Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गिरिधारी यादव की लोकसभा सदस्यता रहेगी बरकरार,जेडीयू को लगा झटका

Bihar Politics: बांका से सांसद गिरिधारी यादव की लोकसभा सदस्यता को रद्द करने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा लोकसभा स्पीकर को नोटिस दिए जाने के बावजूद उनकी सांसदी पर खतरा टलता नजर आ रहा है. उनकी सदस्यता रद्द होने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि संविधान के दलबदल विरोधी कानून के तहत यह मामला सीधे पार्टी के निर्णय पर नहीं चल सकता. संविधान के जानकारों और कानूनी एक्सपर्ट की मानें तो जेडीयू की यह राह इतनी आसान नहीं दिख रही है. कानून और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का कवच गिरिधारी यादव की सांसदी के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो सकता है. दलबदल विरोधी कानून के पेंच में उलझा मामला लोकसभा सदस्यता रद्द करने का अधिकार सीधे पार्टी के पास नहीं होता. संविधान की 10वीं अनुसूची, जिसे दलबदल विरोधी कानून कहा जाता है, केवल उन स्थितियों में सदस्यता खत्म कर सकती है जब कोई सदस्य खुद पार्टी छोड़ दे या पार्टी के व्हिप के खिलाफ वोट करे. इन मामलों में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष का होता है और वे नियमों से बंधे होते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने जी. विश्वनाथन और अमर सिंह के मामलों में स्पष्ट किया था कि यदि पार्टी किसी सांसद को निष्कासित कर दे, तब भी वह अपनी मूल पार्टी का सदस्य माना जाता है, जब तक वह किसी अन्य दल में शामिल नहीं होता. ऐसे में सांसद सदन में अनअटैच्ड सदस्य के रूप में बने रहते हैं. यह निर्णय गिरिधारी यादव के पक्ष में मजबूत आधार तैयार करता है. अमर सिंह और विश्वनाथन केस का हवाला गिरिधारी यादव के मामले में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले उनके सबसे बड़े रक्षक बन सकते हैं. जी. विश्वनाथन और अमर सिंह के चर्चित मामलों में शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि यदि कोई पार्टी अपने सांसद को निष्कासित भी कर देती है, तो भी वह सदन में ‘अनअटैच्ड’ सदस्य के रूप में बना रहता है. जब तक सांसद आधिकारिक तौर पर किसी दूसरे दल की सदस्यता ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक उसकी कुर्सी को खतरा नहीं होता. ऐसे में जेडीयू का नोटिस केवल एक नेतृत्वक दबाव बनाने का जरिया बनकर रह सकता है. नेतृत्व में बेटे के खिलाफ चुनाव लड़े जाने का मुद्दा जेडीयू ने गिरिधारी यादव के बेटे पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने 2025 विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था. यह आरोप पार्टी की नाराजगी का कारण बना है, लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब किसी नेता के परिजन ने दूसरे दल से चुनाव लड़ा हो. 2024 में महेश्वर हजारी और अशोक चौधरी के परिजनों ने भी अन्य दलों से चुनाव लड़ा था, इसके बावजूद उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जेडीयू का नोटिस नेतृत्वक दबाव जरूर बनाता है और संगठन में अनुशासन का संदेश देता है. लेकिन कानून और सुप्रीम कोर्ट के प्रीसेडेंट के आधार पर गिरिधारी यादव की लोकसभा सदस्यता सुरक्षित दिखाई देती है. Also Read: JDU सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ उतरे अपने ही पार्टी के नेता, कर दी अयोग्य ठहराने की मांग The post गिरिधारी यादव की लोकसभा सदस्यता रहेगी बरकरार,जेडीयू को लगा झटका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

साहिबगंज कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, छावनी में तब्दील हुआ परिसर

