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दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज दिखेगी बिहार की परंपरा, नालंदा की प्राचीन विरासत से रूबरू होंगे देशवासी

नया विचार – गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आठ सालों के बाद बिहार की झांकी दिखेगी. इस झांकी के जरिए बिहार की समृद्ध विरासत और परंपरा की झलक लोगों को देखने को मिलेगी. गणतंत्र दिवस समारोह में बिहार की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रहेगीय इस झांकी में राज्य की समृद्ध ज्ञान और शांति की परंपरा को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें नालंदा की प्राचीन विरासत और उसके संरक्षण के प्रयासों को दर्शाया गया है. बिहार की झांकी के माध्यम से ज्ञानभूमि नालंदा की प्राचीन विरासत एवं उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से बिहार को पुनः शिक्षा के मानचित्र पर वैश्विक रूप में स्थापित करने के प्रयास को दर्शाया गया है। भगवान बुद्ध के ज्ञान प्रकाश फैलेगा  इसके अतिरिक्त भगवान बुद्ध की अलौकिक एवं भव्य मूर्ति के साथ घोड़ा कटोरा झील को इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने के अनूठे प्रयास को भी दर्शाया गया है. झांकी के अग्र भाग में बोधिवृक्ष “इसी धरती से ज्ञान का प्रकाश सम्पूर्ण विश्व में फैला है” का संदेश देती नजर आएंगी. नालंदा की प्राचीन विरासत से रूबरू होंगे देशवासी झांकी में प्राचीन नालंदा महाविहार (विश्वविद्यालय) के भग्नावशेषों को भी दर्शाया गया है, जो इस बात के साक्षी हैं कि चीन, जापान एवं मध्य एशिया के सुदूरवर्ती देशों से छात्र यहां ज्ञान की प्राप्ति के लिए आते थे. नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष प्राचीन हिंदुस्तान की ज्ञान परंपरा के प्रतीक हैं. इन भग्नावशेषों का संरक्षण एवं संवर्द्धन हिंदुस्तानीय सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. बिहार प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से नालंदा का प्राचीन गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है. झांकी में बिहार की प्राचीन एवं समृद्ध विरासत को भित्ति चित्रों के माध्यम से भी उकेरा गया है. 19 जून 2024 को हुआ नालंदा विश्वविद्यालय का लोकार्पण उल्लेखनीय है कि नालंदा विश्वविद्यालय का लोकार्पण 19 जून 2024 को हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया गया. प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की वास्तुकला पर आधारित इस आधुनिक संरचना में सारिपुत्र स्तूप, गोपुरम प्रवेश द्वार तथा पारंपरिक बरामदे की अवधारणा को दर्शाया गया है. पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से निर्मित इन संरचनाओं से यह विश्वविद्यालय कार्बन न्यूट्रल तथा नेट जीरो कैम्पस के रूप में स्थापित हुआ है.

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76 वां गणतंत्र दिवस आज, गांधी मैदान में सुबह नौ बजे राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण

