Bihar News: बिहार में उद्यमिता को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अब स्टार्टअप शुरू करने के लिए मिलने वाला सीड फंड 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
यह घोषणा उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना में आयोजित “अविन्या बिहार 2.0” कार्यक्रम के दौरान की. उन्होंने कहा कि बिहार अब नवाचार और उद्यमिता के नए युग में प्रवेश कर चुका है और प्रशासन युवाओं को हर स्तर पर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है.
स्टार्टअप इकोसिस्टम मिली नई ऊर्जा
बिहार अब केवल पलायन की समाचारों के लिए नहीं, बल्कि अपनी ‘उद्यमी सोच’ और ‘इनोवेशन’ के लिए पहचाना जाने वाला है. अगर आपके पास कोई शानदार बिजनेस आइडिया है लेकिन पैसों की कमी आड़े आ रही है, तो आपके लिए बड़ी खुशसमाचारी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशासन ने राज्य के युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है.
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित Avinya Bihar 2.0 के प्रमुख कार्यक्रम में माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि
“बिहार नवाचार और उद्यमिता के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।… pic.twitter.com/rhkJF9odS3— Department of Industries, Bihar (@IndustriesBihar) January 16, 2026
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने घोषणा की है कि बिहार में स्टार्टअप शुरू करने के लिए मिलने वाला ‘सीड फंड’ अब 10 लाख से बढ़ाकर सीधे 25 लाख रुपए किया जा रहा है. पटना के चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान (CIMP) में आयोजित ‘अविन्या बिहार 2.0’ कार्यक्रम के दौरान दी गई इस जानकारी ने बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम में नई ऊर्जा भर दी है.
1500 स्टार्टअप्स और 50 गुना बढ़ा उद्योगों का जाल
बिहार में स्टार्टअप्स की दुनिया कितनी तेजी से बदल रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में अब तक 1500 से अधिक स्टार्टअप निबंधित हो चुके हैं. पिछले 20 वर्षों में बिहार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के क्षेत्र में 50 गुना की अविश्वसनीय वृद्धि दर्ज की है. साल 2005 में जहां राज्य में महज 72 हजार उद्योग थे, आज उनकी संख्या बढ़कर 35 लाख के पार पहुंच चुकी है. उद्योग मंत्री ने साफ किया कि प्रशासन अब केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि युवाओं को बेहतर मेंटरशिप और वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए भी प्रतिबद्ध है.
नई वेबसाइट और समझौतों से मिलेगी नई उड़ान
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के मौके पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में ‘स्टार्टअप बिहार’ ने अपनी नई वेबसाइट और ‘एसयू एंड आई’ मैगजीन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार के स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान दिलाना और उन्हें निवेश के बेहतर अवसर प्रदान करना है.
इसके अलावा टीआईई (TiE) पटना के साथ हुआ समझौता भी राज्य के नवाचारों को एक बड़ा मंच देगा. विजन 2030 के तहत प्रशासन का लक्ष्य बिहार को देश के टॉप स्टार्टअप हब्स की सूची में शामिल करना है.
आईआईटी पटना और सीआईएमपी बने नंबर वन इनक्यूबेशन सेंटर
बिहार की इस नई तस्वीर में शिक्षण संस्थानों की भूमिका भी बेहद अहम रही है. कार्यक्रम के दौरान राज्य के सर्वश्रेष्ठ इनक्यूबेशन सेंटर्स और स्टार्टअप सेल्स को उनकी रैंकिंग के आधार पर सम्मानित किया गया. सर्वश्रेष्ठ इनक्यूबेशन सेंटर की श्रेणी में आईआईटी (IIT) पटना ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि सीआईएमपी पटना दूसरे और बीएयू सबौर तीसरे स्थान पर रहा.
वहीं स्टार्टअप सेल्स में वैशाली इंजीनियरिंग कॉलेज ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया. इन संस्थानों को सम्मानित करने का उद्देश्य राज्य के भीतर एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां छात्र पढ़ाई के दौरान ही नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें.
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