपभोक्ताओं के घर में PNG कनेक्शन एक्टिव है, वे अब अपने पुराने LPG सिलेंडर की रिफिलिंग या नई बुकिंग नहीं करा पाएंगे. गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर में ऐसे उपभोक्ताओं का डेटा ब्लॉक कर दिया जाएगा. सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य: यदि आपके पास दोनों सुविधाएं मौजूद हैं, तो आपको अपना घरेलू LPG सिलेंडर और रेगुलेटर तुरंत संबंधित गैस एजेंसी या विभाग को सरेंडर (वापस) करना होगा. नए कनेक्शन पर रोक: जिन घरों में एक बार पाइपलाइन (PNG) लग गई है, वहां के निवासी अब भविष्य में किसी भी नई घरेलू LPG सिलेंडर सुविधा के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे. Also Read: अब 25 दिन में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर, डबल गैस बुकिंग के लिए 35 दिनों तक करना होगा इंतजार The post अगर आपके इलाके में आ गई है पाइपलाइन, तो 3 महीने में बंद हो सकता है आपका LPG सिलेंडर appeared first on Naya Vichar.

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चैत्र नवरात्र की महाष्टमी कब है आज या कल ? जानें सही तारीख और कन्या पूजन का मुहूर्त

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का पावन महापर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. नवरात्र के नौ दिव्य दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. नवरात्र का आठवां दिन, यानी महाअष्टमी, विशेष रूप से अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. इस दिन मां महागौरी की आराधना के साथ कन्या पूजन का भी खास महत्व होता है. हालांकि इस बार अष्टमी तिथि को लेकर लोगों के बीच थोड़ा भ्रम बना हुआ है. कुछ लोग आज 25 मार्च को अष्टमी मान रहे हैं, तो कुछ कल 26 मार्च को. ऐसे में जरूरी है कि सही तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त की स्पष्ट जानकारी हो, ताकि आप पूरे विधि-विधान से पूजा कर सकें. आइए जानते हैं महाअष्टमी की सटीक तारीख और शुभ मुहूर्त कब है महाअष्टमी महावीर पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 दिन बुधवार को शाम में 04 बजकर 31 मिनट से शुरू हो जाएगी, इस तिथि का समापन 26 मार्च दिन गुरुवार को दोपहर 02 बजकर 15 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर दुर्गा अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन दोनों 26 मार्च को ही किए जाएंगे. कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त महाष्टमी पर कन्या पूजन के दो शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं, पहला शुभ मुहूर्त 26 मार्च को प्रात: 05 बजकर 47 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त यानि अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 31 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. अष्टमी पर कन्या पूजन की सरल विधि अष्टमी से एक दिन पहले 9 छोटी कन्याओं (और 1 बालक – बटुक) को अपने घर आने का निमंत्रण दें. अष्टमी के दिन घर की साफ-सफाई करें और पूजा के लिए एक स्वच्छ व शांत स्थान तैयार करें. जब कन्याएं घर आएं, तो फूलों से उनका स्वागत करें और उन्हें सम्मानपूर्वक अंदर लाएं. साफ जल से कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आदरपूर्वक पोंछें और बैठने की व्यवस्था करें. सभी कन्याओं और बटुक को एक साफ और सुरक्षित स्थान पर आराम से बैठाएं. कन्याओं के माथे पर तिलक लगाएं और हाथ में कलावा (मौली) बांधें. कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूरी श्रद्धा और सम्मान से पूजा करें. देवी मां को भोग लगाकर कन्याओं को श्रद्धा से हलवा, पूरी, काले चने और फल-मिठाई खिलाएं. भोजन के बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को दक्षिणा, उपहार या पैसे दें. अंत में कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें, इसके बाद आदर और श्रद्धा के साथ कन्याओं को विदा करें . महाअष्टमी का महत्व नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मां महागौरी को पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है, और उन्हें सफेद रंग अत्यंत प्रिय है. इसलिए इस दिन सफेद फूल, नारियल, दूध से बनी मिठाइयां या अन्य सफेद वस्तुओं का भोग अर्पित किया जाता हैं. अष्टमी के दिन सुबह और शाम दोनों समय श्रद्धा और भक्ति के साथ देवी की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि मां महागौरी की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के दुख-कष्ट दूर हो जाते हैं. The post चैत्र नवरात्र की महाष्टमी कब है आज या कल ? जानें सही तारीख और कन्या पूजन का मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

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शेन वॉर्न का मास्टर स्ट्रोक, परिवार को मिलेंगे 460 करोड़, जानें RR के बिकने पर ऐसा क्यों होगा?

