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Economic Survey: वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए व्यापार लागत में लानी होगी कमी, सुविधाओं में सुधार जरूरी

Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार 31 जनवरी 2025 को आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश कर दिया है. आर्थिक सर्वेक्षण के के अनुसार, हिंदुस्तान को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए व्यापार लागत को कम करने और व्यापार सुविधाओं में सुधार करने की आवश्यकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में हिंदुस्तान की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूती मिलेगी. हिंदुस्तान को रणनीतिक व्यापार रोडमैप अपनाने की जरूरत आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बीच हिंदुस्तान को एक रणनीतिक व्यापार रोडमैप अपनाने की जरूरत है. हाल के वर्षों में वैश्वीकरण की प्रवृत्ति धीमी हुई है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं. व्यापार लागत घटाने से हिंदुस्तान बनेगा मजबूत रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए हिंदुस्तान को लॉजिस्टिक्स, कस्टम प्रक्रिया और व्यापारिक बुनियादी ढांचे में सुधार करना होगा. सर्वेक्षण में कहा गया है कि हिंदुस्तान के पास अपनी व्यापार प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की पूरी क्षमता है. इसके लिए प्रशासन और निजी क्षेत्र दोनों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. रिपोर्ट में कहा गया है, “राज्य शासन का निर्माण करता है और निजी क्षेत्र वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करता है. यदि ये दोनों ही गुणवत्ता और दक्षता पर ध्यान केंद्रित करें, तो वैश्विक व्यापार में हिंदुस्तान की स्थिति मजबूत हो सकती है, भले ही व्यापारिक तनाव और संरक्षणवाद बना रहे.” हिंदुस्तान का बाहरी क्षेत्र बना मजबूत, सेवा क्षेत्र ने निभाई बड़ी भूमिका सर्वेक्षण के मुताबिक, हिंदुस्तान ने प्रतिकूल भू-नेतृत्वक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत आर्थिक प्रदर्शन किया है. हालांकि वैश्विक मांग में सुस्ती के कारण निर्यात में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन मजबूत घरेलू मांग के चलते आयात में वृद्धि हुई है. इसके अलावा, बढ़ते विदेशी प्रेषण और सेवा क्षेत्र की मजबूती ने व्यापार घाटे के प्रभाव को कम करने में मदद की है. रिपोर्ट के अनुसार, यदि हिंदुस्तान व्यापार लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है, तो वैश्विक बाजारों में इसकी स्थिति और मजबूत होगी. इसे भी पढ़ें: Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण व्यापार सुधारों से दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मिलेगी गति आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 इस बात का भी जिक्र किया गया है कि प्रशासन और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयास से हिंदुस्तान उभरते वैश्विक व्यापार परिदृश्य की चुनौतियों का सामना कर सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, व्यापार बाधाओं को दूर कर हिंदुस्तान उच्च पूंजी निर्माण और निरंतर आर्थिक विकास हासिल कर सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 से स्पष्ट है कि व्यापार लागत में कमी और व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण से हिंदुस्तान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है. निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन और निजी क्षेत्र दोनों को मिलकर व्यापार सुधारों को लागू करना होगा, जिससे हिंदुस्तान वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना सके. इसे भी पढ़ें: Economic Survey: वित्त वर्ष 2024-25 में 6.3% से 6.8% के बीच रहेगी हिंदुस्तान की जीडीपी वृद्धि, पढ़ें प्रमुख बातें The post Economic Survey: वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए व्यापार लागत में लानी होगी कमी, सुविधाओं में सुधार जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi News: 4 साल से महिला की बच्चेदानी में थी इतनी हड्डियां, ऐसे मिली मुक्ति

