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PK ने राज्यव्यापी बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी, कहा- बिहार के युवाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज बनना है

राहुल गांधी को नहीं पता कि जब बिहार में जाति जनगणना हुई थी तब महागठबंधन की प्रशासन थी- प्रशांत किशोर नया विचार पटना। आज बिहार सत्याग्रह आश्रम से जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राज्यव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जिसका नेतृत्व जन सुराज के युवा अध्यक्ष आनंद मिश्रा कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने बाइक रैली के बारे में प्रेस से जानकारी साझा करते हुए बताया कि आनंद मिश्रा के नेतृत्व में 100 बाइकर्स पूरे बिहार में 20 हजार किलोमीटर की यात्रा करेंगे। यात्रा का उद्देश्य बिहार के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उनकी आवाज बनना है। अपनी पदयात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह मैंने पूरे बिहार में पैदल यात्रा की, उसी तरह आनंद मिश्रा भी बाइक यात्रा कर बिहार के युवाओं से जुड़ेंगे। इसके साथ ही आनंद मिश्रा ने भी प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि यह पूरी यात्रा प्रशांत जी के मार्गदर्शन में हो रही है। उन्होंने जो पैदल पदयात्रा कर बीज बोया है, उसे मैं बाइक यात्रा करके सींचूंगा। प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि जब बिहार में जाति जनगणना हुई थी, तब बिहार में महागठबंधन की प्रशासन थी। जब वह कहते हैं कि बिहार में अत्याचार हो रहे हैं, तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए क्योंकि बिहार और देश में लंबे समय तक कांग्रेस की ही प्रशासन रही है। अगर कांग्रेस सिख दंगों के लिए माफी मांग सकती है तो उन्हें बिहार में जंगलराज के दौरान किए गए अत्याचारों के लिए भी माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उस समय बिहार में उनकी पार्टी के समर्थन से प्रशासन चल रही थी।

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राबड़ी आवास में पशुपति पारस और लालू यादव की मुलाकात, RLJP को लेकर अटकलें तेज

नया विचार पटना– बिहार में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। चुनाव से पहले बिहार में सियासी पारा गर्म है। अभी कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मकर संक्रांति के मौके पर आरएलजेपी के प्रमुख पशुपति पारस के आवास जाकर उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद आरएलजेपी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, पशुपति पारस इससे पहले कई बार यह कहते आए हैं कि वो एनडीए का हिस्सा हैं। हालांकि, समय-समय पर उनकी नाराजगी भी सामने आती रही है। अब रविवार को अचानक पशुपति पारस पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंच गए। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि राबड़ी आवास में लालू प्रसाद यादव और पशुपित पारस की एक बार फिर मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई है। इसके बाद पशुपति पारस वहां से निकल गए। पशुपति पारस के साथ राष्ट्रीय लोक जन शक्ति पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज भी इस मुलाकात में शामिल थे। अब इस मुलाकात के बाद आरएलजेपी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। करीब एक हफ्ते में ही लालू और पशुपति पारस की इस दूसरी मुलाकात को लेकर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही पशुपति पारस कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं। इस बात की भी अटकलें तेज हैं कि आरएलजेपी बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन का हिस्सा बन सकता है। इससे पहले भी जब चूड़ा-दही पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पशुपति पारस की मुलाकात हुई थी तब उस वक्त भी इसकी काफी चर्चा हो रही थी। पशुपति पारस मोदी प्रशासन के दूसरे टर्म में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि राजद पशुपति पारस को अपने साथ इसलिए लाना चाहती है ताकि भूमिहार और दलित वोट बैंक को साधा जा सके। कुछ नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पशुपति पारस की पार्टी आरएलजेपी महागठबंधन का हिस्सा बनती है तो वो जमुई, हाजीपुर, बेगूसराय, वैशाली, मुंगर और खगड़िया जिले की कुछ विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। कहा जा रहा है कि इससे अगड़ी और दलितों के वोटों में बिखराव होगा जिसका फायदा कहीं ना कहीं महागठबंधन को मिल सकता है।