Highlights कैसे मिलेंगे वॉर्न के परिवार को 460 करोड़? सैलरी के साथ रखी थी हिस्सेदारी की शर्त दूर की सोच ने बदल दी किस्मत खिलाडी और कप्तान के तौर पर शानदार आंकड़े Shane Warne: आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट और बिजनेस की दुनिया से एक बहुत बड़ी समाचार सामने आई है. राजस्थान रॉयल्स की 15300 करोड़ रुपये में एक बड़ी डील हुई है. अमेरिका के एक ग्रुप ने इस टीम को खरीदा है. इस सौदे का सबसे बड़ा फायदा ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर शेन वॉर्न के परिवार को हुआ है. वॉर्न अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके एक पुराने फैसले के कारण उनके परिवार को करीब 460 करोड़ रुपये की भारी रकम मिलेगी. यह पैसा राजस्थान टीम में वॉर्न की पुरानी इक्विटी (हिस्सेदारी) का नतीजा है. कैसे मिलेंगे वॉर्न के परिवार को 460 करोड़? अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी ने राजस्थान रॉयल्स को 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15300 करोड़ रुपये खर्च कर खरीदा है. शेन वॉर्न के पास राजस्थान फ्रेंचाइजी की 3 प्रतिशत इक्विटी थी. अब टीम के इतनी बड़ी कीमत पर बिकने के बाद, कुल रकम में से इस 3 प्रतिशत हिस्से की कीमत करीब 460 करोड़ रुपये बनती है. यह सारी रकम सीधे वॉर्न के परिवार के पास जाएगी. 🚨 Shane Warne masterstroke off the field 👀 ₹9.35cr salary… but 3% equity secured 💰🔥 Now worth ₹460cr generational wealth play 💥 Ahead of his time or pure genius? 🤔 #3rdManView #IPL2026 #RR #ShaneWarne https://t.co/To3pc1B8TH pic.twitter.com/LHkubbl8Y4 — Third Man View (@3rdManView) March 25, 2026 सैलरी के साथ रखी थी हिस्सेदारी की शर्त साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तब शेन वॉर्न राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने थे. उस दौरान उन्होंने फ्रेंचाइजी से हर सीजन के लिए 9.35 करोड़ रुपये सैलरी ली थी. लेकिन उन्होंने सिर्फ सैलरी नहीं ली, बल्कि फ्रेंचाइजी में इक्विटी भी मांगी थी. करार तय हुआ कि उन्हें हर साल स्पोर्ट्सने के बदले 0.75 प्रतिशत इक्विटी मिलेगी. वॉर्न ने राजस्थान के लिए लगातार 4 सीजन स्पोर्ट्से. इस तरह 0.75 प्रतिशत के हिसाब से टीम में उनकी कुल हिस्सेदारी 3 प्रतिशत हो गई थी. यह भी पढ़ें- IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स पर अमेरिकी कंपनी का कब्जा, काल सोमानी ने 15,000 करोड़ में खरीदा दूर की सोच ने बदल दी किस्मत साल 2008 में राजस्थान टीम को सिर्फ 67 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था. वॉर्न ने भविष्य को ध्यान में रखकर इक्विटी लेने का यह मास्टर स्ट्रोक स्पोर्ट्सा था. साल 2019 में जब टीम की वैल्यू 400 मिलियन डॉलर थी, तब वॉर्न ने कहा था कि उनकी 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बहुत अच्छी डील है. आज उनकी वही दूर की सोच उनके परिवार के लिए करोड़ों का खजाना बन गई है. खिलाडी और कप्तान के तौर पर शानदार आंकड़े शेन वॉर्न आईपीएल में बिकने वाले पहले खिलाडी थे. वह राजस्थान के पहले कप्तान भी बने. साल 2008 के पहले सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे और अपनी कप्तानी