Ranchi News: झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर झालदा के पास के एक गांव की स्त्री की शिशुदानी में 4 साल से कई हड्डियां पड़ीं थीं. इसकी वजह से उसका मासिक धर्म गड़बड़ा गया था. बहुत ज्यादा सफेद स्राव हो रहा था. दोबारा मां नहीं बन पा रही थी. कई डॉक्टरों को दिखाया. इलाज करवाया, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ. न तो मासिक धर्म का चक्र ही ठीक हो पाया, न सफेद स्राव (White Discharge) होना बंद हुआ. स्त्री इलाज कराने के लिए रांची आई. रांची में डॉ अपेक्षा साहू ने उनकी जांच की और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. गर्भ में शिशु की मौत के बाद से शिशुदानी में पड़ी थी हड्डियां स्त्री की अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में पता चला कि उसके गर्भाशय में कई हड्डियां हैं. स्त्री ने डॉक्टर को बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान वह आखिरी बार गर्भवती हुई थी. 5 महीने बाद उसका गर्भपात हो गया. गर्भ में ही शिशु की मौत हो गयी. स्त्री ने वहीं के किसी डॉक्टर को दिखाया और उसने गर्भाशय की सफाई कर दी. इसके बाद से उसका मासिक धर्म ठीक से नहीं हो रहा था. साथ ही काफी ज्यादा सफेद स्राव होने लगा था. डॉ अपेक्षा साहू (सबसे दायें). साथ में हैं दो नर्सें ज्योति और रीना. दूरबीन पद्धति से डॉ अपेक्षा ने निकाली शिशुदानी में फंसी हड्डियां डॉ अपेक्षा साहू ने जरूरी जांच करने के बाद स्त्री की शिशुदानी में फंसी सारी हड्डियों को निकाल दिया. बिना पेट में कोई चीरा लगाये दूरबीन पद्धति से स्त्री का उपचार किया गया. दो नर्सों की मदद से डॉ अपेक्षा साहू ने स्त्री की शिशुदानी से सारी हड्डियां निकालीं. हड्डियां निकाले जाने के बाद स्त्री पूरी तरह से स्वस्थ है. सुबह में उसका उपचार करने के बाद शाम में अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फिर मां बन सकेगी स्त्री डॉ अपेक्षा ने कहा है कि स्त्री पूरी तरह से स्वस्थ है. उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. कुछ ही दिनों बाद वह फिर से मां बन सकेगी. शिशुदानी में हड्डियों की वजह से वह इतने दिनों से मां नहीं बन पा रही थी. उन्होंने कहा कि दूरबीन पद्धति से स्त्री की शिशुदानी से कई सारी हड्डियां निकाली गईं हैं. इसे भी पढ़ें शिशुदानी में थीं 15 गांठें, 35 साल की स्त्री नहीं बन पा रही थी मां, ऐसे मिला नया जीवन 31 जनवरी को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का गैस सिलेंडर, यहां जानें एक अकाउंट और 94-95 लोगों के नाम से आवेदन, ऐसे हो रहा मंईयां सम्मान के लिए फर्जीवाड़ा झारखंड का अधिकतम तापमान 34 डिग्री के करीब, न्यूनतम तापमान भी चढ़ा, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम The post Ranchi News: 4 साल से स्त्री की शिशुदानी में थी इतनी हड्डियां, ऐसे मिली मुक्ति appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: ‘अब रानी के पेट से राजा नहीं पैदा होंगे, बल्कि…’, डिप्टी सीएम ने तेजस्वी यादव को बताया सामंती