आमंत्रित लोगों को सुबह 8:30 बजे तक ग्रहण करना होगा स्थान नया विचार पटना– पटना गांधी मैदान में 76वें गणतंत्र दिवस समारोह पर रविवार को राजकीय समारोह होगा. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सुबह नौ बजे ध्वजारोहण करेंगे. समारोह को लेकर गांधी मैदान तिरंगे के रंग में सज-धज कर तैयार है. सुरक्षा को लेकर मंच से लेकर वीआइपी गैलरी तक मेटल डिटेक्टर से जांच की गयी. डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों के साथ गांधी मैदान का निरीक्षण कर तैयारियों को देखा. उन्होंने कहा कि समारोह को लेकर पूरी तैयारी हो गयी है. सुरक्षा के लिए चार सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा 71 जगहों पर 113 मजिस्ट्रेट तैनात किये गये हैं. 128 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जायेगी. अस्थायी थाने के साथ 18 वाच टावर से गतिविधियों पर नजर रहेगी. तीन क्यूआरटी सक्रिय रहेंगी. समारोह में आमंत्रित लोगों को सुबह 8:30 बजे तक स्थान ग्रहण कर लेना है. लोगों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट से व्यवस्था की गयी है. समारोह के कवरेज के लिए आनेवाले वाहनों की एंटी सबोटॉज जांच होगी. 15 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन होगा : समारोह में प्रशासन के विकास व लोक कल्याणकारी योजनाओं, समाज सुधार अभियान और स्त्री सशक्तीकरण कार्यक्रमों को झांकियों के माध्यम से दिखाया जायेगा. 15 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन होगा. अलग-अलग गेट से प्रवेश की व्यवस्था गांधी मैदान में समारोह में आनेवाले लोगों के लिए अलग-अलग गेट से व्यवस्था की गयी है. अतिथियों का प्रवेश : गेट संख्या 10 व 11 स्त्रीओं का प्रवेश :गेट संख्या 12 व 13 आम लोगों का प्रवेश :गेट संख्या 4, 5, 6 व 7 मीडियाकर्मियों का प्रवेश :गेट संख्या 9 परेड में 21 टुकड़ियां होंगी शामिल : परेड में 21 टुकड़ियां शामिल होंगी. यूपी पुलिस भी परेड में शामिल रहेगी. सीआरपीएफ, आइटीबीपी, एसएसबी, एसटीएफ, बीवीसपु(पुरुष), बीवीसपु (स्त्री बटालियन), यूपी पुलिस, बिहार पुलिस (पुरुष), बिहार पुलिस (स्त्री), पटना ट्रैफिक स्त्री, जेल पुलिस, मद्यनिषेध पुलिस, बीएचजी (शहरी), बीएचजी (ग्रामीण), एनसीसी आर्मी (पुरुष), एनसीसी आर्मी (स्त्री), एनसीसी एयरफोर्स स्त्री/पुरुष, एनसीसी नेवी स्त्री/पुरुष, स्काउट गाइड स्त्री/पुरुष, स्वानदस्ता, बीआरसी बैंड शामिल हैं. परेड की कमान दानापुर के एएसपी भानु प्रताप सिंह संभालेंगे, जबकि सेकेंड इन कमांड डीएसपी पल्लवी कुमारी हैं.

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बिहार के ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ को मिला पद्मश्री, इस कार्य के लिए किया गया सम्मानित

नया विचार – गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले शनिवार को केंद्र प्रशासन ने पद्म पुरस्कार का ऐलान कर दिया है. बिहार के भीम सिंह भावेश को उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा है. उन्हें ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ के नाम से भी जाना जाता है। भीम सिंह भावेश कैसे बने ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ भीम सिंह भावेश को उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है. भीम सिंह भावेश उर्फ ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ पेशे से एक पत्रकार हैं। पिछले 22 वर्षों से वे अपनी संस्था ‘नई आशा’ के माध्यम से इस वंचित समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में सुधार के लिए काम कर रहे हैं. भीम सिंह भावेश ने भोजपुर और बक्सर जिलों में 100 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए, जिससे मुसहर समुदाय को स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हुईं. 8000 से अधिक मुसहर बच्चों को प्रशासनी स्कूलों में नामांकन कराया भीम सिंह भवेश ने 200 से अधिक मुसहर टोलों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं. भोजपुर जिले के 13 प्रखंडों में किए गए उनके कार्यों के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक मुसहर बच्चों को प्रशासनी स्कूलों में नामांकित किया गया. उन्होंने एक बड़ा पुस्तकालय भी स्थापित किया है, जिससे समुदाय के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके. पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है, जो तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री. ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, स्पोर्ट्स और सिविल सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है.

अपराध, ताजा ख़बर

सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली का खुलासा, 16 फर्जी कैंडिडेट गिरफ्तार

नया विचार पटना– पटना में सिपाही बहाली के लिए चल रहे फिजिकल टेस्ट का 7वां चरण समाप्त हो गया है. इस दौरान पुलिस ने 16 फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिनका बायोमैट्रिक अटेंडेंस मैच नहीं हुआ था. ये अभ्यर्थी रिटेन एग्जाम में स्कॉलर बैठाकर परीक्षा देने के आरोपी हैं. इसके लिए उन्होंने 1 से 5 लाख रुपये तक की डील की थी. फिजिकल टेस्ट के लिए 9600 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था इस सप्ताह में कुल 9600 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था. लेकिन, केवल 7771 अभ्यर्थी ही पहुंचे थे. यह परीक्षा बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल के 21,391 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है. केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) की ओर से आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के रिटेन टेस्ट में 1 लाख 7 हजार 79 अभ्यर्थी सफल हुए थे. लगभग 18 लाख अभ्यर्थियों ने दिया था आवेदन यह परीक्षा 7, 11, 18, 21, 25 और 28 अगस्त 2024 को आयोजित की गई थी. इस भर्ती परीक्षा में 17 लाख 87 हजार 720 अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था, जिनमें से 12 लाख के करीब अभ्यर्थी शामिल हुए थे. यह परीक्षा पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च विद्यालय (पटना हाई स्कूल) गर्दनीबाग में चल रहा है.