साहिबगंज से सुनील ठाकुर की रिपोर्ट Sahibganj Civil Court Bomb Threat: झारखंड के साहिबगंज स्थित व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. धमकी भरी ईमेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं. कोर्ट परिसर में मौजूद जज, अधिवक्ता और कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, एसडीपीओ, डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. देखते ही देखते पूरा कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील हो गया. सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए हर 5 फीट की दूरी पर जवानों की तैनाती की गई. बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की सघन जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया. टीमों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से कोर्ट परिसर के हर कोने की बारीकी से जांच की. संदिग्ध वस्तुओं की तलाश के लिए घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया. हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है. प्रवेश पर सख्ती, हर व्यक्ति की जांच एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर में प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित कर दिया गया. आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. उपायुक्त और अधिकारियों ने संभाली कमान घटना की जानकारी मिलते ही उपायुक्त हेमंत सती मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को हर स्तर पर सतर्क रहने का निर्देश दिया. प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा और पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है. तकनीकी जांच में जुटी एजेंसियां धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी टीमों को लगाया गया है. साइबर विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि मेल कहां से भेजी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके. क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और स्क्वॉड टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार की हताहत की सूचना नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. उपायुक्त ने दी शांति बनाए रखने की अपील उपायुक्त हेमंत सती ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर पहलू की जांच की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. इसे भी पढ़ें: धनबाद और लातेहार कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, झारखंड बार एसोसिएशन का हो रहा चुनाव इलाके में बढ़ी चौकसी घटना के बाद पूरे साहिबगंज और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. हालांकि अब तक किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है. इसे भी पढ़ें: रांची सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट कैंपस में पहुंची बीडीडीएस की टीम, देखें वीडियो The post साहिबगंज कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, छावनी में तब्दील हुआ परिसर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या पीएनजी है तेल संकट का समाधान, जानिए क्यों सरकार इसे कर रही है प्रमोट?

PNG vs LPG : ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. इस तनाव की वजह से पूरे विश्व के साथ–साथ हिंदुस्तान में भी तेल संकट गहराया है. इस संकट से बचने के लिए प्रशासन ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया, जिसके तहत उन क्षेत्रों के लोगों के लिए पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा, जहां पाइपलाइन बिछी हुई है. इसका मतलब यह हुआ कि जहां पीएनजी की पाइपलाइन है, वहां के लोगों को एलपीजी का सिलेंडर नहीं मिलेगा. प्रशासन के इस नये निर्देश का फायदा क्या होगा और एलपीजी और पीएनजी में क्या है अंतर? आइए समझते हैं. सबसे पहले जानें PNG और LPG में क्या है फर्क? पहलू PNG (Piped Natural Gas) LPG (Liquefied Petroleum Gas) स्रोत प्राकृतिक गैस (मीथेन) पेट्रोलियम से बनी (प्रोपेन + ब्यूटेन) सप्लाई तरीका पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक सिलेंडर के माध्यम से उपलब्धता लगातार (continuous supply) खत्म होने पर रिफिल जरूरी उपयोग में सुविधा ज्यादा सुविधाजनक (no refill tension) कम सुविधाजनक (बार-बार सिलेंडर लेना) सुरक्षा ज्यादा सुरक्षित (हवा से हल्की, ऊपर उड़ जाती है) कम सुरक्षित (हवा से भारी, नीचे जमा होती है) लीकेज का असर जल्दी फैल जाती है, खतरा कम नीचे जमा होकर खतरा बढ़ाती है लागत (Cost) आमतौर पर सस्ती तुलनात्मक रूप से महंगी पीएनजी (Piped Natural