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पटना में फिटजी के निदेशक पर धोखाधड़ी का केस, फीस लेकर पढ़ाई बंद करने का आरोप; बैंक…

नया विचार पटना– देश के एक नामी कोचिंग संस्थान पर छात्रों से धोखाधड़ी का आरोप लगा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की राजधानी पटना में FIITJEE Coaching Centre पर आरोप लगा है कि उसने छात्रों से पैसे लेने के बाद अपने सेंटर बंद कर दिए हैं। यह पूरा मामला अब थाने में पहुंच चुका है। कोचिंग संस्थान के निदेशक पर केस भी दर्ज किया गया है। आरोप है कि फिटजी संस्थान ने कई छात्रों से लाखों रुपये की फीस वसूली और फिर पटना के विभिन्न कोचिंग केंद्रों में पढ़ाई बंद हो गई है। इसे लेकर नाराज छात्रों ने पटना के कोतवाली थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। थाने में फिटजी के निदेशक डीके गोयल, CFO मनीष आनंद, सेंटर हेड राजीव बब्बर और आर के ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इधर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि फिटजी कोचिंग संस्थान के करीब 20 बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य बैंक खातों को भी सीज कराने में पुलिस जुटी हुई है। कोतवाली थाने के डीएसपी कुष्ण मुरारी ने मीडिया से बातचीत में बताया, ‘अप्रैल महीने में शुरू होने वाले एक कोर्स को लेकर कुछ छात्रों ने एडमिशन करवाया और उसका पूरा पैसा भी पेमेंट कर दिया था। इसी को लेकर आरोप लगाया गया कि पटना में जो फिटजी के सेंटर हैं उन सभी सेंटरों को बंद कर लोग भाग रहे हैं। हमने उनसे पूछा कि आपको कैसे जानकारी मिली कि वो सेंटर बंद कर यहां से जा रहे हैं तो उन्होंने बताया कि उनके शिक्षकों ने उन्हें यह बात बताई है। टीचर भी यहां छोड़ कर दूसरे कोचिंग संस्थानों में ज्वाइन कर रहे हैं।’

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बिहार में नाव पलटने से बड़ा हादसा, 3 शव मिले; 4 लापता, 18 लोग थे सवार

नया विचार – बिहार में नाव पलटने से बड़ा हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि कटिहार जिले में यह नाव पलटी है। हादसे के बाद अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि 4 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। कई लोगों के लापता होने की भी बात सामने आई है। दरअसल कटिहार के गोलाघाट से सकरी गली (झारखंड) जा रही एक डेंगी नाव के गंगा नदी के बीच धारा में पलट जाने से एक छोटे शिशु समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। चार लोगों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। जबकि चार लोग के लापता होने की सूचना है। ग्रामीणों की माने तो नाव पर 18 के करीब लोग सवार थे। जो रविवार की सुबह 8.30 बजे के आसपास गोलाघाट से नाव से सकरी गली के लिए निकले थे। गंगा की बीच धारा में आते ही लोगों से भरी नाव पलट गई। नाव डूबते ही 11 लोगों ने तैर कर अपनी जान बचा ली और बच्चा सहित सात लोग नदी में लापता हो गए हैं। स्थानीय गोताखोर की मदद से नदी में लापता सात लोगों में एक बच्चा सहित तीन लोगों का शव बाहर निकाला गया है। घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ दुर्गश कुमार, सीओ स्नेहा कुमारी तथा थानाध्यक्ष कुंदन कुमार गोलाघाट घटना स्थल पहुंच कर अन्य लापता लोगों की खोजबीन में जुटे हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि एक छोटी नाव पर 18 लोग सवार होकर झारखंड के सकरीगली जा रहे थे। जिसमें 11 लोग तैर कर नदी से बाहर हो गए हैं। अन्य सात लोगों में एक बच्चा सहित तीन लोगों का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया है। अन्य चार की खोज जारी है।

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रोहतास के बालू घाट के दफ्तर में 5 लाख की लूट, CCTV में कैद हुई वारदात