अपराध, ताजा ख़बर

सारण में पुलिस का मेगा ऑपरेशन, एसपी के निर्देश पर 90 आरोपी गिरफ्तार

नया विचार सारण– सारण जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 24 घंटे के अंदर विशेष अभियान चलाकर 90 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इस अभियान में शराब की तस्करी, बिक्री, निर्माण और शराबबंदी कानून के उल्लंघन में शामिल अपराधियों को निशाने पर लिया गया. पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार किए गए लोगों में शराब की तस्करी, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और अश्लील हरकत करने वाले लोग शामिल हैं. 1.88 लाख रुपये का वसूला जुर्माना इस विशेष अभियान के दौरान 35 वारंटियों को भी गिरफ्तार किया गया. साथ ही यातायात सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस ने 81 वाहनों से 1.88 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है. पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान 164 लीटर देशी शराब और 7.2 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है. इसके अलावा पुलिस ने 2 लीटर स्प्रिट, 4 मोटरसाइकिल, 2 पिस्तौल, 4 गोलियां, 6 मोबाइल, 1 टेंपो, 1 ट्रैक्टर समेत अन्य सामग्री भी बरामद की है. एसपी ने की कार्रवाई दरअसल, पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने का निर्देश पुलिस को दिया था, ताकि जिले में अपराध और शराब की अवैध तस्करी पर लगाम लग सके. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में विशेष अभियान चलाकर 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 98 वारंट और 05 जब्ती का निष्पादन किया. इस अपराध में गिरफ्तार किए गए आरोपी इस अभियान में गिरफ्तार 90 अभियुक्तों में शराब कारोबार में 28, शराब पीने में 07, वारंटियों में 35, चोरी के आरोप में 02, आर्म्स एक्ट में 04, मवेशी तस्करी में 01, अपहरण में 02, खनन में 01, पुलिस पर हमला में 01, जुआ में 01, हत्या के प्रयास में 02, डकैती में 01, एससी/एसटी में 01, दंगा फैलाने में 01 तथा अन्य में 03 अभियुक्त शामिल हैं.

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बिहार की सियासी विसात पर रंग दिखाने लगे लालू यादव के ‘मोहरे’, पारस के ‘सिपाही’ को आगे कर सेट कर दिया ‘अनंत प्लान’

