Union Budget 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक हाई-पावर्ड कमिटी बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसका नाम होगा ‘Education to Employment and Enterprise’ Standing Committee. इस कमिटी का काम यह सलाह देना होगा कि कैसे सर्विस सेक्टर को विकसित हिंदुस्तान (Viksit Bharat) बनाने में एक मुख्य ड्राइवर के तौर पर तैयार किया जा सकता है. इसका मकसद यह है कि हिंदुस्तान को सर्विस सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनाया जा सके.
AI और नई टेक्नोलॉजीज का असर समझना भी इसमें शामिल होगा. इसमें ये देखा जाएगा कि AI जैसी नई तकनीकियों का नौकरियों और स्किल्स पर क्या असर पड़ेगा, और इसके अनुसार क्या कदम उठाने चाहिए ताकि इन बदलावों से निपटा जा सके.
I propose to set up a High-Powered ‘Education to Employment and Enterprise’ Standing Committee to recommend measures that focus on the Services Sector as a core driver of #Viksit Bharat
This will make us a global leader in services, with a 🔟% global share by 2047. The Committee… pic.twitter.com/eoXYEuWeBP
— PIB India (@PIB_India) February 1, 2026
हिंदुस्तान का 2047 तक 10% ग्लोबल सर्विसेज लक्ष्य
प्रस्ताव के मुताबिक, हिंदुस्तान का लक्ष्य 2047 तक ग्लोबल सर्विसेज मार्केट में 10% हिस्सा हासिल करना है. इस पहल का मकसद देश की आर्थिक हालत को मजबूत बनाना और हिंदुस्तान की दुनिया में अहम भूमिका को बढ़ाना है. इस कमिटी का फोकस ऐसे क्षेत्रों पर होगा जहां ग्रोथ, रोजगार और एक्सपोर्ट्स की सबसे ज्यादा संभावनाएं हों, ताकि सर्विसेज सेक्टर लगातार बढ़ता रहे और देश को लंबे समय तक फायदा मिल सके.
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