मिथिलेश कुमार/ Bihar Politics: पटना. भाजपा ने वक्फ कानून को पसमांदा मुसलमानों के हित में बता रही है. पार्टी ने आबादी और वोट बैंक से मजबूत मान जाने वाले पसमांदा मुसलमानों से कहा कि विपक्ष के लोग उन लोगों को बरगला रहे हैं. जबकि अल्पसंख्यकों का सच्चा हितैशी भाजपा और एनडीए ही है. इसी कड़ी में सोमवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पसमांदा मिलन समारोह का आयोजन किया गया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे पसमांदा समाज के लोगों को भाजपा नेताओं ने विकास का भरोसा दिलाया. इस दौरान बड़ी संख्या में पसमांदा समाज के लोगों ने भाजपा की सदस्यता भी ली. उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए प्रशासन ने पसमांदा मुसलमानों के बेहतरी के लिए कई कार्य किये हैं.
उप मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा, पसमांदा मुसलमानों को नीतीश प्रशासन ने दिया आरक्षण
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जब अटल बिहारी बाजपेयी प्रशासन ने स्त्री आरक्षण बिल लाया था, तब राजद के सदस्यों ने सदन में बिल की कॉपी फाड़ कर अपना स्त्री -विरोधी चेहरा दिखाया था. बाद में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशासन ने स्त्री आरक्षण बिल को पारित कराया. श्री चौधरी ने कहा कि अब लालू प्रसाद के लोग उस नए वक्फ कानून के विरुद्ध भ्रम फैला कर वोट बैंक की नेतृत्व करने में लगे हैं, जो गरीब मुसलमानों के पक्ष में है.
लालू परिवार पर हमलावर सम्राट चौधरी ने कहा, बिहार में लालू प्रसाद का परिवार अपराधीकरण और गुंडागर्दी के लिए जिम्मेदार है. उनके 15 साल के राज में अपराध को सत्ता का संरक्षण मिलने से व्यापारियों-उद्यमियों का सामूहिक पलायन हुआ. सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए प्रशासन बनने पर नीतीश कुमार ने छात्राओं को साइकिल-पोशाक और स्त्रीओं को नौकरी में 35 फीसदी आरक्षण देकर स्त्रीओं का सशक्तीकरण किया. बिहार में पसमादा मुसलमानों को आरक्षण भी एनडीए प्रशासन ने दिया.
भाजपा सबका साथ-सबका विकास की बात करती है : दिलीप जायसवाल
प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा, भाजपा की यह विशेषता रही है कि यह सभी धर्म, समुदाय और वर्ग को साथ लेकर चलने की बात करती है. यह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के नारे पर काम करती है. राजद और कांग्रेस का नाम लिये बिना विरोधियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यहां मुसलमानों के नाम पर नेतृत्व खूब हुई, लेकिन कभी भी पसमांदा मुसलमानों को आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं की गयी. अगर पसमांदा का अर्थ की बात करें तो इसका अर्थ ही ‘जो पीछे छूट गए’ होता है, लेकिन किसी ने भी इनको आगे लाने की कोशिश नहीं की. नेतृत्व में इस्तेमाल तो खूब किया गया लेकिन इनको नेतृत्व में हिस्सेदारी नहीं दी गयी.
वोटबैंक की नेतृत्व करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों को तबाह कर दिया : दानिश
भाजपा ने पसमांदा समाज के लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि भाजपा इनकी नेतृत्व में भी हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगी. भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि मुसलमानों में आज पसमांदा मुसलमानों की संख्या 70 से 80 प्रतिशत है, लेकिन ये पिछड़े हुए हैं. वोटबैंक की नेतृत्व करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों को तबाह कर दिया है. उनके ही एक वर्ग ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया, लेकिन सही अर्थों में इस पर कभी चर्चा नहीं की गई. जब केंद्र और बिहार में एनडीए की प्रशासन बनी तो ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ इनका भी विकास किया गया है.
अन्य पसमांदा नेताओं ने भी की भाजपा की वकालत
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद कमरूजमा अंसारी ने भी अपनी बात रखी. अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी नूर आलम , पसमांदा समाज के प्रतिनिधित्व करने वाले गुलाम सरवर अंसारी, सब्बीर पंवड़िया, इकबाल अंसारी, हासिम हक्खु, वसीम रजा, शब्बीर, ग्याद्दीन हक्खु ने भी अपनी बात रखी.
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