Bihar Politics: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनके पास न तर्क है और न ही तथ्य है. उनकी सोच सामंती है. उन्होंने कहा कि यह संविधान ‘गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है और बाबा भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि अब रानी के पेट से राजा नहीं पैदा होंगे, बल्कि जनता के बीच से एक सेवक के रूप में वह व्यक्ति सामने आएगा जो लोकतंत्र में उच्च पद पर होगा. तेजस्वी यादव को माफी मांगनी चाहिए- विजय कुमार सिन्हा विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “तेजस्वी यादव ने हाल ही में छह हजार रुपये खाने के खर्च का मुद्दा उठाया था. लेकिन, उनके बयान में कोई सच्चाई नहीं है. मेरे पास इसका प्रमाण है, जो यह साबित करता है कि विधानसभा में छह सौ रुपये से भी कम में भोजन हुआ था. तेजस्वी यादव को इस पर माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनका आरोप गलत था.” तेजस्वी यादव के मंत्री रहते हुए अनियमितताएं हुई उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इसके अलावा, पथ निर्माण विभाग में मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया था और जब इसकी जांच हुई, तो यह पाया गया कि तेजस्वी यादव के मंत्री रहते हुए कुछ अनियमितताएं हुई थीं. उनके गैरेज के भुगतान का मामला भी सामने आया था, और उनका यह सवाल उठाना कि क्या वह मंत्री थे, संदेहास्पद है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को अच्छे और ईमानदार नेतृत्व की आवश्यकता है, न कि भ्रष्टाचार और अपराध के माहौल में जीने वाले नेताओं की. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अगर हमसे कोई गलती हुई है तो… उप-मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त वातावरण बनाने का संकल्प लिया है और हमारा उद्देश्य हर मामले में पारदर्शिता रखना है. बिहार में नेताओं के गलत कार्यों की जांच होनी चाहिए और जिनके खिलाफ आरोप हैं, उन्हें जवाब देना होगा. हम यह चाहते हैं कि हर मुद्दे पर सही तथ्यों के साथ काम किया जाए, और किसी भी दोषी को बचाया न जाए.” विजय सिन्हा ने कहा कि जहां तक बालू, गिट्टी और पत्थर की चोरी का सवाल है, यह गलत है और इसके लिए जवाब देना पड़ेगा. जो लोग इसमें शामिल हैं, उन्हें न्यायालय में जवाब देना होगा. अगर हमारी ओर से कोई गलती हुई है, तो हम पूरी तरह से जांच के लिए तैयार हैं और उसके बाद जो फैसला होगा, हम उसे स्वीकार करेंगे. इसे भी पढ़ें: Bihar News: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले दलालों के खिलाफ डीएम का बड़ा एक्शन, दो धराये, मचा हड़कंप The post Bihar Politics: ‘अब रानी के पेट से राजा नहीं पैदा होंगे, बल्कि…’, डिप्टी सीएम ने तेजस्वी यादव को बताया सामंती appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर में पानी भरे गड्ढे में मिला मधेपुरा के पुलिसकर्मी का शव, हत्या या हादसा जानने में जुटी पुलिस

Bihar News: कैमूर. भभुआ थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 में पानी भरे एक गड्ढे से शख्स का शव पुलिस ने बरामद कर लिया. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस शव का पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम करने के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया है. मृतक की पहचान को लेकर पुलिस ने सोशल मीडिया पर मृतक की तस्वीर साधा की थी, जिसके बाद मृतक के भाई ने उसकी पहचान की है. मृतक भगवानपुर थाना क्षेत्र के नवागांव के स्वर्गीय रामनाथ मिश्रा का पुत्र धर्मेंद्र कुमार मिश्रा बताये जा रहे हैं, जो फिलहाल भभुआ वार्ड नंबर 13 में रहते हैं. वहीं धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की डेड बॉडी वार्ड नंबर 14 स्थित पानी भरे गड्ढे से बरामद हुई है. गायब होने के बाद चल रही थी खोज जानकारी के अनुसार भभुआ शहर के वार्ड नंबर 13 से पहुंचे रंजन मिश्रा ने धर्मेंद्र कुमार मिश्रा को अपना भाई बताया है. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा मधेपुरा में पुलिस जवान के पद पर तैनात थे. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा फिलहाल घर पर आए हुए थे. धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के भाई रंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि उनके भाई मधेपुरा में सिपाही के पद पर तैनात थे. गुरुवार को वो अचानक गायब हो गए. उनके गायब होने के बाद समाचार मिली कि एक डेड बॉडी पोस्टमार्टम करने के लिए सदर अस्पताल भभुआ आई है. जब उसे देखने पहुंचा तो वह धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ही निकले. नहीं पता चला मौत का कारण पुलिस जवान की मौत कैसे हुई यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है. अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है. भभुआ पुलिस ने डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस ने मौत के सभी बिंदुओं पर अपनी जांच शुरू कर दी है. पुलिस जवान की हत्या की गई या फिर पानी भरे गड्ढे में गिरने से उनकी मौत हो गई, इस बात को लेकर पुलिस आगे की पड़ताल कर रही है. परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार की कोई चर्चा उन्होंने नहीं की थी. घरवाले भी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर मौत का कारण क्या है. Also Read: एक माह में तीन एनकाउंटर, चार अपराधी ढेर, नये डीजीपी के आते ही बिहार पुलिस ने बदले तेवर The post कैमूर में पानी भरे गड्ढे में मिला मधेपुरा के पुलिसकर्मी का शव, हत्या या हादसा जानने में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Economic Survey: वित्त वर्ष 2024-25 में 6.3% से 6.8% के बीच रहेगी भारत की जीडीपी वृद्धि, पढ़ें प्रमुख बातें

Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार 31 जनवरी 2025 को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण को पेश कर दिया है. संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में हिंदुस्तान की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 से 6.8 के बीच रहने का अनुमान है. आइए, इससे जुड़ी प्रमुख बातों के बारे में जानते हैं. आर्थिक सर्वेक्षण की प्रमुख बातें आर्थिक वृद्धि दर: आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में हिंदुस्तान की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 से 6.8 के बीच रहने का अनुमान है. वित्तीय स्थिति की बुनियाद मजबूत: आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, मजबूत बाहरी खाता और स्थिर निजी खपत के साथ हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति की बुनियाद मजबूत बनी हुई है. इसमें कहा गया है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक, सूझ-बूझ और नीतिगत प्रबंधन के साथ घरेलू बुनियाद को और मजबूत करने की जरूरत होगी. निवेश में तेजी आने की उम्मीद: आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि प्रशासनी खर्च में बढ़ोतरी होने और बेहतर होती कारोबारी उम्मीदों से निवेश गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है. आर्थिक वृद्धि की बाधाएं: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हिंदुस्तान की आर्थिक संभावनाएं संतुलित हैं. भू-नेतृत्वक और व्यापार अनिश्चितताएं आर्थिक वृद्धि की राह की प्रमुख बाधाएं हैं. महंगाई दर में कमी: वित्त वर्ष 2023-24 में महंगाई दर 5.4% रही, जो पिछले वर्ष 6.7% थी. आर्थिक सवेक्षण में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में खाद्य महंगाई के नरम पड़ने की संभावना है. सब्जियों की कीमतों में गिरावट और खरीफ फसलों की आवक से महंगाई को कम करने में मदद मिलेगी. महंगाई का जोखिम: वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तुओं की ऊंची कीमतों से महंगाई का जोखिम सीमित लगता है. भू-नेतृत्वक दबाव अब भी जोखिम पैदा कर रहा है. वैश्विक प्रतिस्पर्धा बेहतर करने की जरूरत: हिंदुस्तान को जमीनी स्तर के संरचनात्मक सुधारों और नियमन को शिथिल करते हुए अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बेहतर करने की जरूरत है. तकनीकी दुरुपयोग: एआई के लिए उचित शासन ढांचे की कमी से तकनीकी का दुरुपयोग होने की आशंका बनी हुई है. दिवाला कानून: दिवाला कानून के निवारक प्रभाव ने हजारों देनदारों को शुरुआती चरण में ही संकट से बाहर निकलने में मदद की. इसे भी पढ़ें: Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण The post Economic Survey: वित्त वर्ष 2024-25 में 6.3% से 6.8% के बीच रहेगी हिंदुस्तान की जीडीपी वृद्धि, पढ़ें प्रमुख बातें appeared first on Naya Vichar.