में टीम को चैंपियन बनाया था. वॉर्न साल 2008 से 2011 तक इस टीम के साथ रहे. इस दौरान उन्होंने 55 मैच स्पोर्ट्से और कुल 57 विकेट अपने नाम किए. उनका यह शानदार सफर और सही निवेश हमेशा याद रखा जाएगा. ये भी पढ़ें- कभी नहीं स्पोर्ट्सा एक भी IPL मैच, अब सबसे महंगी टीम के मालिक बने आर्यमन बिडला बदल गए RCB के मालिक, 16706 करोड़ में बिकी, IPL की सबसे महंगी टीम बनी The post शेन वॉर्न का मास्टर स्ट्रोक, परिवार को मिलेंगे 460 करोड़, जानें RR के बिकने पर ऐसा क्यों होगा? appeared first on Naya Vichar.

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खाड़ी देशों को क्षति पहुंचाने की ईरानी रणनीति

Iran War : इतिहास के सबसे बुद्धिमान स्वर हमेशा युद्ध के छिपे हुए जहर के बारे में चेतावनी देते रहे हैं. ‘युद्ध नरक है’, अमेरिकी जनरल विलियम शेरमन ने कभी कहा था, फिर भी नेतागण युद्ध की लपटों में महिमा तलाशते रहते हैं. आज पश्चिम एशिया के इस विनाशकारी संघर्ष में वे चेतावनियां सच प्रतीत होती हैं. वैसे तो यह युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, पर तीसरे सप्ताह में ही यह सच्चाई सामने आ चुकी थी कि तेहरान ने जानबूझकर इस्राइल के प्रति संयम और अपने अरब पड़ोसियों के प्रति आक्रामकता का रास्ता चुना है. यह सुनियोजित रणनीति तेहरान के वास्तविक उद्देश्य को उजागर करती है. इस्राइल को बराबरी के हमलों से नुकसान पहुंचाने के बजाय ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन पर हजारों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. तेहरान की तरफ से मिसाइलों का केवल एक छोटा-सा हिस्सा ही इस्राइल को निशाना बनाकर छोड़ा गया है. यह स्पष्ट अंतर ईरान के वास्तविक रणनीतिक लक्ष्य पर गंभीर सवाल उठाता है. क्या वाकई ईरान के निशाने पर इस्राइल है? या उसका उद्देश्य उन सुन्नी अरब वित्तीय स्थितिओं को कमजोर करना है, जो अमेरिका के क्षेत्रीय प्रभुत्व को बनाये रखती हैं? दशकों की प्रतिस्पर्धा से गहराये शिया-सुन्नी के विभाजन से इस चयन को समझा जा सकता है. सवाल यह भी है कि भारी नुकसान झेलने के बावजूद अरब देश सीधे जवाबी कार्रवाई से बचते क्यों रहे हैं. रमजान चूंकि समाप्त हो चुका है, ऐसे में, कुछ विश्लेषक यह अनुमान लगा रहे हैं कि अब अरब देशों की ओर से जवाबी हमला हो सकता है. इस युद्ध की शुरुआती कार्रवाई बेहद दमदार रही, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अायतुल्ला अली खामेनेई और ईरान की नेतृत्वक-सैन्य नेतृत्व संरचना को खत्म कर दिया. तब खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा को सर्वोच्च नेता चुना गया. यह फैसला ईरान को उम्मीद से कहीं अधिक स्थिरता प्रदान कर गया. ईरान के ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अब तक ढाई सौ से तीन सौ बैलिस्टिक मिसाइलें और कम से कम डेढ़ सौ ड्रोन इस्राइल पर दागे गये हैं. इस्राइल में नागरिक हताहतों की संख्या 18 से 24 के बीच है, और हमले तेल अवीव, हाइफा, बीत शेमेश, रामत गन, होलोन, डिमोना और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज किये गये हैं. इस्राइल को हुई भौतिक क्षति सीमित और प्रतीकात्मक रही है. उसके सैन्य ठिकानों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा और एयरबेस पूरी तरह सक्रिय हैं, जबकि खाड़ी क्षेत्र में स्थिति बिल्कुल अलग है. केवल संयुक्त अरब अमीरात पर ही मार्च के मध्य तक 314 बैलिस्टिक और 15 क्रूज मिसाइलें, 1,672 ड्रोन दागे गये. कुवैत ने 120 से अधिक मिसाइलें और 308 ड्रोन दर्ज किये. कतर ने 127 मिसाइलों और 63 ड्रोन का सामना किया, और दो एसयू-24 विमान दुर्घटनाएं भी हुईं. बहरीन पर 105 मिसाइलें और 176 ड्रोन दागे गये, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने भी दर्जनों हमले झेले. संघर्ष के शुरुआती चरण में ईरान के लगभग 60 प्रतिशत हथियार इस्राइल के बजाय अमेरिका के ठिकानों और खाड़ी के बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे थे. जाहिर है, इस युद्ध में अब तक मानवीय और आर्थिक विनाश अरब दुनिया में कहीं अधिक गहरा रहा है. ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने बार-बार दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जो दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय केंद्र है. इससे ईंधन भंडार जल उठे, उड़ानें रद्द हुईं या उनके रूट बदले गये, और बड़े होटल और ऊर्जा प्रतिष्ठान हमले की सीधी चपेट में आये. कतर की रस लाफान एलएनजी सुविधा को भारी नुकसान हुआ, सऊदी अरब की यनबू रिफाइनरी और कुवैत के कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया. नतीजतन वैश्विक तेल कीमतें 110 डॉलर से ऊपर पहुंच गयीं. हालांकि ट्रंप की ताजा टिप्पणी के बाद कच्चे तेल के दाम कुछ कम हुए हैं. युद्ध के कारण पर्यटन क्षेत्र को, जो अमीरात और अन्य खाड़ी वित्तीय स्थितिओं का आधार है, रोज 55 से 65 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है, और वार्षिक क्षेत्रीय नुकसान 40 से 56 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. अमेरिकी ठिकानों वाले देशों पर हमला कर तेहरान इन पर असहनीय दबाव डालना चाहता है, ताकि वे वॉशिंगटन पर युद्ध रोकने का दबाव डालें. यह रणनीति कोई संयोग नहीं, बल्कि एक स्पष्ट सिद्धांत है, जिसका उद्देश्य इस्राइल पर सीधी सैन्य श्रेष्ठता हासिल करने के बजाय अमेरिका के सुन्नी सहयोगियों को कमजोर कर युद्ध में अमेरिकी भागीदारी की लागत में वृद्धि करना है. यह स्थिति एक और गंभीर प्रश्न उठाती है. क्या ईरान का लक्ष्य केवल आर्थिक दबाव के जरिये अपने शासन को बचाना है या इसमें सांप्रदायिक गणना भी शामिल है? ईरान क्षेत्र में प्रमुख शिया शक्ति है, जबकि खाड़ी देश मुख्यतः सुन्नी हैं. दशकों से ईरान इन देशों-खासतौर पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात-को वैचारिक और भू-नेतृत्वक प्रतिद्वंद्वी मानता रहा है. अब्राहम समझौतों के बाद इस्राइल से संबंध सामान्य करने वाले सुन्नी देशों की वित्तीय स्थितिओं को निशाना बनाकर ईरान अमेरिकी असर को कमजोर करने के साथ-साथ खुद को व्यापक मुस्लिम समुदाय का रक्षक भी दिखाने की कोशिश कर रहा है. इस बीच अरब देशों का संयम भी ध्यान खींचता है. भारी नुकसान के बावजूद, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और अन्य देशों ने सीधे ईरान पर हमला नहीं किया है. इसके कारण हैं-अमेरिकी सुरक्षा पर निर्भरता, सीमित सैन्य रणनीति, और व्यापक युद्ध का खतरा. हालांकि इस बारे में कुछ कहना अटकल ही