Hot News

Bhabiji Ghar Par Hain Review:फूहड़ कॉमेडी बनकर रह गयी है

फिल्म – भाबीजी घर पर हैं..फन ऑन द रन

निर्माता -संजय कोहली और बिनेफर कोहली 

निर्देशक -शशांक बाली 

कलाकार – आसिफ शेख,रोहिताश्व गौर, शुभांगी अत्रे ,विदिशा श्रीवास्त्व, रवि किशन, मुकेश तिवारी, दिनेश लाल यादव निरहुआ,योगेश त्रिपाठी, बृजेन्द्र कालरा ,सानंद वर्मा,वैभव माथुर, सलीम जैदी और अन्य 

प्लेटफार्म -सिनेमाघर

रेटिंग -डेढ़
 

bhabiji ghar par hain review:टेलीविज़न के कुछ चुनिंदा लोकप्रिय शोज ऐसे रहे हैं, जिन पर फिल्में बनी हैं. खिचड़ी और ऑफिस ऑफिस के बाद इस चुनिंदा फेहरिस्त में भाबीजी घर पर हैं का नाम जुड़ गया है. फिल्म में टीवी के ही सभी चेहरे हैं, जिससे फिल्म को देखते हुए नॉस्टेलजिया तो होती है लेकिन कमजोर कहानी और ट्रीटमेंट की वजह से फिल्म ना सिर्फ एंटरटेन करने में नाकामयाब रही है बल्कि यह कॉमेडी फिल्म फूहड़ कॉमेडी बनकर रह गयी है.

ये है कहानी 

कहानी की बात करें तो छोटे परदे पर मनमोहन तिवारी (रोहिताश्व गौर )और विभूति मिश्रा (आसिफ शेख ) पडोसी हैं। दोनों एक दूसरे की पत्नी अंगूरी (शुभांगी अत्रे )और अनीता (विदिशा श्रीवास्तव) को पसंद करते हैं. यहाँ भी कहानी वही है,लेकिन फिल्म की कहानी में दो गैंगस्टर भाइयों शांति (रवि किशन ) और कांति (मुकेश तिवारी )की एंट्री हो गयी है. हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि ये दोनों भाई मनमोहन तिवारी और विभूति मिश्रा की पत्नियों को ना सिर्फ पसंद करने लगे हैं, बल्कि उनसे शादी करना चाहते हैं. जिसके बाद गलतफहमी ,भागदौड़ और उथल पुथल मच जाती है.जिसमें सारे किरदार अलग अलग सिचुएशन से गुजरते हैं. क्या विभूति और मनमोहन इन दोनों गैंगस्टर भाइयों से अपने परिवार को बचा पाएंगे.यही आगे की कहानी है

फिल्म की खूबियां और खामियां 

छोटे परदे के लोकप्रिय शोज फिल्मों के तौर पर हमेशा टिकट खिड़की पर असफल हुए हैं. इसके बावजूद जब भाबीजी घर पर हैं.. फन ऑन द रन की घोषणा हुई तो उम्मीद थी कि शायद इस बार दर्शकों के सामने यह फार्मूला चल निकले,लेकिन अफ़सोस लगातार 11 साल से टेलीविज़न पर ऑन एयर रहने वाले इस शो के मेकर्स ने फिल्म के नाम पर लचर कहानी ही नहीं बल्कि फूहड़ कॉमेडी परोस दी है. फिल्म के सब प्लॉट ने कहानी के रनटाइम को बढ़ाने के साथ -साथ  कलाकारों की भीड़ भी बढ़ा दी है.जो सिर्फ कलाकारों की  पॉपुलैरिटी को भुनाने की कोशिश है क्योंकि फिल्म के नरेटिव में वह कुछ ज्यादा जोड़ नहीं पाए हैं. कहानी में हॉरर एलिमेंट वाला ट्रैक भी बेतुका सा लगता है.यह एक कॉमेडी फिल्म है लेकिन मुश्किल से कुछ एक दृश्यों में ही हंसी आती है. टीवी सीरियल में एडल्ट हूयमर है,लेकिन फिल्म में ह्यूमर के नाम पर फूहड़ता परोसी गयी है. मामा का पैंट में खाना छिपाकर ले जाना हो या विभूति की सर्जरी वाला दृश्य. रही सही कसर टॉयलेट ह्यूमर वाले जोक्स पूरी कर देते हैं.तकनीकी तौर पर टीवी से अलग करने के नाम पर सेट से बाहर निकलकर फिल्म आउटडोर शूट हुई है, लेकिन यह पूरी तरह से टीवी शो का फील लिए हुए ही है.फिल्म का हर फ्रेम टीवी शो की ही याद दिलाता है. बाकी के पहलू औसत हैं

कलाकारों का अभिनय थोड़ी राहत देता है 

अभिनय की बात करें तो यही एकमात्र पहलू फिल्म का राहत वाला है. इस फिल्म के मुख्य चेहरे टीवी वाले ही हैं.आसिफ शेख, रोहिताश्व, शुभांगी और विदिशा.जिससे वे  अपने -अपने परिचित किरदारों में पूरी तरह से रचे बसे नज़र आये हैं.नए चेहरों में रवि किशन और मुकेश ऋषि की अहम भूमिका है. स्क्रिप्ट कमजोर थी लेकिन उन्होंने अपने अभिनय से पूरी तरह से न्याय किया है . सानंद वर्मा ,योगेश त्रिपाठी अपने अभिनय से कुछ कुछ जगहों पर हँसाने में कामयाब हुए हैं। दिनेश लाल यादव को ऐसी हिंदी फिल्मों से बचने की जरूरत है. बाकी के किरदारों को भी कमजोर स्क्रिप्ट ने कुछ ख़ास करने का मौका नहीं दिया है. 

The post Bhabiji Ghar Par Hain Review:फूहड़ कॉमेडी बनकर रह गयी है appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top