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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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क्रिएटिव दिमाग के लिए बेस्ट करियर ऑप्शन, कमाई लाखों में

Interior Decoration Course: आज के समय में हर व्यक्ति अपने घर, ऑफिस या दुकान को सुंदर और आकर्षक बनाना चाहता है. बदलती लाइफस्टाइल और मॉडर्न सोच के साथ इंटीरियर डेकोरेशन का इम्पॉर्टेंस लगातार बढ़ता जा रहा है. यही कारण है कि इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स युवाओं के बीच एक पॉपुलर करियर ऑप्शन बन चुका है. यह कोर्स छात्रों को सिखाता है कि कैसे किसी भी जगह को क्रिएटिव तरीके से सजाकर उसे अच्छा अट्रैक्टिव और यूजफुल बनाया जाए. आइए जानते हैं कि इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स (Interior Decoration Course) क्या है और इसके करियर ऑप्शन क्या-क्या है. Interior Decoration Course क्या है ? इंटीरियर डेकोरेशन एक कला है, जिसमें किसी घर, ऑफिस, होटल या किसी भी स्थान के अंदरूनी हिस्से को सुंदर, आकर्षक और आरामदायक बनाया जाता है. इसमें दीवारों के रंग, फर्नीचर, पर्दे, लाइटिंग, फर्श और सजावटी चीजों का सही सिलेक्शन और सही तरीके से सजावट शामिल होती है. इसका मेन मोटिव किसी जगह को देखने में अच्छा बनाने के साथ-साथ उसे यूजफुल भी बनाना है. इस कोर्स में डिजाइन की बेसिक नॉलेज, कलर थ्योरी, फर्नीचर डिजाइन, लाइटिंग डिजाइन, स्पेस प्लानिंग, मटेरियल और टेक्सचर की डिटेल्स जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं. Interior Decoration Course: कोर्स के प्रकार इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स के प्रकार नीचे दिए गए हैं- सर्टिफिकेट कोर्स (6 महीने से 1 साल ) डिप्लोमा कोर्स (1 से 2 साल) मास्टर्स डिग्री (2 साल) बैचलर डिग्री (3 से 4 साल) सैलरी और करियर ऑप्शन इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स करने के बाद शुरुआती सैलरी लगभग 2 से 4 लाख प्रतिवर्ष मिल सकती है. कुछ साल के एक्सपिरियंस बढ़ने के बाद सैलरी 8-15 लाख या उससे ज्यादा भी हो सकती है. यह कोर्स करने के बाद आप इंटीरियर डेकोरेटर, इंटीरियर डिजाइनर, सेट डिजाइनर, फर्नीचर कंसल्टेंट और फ्रीलांसर या अपना बिजनेस भी स्टार्ट कर सकते हैं. टॉप कॉलेज इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स के लिए हिंदुस्तान में ऐसे कई टॉप कॉलेज हैं, जहां इसकी पढ़ाई काफी अच्छी होती है, जैसे- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी NID, अहमदाबाद पर्ल एकेडमी JD इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी Arch एकेडमी ऑफ डिजाइन यह भी पढ़ें: Website Designing से करें मोटी कमाई, बनाएं अपना डिजिटल करियर The post क्रिएटिव दिमाग के लिए बेस्ट करियर ऑप्शन, कमाई लाखों में appeared first on Naya Vichar.

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बीएमपी की प्रचंड जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई, जानें क्या बोले तारिक रहमान?