Gas) और LPG (Liquefied Petroleum Gas) दोनों ही प्रमुख घरेलू ईंधन हैं, लेकिन इनके स्रोत अलग–अलग हैं. पीएनजी मीथेन आधारित प्राकृतिक गैस है, जबकि एलपीजी में प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है. एलपीजी को सिलेंडर में भरकर ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है, जबकि पीएनजी की सप्लाई पाइपलाइन से होती है. इसी वजह से पीएनजी की सेवा बाधित नहीं होती है, जबकि एलपीजी के सिलेंडर को गैस खत्म होने के बाद रिफिल करवाना पड़ता है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी पीएनजी को ज्यादा बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें मीथेन होता है, जो हवा से हल्की होती है और लीक होने पर तेजी से ऊपर जाती है और हवा में फैल जाती है. एलपीजी की गैस हवा से भारी होती है और लीक होने पर नीचे जमा हो जाती है, जिससे आग लगने का खतरा ज्यादा होता है. पीएनजी का एक फायदा यह भी है कि यह एलपीजी की अपेक्षा सस्ता पड़ता है. पीएनजी का इस्तेमाल बढ़ाने से क्या होगा फायदा? प्रशासन अगर देश में पीएनजी का उपयोग अभी बढ़ाती है, तो खाड़ी युद्ध की स्थिति में हिंदुस्तान को इसका फायदा मिलेगा. हिंदुस्तान अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसका लगभग 80% खाड़ी देशों से हिंदुस्तान आता है. युद्ध की स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से आवागमन बाधित है. इस परिस्थिति में तेल संकट ना हो इससे बचने के लिए प्रशासन ने पीएनजी कनेक्शन को विस्तार देने का सोचा है, जो बहुत ही जरूरी कदम साबित हो सकता है. इससे तेल संकट कम होगा और महंगाई भी नियंत्रण में रहेगी. क्या पीएनजी के मामले में आत्मनिर्भर है हिंदुस्तान? प्रशासन ने पीएनजी पर जोर इसलिए दिया है क्योंकि इसका आयात खाड़ी देशों से नहीं होता है. हालांकि पीएनजी के मामले में भी हिंदुस्तान आत्मनिर्भर नहीं है. अभी पीएनजी की जरूरत का लगभग 50% हिस्सा आयात होता है, बाकी हिंदुस्तान में उत्पादन होता है. पीएनजी का ज्यादातर आयात हिंदुस्तान कतर से करता है, युद्ध की स्थिति में हिंदुस्तान रूस, अमेरिका और आस्ट्रेलिया से आयात बढ़ा सकता है. इस कदम से एलपीजी पर निर्भरता कुछ कम होगी और हिंदुस्तान तेल संकट से पड़ने वाले झटके को कुछ हद तक कम कर पाएगा. ये भी पढ़ें : ईरान ने दी धमकी, हमले जारी रहें तो बाब अल मंदेब स्ट्रेट भी होगा बंद, गहराएगा तेल संकट ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब  अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा The post क्या पीएनजी है तेल संकट का समाधान, जानिए क्यों प्रशासन इसे कर रही है प्रमोट? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्रेडिंग हुई महंगी: जीरोधा ने चुनिंदा F&O ट्रेड्स पर ब्रोकरेज दोगुनी की, अब ₹20 के बजाय लगेंगे ₹40

Zerodha brokerage charges: हिंदुस्तान के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स में से एक, जीरोधा ने अपने ट्रेडिंग चार्ज में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. 1 अप्रैल 2026 से कंपनी चुनिंदा इंट्राडे डेरिवेटिव्स (F&O) ट्रेड्स के लिए ब्रोकरेज को ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति ऑर्डर करने जा रही है. यह कदम जीरोधा के उस पुराने ‘लो-कॉस्ट’ मॉडल से एक बड़ा बदलाव है, जिसने सालों तक रिटेल इन्वेस्टर्स को अपनी ओर आकर्षित किया था. आगे बढ़ने से पहले ये जान लेते है कि (F&O) क्या होता है. F&O का पूरा नाम Futures and Options (वायदा और विकल्प) है. यह शेयर बाजार का एक खास हिस्सा है जिसे ‘डेरिवेटिव मार्केट’ कहा जाता है. आसान भाषा में समझें तो इसमें आप सीधे किसी कंपनी का शेयर नहीं खरीदते, बल्कि उस शेयर की भविष्य की कीमत पर सौदा (Contract) करते हैं. यह कैसे काम करता है ? मान लीजिए आज Reliance के शेयर की कीमत ₹2,500 है. आपको लगता है कि अगले महीने इसकी कीमत ₹2,700 हो जाएगी. नॉर्मल मार्केट में आप ₹2,500 देकर एक शेयर खरीदेंगे और F&O मार्केट में आप पूरा पैसा देने के बजाय सिर्फ थोड़ा सा ‘मार्जिन’ (जैसे ₹500) देकर एक कॉन्ट्रैक्ट करेंगे कि आप अगले महीने इस शेयर को एक तय कीमत पर खरीदेंगे या बेचेंगे. फ्यूचर