नया विचार – बिहार के रोहतास जिले के नासरीगंज इलाके में शनिवार की देर रात अपराधियों ने बालू घाट के दफ्तर में लूटपाट की. रात करीब 1:30 बजे 10 से 12 की संख्या में आये हथियारबंद अपराधियों ने सोन नदी के किनारे स्थित क्लस्टर- 3 बालू घाट के दफ्तर में यह लूटपाट की है. अपराधियों ने पहले दफ्तर के अंदर मौजूद लोगों को डराया-धमकाया. उनके साथ मारपीट की. इसके बाद बक्से में रखे नकद पांच लाख रुपये लूटकर फरार हो गए. लूटपाट की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. घटना की जानकारी मिलने पर रोहतास पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थाल का निरीक्षण किया. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चल रही जांच जिला एसपी रोशन कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. अपराधियों की पहचान कर ली गई है. जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वैसे लूटपाट की घटना के बाद बालू घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. नासरीगंज के इस क्षेत्र में पहले भी अपराधी गतिविधियां सामने आती रही हैं. बालू व्यापार में बढ़ते आर्थिक लेनदेन के कारण यह इलाका अपराधियों के निशाने पर है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है. स्थानीय व्यापारियों में दहशत इस लूटपाट के बाद नासरीगंज के बालू घाट क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय व्यापारियों और कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि लोगों के बीच डर का माहौल भी पैदा करती हैं. हालांकि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को पकड़ने और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे. साथ ही बालू घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.

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गोपालगंज में सुबह-सुबह पुलिस इनकाउंटर, शूटर अभिषेक यादव को लगी गोली

नया विचार – गोपालगंज में सुबह-सुबह पुलिस इनकाउंटर हुआ है. रविवार की सुबह हुए इस इनकाउंटर में शूटर अभिषेक यादव पुलिस की गोली से घायल हुआ है. इनकाउंटर उचकागांव थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव के पास हुई है. घायल कुख्यात अपराधी को पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभिषेक यादव पर आरोप है कि इसने उचकागांव थाना क्षेत्र के झीरवा पंचायत के पूर्व मुखिया व शिक्षक अरविंद यादव की बीते 10 जनवरी को घर से स्कूल जाते समय हत्या कर दी गयी थी. पैर में गोली लगी और वह भाग नहीं सका पूर्व मुखिया हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड के मुख्य शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए वृंदावन गांव में पहुंचा है. पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की और सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन शूटर ने अपनी पिस्टल से पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कुख्यात अपराधी और शूटर अभिषेक यादव को पैर में गोली लगी और वह भाग नहीं सका. जिसके बाद पुलिस उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दी है. एसपी अवधेश दीक्षित ने सदर अस्पताल में पहुंचकर घायल अपराधी से पूछताछ की है. एक पिस्तौल और गोली भी बरामद गोपालगंज पुलिस पूर्व मुखिया हत्याकांड में जल्द बड़ा खुलासा करने की बात कहते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. एसपी ने कहा कि मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ अपराधी अभिषेक यादव पर कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज है और उसने रेकी करने के बाद पूर्व मुखिया अरविंद यादव की गोली मारकर हत्या की थी. पुलिस नहीं अपराधी के पास से एक पिस्तौल और गोली भी बरामद किया है. गोपालगंज में हुई इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस ने इस कार्रवाई से साफ तौर पर अपराधियों को मैसेज दिया है कि छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं. इसके पहले भी चौकीदार झमेंद्र राय हत्याकांड में गिरफ्तार करने गई, पुलिस के साथ अपराधियों ने मुठभेड़ किया था, जिसमें जवाबी कार्रवाई में अपराधी घायल हुए थे.