Bangladesh Election Results 2026: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी हेड तारिक रहमान को फोन कर जीत की बधाई दी है. बातचीत में पीएम मोदी ने दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हिंदुस्तान की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया है. बीते दिनों देश में हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में बीएनपी ने शानदार जीत दर्ज की है. दो दशकों के लंबे समय के बाद बीएनपी सत्ता में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है. पीएम मोदी ने बातचीत कर जताई खुशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “तारिक रहमान से बात करके मुझे बहुत खुशी हुई. मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी उल्लेखनीय जीत पर बधाई दी.” उन्होंने लिखा, “मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया. गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध वाले दो घनिष्ठ पड़ोसी देशों के रूप में मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति हिंदुस्तान की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की.” इससे पहले बांग्लादेश में नतीजे आने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कारिक रहमान को जीत की बधाई दी थी. Delighted to speak with Mr. Tarique Rahman. I congratulated him on the remarkable victory in the Bangladesh elections. I conveyed my best wishes and support in his endeavour to fulfil the aspirations of the people of Bangladesh. As two close neighbours with deep-rooted… — Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026 हिंदुस्तान का समर्थन जारी रहेगा- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा है कि रहमान की जीत उनके नेतृत्व में बांग्लादेश का भरोसा दर्शा रही है. उन्होंने कहा ‘‘हिंदुस्तान लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा. मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं.’’ वहीं पीएम मोदी की बधाई पर बीएनपी ने धन्यवाद दिया है. पार्टी नेता नजरुल इस्लाम ने पार्टी की ओर से कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होंगे. बेहद खास था बांग्लादेश का यह चुनाव बांग्लादेश का यह आम चुनाव उथल-पुथल भरे नेतृत्वक माहौल, अस्थिरता और नाजुक सुरक्षा स्थिति के बाद हुए थे ऐसे में यह चुनाव काफी अहम था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीएनपी ने 300 सीटों वाली संसद में 151 से अधिक सीट जीत ली हैं, कुछ सीटों पर नतीजे आने अभी बाकी है. ऐसे में पार्टी आगे और सीटें जीत सकती है. इस्लामाबाद की करीबी माने जाने वाली कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी लगभग 75 सीटों पर आगे चल रही है या जीत रही है. Also Read: हिंदुस्तान के साथ बांग्लादेश के रिश्ते अब कैसे होंगे? पीएम उम्मीदवार तारिक रहमान की पार्टी का आया जवाब The post बीएमपी की प्रचंड जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई, जानें क्या बोले तारिक रहमान? appeared first on Naya Vichar.

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ADM के थप्पड़ का वीडियो वायरल, अररिया में बवाल, हड़ताल पर गए प्राइवेट डॉक्टर

Bihar News: अररिया जिले में गुरुवार को हुए थप्पड़ कांड के बाद बवाल मच गया है. वायरल वीडियो ने मामले को और तूल दे दिया है. शुक्रवार से जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. मरीजों को भारी परेशानी हो रही है. डीएम के निर्देश पर चल रही थी जांच जिले में डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी लैब की जांच हो रही थी. मानकों के बिना चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई के लिए दो धावा दल बनाए गए थे. एक टीम की अगुवाई एडीएम डॉ. रामबाबू कर रहे थे. अस्पताल में बहस, फिर थप्पड़ धावा दल फारबिसगंज के रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंचा. जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई. इसी दौरान आरोप है कि एडीएम डॉ. रामबाबू ने डॉक्टर दीपक कुमार को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई. वायरल हो रहे वीडियो में यह झड़प कैद है. अररिया: फारबिसगंज के बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में जांच के दौरान विवाद. प्राइवेट डॉक्टर गए हड़ताल पर. आरोप है कि ADM डॉ. रामबाबू ने डॉक्टर को मारा थप्पड़. इसके बाद दोनों पक्षों में हुई मारपीट. भड़के समर्थकों ने धावा दल के अधिकारियों को बनाया बंधक. सूचना पर पहुंची पुलिस ने… pic.twitter.com/nwgSS6l6CA — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 13, 2026 अधिकारियों को कमरे में बंधक बनाया मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए. डॉक्टर के समर्थकों ने धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया. करीब आधे घंटे तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया. सूचना मिलते ही एसडीएम, अन्य अधिकारी और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे. दरवाजा खुलवाकर सभी को बाहर निकाला गया. आईएमए ने लिया संज्ञान घटना के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया. अररिया, पूर्णिया और सुपौल की इकाइयों ने बैठक की. राज्य स्तर पर भी चर्चा हुई. आईएमए के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा. इसी के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. अस्पताल संचालक का बयान डॉ. दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि धावा दल ने दुर्व्यवहार किया और फिजिकल अटैक की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है. हालांकि बचाव में मारपीट होने की बात भी उन्होंने स्वीकार की. सिविल सर्जन पहुंचे मौके पर सूचना के बाद सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप भी पहुंचे. उन्होंने जांच का भरोसा दिया. प्रशासन का कहना है कि नियमों की जांच जरूरी है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कार्रवाई सम्मानजनक होनी चाहिए. फिलहाल जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और मामला गरमाया हुआ है. Also Read: पप्पू यादव को तीनों केस में कोर्ट से मिली बेल, अब जेल से आ सकते हैं बाहर Also Read: पटना कोचिंग कांड: छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- दरिंदगी के बाद छत से फेंका The post ADM के थप्पड़ का वीडियो वायरल, अररिया में बवाल, हड़ताल पर गए प्राइवेट डॉक्टर appeared first on Naya Vichar.