नया विचार – बिहार की नेतृत्व में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बिछाए मोहरे अभी से ही रंग दिखाने लगे हैं। जिस दिन राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति पारस और लालू प्रसाद यादव के बीच बातचीत हुई तभी से यह पक्का हो गया कि पशुपति पारस अब महागठबंधन के साथ होंगे। लेकिन जब दफादार चौकीदार के मसले पर बैठ राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पासवान विरोधी कह डाला तो यह स्पष्ट हो गया कि वे महागठबंधन की तरफ से चुनाव लड़ अपनी उपेक्षा का हिसाब लेंगे। यह लालू यादव का प्लानिंग है भाई! बिहार विधान सभा चुनाव के मद्दे नजर यह माना जा रहा था कि राष्ट्रीय लोजपा के नेता सूरजभान सिंह की एंट्री अब तय है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की नजर में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, बलिया और नवादा में प्रभावी होंगे। इसके साथ-साथ मैन टू मैन मोहरे बिछाने की पहल भी राजद सुप्रीमो की तरफ से की जाने लगी है। तब नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा भी थी कि मोकामा और लखीसराय यानी अनंत सिंह और राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के विरुद्ध सूरजभान सिंह को अपरोक्ष रूप से उतारा जाएगा। इन दोनों जगहों पर सूरजभान के संबंधी (भाई या पत्नी) मोकामा और लखीसराय में मौजूदा विधायक को चुनौती देने जा रहे हैं। सूरजभान की एंट्री अभी तक तो यह अनुमान ही था कि सूरजभान कमांडर की भूमिका में एनडीए प्रशासन के विरुद्ध अपना दम खम दिखाएंगे। पर मोकामा गोलीकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह के जेल जाने के बाहुबली नेता सूरजभान सिंह का गर्जन एक तरह से उस अनुमान पर मुहर लगाने जैसा है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने तंज कसते यहां तक कह डाला कि अनंत सिंह रावण जैसे हैं। रावण का भी अंत हुआ था तो अनंत सिंह का भी अंत होगा। लगे हाथ उन्होंने अनंत सिंह को सुझाव भी दे डाला कोई भी विधायक हों, उनका ये काम नहीं है। ये काम प्रशासन का है। प्रशासन के काम में किसी भी विधायक को इस चीज की शोभा नहीं देता है। कहीं जाकर ऐसी घटना हो, हम ये काम करें। मधुबनी हो, मोहनिया हो, मोकामा हो, सब बिहार में ही है। किसी भी विधायक को लोकतंत्र का आदर करना चाहिए। सूरजभान कितने प्रभावी? सूरजभान सिंह राज्य के भूमिहार बहुल क्षेत्र में प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे भी सूरजभान सिंह बलिया से सांसद रहे। उनकी पत्नी वीणा देवी मुंगेर से सांसद रहीं। इनका भाई चंदन सिंह नवादा से संसद रहे। इन तीन लोकसभा क्षेत्रों में प्रभावी सूरजभान सिंह लालू प्रसाद के साथ मिल कर एनडीए के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अनंत और सूरजभान का जंग पुराना अदावत की नेतृत्व तो उसी दिन शुरू हो गई जब मोकामा विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में सूरजभान सिंह ने निर्दलीय नॉमिनेशन किया था और अनंत सिंह के बडे़ भाई और आरजेडी प्रत्याशी दिलीप सिंह को हराया था। उसके बाद 2005 के विधानसभा चुनाव में दिलीप सिंह की मौत के बाद अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से मैदान में उतरे और पहली बार विधायक बने। इसके बाद अब तक जितने चुनाव मोकामा विधानसभा या मुंगेर लोकसभा के चुनाव हुए सूरजभान सिंह की भूमिका रही। तब एनडीए में थे और अब महागठबंधन की नेतृत्व में आने वाले हैं। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के पहले तो बलिया, बेगूसराय, लखीसराय और नवादा की नेतृत्व पर बाहुबली इफेक्ट तो पड़ ही गया।

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दारोगा भागो..मामला अब हम देखेंगे’ मोकामा गोलीबारी में अनंत सिंह पर थानेदार ने लगाए ये गंभीर आरोप…