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Sonia Gandhi Statement : सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति को बताया बेचारी, भड़की बीजेपी

Sonia Gandhi Statement : कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के बयान पर हंगामा मच गया है. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘राष्ट्रपति का ऐसा अपमान कभी नहीं किया गया. कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के खिलाफ जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, मैं उसकी कल्पना भी नहीं कर सकता. उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है? #WATCH | Delhi: On Congress MP Sonia Gandhi’s statement, Union Minister Dharmendra Pradhan says, “Such an insult of the President was unprecedented. The kind of words Congress MP Sonia Gandhi and his son and LoP Rahul Gandhi used against the President, I cannot even imagine. What… https://t.co/VGnuNY5J63 pic.twitter.com/gpOjW1olEv — ANI (@ANI) January 31, 2025 क्या कहा सोनिया गांधी ने? कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अंत तक ‘बहुत थकी हुई’ दिखीं. सोनिया गांधी ने कहा, ”वह बहुत थकी हुई नजर आ रहीं थीं, अंत में मुश्किल से बोल पा रही थीं. बेचारी स्त्री…वहीं राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के भाषण को बोरिंग बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण बहुत ज्यादा उबाऊ था. The post Sonia Gandhi Statement : सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति को बताया बेचारी, भड़की बीजेपी appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025: मिडिल क्लास, किसान और साधु-संतों को बड़ी उम्मीदें, इनकम टैक्स में भी बदलाव की आस

Budget 2025: मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि इस बार बजट में इनकम टैक्स के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए जा सकते हैं. हर साल टैक्स छूट को लेकर चर्चा होती है और इस बार भी लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है. किसानों के लिए बढ़ सकती है पीएम किसान निधि की राशि सूत्रों के अनुसार, केंद्र प्रशासन इस बार किसानों के लिए बजट में खास प्रावधान कर सकती है. लंबे समय से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग की जा रही है. इस योजना के तहत अभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 9,000 या 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद है. महाकुंभ में जुटे साधु-संतों को भी बजट से उम्मीदें प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में देशभर से आए साधु-संतों को भी मोदी प्रशासन के बजट से बड़ी उम्मीदें हैं. उनका मानना है कि प्रशासन राष्ट्रहित को प्राथमिकता देती है, इसलिए यह बजट भी लोकहित और देश को मजबूत करने वाला होगा. रेल किराए और माल भाड़े में कटौती की मांग अखिल हिंदुस्तानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने मांग की है कि प्रशासन रेल किराए और माल भाड़े में कटौती करे. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन ने धार्मिक स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे काशी कॉरिडोर, अयोध्या में भव्य राम मंदिर और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर. उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन बढ़ता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलती है. आर्थिक रूप से कमजोर संतों के लिए पेंशन योजना की मांग महंत रवींद्र पुरी ने प्रशासन से अपील की कि जो संत आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए. इससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे और अपनी धार्मिक गतिविधियों को जारी रख सकेंगे. स्त्री संतों के लिए अलग प्रावधान की अपील निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा हिंदुस्तानी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि स्त्री संतों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि स्त्री संत आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में और अधिक योगदान दे सकेंगी. हर वर्ग को उम्मीदें, प्रशासन पर नजरें साधु-संतों और आम जनता को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट 2025 हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश करेगा. इसके जरिए देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिलेगी और हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नए कदम उठाए जाएंगे. Also Read : Budget 2025: 18वीं लोकसभा बजट सत्र में राष्ट्रपति का अभिभाषण, आदिवासी कल्याण,स्वास्थ्य और बैंकिंग सुधार पर जोर The post Budget 2025: मिडिल क्लास, किसान और साधु-संतों को बड़ी उम्मीदें, इनकम टैक्स में भी बदलाव की आस appeared first on Naya Vichar.

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इस वजह से किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटाई गईं ममता कुलकर्णी, ग्लैमर की दुनिया छोड़ महाकुंभ में बनी थी संन्यासी