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Passkeys क्या होते हैं? जानिए कैसे ये आपके Google अकाउंट की सेफ्टी को मजबूत बनाते हैं

Google अब धीरे-धीरे यूजर्स को पासवर्ड-फ्री फ्यूचर की तरफ ले जा रहा है. वहीं जहां पासकी (Passkey) नाम का नया ऑथेंटिकेशन तरीका इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें पुराने पासवर्ड की जगह बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का यूज होता है. पासकी ज्यादा सेफ मन जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसे ना तो कहीं लिखकर रखा जा सकता है, ना ही फिशिंग के जरिए चुराया जा सकता है और ना ही डेटा लीक में इसके चोरी होने का खतरा रहता है. जब पासकी ऑन कर दी जाती है, तो यूजर्स अपने गूगल अकाउंट में लॉगिन करने के लिए पासवर्ड टाइप करने की जरूरत नहीं होती. इसकी जगह वो फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन जैसे बायोमेट्रिक तरीके से आसानी से साइन-इन कर सकते हैं. आइए पासकी के बारे में थोड़ा डिटेल में जानते हैं. Passkeys क्या होते हैं? Passkeys एक तरह का डिजिटल पहचान तरीका होता है. इसमें आपके डिवाइस में सेफ तरीके से एन्क्रिप्टेड की (encrypted keys) सेव रहती हैं. यही वो चीज है जो आपकी पहचान वेरीफाई करती है. ये पुराने पासवर्ड से ज्यादा सेफ होते हैं, क्योंकि पासवर्ड चोरी या अनुमान किए जा सकते हैं. लेकिन passkeys सिर्फ उन्हीं वेबसाइट और ऐप्स पर काम करते हैं जहां वो रजिस्टर होते हैं. Passkeys में पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी (public key cryptography) का यूज होता है. इसका मतलब ये है कि Google के सर्वर पर सिर्फ पब्लिक की सेव रहती है, जो हैकर्स के किसी काम की नहीं होती. असली प्राइवेट की आपके डिवाइस में ही सेफ रहती है. सबसे अच्छी बात ये है कि आपका बायोमेट्रिक डेटा जैसे फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक कभी भी आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाता. बता दें कि ये Google के साथ भी शेयर नहीं होता. इससे आपकी प्राइवेसी बनी रहती है और साथ ही अलग-अलग डिवाइस पर लोगिन करना भी आसान और सेफ हो जाता है. Passkeys कैसे सेट करें? सबसे पहले अपने Google अकाउंट में लॉगिन रहते हुए myaccount.google.com/signinoptions/passkeys पर जाएं. अब अपनी पहचान कंफर्म करने के लिए पासवर्ड डालें. इसके बाद Create a Passkey पर क्लिक करें. एक पॉप-अप विंडो खुलेगी. उसमें Continue पर क्लिक करें. जब ब्राउजर Passkey एक्सेस करने की परमिशन मांगे, तो Allow कर दें. अगर आप Apple डिवाइस इस्तेमाल कर रहे हैं, तो iCloud Keychain को ऑन कर लें. आखिर में अपने डिवाइस का फिंगरप्रिंट, फेस लॉक या स्क्रीन लॉक से ऑथेंटिकेट करें. बस आपका Passkey सेट हो जाएगा. यह भी पढ़ें: WhatsApp चैट गलती से डिलीट हो गई? Android और iPhone में ऐसे करें आसानी से रिस्टोर The post Passkeys क्या होते हैं? जानिए कैसे ये आपके Google अकाउंट की सेफ्टी को मजबूत बनाते हैं appeared first on Naya Vichar.

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1000 अंकों से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इंवेस्टर्स के डूबे 7 लाख करोड़ रुपये

Share Market Crash: हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में ऐसी बिकवाली आई कि इंवेस्टर्स के पोर्टफोलियो लाल हो गए. अमेरिका से शुरू हुई गिरावट की लहर हिंदुस्तानीय बाजार तक पहुंच गई और देखते ही देखते बीएसई (BSE) का मार्केट कैप करीब 7 लाख करोड़ रुपये कम हो गया. बाजार में मचे इस शोर के बीच रिलायंस, टीसीएस और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने सबसे ज्यादा निराश किया. क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस भगदड़ के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी अनिश्चितता एक बड़ी वजह है. आईटी सेक्टर में जिस तरह के बदलाव आ रहे हैं, उससे निवेशक डरे हुए हैं कि पुरानी कंपनियों के बिजनेस मॉडल का क्या होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटी सेक्टर एक बड़े टर्निंग पॉइंट पर खड़ा है, इसलिए अभी थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है. सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 82,626 के करीब आ गया. वहीं, निफ्टी में भी 336 अंकों की बड़ी गिरावट रही और यह 25,471 पर क्लोज हुआ. सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि मेटल, रियल्टी और बैंकिंग जैसे हर बड़े सेक्टर में जम कर बिकवाली हुई. हैरानी की बात यह रही कि टॉप 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, सिर्फ एसबीआई और बजाज फाइनेंस ही अपनी साख बचा पाए. गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को अरबों का नुकसान बाजार की इस गिरावट ने तगड़ा झटका दिया है. गुरुवार को जो मार्केट वैल्यू 472.48 लाख करोड़ थी, वह शुक्रवार को गिरकर 465.31 लाख करोड़ रह गई. उधर अमेरिकी बाजार का हाल और भी बुरा है, जहां पिछले तीन दिनों में करीब 90 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. टाटा स्टील, टाइटन और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे बड़े शेयर भी 5% तक टूट गए. किस सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान? शुरुआत में तो लगा कि गिरावट सिर्फ आईटी शेयरों तक सीमित रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे एनर्जी, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फाइनेंस सर्विसेज भी इसकी चपेट में आ गए. बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के इंवेस्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा. Also Read: मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट The post 1000 अंकों से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इंवेस्टर्स के डूबे 7 लाख करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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क्या खालिदा के बेटे तारिक रहमान भारत–बांग्लादेश संबंधों को देंगे ऊंचाई या कायम रहेगी अराजकता