और ऑप्शन में अंतर F&O के दो हिस्से होते हैं. फ्यूचर्स (Futures): इसमें खरीदार और बेचने वाला दोनों एक लीगल एग्रीमें में आ जाते हैं. तय तारीख (Expiry) पर आपको वह सौदा पूरा करना ही पड़ता है, चाहे फायदा हो या नुकसान. ऑप्शंस (Options): इसमें खरीदार के पास अधिकार होता है, लेकिन मजबूरी नहीं. अगर सौदा आपके पक्ष में नहीं जा रहा, तो आप उसे छोड़ सकते हैं. इसमें आपको सिर्फ ‘प्रीमियम’ (एक छोटी फीस) गंवानी पड़ती है. किन ट्रेडर्स पर गिरेगी गाज ? बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार ब्रोकरेज में यह बढ़ोतरी सभी ग्राहकों के लिए नहीं है. यह बढ़ी हुई फीस केवल उन ट्रेडर्स पर लागू होगी जो सेबी (SEBI) के 50 प्रतिशत कैश कोलैटरल (Cash Collateral) नियम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. पहले जीरोधा इस अंतर या गैप को अपनी ओर से कवर कर लेता था, लेकिन अब रेगुलेटरी लागत बढ़ने के कारण कंपनी ने यह बोझ सीधे उन ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है जो पर्याप्त कैश मार्जिन नहीं रख रहे हैं. 1 अप्रैल से ब्रोकरेज भी बढ़ेगी और टैक्स भी ट्रेडर्स के लिए अप्रैल का महीना आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है. एक तरफ जहां जीरोधा ने अपनी फीस बढ़ाई है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने STT (Security Transaction Tax) में भी भारी इजाफा कर दिया है. फ्यूचर्स (Futures) पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस प्रीमियम (Options) पर इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है. जीरोधा के मुनाफे और रेवेन्यू में गिरावट जीरोधा द्वारा फीस बढ़ाने के इस फैसले के पीछे कंपनी के गिरते वित्तीय आंकड़े (Financial Statistics) एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं. पिछले 15 सालों में पहली बार फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 11.5% और नेट प्रॉफिट 22.9% गिरकर ₹4,237 करोड़ पर आ गया है. चूंकि जीरोधा की कुल कमाई का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा केवल F&O ट्रेडिंग फीस से आता है, इसलिए गिरते ट्रेडिंग वॉल्यूम और सख्त होते नियमों के बीच अपनी इनकम को स्थिर रखने के लिए कंपनी को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है. बाजार पर क्या होगा असर ? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रोकरेज और टैक्स में इस सामूहिक बढ़ोतरी का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. फरवरी 2026 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंडेक्स ऑप्शंस का औसत डेली टर्नओवर ₹68,500 करोड़ (प्रीमियम) के करीब था. लागत बढ़ने से छोटे रिटेल निवेशक अब बाजार से दूरी बना सकते हैं या अपने ट्रेड की संख्या कम कर सकते हैं. यह भी संभावना जताई जा रही है कि जीरोधा के इस कदम के बाद इंडस्ट्री के अन्य डिस्काउंट ब्रोकर्स भी अपनी कीमतों में इसी तरह का बदलाव कर सकते हैं. शुल्क का प्रकार पुराना (Old) नया (New – 1 April) जीरोधा ब्रोकरेज ₹20 प्रति ऑर्डर ₹40 (चुनिंदा ट्रेड्स पर) STT (Futures) 0.02% 0.05% STT (Options) 0.1% 0.15% Also Read: LPG छोड़ PNG अपनाने का आदेश, आम आदमी की जेब को कैसे मिलेगी बड़ी राहत ? The post ट्रेडिंग हुई महंगी: जीरोधा ने चुनिंदा F&O ट्रेड्स पर ब्रोकरेज दोगुनी की, अब ₹20 के बजाय लगेंगे ₹40 appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में पहली बार मतदान कर्मी बनेंगे डॉक्टर, चुनाव आयोग ने लगा दी ड्यूटी

