बोकारो, इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) ने शुक्रवार को ब्लास्ट फर्नेंस विभाग में जनसंपर्क अभियान चलाया. महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि चार लेबर कोड को रद्द करने समेत अन्य मांगों को लेकर 12 फरवरी को आहूत हड़ताल की सफलता को लेकर अभियान चलाया गया. महामंत्री श्री गोरांई ने कहा कि केंद्र प्रशासन ने 21 नवंबर को अधिसूचना जारी कर श्रम संहिताओं को मजदूर समर्थक और आधुनिकीकरण के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया. जबकि, वास्तव में यह मजदूरों के अधिकार का आक्रामक हनन है. महामंत्री ने कहा कि चार लेबर कोड का मकसद काॅरपोरेट के शोषण, ठेकेदारी व अनियंत्रित नियुक्ति-बर्खास्तगी को सुविधाजनक बनाना है. सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, सेवा, एआइयूटीयूसी, एआइसीसीटीयू, यूटीयूसी, टीयूसीसी सहित सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने दस्तावेजी प्रमाणों के साथ इन संहिताओं का विरोध किया. प्रशासन ने ट्रेड यूनियनों की हर बड़ी आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया. मौके पर इश्तियाक अंसारी, एके राय, देव कुमार, आरआर पन्ना, जमील अख्तर, एचबी अंसारी व अन्य मौजूद थे.
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