नया विचार – मोकामा गोलीबारी मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया. जिसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया. अनंत सिंह के सरेंडर करने से पहले दूसरे गुट के सोनू सिंह की गिरफ्तारी हुई. इस गोलीबारी मामले में अबतक चार केस दर्ज हुए हैं. एक FIR पुलिस की तरफ से भी दर्ज किया गया है. जिसमें अनंत सिंह के ऊपर थानेदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं. अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. थानेदार ने लगाए गंभीर आरोप मोकामा गोलीबारी मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह पर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने, गाली गलौज करने, प्रशासनी काम में धा पहुंचाने और आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुए हैं. पंचमहला थाना के थानाध्यक्ष प्रह्लाद कुमार झा के आवेदन पर पुलिस की ओर से एफआइआर हुआ है. जिसमें थानाध्यक्ष ने उस दिन की घटना के बारे में बताया है जब अनंत सिंह और सोनू-मोनू गुट के बीच गोलीबारी हुई थी. पुलिस पहुंची लेकिन मुकेश ने नहीं खोलने दिया ताला थानाध्यक्ष ने लिखित आवेदन में जिक्र किया है कि 22 जनवरी को उन्हें सोनू-मोनू के ईंट भट्टे पर मुंशी रहे मुकेश कुमार सिंह के हेमजा गांव स्थित घर पर जबरन ताला जड़े जाने की सूचना मिली जिसके बाद वो दलबल के साथ वहां पहुंचे. मुकेश के घर पर ताला जड़ा हुआ था. जब उसकी वीडियोग्राफी करवाकर ताला खुलवाने का प्रयास ग्रामीणों के सामने शुरू किया गया तो मुकेश ने मना कर दिया और कहा कि अनंत सिंह आ रहे हैं. ताला उनके आने के बाद ही खुलेगा. अनंत सिंह आए और थानेदार को धमकाए- आरोप थानाध्यक्ष ने लिखित आवेदन में आगे जिक्र किया है कि इसी दौरान पूर्व विधायक अनंत सिंह अपने 15-20 समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और उन्हें (थानेदार) और पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहते हुए धमकाया. बतौर थानेदार अनंत सिंह ने कहा -‘ दारोगा भागो यहां से..अब हमलोग यह मामला अपने स्तर से देख लेंगे.’ और अनंत सिंह के समर्थकों ने थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को धक्का देकर किनारे कर दिया. मुकेश सिंह के गेट का ताला खुलवाकर वो चले गए. पुलिस को देखकर भाग गए अनंत सिंह- आवेदन में थानेदार ने लिखा थानेदार ने आवेदन में आगे जिक्र किया- ‘इस दौरान मुझे मालूम चला कि अनंत सिंह समर्थकों के साथ सोनू-मोनू के घर गए हैं. जब दलबल के साथ नौरंगा गांव पहुंचे तो गोली की आवाज सुनाई दी. पुलिस को देखकर अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां से गाड़ी में बैठकर तेजी से निकल गए. पता चला कि अनंत सिंह समर्थकों और सोनू-मोनू गुट में गोलीबारी हुई है. सोनू-मोनू के घर के मोड पर तीन खोखे मिले.’

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अब अपराधी भिड़ेंगे तो एनकाउंटर होगा ही, पुलिस गलती करेगी तो… बिहार के DGP विनय कुमार की खरी-खरी

नया विचार – बिहार के DGP विनय कुमार ने खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए बिहार पुलिस की रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम करने के लिए पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है और कानून के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। बिहार पुलिस के डीजीपी ने कही बड़ी बातें विनय कुमार ने कहा कि ‘कानून का राज स्थापित करने के लिए जो भी कार्रवाइयां हैं, उन सभी को हम प्रभावी ढंग से लागू कर रहे हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कानून का पालन हो और जो कानून का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी और व्यापक कार्रवाई की जाएगी। हम लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि कोई भी कानून से ऊपर न हो, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो या कोई प्रशासनी कर्मचारी।’ पुलिस दोषी तो उन्हें भी मिलेगा दंड- DGP DGP ने कहा कि ‘हाल में आपने देखा होगा कि जब पुलिस अधिकारियों द्वारा कोई गलती या अपराध हुआ, तो उन्हें उसी तरह से सजा दी गई, जैसे किसी आम अपराधी को दी जाती है। जैसे कि मक्केर थाना अध्यक्ष, बग्घा में डीएसपी या उत्पाद थाने के इंस्पेक्टर के मामले में कार्रवाई की गई है और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ऐसे मामलों में हम कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।’ पेंडिंग केस पर भी पुलिस का जोर DGP विनय कुमार ने कहा कि हमारे अनुसंधान में जो लंबित मामले हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है। हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी, जैसे कि डीआईजी, एसपी, सिटी एसपी, डीएसपी सभी अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हम पुलिस प्रतिष्ठानों का पूरी तरह से निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही को दूर किया जा सके और पुलिस की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके। एनकाउंटर पर भी बोले डीजीपी बिहार में एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं को लेकर सवाल किए जाने पर डीजीपी ने कहा कि यह कोई पूर्व निर्धारित नीति नहीं है। यह एक स्वाभाविक परिणाम है। जब पुलिस और अपराधी एक ही क्षेत्र में सक्रिय होते हैं, तो एनकाउंटर की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस की गतिशीलता के कारण एनकाउंटर की घटनाएं बढ़ी हैं। यदि किसी क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियां बढ़ती हैं और पुलिस की सतर्कता बनी रहती है, तो मुठभेड़ की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता। अनंत सिंह फायरिंग कांड पर बड़ी बात कही अनंत सिंह पर हुए मामले के बाद घटना में शामिल आरोपियों के सरेंडर करने को लेकर सवाल किए जाने पर डीजीपी ने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। चाहे वह पुलिस का अधिकारी हो, कोई प्रशासनी कर्मचारी हो या सामान्य नागरिक, कानून सबके लिए समान है। यह ‘कानून के समक्ष समानता’ और ‘कानून का शासन’ का मूल सिद्धांत है, जिसे हमें अपनाना पड़ेगा। हम प्रभावी जांच और त्वरित जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। त्वरित मुकदमे की प्रक्रिया को भी हम प्रोत्साहित कर रहे हैं। अपराधियों की संपत्ति पर चोट उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए हमने विशेष एसओपी तैयार किया है। सभी थाना क्षेत्रों को निर्देशित किया है कि वे अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करें और जब्त करें। इसके साथ ही, ट्रिपल ‘सी’ क्राइम, कम्युनलिज्म और करप्शन जैसे मुद्दों पर प्रशासन का स्पष्ट रुख है और हम भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेंगे। आपने देखा कि कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और हम इसी तरह से भ्रष्टाचार पर प्रहार करेंगे। अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्तियों को अटैच करने का भी प्रयास किया जाएगा और यदि किसी अपराधी के खिलाफ जांच के दौरान गिरफ्तारी की आवश्यकता होगी तो वे गिरफ्तार किए जाएंगे।  

