Hot News

Bihar News: मंत्री का आदेश, हाईकोर्ट की रोक… फिर भी पटना की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहीं जुगाड़ गाड़ियां

Bihar News: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के सख्त निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद राजधानी समेत बिहार के कई जिलों में जुगाड़ गाड़ियों का अवैध संचालन जारी है. आशियाना से दीघा, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, बेली रोड, अशोक राजपथ और पटना सिटी जैसे इलाकों में ये वाहन बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं.

हैरानी की बात यह है कि इन्हें रोकने के लिए अब तक न तो पटना डीटीओ और न ही अन्य जिलों के डीटीओ ने कोई ठोस अभियान शुरू किया है.

आदेश सख्त, अमल ढीला

परिवहन मंत्री ने सभी जिलों के डीटीओ को साफ निर्देश दिया था कि जुगाड़ गाड़ियों के अवैध संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए. यह आदेश पटना हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद आया था, जिसमें इन वाहनों को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया था.

इसके बावजूद जमीनी सच्चाई यह है कि विभाग के पास यह तक का कोई स्पष्ट ब्योरा नहीं है कि किस जिले में कितनी कार्रवाई हुई. इससे सवाल उठता है कि क्या आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं.

बिना पहचान, बिना सुरक्षा, फिर भी सड़क पर

जुगाड़ गाड़ियां असल में ऐसे वाहन हैं जो किसी मानक के अनुसार तैयार नहीं किए जाते. परिवहन अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 126 के तहत अधिकृत परीक्षण एजेंसियां इनका प्रोटोटाइप प्रमाणपत्र जारी ही नहीं करतीं.

इसका सीधा मतलब है कि इनका पंजीकरण, बीमा, परमिट, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाणपत्र संभव नहीं होता. बावजूद इसके ये वाहन रोज़ाना सैकड़ों यात्रियों और माल को ढोते हुए शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं.

हादसा हुआ तो न बीमा, न मुआवजा

सबसे खतरनाक पहलू यह है कि जुगाड़ गाड़ी से दुर्घटना होने की स्थिति में न तो वाहन मालिक को और न ही पीड़ित को किसी तरह का क्षतिपूर्ति लाभ मिल सकता है. बीमा न होने के कारण पूरा नुकसान आम नागरिक को खुद उठाना पड़ता है. यह स्थिति सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति को एक अनजाने जोखिम में डाल देती है.

ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की बड़ी वजह

इन वाहनों का डिज़ाइन और गति दोनों ही सड़क मानकों के अनुरूप नहीं होते. यही वजह है कि ये अक्सर ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और अव्यवस्था की बड़ी वजह बनते हैं. नियमों की खुलेआम अवहेलना से न सिर्फ विभागीय साख पर सवाल उठता है, बल्कि यह संदेश भी जाता है कि कानून का डर अब सड़क से गायब हो चुका है.

कब जागेगा परिवहन विभाग?

पटना की सड़कों पर जुगाड़ गाड़ियों की मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि आदेश और कार्रवाई के बीच गहरी खाई है. जब तक डीटीओ स्तर पर ठोस अभियान, नियमित जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न तो सड़कें सुरक्षित होंगी और न ही कानून का सम्मान लौटेगा.

Also Read:Amrit Bharat Express: बनारस-सियालदह अमृत हिंदुस्तान को मंजूरी, इस जिले में होगा स्टॉपेज, हफ्ते में 3 दिन परिचालन

The post Bihar News: मंत्री का आदेश, हाईकोर्ट की रोक… फिर भी पटना की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहीं जुगाड़ गाड़ियां appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top