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चाबी लाओ चाबी.., जब तेजस्वी को बगल में बैठा तेजप्रताप ने संभाली स्टेरिंग; सारथी वाले सवा…

नया विचार पटना– बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता और तेजस्वी यादव का पार्टी में कद बढ़ा है। शनिवार को पटना में हुई राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पेश कर पार्टी के सारे फैसले लेने के लिए लालू प्रसाद के साथ तेजस्वी प्रसाद यादव को भी अधिकृत कर दिया गया। जिसके बाद यह माना जा रहा है कि अब राजद में तेजस्वी युग की शुरुआत हो चुकी है। इन सब के बीच तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव का एक वीडियो सामने आया है जो काफी चर्चा में है। दरअसल यह वीडियो है तेज प्रताप यादव के कार चलाने का। इस वीडियो में तेज प्रताप यादव की बगल वाली सीट पर तेजस्वी यादव बैठे नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में तेज प्रताप यादव ड्राइविंग सीट पर बैठ कर स्टेरिंग संभाल रहे हैं और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव उनकी ड्राइविंग का आनंद ले रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि जब तेजस्वी यादव कार में ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठे थे तब ही तेज प्रताप यादव ने खुद आकर कार में ड्राइविंग सीट संभाल ली। लेकिन जैसे ही तेज प्रताप यादव ने कार को आगे बढ़ाने की कोशिश की तो उन्होंने दखा कि कार की चाबी उसमें मौजूद नहीं है। इसके बाद दोनों ही भाइयों ने पीछे मुड़कर चाबी के लिए आवाज दी और कहा, चाबी दो.. चाबी। तेज प्रताप यादव ने कहा, चाबी मांगिए ना चाबी। इसी बीच एक पत्रकार ने सवाल किया, ‘लंबे समय के बाद एक फिर तेज प्रताप जी सारथी की भूमिका में? इसपर तेजस्वी यादव ने तुरंत जवाब दिया, ‘आप लोग सिर्फ घीसा- पीटा सवाल पूछते हैं। हालांकि, इसके कुछ समय बाद कार की चाबी तेज प्रताप यादव को दी गई। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने स्टेरिंग संभाला और धीरे-धीरे उनकी कार आगे बढ़ गई। इस दौरान तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के समर्थन में वहां नारे भी लगाए गए। तेज प्रताप यादव ने कही थी यह बात आपको याद दिला दें कि पटना की एक रैली में तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव को अर्जुन बताते हुए खुद को सारथी बताया था। उस रैली में तेज प्रताप यादव ने कहा था, ‘जो लोग हमारे अर्जुन और मुझे जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं, अगर वो माई के लाल हैं तो हम दोनों भाइयों को गिरफ्तार करके दिखाएं। हम तो डंके की चोट पर रथ पर चढ़ेंगे और खुद तेजस्वी के रथ का सारथी भी बनेंगे।’

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‘केजरीवाल पर भीड़ ने पत्थर से किया हमला, दिखाए काले झंडे’, AAP ने प्रवेश वर्मा पर लगाए आरोप; जारी किया वीडियो