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ममता कुलकर्णी ने लिया संन्यास, किन्नर अखाड़े में दीक्षा लेकर बनीं महामंडलेश्वर, ये है नया नाम

नया विचार – जानी मानी फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने कुंभनगरी में आकर संन्यास दीक्षा ली। दीक्षा के बाद उनका नाम बदलकर अब श्रीयामाई ममतानंद गिरि हो गया। संगम तट पर उनकी संन्यास दीक्षा हुई। शाम को किन्नर अखाड़ा आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की अगुवाई में उनका पट्टाभिषेक हुआ। हर-हर महादेव के जयकारों के साथ उनको अखाड़े मेंं धर्मध्वजा के नीचे पट्टाभिषेक कराया गया। फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी बृहस्पतिवार को ही महाकुंभ नगरी पहुंच गई थीं। शुक्रवार सुबह सेक्टर-16 संगम लोवर मार्ग स्थित किन्नर अखाड़ा शिविर पहुंची। इसके बाद उनकी संन्यास दीक्षा क्रियाएं आरंभ हुईं। आचार्य पुरोहित की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक संन्यास दीक्षा हुई। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर गर्गाचार्य मुचकुंद, पीठाधीश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि समेत अन्य संतों की मौजूदगी मेंं धार्मिक क्रियाएं हुईं। इसके बाद शाम को संगम तट पर पिंडदान हुआ। किन्नर अखाड़े में पट्टाभिषेक कार्यक्रम के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की अगुवाई में पूजन के बाद उनका पट्टाभिषेक किया गया। आचार्य महामंडलेश्वर ने उनका नानम बदलकर श्रीयामाई कुलकर्णी रखा है। देखें वीडियो https://youtu.be/jgBv58d3gBM?si=n-wxCCZRBXEMYAZD

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कर्पूरी जयंती पर कर्पूरीग्राम पहुंचे सीएम नीतीश दी श्रद्धांजलि

नया विचार –  मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार द्वारा हिंदुस्तान रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 101 वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक स्थान कर्पूरी ग्राम में स्थित स्मृति भवन पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया एवं वहां पर आयोजित सर्वधर्म सद्भाव कार्यक्रम में भाग लिया गया । तत्पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा गोखुल महाविद्यालय में स्थित कर्पूरी ठाकुर जी की प्रतिमा त्रिमूर्ति पर माल्यार्पण किया गया एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया ।इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन वृत्तांत के बारे में संक्षेप में वर्णन करते हुए उनके त्याग एवं समर्पण का जिक्र किया तथा गरीबी एवं पिछड़ों हेतु उनके द्वारा किए गए योगदान का भी जिक्र किया गया। विदित हो कि कर्पूरी ठाकुर जी बिहार के दो बार मुख्यमंत्री पद को सुशोभित कर चुके हैं इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मंत्री जल संसाधन विभाग श्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री ग्रामीण विकास विभाग श्री श्रवण कुमार सहित विभिन्न पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

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