Bangladesh Election Results : बांग्लादेश आम चुनाव का परिणाम आ जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि हिंदुस्तान के साथ उसके संबंध स्थिर होंगे और दोनों देशों के बीच पिछले साल से जो तनाव सी स्थिति बनी हुई है, वह दूर होगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि बांग्लादेश के चुनाव में जिस बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को जीत मिली है, उसका रुख हिंदुस्तान के प्रति बहुत दोस्ताना नहीं रहा है. ऐसे में अगर वहां तारिक रहमान प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हैं, जो वहां की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं, तो दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर होगा? खालिदा जिया के बेटे हैं तारिक रहमान, जिनके तेवर हिंदुस्तान के विपरीत रहा है बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान अगले पीएम बनेंगे. वे बांग्लादेश की दो बार प्रधानमंत्री रहीं खालिया जिया के बेटे हैं. खालिया जिया दो बार 1991–96 और 2001–2006 के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनी. उस दौरान इनकी विचारधारा बांग्लादेशी राष्ट्रवाद पर आधारित थी, इस्लामिक पहचान से ज्यादा जुड़ी थी. साथ ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सोच पाकिस्तान के प्रति नरम और हिंदुस्तान के प्रति उग्र रवैया रखती थी. अब जबकि खालिदा जिया के बेटे बांग्लादेश की प्रशासन के मुखिया बनेंगे, तो क्या यह संभव है कि वे अपनी मां की विचारधारा के साथ ही हिंदुस्तान के साथ संबंध बनाएंगे? खालिदा जिया का ऐसा मानना था कि हिंदुस्तान शेख हसीना के साथ ज्यादा मजबूती के साथ खड़ा दिखता है. खालिदा जिया और तारिक रहमान के कार्यकाल में बहुत बदल चुका है बांग्लादेश : प्रो धनंजय त्रिपाठी यह नया बांग्लादेश है, जिसकी नींव युवाओं की अपेक्षाओं पर रखी गई है. कोई भी नयी प्रशासन यह नहीं चाहेगी कि वो कोई ऐसा कदम उठाए जिससे युवाओं की अपेक्षाओं को ठेस पहुंचे. बांग्लादेश का युवा यह चाहता है कि हिंदुस्तान के साथ संबंध सुधरें और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ें. इन परिस्थितियों में तारिक रहमान हिंदुस्तान के संबंध खराब करने की नहीं सोचेंगे. साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी बताते हैं कि इस बार जो प्रशासन बनी है वह पूर्ण बहुमत की प्रशासन है. इससे पहले दो बार जब खालिदा जिया प्रधानमंत्री बनी थीं, तो वह गठबंधन की प्रशासन थी. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को जमात ए इस्लामी के समर्थन की जरूरत थी. जमात का रुख हमेशा ही हिंदुस्तान विरोधी रहा है, लेकिन अब परिस्थिति वैसी नहीं है. आज तारिक रहमान की पार्टी पूर्ण बहूुमत में है, इसलिए उन्हें किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है. यह नया बांग्लादेश है, जो हिंदुस्तान के साथ बेहतर संबंध विकसित करेगा. इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए है, जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में जीत पर धन्यवाद दिया और उनका सकारात्मक जवाब सामने आया है. बहुत मुमकिन है कि पिछले एक–डेढ़ साल में जिस तरह के रिश्ते बन गए थे उसमें सुधार होगा और अराजकता समाप्ति होगी. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें कैसा हो सकता है तारिक रहमान का कार्यकाल? खालिदा जिया के कार्यकाल में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच जो कुछ हुआ, उसे नेतृत्वक मजबूरी कहा जा सकता है, लेकिन तारिक रहमान को काफी सोच–समझकर कदम उठाना होगा. बांग्लादेश के सामने हिंदुस्तान एक बहुत बड़ी शक्ति है, जिससे मेल–जोल बांग्लादेश के लिए फायदेमंद ही साबित होगा. बांग्लादेश को अपने देश में विकास करने और युवाओं को बेहतर जीवन देने की कोशिश में हिंदुस्तान के सहयोग की जरूरत है. इस बात को तारिक रहमान समझते हैं. हिंदुस्तान यह चाहेगा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद और सीमा की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश से सहयोग मिले, अगर ऐसा होता है, तो बेहतर है. अगर ऐसा नहीं हुआ और तारिक रहमान इस्लामिक कट्टरता के पक्षधर बने, तो फिर अराजकता बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें : अकेलापन समाज में बन रहा डिफाॅल्ट सेटिंग, फ्रेंडशिप का आया रेसेशन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ, तो क्या प्रशासन पर होगा कोई असर?  एपस्टीन फाइल्स पर हंगामा है क्यों मचा? दलाईलामा को क्यों देनी पड़ी सफाई The post क्या खालिदा के बेटे तारिक रहमान हिंदुस्तान–बांग्लादेश संबंधों को देंगे ऊंचाई या कायम रहेगी अराजकता appeared first on Naya Vichar.