मुख्य बातें अब तक 49 डॉक्टरों की लगी ड्यूटी नहीं ली जायेगी बरखस्त शिक्षकों की सेवा Bengal Election: कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए इस बार चुनाव आयोग ने एक अभूतपूर्व निर्णय लिया है. इस बार मतदान में डॉक्टरों की सेवा भी ली जायेगी. प्रशासनी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के नाम पर भी पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र आए हैं. प्रशासनी अस्पतालों में पहले से ही मरीजों का भारी दबाव है. कई मामलों में अस्पतालों में वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतें भी हैं, लेकिन इस बार आशंका थी कि अगर डॉक्टरों को चुनाव कार्य के लिए नियुक्त किया गया, तो अस्पतालों में रोगी सेवाओं में और अधिक बाधा आ सकती है. आयोग ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों को पोलिंग ड्यूटी के लिए अतिरिक्त सूचना (डीओ) दी गई थी. अब तक 49 डॉक्टरों की लगी ड्यूटी सोमवार को आयोग ने आरामबाग स्थित प्रफुल्ल चंद्र सेन प्रशासनी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के 49 डॉक्टरों को मतदान कार्य में शामिल होने के लिए पत्र भेजे. सहायक प्रोफेसरों सहित विभिन्न विभागों के डॉक्टरों को मतदान कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि संविदा कर्मचारियों को मतदान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. लेकिन फिर भी, मतदान के लिए संविदा कर्मचारियों को नियुक्त करने के आरोप लगे. इस मामले में, राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट का तबादला कर दिया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नहीं ली जायेगी बरखस्त शिक्षकों की सेवा चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि जिन शिक्षकों की नौकरी चली गई है, उन्हें मतदान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. आयोग ने आदेश दिया है कि जिन शिक्षकों पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो चुके हैं, उन्हें मतदान संबंधी कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती. हालांकि, यह मुद्दा सामने आने के बाद कई बेरोजगार शिक्षकों को मतदान की जिम्मेदारी दे दी गई है. ऐसे में आयोग का स्पष्टीकरण यह है कि उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई, क्योंकि उनके रिकॉर्ड में पुराना डेटा दर्ज है. हालांकि, इन पुराने रिकॉर्ड को जल्द ही हटाया जा रहा है. Also Read: बंगाल में चुनाव आयोग का एक और तबादला लिस्ट, भवानीपुर समेत 73 रिटर्निंग ऑफिसर बदले The post बंगाल में पहली बार मतदान कर्मी बनेंगे डॉक्टर, चुनाव आयोग ने लगा दी ड्यूटी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पटना हॉस्टल कांड: पॉक्सो कोर्ट ने CBI से मांगी जांच रिपोर्ट, 30 मार्च को फिर होगी सुनवाई

Patna NEET Student Death Case: पटना के चर्चित नीट (NEET) छात्रा मौत मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से अब तक की जांच का पूरा कच्चा चिट्ठा मांगा है. कोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि डेढ़ महीने की लंबी जांच में आखिर क्या हासिल हुआ? सीसीटीवी फुटेज और सबूत में अब तक क्या मिला है? इस आदेश के बाद अब सीबीआई को 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिससे मामले में खुलासे की संभावना बढ़ गई है. जांच का हाल और सीबीआई की भूमिका नीट छात्रा की मौत के बाद मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी. जहानाबाद के गांव से हॉस्टल पहुंचने के अगले दिन 6 जनवरी को छात्रा बेहोश मिली और बाद में अस्पतालों में इलाज के बावजूद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. सबसे पहले एफआईआर चित्रगुप्त नगर थाने में 9 जनवरी को दर्ज की गई. राज्य प्रशासन की सिफारिश पर एसआईटी गठित हुई और हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को 16 जनवरी को गिरफ्तार किया गया. हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर नहीं लिया गया. बाद में 12 फरवरी को सीबीआई ने हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले लिया. कहां अटकी है सीबीआई की जांच? पॉक्सो की विशेष अदालत के न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने सीबीआई से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट यह जानना चाहता है कि जांच की वर्तमान स्थिति क्या है और अब तक कौन-कौन से ठोस सबूत जुटाए गए हैं. सवाल हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की रिमांड को लेकर भी उठा है. परिजनों के वकील एसके पांडेय ने अदालत में आवेदन देकर सवाल उठाया था कि आखिर इतनी गंभीर धाराओं के बावजूद अब तक मुख्य आरोपी से गहन पूछताछ क्यों नहीं की गई? कोर्ट ने सबूत और मोबाइल लोकेशन की रिपोर्ट पर भी जवाब तलब किया है. क्या छिपा रहा है हॉस्टल मालिक? परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के मोबाइल लोकेशन की जांच से कई राज खुल सकते हैं. एसआईटी और अब सीबीआई, दोनों ने ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जो अब कोर्ट के रडार पर है. फिलहाल आरोपी बेऊर जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है. 