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Bihar News: भागलपुर. भागलपुर जिले के लिए वर्ष 2025 काफी शानदार रहा. जिले को इस साल कई तोहफे मिले. कई वर्षों के अधूरे सपने को पूरा करनेवाला रहा यह साल. जिले के लोगों को नये एयरपोर्ट जरूर गंगा के उस पार सुल्तानगंज में मिला है, लेकिन शहर के किनारे रिवर फ्रंट शहर में पर्यटकों का नया आकर्षण होगा. इसी साल शहर में स्त्रीओं के लिए पिंक बस सेवा भी शुरू की गयी है. जिले को इस साल एक और कामयाबी मिली जब अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का क्षेत्रीय कार्यालय सात साल बाद फिर से फरवरी में भागलपुर में शिफ्ट किया गया. इसके अलावा भी जिले को इस साल कई तोहफे मिले हैं.
गंगा रिवर फ्रंट : पर्यटकों का नया आकर्षण
वर्ष 2025 में भागलपुर शहर को पहली बार आधुनिक रिवर फ्रंट के रूप में एक नया सार्वजनिक स्थल मिला, जो देखते ही देखते लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया. स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट अब पूरी तरह पूरा हो चुका है और आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. रिवर फ्रंट के बनते ही पुल घाट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. अब यहां न सिर्फ शहरवासी, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटक भी सैर करते नजर आ रहे हैं.
अठस्पोर्ट्सियां करती डॉल्फिन देखने का मिलेगा आनंद
गंगा तट पर टहलते हुए लोग नदी में अठस्पोर्ट्सियां करती डॉल्फिन भी देख रहे हैं, जिससे इस स्थल की खास पहचान बन गयी है. स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 169.25 करोड़ रुपये की लागत से बरारी क्षेत्र में 1.1 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट विकसित किया गया है. बाढ़ की मार के कारण परियोजना को पूरा होने में भले ही देरी हुई, लेकिन अब इसके तैयार होते ही यह शहर की शान बन गया है.
स्त्रीओं के लिए शुरू हुई पिंक बस सेवा
सिल्क सिटी भागलपुर में स्त्रीओं के लिए विशेष रूप से पिंक बस सेवा की शुरुआत 29 मई को हुई. बस का संचालन विभिन्न रूट पर किया गया. वर्तमान में सात बसें चल रही हैं. इनमें चंपानगर से मायागंज, स्टेशन, सबौर, जीरोमाइल, टीएनबी कॉलेज, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय आदि जगहों पर दिन भर जाती हैं. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम इसका संचालन कर रहा है. इस बस सेवा से शहर की स्त्रीओं व छात्राओं को बाजार, स्कूल कॉलेज व विभिन्न संस्थानों तक सुरक्षित पहुंचने की सुविधा मिलती है. कामकाजी स्त्रीओं के लिए यह विशेष राहत देनेवाली सेवा है. वह अपने नौकरी वाले स्थान तक समय पर पहुंच पा रही हैं.
जलमार्ग प्राधिकरण का कार्यालय वापस मिला
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का क्षेत्रीय कार्यालय सात साल बाद फिर से फरवरी में भागलपुर में शिफ्ट किया गया. 2017 में इस कार्यालय को साहिबगंज (झारखंड) शिफ्ट कर दिया गया था. तब साहिबगंज में बंदरगाह बनाने की योजना थी. खंजरपुर में प्राधिकरण के पुराने क्षेत्रीय कार्यालय को बहाल किया गया. अधिकारियों व कर्मियों की पटना रीजनल कार्यालय से प्रतिनियुक्ति की गयी. भागलपुर में वर्ष 1992 में कार्यालय स्थापित हुआ था. जलमार्ग से गुजरने वाले जहाज को रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी कार्यालय की है. वहीं गंगा से गाद निकालने का काम भी इसी कार्यालय की देखरेख में होता है.
धारा को वापस लाने का शुरू हुआ काम
भागलपुर में कार्यालय के वापस मिल जाने का लाभ भी भागलपुर को मिला. भागलपुर शहर से दूर जा चुकी गंगा की धारा को वापस लाने का काम शुरू हो गया है. गंगा की धारा शहर होकर बहने लगी है, लेकिन अभी धारा में बहुत पानी नहीं आया है. अगले एक महीने में गाद निकालने और रास्ता तैयार करने का काम पूरा हो जायेगा. फिर शहर के घाटों पर गंगा का पानी लबालब भरा रहेगा.
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