Mamta Kulkarni Expelled From Kinnar Akhara: 90 के दशक की ग्लैमरस एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने हाल ही में सांसारिक जीवन त्यागकर अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू की. ममता को महाकुंभ मेला 2025 में किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधि दी. उनका नाम बदलकर श्री यामाई ममता नंदगिरी कर दिया गया. हालांकि उनके महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी. इसमें एक नाम बाबा रामदेव का भी था. अब सुनने में आ रहा है कि किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया है. जी हां, आप ये सही पढ़ रहे हैं. किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटाई गईं ममता कुलकर्णी न्यूज एजेंसी एनएनआई ने बताया कि, किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने ममता कुलकर्णी को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है. उन्होंने महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को भी किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया है.उन पर आरोप है कि उन्होंने देशद्रोह की आरोपी ममता कुलकर्णी को अखाड़े में शामिल किया और उनकी जानकारी के बिना उन्हें महामंडलेश्वर बना दिया. उनके अनुसार, आर्चाय महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी तथा कथित ने असवैधानिक ही नहीं अपितु सनातन धर्म व देश हित को छोड़कर ममता कुलकुर्णी जैसे देशद्रोह के मामले में लिप्त मिहला जो की फिल्मी ग्लैमर से जुड़ी हुई है. उसे बिना किसी धार्मिक व अखाड़े की परंपरा को मानते हुए वैराग्य की दिशा के बजाय सीधे महामंडलेश्वर की उपाधि व पट्टा अभिषेक कर दिया. जिस कारण से मुझे आज बेमन से मजबूर होकर देश हित सनातन एवं समाज हित में इन्हें पद मुक्त करना पड़ रहा है. Rishi Ajay Das, founder of Kinnar Akhara, expels Mamta Kulkarni from the Akhara. He has also expelled Mahamandaleshwar Laxminarayan Tripathi from the Kinnar Akhara for inducting Mamta Kulkarni, who is accused of treason, to the Akhara and designating her as Mahamandaleshwar… pic.twitter.com/Hhzezst49r — ANI (@ANI) January 31, 2025 ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कही थी ये बात ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कही थी ये बात ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर जाने पर कहा था, मैंने साल 2000 से ही तपस्या शुरू कर दी थी. मैंने लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को अपना पट्टागुरु चुना क्योंकि आज शुक्रवार है. आज का दिन महाकाली का है. आज मां शक्ति ने मुझे निर्देश दिया कि मैं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को चुनूं क्योंकि वह इंसान साक्षात अर्धनारीश्वर का रूप है. यह भी पढ़ें– महाकुंभ में संन्यास लेने के बाद मूवीज में वापसी को लेकर ममता कुलकर्णी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- फिल्म इंडस्ट्री में दोबारा से आना… यह भी पढ़ें– ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने बाबा रामदेव ने किया रिएक्ट, कहा- हमें संत बनने के लिए 50 साल… The post इस वजह से किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटाई गईं ममता कुलकर्णी, ग्लैमर की दुनिया छोड़ महाकुंभ में बनी थी संन्यासी appeared first on Naya Vichar.

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गया को मिली एक और सौगात, IIM बोधगया और GCE के लिए जीतन राम मांझी ने किया बड़ा ऐलान

