Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू हुआ. लेकिन विपक्षी बीजद और कांग्रेस विधायकों के हंगामे के कारण प्रथमार्ध की बैठक प्रभावित हुई. बीजू जनता दल के विधायकों ने बीजू पटनायक के अपमान से जुड़े मुद्दे उठाये, तो वहीं कांग्रेस के विधायकों ने राज्य में स्त्रीओं की असुरक्षा पर हंगामा किया. विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी को बार-बार बैठक स्थगित करनी पड़ी. इस वजह से आज पहले आधे सत्र में प्रश्नकाल और अन्य कार्य नहीं हो सके.
बीजद व कांग्रेस विधायकों ने पोडियम पर चढ़ने का प्रयास किया
विधानसभा में गृह कार्य 10:30 बजे शुरू होने से पहले ही बीजू जनता दल और कांग्रेस के विधायक अपने मुद्दों को लेकर हंगामा करने लगे. बीजद विधायक बीजू बाबू के अपमान का विरोध कर रहे थे, जबकि कांग्रेस विधायक राज्य में स्त्री सुरक्षा की स्थिति को लेकर विरोध कर रहे थे. बीजू जनता दल के विधायकों ने आरोप लगाया कि पंचायतीराज दिवस को बीजू बाबू की जयंती पांच मार्च से बदल कर उनका अपमान किया गया है. कांग्रेस विधायकों का कहना था कि भाजपा की प्रशासन आने के बाद राज्य में स्त्रीएं असुरक्षित हो गयी हैं. इन दोनों मुद्दों को लेकर विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के पोडियम के सामने नारेबाजी करने के साथ-साथ पोडियम पर चढ़ने का प्रयास करते देखे गये. इसके बाद, अध्यक्ष ने बार-बार विपक्षी दलों के विधायकों से शांत रहने की अपील की, लेकिन वे शांत नहीं हुए. इसके कारण, आज पहले आधे सत्र में कोई सवाल-उत्तर सत्र और अन्य कार्य नहीं हो सके.
विधायक शांत नहीं हुए, तो अध्यक्ष ने शाम 4:00 बजे तक कार्य स्थगन की घोषणा की
विधानसभा में गृह कार्य 12:00 बजे फिर से शुरू होने के बाद भी वही समान स्थिति उत्पन्न हुई. बीजद और कांग्रेस के विधायक फिर से अपने मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे थे. इसके बाद, अध्यक्ष ने उनसे शांत रहने का अनुरोध किया, लेकिन विरोधी विधायकों ने उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया. इस कारण, अध्यक्ष को गृह कार्य अपराह्न 4:00 बजे तक स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी. उल्लेखनीय कि राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत शुक्रवार से हुई है. इस चरण में आगामी 10 से 28 मार्च तक बजट में आवंटित किये गये विभिन्न विभागों के खर्चों पर चर्चा होगी. 30 मार्च को रविवार और 31 मार्च को इद-उल-फितर की छुट्टी होने के कारण 29 मार्च को विनियोग विधेयक पारित किया जायेगा. ज्ञात हो कि बजट सत्र का पहला चरण 13 से 21 फरवरी तक चला था.
बीजू बाबू और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने दिया धरना
कांग्रेस सदस्यों ने पिछले साल जून में ओडिशा में भाजपा प्रशासन के सत्ता में आने के बाद राज्य में स्त्रीओं के खिलाफ अपराध में कथित वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद सदस्यों ने बीजू पटनायक की प्रतिमा के पास धरना दिया, जबकि कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए आठ बार के बीजद विधायक रणेंद्र प्रताप स्वांई ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन ने बीजू पटनायक का अपमान किया है और ओडिशा के लोग धरती के महान सपूत पर इस तरह के हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. स्वांई ने आरोप लगाया कि यह ओड़िया अस्मिता का सीधा अपमान है. पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू ने कहा कि बीजद सदन के अंदर और बाहर तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी जब तक राज्य प्रशासन अपना फैसला वापस नहीं ले लेती.
स्त्रीओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो
कांग्रेस नेता कदम ने कहा कि हमारी मुख्य मांग राज्य में स्त्रीओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. भाजपा के सिर्फ आठ महीने के शासन में राज्य में स्त्रीओं के खिलाफ 1,600 अपराध दर्ज किये गये हैं. 2024 तक ओडिशा से 36,420 स्त्रीओं और लड़कियों के लापता होने की सूचना मिली है.
बीजद का भाजपा पर बीजू बाबू की विरासत मिटाने के प्रयास का आरोप
सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजद सदस्यों ने मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली प्रशासन के खिलाफ नारे लगाये और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की जयंती के दिन पांच मार्च को पंचायती राज दिवस नहीं मनाने के फैसले की निंदा की. आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन ने बीजू पटनायक की विरासत को मिटाने के लिए पंचायती राज दिवस समारोह को बीजू जयंती से अलग कर दिया है. बीजद सदस्यों ने दावा किया कि 1993 से ही पंचायती राज दिवस बीजू पटनायक की जयंती पर मनाया जाता रहा है. राज्य प्रशासन ने 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस मनाने का फैसला किया है. प्रशासन ने आदेश के जरिये पांच मार्च की छुट्टी भी रद्द कर दी है. फैसला वापस लेने की मांग करते हुए बीजद सदस्यों ने भाजपा प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए.
राज्य की भाजपा प्रशासन बीजू बाबू का करती है पूरा सम्मान : रवि नायक
दूसरी ओर भाजपा सदस्यों ने राज्य प्रशासन का बचाव किया और आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं. पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नाइक ने कहा कि भाजपा प्रशासन बीजू पटनायक का बहुत सम्मान करती है. विपक्षी सदस्य सदन में इस मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजद ने शंख भवन में बीजू पटनायक की एक भी प्रतिमा स्थापित नहीं की है. बीजद के गौतम बुद्ध दास ने कहा कि चर्चा के लिए कैसे आएं? प्रशासन ने बीजू पटनायक का अपमान किया है और माफी नहीं मांगी. उन्हें पहले बीजू पटनायक की गरिमा बहाल करनी चाहिए, तभी हम चर्चा के लिए आयेंगे. कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता रामचंद्र कदम ने कहा कि उनकी पार्टी भी बीजू पटनायक के प्रति कथित अनादर को लेकर भाजपा प्रशासन की निंदा करती है.
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