होगा. खाड़ी देशों का नेतृत्व इस पर सहमत है कि सिर्फ अमेरिका और इस्राइल ही तेहरान के खतरनाक इरादों पर अंकुश लगा सकते हैं. वे देश अमेरिका-इस्राइल के इस अभियान में सहयोगी की भूमिका में होंगे, हालांकि उनकी वित्तीय स्थितिओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. संयुक्त अरब अमीरात ने हालांकि अब स्पष्ट चेतावनी दी है. सऊदी शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के साथ मिलकर अमीरात के नेतृत्व ने कहा है कि लगातार हमले क्षेत्रीय युद्ध को जन्म दे सकते हैं. यदि ईरान नहीं रुका, तो जवाबी कार्रवाई संभव है. यह रणनीति खतरनाक है. इससे संभावित अरब समर्थन खत्म हो सकता है और अंतरराष्ट्रीय अलगाव बढ़ सकता है. जैसे-जैसे खाड़ी देशों का आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है, तेहरान केवल अपने विरोधियों को ही नहीं, वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था को भी नुकसान

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राम नवमी में क्यों किया जाता है लाल, पीले या भगवा झंडे का इस्तेमाल

Ram Navami flag: वर्ष 2026 में रामनवमी का पावन पर्व 26 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा. यह दिन चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है. राम नवमी के अवसर पर मंदिरों, घरों और शोभायात्राओं में लाल, पीले और भगवा रंग के झंडे लगाए जाते हैं. ये रंग हिंदू धर्म में आस्था, शक्ति और पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं. झंडा लगाने की परंपरा भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. भगवा रंग का अर्थ भगवा रंग त्याग, बलिदान और धर्म का प्रतीक है. यह रंग सनातन परंपरा में साधु-संतों और वीरता से जुड़ा हुआ है. राम नवमी पर भगवा झंडा लगाना इस बात का संकेत है कि हम धर्म के मार्ग पर चलने और अधर्म के खिलाफ खड़े रहने का संकल्प लेते हैं. लाल रंग का महत्व लाल रंग शक्ति, साहस और उत्साह का प्रतीक माना जाता है. यह रंग माता शक्ति और वीरता से जुड़ा हुआ है. भगवान श्रीराम के जीवन में भी साहस और पराक्रम की झलक मिलती है, इसलिए लाल झंडा उनके आदर्शों को दर्शाता है. पीले रंग की विशेषता पीला रंग ज्ञान, शांति और पवित्रता का प्रतीक है. यह भगवान विष्णु का प्रिय रंग माना जाता है और श्रीराम विष्णु के अवतार हैं. इसलिए राम नवमी पर पीले झंडे का उपयोग भगवान की कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है. परंपरा और सामाजिक एकता राम नवमी पर झंडा लगाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है. जुलूसों में लोग झंडा लेकर चलते हैं, जिससे समाज में एकजुटता और भाईचारा बढ़ता है. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही आस्था के साथ निभाई जाती है. लाल, पीले और भगवा झंडे केवल रंग नहीं, बल्कि धर्म, शक्ति, ज्ञान और समर्पण के प्रतीक हैं. राम नवमी पर इनका उपयोग हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभवग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ The post राम नवमी में क्यों किया जाता है लाल, पीले या भगवा झंडे का इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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