30 मार्च को अदालत में सुनवाई होगी और इस दौरान जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी. Also Read: रामनवमी के दिन सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा, बिहार-झारखंड के छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता The post पटना हॉस्टल कांड: पॉक्सो कोर्ट ने CBI से मांगी जांच रिपोर्ट, 30 मार्च को फिर होगी सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Tum Se Tum Tak: अनु की लोरी से पिघला आर्य, आग ने हर्ष का प्रोजेक्ट जलाया

Tum Se Tum Tak: सीरियल के लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु और आर्य के फोन पर बातचीत करते हैं. आर्य पूछता है कि अनु अभी तक सोई क्यों नहीं, तो वह बताती है कि उसने हर्ष को लोरी सुनाकर सुलाया है. इस पर आर्य हल्के अंदाज में शिकायत करता है कि उसने कभी उसके लिए नहीं गाया. अनु मुस्कुराते हुए उसी समय उसे लोरी सुनाती है. यह सीन काफी सॉफ्ट और दिल छू लेने वाला है, जिसमें कुछ समय के लिए ऐसा लगता है कि सब कुछ ठीक हो गया है. मीरा की साजिश  दूसरी तरफ रघु, मीरा को कंबल बनाने वाले नए काम के बारे में बताता है. यह सुनकर मीरा नाराज हो जाती है और साफ कह देती है कि वह किसी भी कीमत पर हर्ष और अनु को सफल नहीं होने देगी.  मीरा के कहने पर रघु एक खतरनाक कदम उठाता है. वह उन कंबलों से भरे बॉक्स में आग लगा देता है. आग सबसे पहले अनु देखती है और तुरंत सबको आवाज लगाकर अलर्ट करती है. माहौल अचानक अफरा-तफरी में बदल जाता है. वहीं, फोन पर मौजूद आर्य को भी कुछ गड़बड़ का अंदाजा हो जाता है और वह परेशान हो जाता है.  जानें पिछले एपिसोड में क्या दिखाया गया  तुम से तुम तक के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि कई मुश्किलों के बाद भी अनु हार नहीं मानती और हर्ष के लिए एक नया रास्ता निकालती है. वह सस्ती साड़ियों को कंबल में बदलने का काम शुरू करती है और आसपास की स्त्रीओं को भी इसमें शामिल कर लेती है. धीरे-धीरे यह एक छोटा ग्रुप बन जाता है, जहां सब मिलकर काम करते हैं. इस बीच हर्ष में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. पैसे बांटने की जिम्मेदारी मिलने पर वह शांत तरीके से सबकी बात सुनकर सही फैसला करता है. वहीं, आर्य और अनु के बीच एक प्यारा सा रोमांटिक पल भी आता है, जब आर्य मजाक में कंबल लेकर भागता है और अनु उसे पकड़ने दौड़ती है.  यह भी पढ़ें– KSBKBT 2: नकुल का सरेंडर, कोर्ट में आया चौंकाने वाला मोड़ The post Tum Se Tum Tak: अनु की लोरी से पिघला आर्य, आग ने हर्ष का प्रोजेक्ट जलाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार बोर्ड 10वीं के लिए टॉपर्स वेरिफिकेशन जारी, इन वेबसाइट्स पर आएगा रिजल्ट

BSEB 10th Result 2026: बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड टॉपर्स वेरिफिकेशन के बाद मार्कशीट अपलोड करना शुरू कर देता है. बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट- biharboardonline.bihar.gov.in पर 10वीं का फाइनल रिजल्ट जारी होगा. राज्य के 15 लाख से ज्यादा छात्रों को बिहार बोर्ड हाईस्कूल के रिजल्ट का इंतजार है. बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट और किन-किन वेबसाइट्स पर आएगा इसकी लिस्ट यहां देख सकते हैं. BSEB 10th Result 2026 Websites: इन वेबसाइट्स पर मिलेगी मार्कशीट matricbiharboard.com results.biharboardonline.com secondary.biharboardonline.com थर्ड पार्टी वेबसाइट पर मिलेगी Bihar Board 10वीं की मार्कशीट बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट ऊपर बताए वेबसाइट्स के अलावा थर्ड पार्टी वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं. थर्ड पार्टी वेबसाइट- indiaresults.com भी बिहार बोर्ड का रिजल्ट