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पटना कोचिंग कांड: छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- दरिंदगी के बाद छत से फेंका

Patna Coaching Student death case: पटना के फुलवारी शरीफ में 16 वर्षीय कोचिंग छात्रा की मौत ने इलाके को झकझोर दिया है. परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि छात्रा के साथ दरिंदगी की गई. विरोध करने पर उसे कोचिंग सेंटर की छत से फेंक दिया गया. घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. दरिंदगी और हत्या का आरोप परिजनों के अनुसार छात्रा फंडामेंटल कोचिंग पढ़ने गई थी. वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ गलत काम किया. विरोध करने पर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया. परिवार का दावा है कि शरीर पर कई गंभीर चोट के निशान थे. जख्म साफ दिख रहे थे. यही देखकर परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं. पटना एम्स में पोस्टमार्टम मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया. यह प्रक्रिया पटना एम्स में कई घंटों तक चली. हालांकि रिपोर्ट अभी नहीं आई है. तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है. शुक्रवार सुबह छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया. सड़क जाम, आगजनी और प्रदर्शन घटना के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. एम्स गोलंबर के पास सड़क जाम कर दिया गया. कई किलोमीटर लंबा जाम लगा. आम लोगों को भारी परेशानी हुई. प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई. कुछ जगह आगजनी की भी सूचना है. स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. पूर्व विधायक की 24 घंटे की चेतावनी पूर्व विधायक गोपाल रविदास पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने घटना को शर्मनाक बताया. उन्होंने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही एसआईटी जांच पर सवाल उठाए. न्यायिक जांच आयोग बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं. बिहार में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. मौके पर पहुंचे सीनियर एसएसपी मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के सीनियर एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा खुद घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है. तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. इलाके में तनाव, पुलिस की जांच जारी फुलवारी शरीफ में तनावपूर्ण माहौल है. लोगों में डर और गुस्सा है. पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर टिकी है. Also Read: बिहार की स्त्रीओं के खाते में आएंगे 20-20 हजार रुपए, जानिए कब आएगी स्त्री रोजगार योजना की दूसरी किस्त The post पटना कोचिंग कांड: छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- दरिंदगी के बाद छत से फेंका appeared first on Naya Vichar.

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मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट

Muthoot Finance Q3 Results: गोल्ड लोन देने वाली मशहूर कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के निवेशकों के लिए 13 फरवरी का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा है. कंपनी के शेयर 12% से ज्यादा टूट गए, जो पिछले साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट है. दोपहर के कारोबार में शेयर 11.2% गिरकर 3,610 रुपये पर आ गए. हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपना मुनाफा लगभग दोगुना (2,656 करोड़ रुपये) होने की जानकारी दी थी. क्या यह मुनाफा सिर्फ दिखावा है? बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी के मुनाफे में जो भारी उछाल दिखा है, उसका बड़ा हिस्सा लोन रिकवरी से आया है. आसान भाषा में कहें तो, जो पुराने कर्ज फंसे हुए थे, उनकी वसूली से करीब 640 करोड़ रुपये मिले है. जानकारों के मुताबिक, यह कमाई बार-बार नहीं होने वाली है. अगर इसे हटा दिया जाए, तो कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक ही रहा है. ग्राहकों की संख्या क्यों घट रही है? इतने अच्छे नतीजों के बावजूद निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण ग्राहकों की घटती संख्या है. जेफरीज (Jefferies) जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स ने बताया कि कंपनी के एक्टिव कस्टमर्स में 1% की कमी आई है. साथ ही, कंपनी का कोर मार्जिन (असली कमाई का अंतर) भी कम हुआ है. सोना महंगा होने की वजह से लोग अब कम मात्रा में गोल्ड लोन ले रहे हैं. सोने की कीमतों का क्या असर हुआ? सिर्फ कंपनी के अंदरूनी कारण ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट भी इस गिरावट की वजह बना है. 12 फरवरी को सोने की कीमतों में 3% की बड़ी गिरावट आई और यह 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया. अमेरिका में मजबूत रोजगार के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि ब्याज दरें अभी कम नहीं होंगी, जिससे सोने की चमक कम हो गई. इसका असर मुथूट के साथ-साथ मणप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस के शेयरों पर भी दिखा है. आगे क्या उम्मीद की जाए? फिलहाल निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है. जून में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है, जिससे सोने की मांग फिर बढ़ सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुथूट के लिए इस रिकॉर्ड मुनाफे को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगी. ये भी पढ़ें: नौकरी छोड़ने के बाद भी बढ़ता रहेगा आपका PF का पैसा, बस न करें ये एक गलती The post मुथूट फाइनेंस के ग्राहकों में कमी, साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट appeared first on Naya Vichar.

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प्वाइंट्स टेबल में बदलाव, ऑस्ट्रेलिया को झटका, T20 WC से बाहर होने की संभावना

Highlights प्वाइंट्स टेबल में जिम्बाब्वे की छलांग ग्रुप ए में हिंदुस्तान का दबदबा बरकरार 146 रन पर ढेर हुए कंगारू मुजरबानी और इवांस की घातक गेंदबाजी 2007 का इतिहास फिर से दोहराया टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का रोमांच बढ़ता जा रहा है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में 13 फरवरी 2026 को टी20 वर्ल्ड कप में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला. ग्रुप बी के मुकाबले में जिम्बाब्वे ने मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया. इस नतीजे ने टी20 वर्ल्ड कप की प्वाइंट्स टेबल (Points Table) के समीकरण को भी पूरी तरह से बदल दिया है. इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है, जबकि जिम्बाब्वे ने सुपर-8 की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं. प्वाइंट्स टेबल में जिम्बाब्वे की छलांग ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद ग्रुप बी की प्वाइंट्स टेबल में भारी बदलाव आया है. जिम्बाब्वे की टीम अब 2 मैचों में 2 जीत के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. उनके पास अब कुल 4 अंक हैं और उनका नेट रनरेट (NRR) +1.984 हो गया है. इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम तीसरे नंबर पर खिसक गई है. ऑस्ट्रेलिया के 2 मैचों में 1 जीत और 1 हार के साथ 2 अंक हैं और उनका रनरेट +1.100 है. ग्रुप बी में श्रीलंका अभी भी टॉप पर बनी हुई है. श्रीलंका के भी 4 अंक हैं लेकिन उनका नेट रनरेट +3.125 है जो जिम्बाब्वे से बेहतर है. आयरलैंड और ओमान अभी तक अपना खाता नहीं खोल पाए हैं. टीम मैच जीत हार नेट रनरेट अंक श्रीलंका 2 2 0 +3.125 4 जिम्बाब्वे 2 2 0 +1.984 4 ऑस्ट्रेलिया 2 1 1 +1.100 2 आयरलैंड 2 0 2 -2.175 0 ओमान 2 0 2 -4.306 0 ग्रुप ए में हिंदुस्तान का दबदबा बरकरार ग्रुप बी के साथ-साथ अगर ग्रुप ए की अंक तालिका पर नजर डालें तो हिंदुस्तानीय टीम (IND) का दबदबा कायम है. हिंदुस्तान 2 मैचों में 2 जीत और 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर है. हिंदुस्तान का नेट रनरेट +3.050 है जो काफी शानदार है. वहीं पाकिस्तान (PAK) भी 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, लेकिन उनका रनरेट +0.932 है. नीदरलैंड 2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि अमेरिका (USA) और नामीबिया (NAM) अभी तक कोई भी मैच नहीं जीत पाए हैं. टीम मैच जीत हार नेट रनरेट अंक हिंदुस्तान 2 2 0 +3.050 4 पाकिस्तान 2 2 0 +0.932 4 नीदरलैंड 2 1 1 +0.356 2 अमेरिका 2 0 2 -1.525 0 नामीबिया 2 0 2 -2.884 0 146 रन पर ढेर हुए कंगारू जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने 170 रनों का लक्ष्य रखा. इसका पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही. पावरप्ले में ही टीम ने अपने 4 विकेट गंवा दिए और स्कोर बोर्ड पर सिर्फ 38 रन लगे. जोश इंग्लिस, कैमरून ग्रीन, टिम डेविड और ट्रेविस हेड जैसे बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए. बीच के ओवरों में ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने 77 रनों की साझेदारी कर उम्मीद जगाई, लेकिन डेथ ओवरों में वे भी टीम को जीत नहीं दिला सके. पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई. मुजरबानी और इवांस की घातक गेंदबाजी जिम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत की पटकथा उनके गेंदबाजों ने लिखी. तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने अपने 4 ओवर के कोटे में महज 17 रन देकर 4 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को आउट किया. उनका साथ ब्रैड इवांस ने बखूबी दिया, जिन्होंने 3.3 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट चटकाए. वेलिंगटन मसाकाद्जा और रयान बर्ल को भी एक-एक सफलता मिली. इन गेंदबाजों के अनुशासन के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. 2007 का इतिहास फिर से दोहराया टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है. इससे पहले साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सबको चौंका दिया था. हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि टी20 वर्ल्ड कप में इन दोनों टीमों के बीच अब तक सिर्फ 2 ही मैच स्पोर्ट्से गए हैं और दोनों बार बाजी जिम्बाब्वे के हाथ लगी है. यह जीत जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. ये भी पढ़ें- शर्मनाक हार: जिम्बाब्वे से हार के बाद कंगारुओं पर T20WC से बाहर होने का खतरा वायरल: अभिषेक का वजन घटा, वीडियो में हुआ खुलासा वायरल सच: क्या शुभमन गिल ले रहे तांत्रिक की मदद? The post प्वाइंट्स टेबल में बदलाव, ऑस्ट्रेलिया को झटका, T20 WC से बाहर होने की संभावना appeared first on Naya Vichar.