नया विचार –  नई दिल्ली में विधानसभा सीट पर प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी ने शनिवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल पर प्रवेश वर्मा के गुंडों ने पत्थर से हमला किया। नई दिल्ली विधानसभा में प्रचार करते वक्त यह हमला किया गया। लोकल लोगों से भी प्रवेश वर्मा के गुंडों की झड़प हुई। स्थानीय लोगों ने भाजपा के गुंडों को भगाया। इसके बाद प्रवेश वर्मा के गुंडों ने पत्थर से हमला किया। प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की मांग की AAP नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “भाजपा के गुंडों ने आज फिर नई दिल्ली विधानसभा में प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल पर पत्थरों से हमला किया है। आज तक नई दिल्ली विधानसभा में इस तरह की हरकत कभी नहीं हुई थी। प्रवेश वर्मा जब वहां प्रचार कर रहे थे तो वे ये देख कर बौखला गए कि कैसे इतना पैसा बांटने के बाद, सारे काले काम करने के बाद भी जनता पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल के साथ है और इस बौखलाहट में भाजपा और प्रवेश वर्मा ने अपने गुंडों से अरविंद केजरीवाल पर हमला करवाया है। किसी भी तरीके से वे (भाजपा) नई दिल्ली विधानसभा में शांतिपूर्ण चुनाव नहीं होने देना चाहते। चुनाव आयोग की आंखें बंद हैं। वे (प्रवेश वर्मा) जान बूझकर अब हिंसा पर उतारू हैं। मैं आशा करती हूं कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस की आंखें खुलेंगी।” घटना पर तुरंत कार्रवाई होः प्रवेश वर्मा प्रवेश वर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मैं लेडी हार्डिंग अस्पताल गया ताकि घायल युवाओं के बारे में जानकारी ले सकूं। अरविंद केजरीवाल जी, यह घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि आपकी लापरवाही और असंवेदनशीलता को भी दर्शाती है। जब लोग सवाल कर रहे थे, तो आपने गाड़ी से टक्कर मारी। इस घिनौने कृत्य के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।” बीजेपी ने केजरीवाल पर लगाए आरोप वहीं, बीजेपी ने भी वीडियो जारी किया है और केजरीवाल पर ही आरोप लगाए हैं। बीजेपी के एक्स हैंडल पर लिखा गया, “2 युवकों को तानाशाह से सवाल पूछना पड़ा भारी। दिल्ली चुनावों में हार सामने देख बौखलाया महाठग। सवाल पूछने पर दो युवाओं को जोरदार टक्कर मारकर भागे, दोनों युवक को लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल ले कर गए। केजरीवाल क्या तुम्हारे लिए लोगों की जान की कोई कोई कीमत नहीं है?”  

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PK ने कि बेदारी कारवां मुहिम की शुरुआत, बोले- मेरा लक्ष्य गोडसे के दौर में गांधी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है

किसी मुस्लिम व्यक्ति को अगर प्रशासन गलत तरीके से पकड़ता है या पकड़ कर रखा है तो जन सुराज उसे इंसाफ दिलाने की पूरी जिम्मेदारी लेगा: प्रशांत किशोर नया विचार पटना–  जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज मुस्लिम समुदाय में जागरूकता लाने के लिए पटना के हज भवन में जन सुराज बेदारी कारवां अभियान की शुरुआत की, जिसके माध्यम से बिहार के हर घर तक जन सुराज का संदेश पहुंचाया जाएगा। प्रशांत किशोर ने अभियान की शुरुआत करते हुए मौलाना मज़हरुल हक ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य गोडसे के दौर में गांधी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि बेदारी कारवां गांधी की विचारधारा पर आधारित कारवां है, क्योंकि गांधी की विचारधारा से ही मुस्लिम समाज के लोगों का विकास हो सकता है। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने एक बड़ी समस्या के बारे में बात करते हुए कहा कि हाल ही में BPSC आंदोलन के दौरान उन्हें पता चला कि कई मुस्लिम युवकों को पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में ले रखा है। और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि मुस्लिम समुदाय में इतना डर है कि कोई भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा है। लेकिन अब हमने तय किया है कि जन सुराज हर उस युवा को इंसाफ दिलाएगा जिसे प्रशासन ने गलत तरीके से हिरासत में लिया है।

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BPSC के जरिए चिराग पासवान की SEAT टैक्टिस? इस बार विधानसभा में एंट्री की तैयारी के लिए नया ‘मॉडल’?