बिहार के गया जिले के दो शैक्षणिक संस्थानों गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (GCE) और हिंदुस्तानीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया को हिंदुस्तान प्रशासन के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा एमएसएमई-होस्ट संस्थान के रूप में चुना गया है. इस पहल को गया के औद्योगिक और शैक्षणिक विकास में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर गया के लिए इस खुशसमाचारी की जानकारी दी. जीतन राम मांझी ने दी सोशल मीडिया पर जानकारी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘लीजिए गया जी के लिए एक और खुशसमाचारी, हमारे MSME मंत्रालय ने गया जी के दो शिक्षण संस्थान गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एवं IIM बोधगया को MSME होस्ट इंस्टिट्यूट बनाया है. आज इसको लेकर गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल डॉ राजन प्रशासन ने मुझसे मिलकर मार्गदर्शन हासिल किया और गया जी के लिए किए जा रहे कार्यों को लेकर आभार प्रकट किया.’ उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘HAM हर वादा पूरा करेंगें’. HAM जीतन राम आम मांझी की पार्टी का नाम है. लिजिए गया जी के लिए एक और ख़ुशख़बरी….हमारे मंत्रालय @minmsme ने गया जी के दो शिक्षक संस्थान गया कॉलेज आफ़ इंजीनियरिंग एवं IIM बोधगया को MSME होस्ट इंस्टिट्यूट बनाया है।आज इसको लेकर गया कॉलेज आफ़ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल डॉ राजन प्रशासन ने मुझसे मिलकर मार्गदर्शन हासिल किया और गया… pic.twitter.com/oSe9yhJ4tj — Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) January 31, 2025 प्राचार्य ने जताया आभार गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. राजन प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात कर इस नई पहल के लिए मार्गदर्शन मांगा. उन्होंने गया के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया. Also Read : Bihar Education : अचानक नालंदा पहुंचे ACS एस सिद्धार्थ, विभागीय अधिकारियो में मची खलबली MSME होस्ट संस्थान का क्या है महत्व एमएसएमई होस्ट संस्थान बनने का मतलब है कि स्थानीय उद्यमियों और छात्रों को इन संस्थानों के माध्यम से उद्योग से जुड़ी सुविधाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और प्रशासनी योजनाओं का लाभ मिलेगा. इस पहल से गया के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे. Also Read : महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले जाम का मिल गया समाधान, DM-SP ने बनाया मास्टर प्लान The post गया को मिली एक और सौगात, IIM बोधगया और GCE के लिए जीतन राम मांझी ने किया बड़ा ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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नीतीश की यात्राएं-21 : प्रवास यात्रा में रहा धरोहर पर फोकस, तैयार हुआ था पर्यटन नीति का खाका

Nitish Kumar Yatra: प्रवास यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सारण जिले के एकमा पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सारण और सीवान जिलों का दौरा किया. इन जिलों में तीन दिनों के प्रवास पर वे रहे. इस दौरान सारण जिले में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्म स्थली, सिताबदियारा का भ्रमण किया. प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल चिरांद का भ्रमण किया. सीवान जिले के सिसवन प्रखंड के मेंहदार ग्राम में आठ सौ साल पुराने बाबा महेंद्रनाथ शिवमंदिर और देशरत्न डा राजेंद्र्र प्रसाद की जन्मस्थली जीरादेई का भी भ्रमण किया. इसके साथ ही मौलाना मजहरूल हक की कर्मस्थली फरीदपुर की मिट्टी को नमन किया. चिरांद में संग्रहालय बनाने की योजना प्रवास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सारण जिले के चिरांद पहुंचे थे. चिरांद में गंगा नदी के किनारे उन्होंने पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी प्रसाद शोध जायसवाल संस्थान को भी चिरांद से संबंधित खुदाई को कहा गया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि चिरांद में भी एक अलग से संग्रहालय बनेगा. लोग यहां देखने आयेंगे, ठहरेंगे तो यहां की इकोनामी भी बदलेगी और अर्थतंत्र मजबूत होगा. लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा. चिरांद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां प्राक एतिहासिक काल की चीजें मिली है. यहां हो रहे कटाव को रोकने की भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया. केंद्र से बात करने का दिलाया भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग को इसकी जिम्मेवारी दी गयी है. हजारों साल पुराना यहां इतिहास छिपा है. सभी चरणों के दौरे और भ्रमण के बाद केंद्र प्रशासन से बिहार के इस धरोहरों को लेकर बात करेंगे. वैशाली गढ़ को लेकर भी बात की जायेगी. यहां छोटे इलाके में कभी खुदाई की गयी. बौद्धकालीन मूर्तियां मिली. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ बिहार का ही इतिहास नहीं छिपा है, देश का इतिहास छिपा है. यह कहिये कि मानवता का इतिहास यहां दफन है. राज्य के अंदर और भी जगहें हैं, तेलहाड़ा, इसमें शामिल है. राज्य पुरातत्व निदेशालय को भी कहा गया है. जब खुदाई होगी, छिपा हुआ इतिहास सामने आयेगा तो दूनिया भर के लोग वहां देखने आयेंगे. The post नीतीश की यात्राएं-21 : प्रवास यात्रा में रहा धरोहर पर फोकस, तैयार हुआ था पर्यटन नीति का खाका appeared first on Naya Vichar.

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