होस्ट करता है. हालांकि, यह वेबसाइट बिहार बोर्ड की ऑफिशियल नहीं है लेकिन इसपर छात्रों की सब्जेक्ट वाइज पूरी मार्कशीट मिल जाती है. इस वेबसाइट पर छात्र पहले भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड (BSEB) अपने ऑफिशियल X हैडल पर रिजल्ट की जानकारी देता है. इसके लिए छात्र @officialbseb को फॉलो कर सकते हैं. रिजल्ट जारी होने के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी दी जाती है. कहां होता है Bihar Board टॉपर्स वेरिफिकेशन? बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई थी. बोर्ड एग्जाम खत्म होने के बाद कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया खत्म होते ही टॉपर्स वेरिफिकेशन शुरू हो जाता है. टॉपर्स लिस्ट में शामिल होने वाले छात्रों को पटना के BSEB ऑफिस बुलाया जाता है. बिहार बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी 10वीं की मार्कशीट ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. हालांकि असली मार्कशीट और सर्टिफिकेट उन्हें अपने स्कूल से ही मिलेगा. इसके लिए छात्रों को अपने स्कूल जाकर उसे प्राप्त करना होगा. यह भी पढ़ें: स्टूडेंट्स हुए थे पास, जानिए इस बार कब आएगा 10वीं का रिजल्ट The post बिहार बोर्ड 10वीं के लिए टॉपर्स वेरिफिकेशन जारी, इन वेबसाइट्स पर आएगा रिजल्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रिपोर्ट में दावा: US के 13 ठिकाने हुए तबाह, ईरानी मिसाइलों के डर से होटलों में छिपे अमेरिकी सैनिक

Iran Missile: इस वजह से अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित जगहों जैसे होटलों और ऑफिसों में शरण लेनी पड़ रही है. एक्सपर्ट्स इसे ‘रिमोट वॉरफेयर’ कह रहे हैं, जहां जमीन पर मौजूद सैनिक अस्थायी ठिकानों से काम कर रहे हैं, जबकि हवाई ऑपरेशन चालू हैं. कुवैत में सबसे ज्यादा नुकसान  न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि मिडिल ईस्ट के 13 अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. सबसे ज्यादा असर कुवैत में देखा गया है, जो ईरान के करीब है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कुवैत के पोर्ट शुवैबा, अली अल सलेम एयर बेस और कैंप बुहरिंग पर ईरानी हमलों ने ऑपरेशनल सेंटर, एयरक्राफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूल सिस्टम को बर्बाद कर दिया है. इससे सेना की सप्लाई चेन और सैनिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. कतर और सऊदी अरब के बेस भी निशाने पर ईरान ने यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में की है. अल उदेद एयर बेस (कतर), जो अमेरिकी सेंट्रल कमांड का हेडक्वार्टर है, वहां का अर्ली-वार्निंग रडार सिस्टम ईरानी हमले में टूट गया है. बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर के कम्युनिकेशन इक्विपमेंट्स और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर रिफ्यूलिंग टैंकर्स को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ने भी ईरान के अंदर हजारों ठिकानों को निशाना बनाया है और उनका अभियान जारी रहेगा. सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटकते सैनिक मिलिट्री एक्सपर्ट वेस जे ब्रायंट ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि सैनिकों को बेस से हटाकर अलग-अलग जगहों पर रखने से तालमेल बिठाने में दिक्कत आ रही है और रिस्पॉन्स टाइम भी धीमा हो गया है. इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आम लोगों से अपील की है कि वे छिपे हुए अमेरिकी सैनिकों की लोकेशन बताएं. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सैनिक रिहायशी इलाकों में छिप रहे हैं. वहीं, अमेरिका अब यूरोप और अन्य देशों में अपने सैनिकों को शिफ्ट कर रहा है. ईरान की चेतावनी: ‘अपने बच्चों को नर्क न भेजें’ IRGC ने एक बयान जारी कर अमेरिका और इजरायल को जमीन पर युद्ध न शुरू करने की चेतावनी दी है. बयान में कहा गया है कि ट्रंप और नेतन्याहू के बहकावे में आकर सैनिक ईरान की जमीन पर न आएं, वरना वे यहां (ईरान) के ‘करोड़ों लोगों के भीड़ में डूब जाएंगे. आईआरजीसी ने दावा किया कि उन्होंने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के तहत इजरायल के हाइफा, डिमोना और तेल अवीव जैसे 70 से ज्यादा ठिकानों पर ‘इमाद’ और ‘खोर्रमशहर-4’ जैसी सटीक मिसाइलें दागी हैं. ये भी पढ़ें: ईरान की चेतावनी: नेतन्याहू-ट्रंप के झांसे में आकर बच्चों को मौत के मुंह में न धकेलें, हमलावर सैनिक डूबकर गायब हो जाएंगे पेंटागन अपनी 82nd एयरबोर्न डिवीजन को भेजने की तैयारी कर रहा सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन अब मिडिल ईस्ट में अपनी 82nd एयरबोर्न डिवीजन (अमेरिकी सेना की एक एलीट ‘रैपिड रिस्पॉन्स’ यूनिट है, जो दुनिया में कहीं भी हवाई हमले या इमरजेंसी की स्थिति में पैराशूट के जरिए बहुत कम समय में तैनात होने में माहिर है) के सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है. एएनआई के अनुसार, अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमले की योजना बना रहा है. ईरान का दावा है कि इस युद्ध में अब तक उन्होंने 700 मिसाइलें और 3,600 ड्रोन दागे हैं, जबकि अमेरिका के 200 विमानों और क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है. ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने प्रेस टीवी से कहा कि वे किसी भी समझौते या युद्धविराम के मूड में नहीं हैं और अपनी ‘प्रतिरोध’ की नीति पर कायम रहेंगे. ये भी पढ़ें: रिपोर्ट में दावा: ईरान ने खार्ग आइलैंड पर बिछाया बारूदी जाल, US ने भेजे हजारों घातक कमांडो The post रिपोर्ट में दावा: US के 13 ठिकाने हुए तबाह, ईरानी मिसाइलों के डर से होटलों में छिपे अमेरिकी सैनिक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रणवीर सिंह का गेटअप बन गया विवाद का कारण, फिल्म फंसी कानूनी जाल में

Dhurandhar 2: आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ (Dhurandhar 2: The Revenge) रिलीज के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है. रणवीर सिंह, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और आर माधवन जैसे स्टार्स की फिल्म ने महज सात दिनों में 1000 करोड़ क्लब में जगह बना ली है. फैंस और क्रिटिक्स दोनों ने फिल्म की एक्टिंग, एक्शन और स्टोरीलाइन की जमकर तारीफ की है. लेकिन इसी बीच एक ऐसा विवाद उठ चुका है जिसने फिल्म और फिल्ममेकर्स दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है. FIR किसने दर्ज कराई? मुलुंड पुलिस स्टेशन में 17 मार्च 2026 को ‘सिख्स इन महाराष्ट्र’ नामक संगठन ने फिल्म के मेकर्स और रणवीर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराई. संगठन का आरोप है कि फिल्म के प्रमोशनल पोस्टर में रणवीर सिंह को सिख पहचान के प्रतीक- पगड़ी, लंबी दाढ़ी और कड़ा के साथ सिगरेट पकड़े दिखाया गया है, जो उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है. सिख समुदाय का आरोप और विवाद संगठन ने डायरेक्टर आदित्य धर और लीड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत की. सोशल मीडिया और एक्सपर्ट्स के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या असल जिंदगी में कुछ सिख लोग पगड़ी और कड़ा पहनकर सिगरेट या शराब का सेवन नहीं करते? अगर करते हैं, तो फिल्म में इस दृश्य से वाकई में धार्मिक भावनाओं को नुकसान हुआ है या नहीं, यह बहस का विषय बन गया है. फिल्म की सफलता और रिकॉर्ड जहां एक ओर फिल्म विवादों में फंसी है, वहीं बॉक्स ऑफिस पर यह लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है. फिल्म ने पहले सात दिनों में ही कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए. रणवीर सिंह की दमदार एक्टिंग, हाई-ऑक्टेन एक्शन और स्टार कास्ट की केमिस्ट्री ने इसे दर्शकों के लिए मनोरंजन का पैकेज बना दिया. आगे क्या होगा? FIR और विवाद के बीच अब यह देखना होगा कि मेकर्स इसे कैसे हैंडल करते हैं और क्या इस विवाद का फिल्म की कमाई और लोकप्रियता पर कोई असर पड़ेगा. यह भी पढ़ें: ‘धुरंधर 2’ के सामने फीकी पड़ी ‘उस्ताद भगत सिंह’, कमाई पर पड़ा असर, 7वें दिन की कमाई में भारी गिरावट The post रणवीर सिंह का गेटअप बन गया विवाद का कारण, फिल्म फंसी कानूनी जाल में appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top