नया विचार पटना– बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर का अनशन समाप्त हो गया है। मामला हाईकोर्ट में है। 30 जनवरी को अगली सुनवाई है। आश्चर्यजनक ढंग से प्रशासन और प्रतिपक्ष तकरीबन साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मसले पर चुप हैं। दोनों की अब तक की कोशिश यही दिखती है कि बीपीएससी को बचाया जाए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुरू में रुचि तो दिखाई, लेकिन प्रशांत किशोर की इस मामले में एंट्री से उन्होंने भी कदम खींच लिए। एनडीए में अपवाद स्वरूप चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ही है, जिसने अभ्यर्थियों को नैतिक समर्थन दिया है। इसकी क्या वजह है, यह तो चिराग ही बेहतर बता सकते हैं। चिराग को धांधली का शक चिराग पासवान कहते हैं- ‘मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से छात्रों के साथ हैं। मैं मानता हूं कि कहीं ना कहीं इस परीक्षा में धांधली हुई है। कुछ तो अनियमितता बरती गई, जिसकी वजह से कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा की नौबत आई। मामले की गंभीरता इससे ही पता चलती है कि एक ही परीक्षा दो बार कराई गई। जिन 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई, वहां गड़बड़ी की पुष्टि जरूर हुई होगी। BPSC की जिम्मेदारी बनती है कि सभी बच्चों को समान मौके मिलें। किसी को एडवांटेज न मिले। इसलिए पूरी परीक्षा को फिर से करानी चाहिए।’ राज्य प्रशासन ने पल्ला झाड़ा राज्य प्रशासन ने बीपीएससी को स्वशासी संस्था मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री समझ ली। आयोग अपनी जिद पर अड़ा है। अभ्यर्थी आंदोलन की राह पर हैं। प्रशासन अभ्यर्थियों की बात मानने की कौन कहे, सुनने तक को तैयार नहीं है। अभ्यर्थी प्रशासन से बात कराने के लिए राज्यपाल से मिले। राज्यपाल ने उनकी मांगों पर गौर करने का आश्वासन भी दिया। पर, यह सबको पता है कि राज्यपाल की अपनी सीमाएं हैं। वे प्रशासन या आयोग के मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकते। अभ्यर्थियों के साथ आए चिराग सवाल उठता है कि प्रशासन चुप है, प्रशासन में सहयोगी भाजपा चुप है और एनडीए के अन्य घटक भी नहीं बोल रहे तो चिराग पासवान ने अलग स्टैंड कैसे ले लिया! कहीं वे राज्य प्रशासन के मुखिया नीतीश कुमार से 2020 की तरह पंगा लेने की भूमिका तो नहीं तैयार कर रहे! या कि विधानसभा चुनाव में सीटों के लिए प्रेशर बनाने की उनकी यह टैक्टिस है। एलजेपीआर पहले ही 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। एनडीए में समझौता हुए बगैर चिराग ने कुछ सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। इसमें शेखपुरा की सीट भी शामिल है। चिराग ने वहां से पार्टी जिला अध्यक्ष इमाम गजाली को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है। नीतीश से चिराग की दोस्ती न के बराबर? जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। प्रशासन बनाने के लिए भी वे किसी से तालमेल नहीं करेंगे। ऐसे में एनडीए से सिर्फ चिराग के दोबारा बीपीएससी परीक्षा कराने के लिए अभ्यर्थियों के साथ खड़े होने के क्या मायने हो सकते हैं। अतीत में नीतीश से उनके रिश्ते कैसे रहे हैं, यह सबको पता है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने नीतीश को ऐसी चोट पहुंचाई, जिसका दर्द पांच साल बाद भी उन्हें सालता है। चिराग को बिहार में संभावनाएं दिख रही हैं। नेतृत्व में नीतीश कुमार की यह आखिरी पारी हो सकती है। भाजपा के पास भी कोई दमदार युवा चेहरा नहीं है। यानी आगे भी गठबंधन प्रशासन की ही संभावनाएं हैं। ऐसे में चिराग के पास बिहार की नेतृत्व के लिए कुछ विधायक तो होने ही चाहिए। सीटों की बारगेनिंग की टैक्टिस! चिराग को यह भी पता है अपने दम पर चुनाव में उनकी सफलता संभव नहीं। लोकसभा चुनाव में पांच सीटें एलजेपीआर को मिलीं तो उसमें एनडीए की साझा ताकत थी। अपने दम पर तो वे 2020 में 134 उम्मीदवार उतार कर देख चुके हैं। एक भी नहीं जीता। हां, किसी को हराने का माद्दा जरूर उनमें है। विधानसभा चुनाव में जेडीयू को तकरीबन तीन दर्जन सीटों पर हार का कारण चिराग ही बने थे। चिराग अपनी ताकत बढ़ाना चाहते हैं, ताकि वे एनडीए में सीटों की बारगेनिंग कर सकें।

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