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महाशिवरात्रि 2026: देवघर में इस दिन भारी वाहनों का प्रवेश बैन, यहां देखें पूरा रूट चार्ट

Deoghar: देवघर पुलिस ने 15 फरवरी 2026 (रविवार) को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और भव्य शिव बारात के मद्देनजर यातायात प्रबंधन योजना लागू कर दी है. पुलिस अधीक्षक, देवघर के निर्देश पर यातायात में कई बदलाव किए गए हैं, जिससे शिव बारात को परेशानी न हो और न ही श्रद्धालुओं को बाबा मंदिर में दर्शन करने में कोई दिक्कत हो. शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया गया है और उनके लिए डायवर्जन प्लान जारी किया गया है. महाशिवरात्रि के मद्देनजर 14 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि से 16 फरवरी 2026 तक देवघर शहर में भारी वाहनों (बस, ट्रक, ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन, कंटेनर) का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग शहर के बाहर से आने वाले बस, ट्रक, ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों के लिए निम्नलिखित निषेध बिंदु और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं… हिण्डोलावरण (दुमका मार्ग) : यहां से भारी वाहन बाएं मुड़कर तपोवन, चड़की पहाड़ी, उजाला चौक, पुराना कुंडा मोड़ और कोरियासा चौक होते हुए गिरिडीह की ओर जाएंगे. चौपा मोड़ (गोड्डा मार्ग) : यहां से बाएं होकर हिण्डोलावरण से दाहिने मुड़कर तपोवन और कोरियासा चौक होते हुए गिरिडीह की ओर डायवर्जन रहेगा. कोरियासा चौक (गिरिडीह मार्ग) : यहां से दाहिने मुड़कर पुराना कुंडा थाना मोड़, उजाला चौक और तपोवन होते हुए दुमका की ओर जा सकेंगे. रोहिणी शहीद द्वार/मेहर गार्डेन : यहां से भारी वाहन जसीडीह की ओर भेजे जाएंगे. टाभाघाट मोड़ (जसीडीह/चकाई मार्ग) : भागलपुर, दुमका और गोड्डा जाने वाले वाहन यहां से बाएं मुड़कर मोहनपुर की ओर जाएंगे. मोहनपुर बाजार मोड़ (भागलपुर मार्ग) : यहां से भारी वाहन रिखिया होते हुए दर्दमार बॉर्डर (चकाई/जमुई) की ओर निकलेंगे. पुराना कुंडा थाना मोड़ (सारवां/सारठ मार्ग) : यहां से भारी वाहन दाहिने मुड़कर उजाला चौक, तपोवन और हिण्डोलावरण होते हुए दुमका/भागलपुर की ओर जाएंगे. कोठिया मोड़ (सुलतानगंज मार्ग) : यहां से भारी वाहन बाएं रिखिया आश्रम होते हुए मोहनपुर बाजार की ओर जाएंगे. शिव बारात रूट, कई जगह प्रवेश निषेध शिव बारात के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए नीचे दिए स्थलों पर ड्रॉप गेट और रोड स्लाइड बैरियर लगाए गए हैं… प्रस्थान एवं स्टेडियम क्षेत्र : केकेएन स्टेडियम, स्टेडियम बाईपास, नवीन स्पोर्ट्स मोड़ और रेड रोज स्कूल मोड़. फव्वारा चौक (झरना चौक) : टैंकर स्टैंड, आरएल सर्राफ स्कूल गेट के सामने, सदर अस्पताल मोड़ और शहीद आश्रम मोड़ से आने वाले रास्तों पर रोक रहेगी. बस स्टैंड एवं कुंडा क्षेत्र : बस स्टैंड प्रवेश द्वार, क्लब ग्राउंड प्रवेश द्वार, सारवां मोड़, ठाड़ी दुलूमपुर मोड़, नौलखा मंदिर मोड़, और पुराना थाना कुंडा मोड़. बाजला चौक एवं आसपास : बाजला चौक (दोनों तरफ), सुभाष चौक, देवसंघ मार्ग, संत फ्रांसिस स्कूल मोड़, महेंद्र ट्रैक्टर शोरूम, दादी मंदिर मार्ग, शंख मोड़ और बाजला चौक सब्जी मंडी मोड़ (डीएवी स्कूल मार्ग). मध्य शहर एवं बाजार : बावन बीघा मोड़, परशुराम चौक, जैन मंदिर (पूर्वी एवं पश्चिमी मोड़), बजरंगी चौक, धोबिया गली मोड़, शिवलोक ग्राउंड प्रवेश द्वार और बिग बाजार मोड़. राय एंड कंपनी मोड़ : यहां से राज रेडियो, वैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशन और टावर चौक तक मोजो बैरिकेटिंग रहेगी. टावर चौक : यहां थाना मोड़, मस्जिद मोड़, चांदन स्टैंड, अंबेदकर चौक, सत्संग चौक और रोहिणी शहीद द्वार मोड़ से प्रवेश बंद रहेगा. अन्य चौक : आजाद चौक, अवंतिका गली, भैरो बाजार, इंटरनेशनल होटल मोड़, ड्रोलिया गली (गणेश मार्केट), कन्या विद्यालय मोड़, विद्यापति चौक, डोमासी मोड़ और नरसिंह टॉकीज मोड़. शिक्षा सभा चौक : यहां मंदिर मोड़, सदर अस्पताल मोड़ और शहीद आश्रम मोड़ की ओर से प्रवेश निषेध रहेगा. चांदनी चौक : यहां लक्ष्मीपुर चौक और दुखीसाह लेन मंदिर की ओर से आने वाले रास्तों पर रोक रहेगी. मंदिर क्षेत्र एवं शहर में प्रवेश निषेध श्रद्धालुओं के पैदल भ्रमण और जलार्पण हेतु इन क्षेत्रों को सुरक्षित किया गया है… मंदिर मुख्य पहुंच : पटेल चौक, जलसार, सब्जी मंडी, हिंदुस्तानी होटल (मानसंघी मार्ग) और जोड़ा तालाब बजरंगबली मंदिर. शिवगंगा एवं बिलासी मार्ग : सीता होटल (शिवगंगा मार्ग), मिलन पैलेस, लक्ष्मीपुर चौक, हरिहर बाड़ी मोड़, बिलासी बजरंगबली मंदिर (विवाह भवन), बिलासी मोड़, और चार नंबर फाड़ी (बिलासी). विशेष बिंदु : चिल्ड्रेन पार्क. डायवर्जन-02 : शिवराम झा चौक, मानसिंघी, सम्राट होटल, हिन्दी विद्यापीठ, ड्रोलिया गली, भुरभुरा मोड़, दर्शनिया मोड़, हदहदिया पुल और तिवारी चौक. बिजली विभाग क्षेत्र : बिजली ऑफिस मोड़ और बिजली कोठी मोड़ (बाजला चौक मार्ग). आवासीय/बस्ती क्षेत्र : कानीजोर बस्ती मोड़ और पुरनदाहा दुर्गा मंदिर मोड़. ये भी पढ़ें… Deoghar news : निर्धारित रूट से ही निकलेगा जुलूस, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध बाबा और पार्वती मंदिर के शिखर से खुलेंगे पंचशूल, महाशिवरात्रि की तैयारी जोरों पर The post महाशिवरात्रि 2026: देवघर में इस दिन भारी वाहनों का प्रवेश बैन, यहां देखें पूरा रूट चार्ट appeared first on Naya Vichar.

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