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रोहतास के बालू घाट के दफ्तर में 5 लाख की लूट, CCTV में कैद हुई वारदात

नया विचार – बिहार के रोहतास जिले के नासरीगंज इलाके में शनिवार की देर रात अपराधियों ने बालू घाट के दफ्तर में लूटपाट की. रात करीब 1:30 बजे 10 से 12 की संख्या में आये हथियारबंद अपराधियों ने सोन नदी के किनारे स्थित क्लस्टर- 3 बालू घाट के दफ्तर में यह लूटपाट की है. अपराधियों ने पहले दफ्तर के अंदर मौजूद लोगों को डराया-धमकाया. उनके साथ मारपीट की. इसके बाद बक्से में रखे नकद पांच लाख रुपये लूटकर फरार हो गए. लूटपाट की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. घटना की जानकारी मिलने पर रोहतास पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थाल का निरीक्षण किया. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चल रही जांच जिला एसपी रोशन कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. अपराधियों की पहचान कर ली गई है. जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वैसे लूटपाट की घटना के बाद बालू घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. नासरीगंज के इस क्षेत्र में पहले भी अपराधी गतिविधियां सामने आती रही हैं. बालू व्यापार में बढ़ते आर्थिक लेनदेन के कारण यह इलाका अपराधियों के निशाने पर है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है. स्थानीय व्यापारियों में दहशत इस लूटपाट के बाद नासरीगंज के बालू घाट क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय व्यापारियों और कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि लोगों के बीच डर का माहौल भी पैदा करती हैं. हालांकि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को पकड़ने और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे. साथ ही बालू घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.

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गोपालगंज में सुबह-सुबह पुलिस इनकाउंटर, शूटर अभिषेक यादव को लगी गोली

नया विचार – गोपालगंज में सुबह-सुबह पुलिस इनकाउंटर हुआ है. रविवार की सुबह हुए इस इनकाउंटर में शूटर अभिषेक यादव पुलिस की गोली से घायल हुआ है. इनकाउंटर उचकागांव थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव के पास हुई है. घायल कुख्यात अपराधी को पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभिषेक यादव पर आरोप है कि इसने उचकागांव थाना क्षेत्र के झीरवा पंचायत के पूर्व मुखिया व शिक्षक अरविंद यादव की बीते 10 जनवरी को घर से स्कूल जाते समय हत्या कर दी गयी थी. पैर में गोली लगी और वह भाग नहीं सका पूर्व मुखिया हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड के मुख्य शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए वृंदावन गांव में पहुंचा है. पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की और सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन शूटर ने अपनी पिस्टल से पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कुख्यात अपराधी और शूटर अभिषेक यादव को पैर में गोली लगी और वह भाग नहीं सका. जिसके बाद पुलिस उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दी है. एसपी अवधेश दीक्षित ने सदर अस्पताल में पहुंचकर घायल अपराधी से पूछताछ की है. एक पिस्तौल और गोली भी बरामद गोपालगंज पुलिस पूर्व मुखिया हत्याकांड में जल्द बड़ा खुलासा करने की बात कहते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. एसपी ने कहा कि मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ अपराधी अभिषेक यादव पर कई अपराधिक मामले पहले से दर्ज है और उसने रेकी करने के बाद पूर्व मुखिया अरविंद यादव की गोली मारकर हत्या की थी. पुलिस नहीं अपराधी के पास से एक पिस्तौल और गोली भी बरामद किया है. गोपालगंज में हुई इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस ने इस कार्रवाई से साफ तौर पर अपराधियों को मैसेज दिया है कि छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं. इसके पहले भी चौकीदार झमेंद्र राय हत्याकांड में गिरफ्तार करने गई, पुलिस के साथ अपराधियों ने मुठभेड़ किया था, जिसमें जवाबी कार्रवाई में अपराधी घायल हुए थे.

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चाबी लाओ चाबी.., जब तेजस्वी को बगल में बैठा तेजप्रताप ने संभाली स्टेरिंग; सारथी वाले सवा…

नया विचार पटना– बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता और तेजस्वी यादव का पार्टी में कद बढ़ा है। शनिवार को पटना में हुई राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पेश कर पार्टी के सारे फैसले लेने के लिए लालू प्रसाद के साथ तेजस्वी प्रसाद यादव को भी अधिकृत कर दिया गया। जिसके बाद यह माना जा रहा है कि अब राजद में तेजस्वी युग की शुरुआत हो चुकी है। इन सब के बीच तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव का एक वीडियो सामने आया है जो काफी चर्चा में है। दरअसल यह वीडियो है तेज प्रताप यादव के कार चलाने का। इस वीडियो में तेज प्रताप यादव की बगल वाली सीट पर तेजस्वी यादव बैठे नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में तेज प्रताप यादव ड्राइविंग सीट पर बैठ कर स्टेरिंग संभाल रहे हैं और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव उनकी ड्राइविंग का आनंद ले रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि जब तेजस्वी यादव कार में ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठे थे तब ही तेज प्रताप यादव ने खुद आकर कार में ड्राइविंग सीट संभाल ली। लेकिन जैसे ही तेज प्रताप यादव ने कार को आगे बढ़ाने की कोशिश की तो उन्होंने दखा कि कार की चाबी उसमें मौजूद नहीं है। इसके बाद दोनों ही भाइयों ने पीछे मुड़कर चाबी के लिए आवाज दी और कहा, चाबी दो.. चाबी। तेज प्रताप यादव ने कहा, चाबी मांगिए ना चाबी। इसी बीच एक पत्रकार ने सवाल किया, ‘लंबे समय के बाद एक फिर तेज प्रताप जी सारथी की भूमिका में? इसपर तेजस्वी यादव ने तुरंत जवाब दिया, ‘आप लोग सिर्फ घीसा- पीटा सवाल पूछते हैं। हालांकि, इसके कुछ समय बाद कार की चाबी तेज प्रताप यादव को दी गई। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने स्टेरिंग संभाला और धीरे-धीरे उनकी कार आगे बढ़ गई। इस दौरान तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के समर्थन में वहां नारे भी लगाए गए। तेज प्रताप यादव ने कही थी यह बात आपको याद दिला दें कि पटना की एक रैली में तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव को अर्जुन बताते हुए खुद को सारथी बताया था। उस रैली में तेज प्रताप यादव ने कहा था, ‘जो लोग हमारे अर्जुन और मुझे जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं, अगर वो माई के लाल हैं तो हम दोनों भाइयों को गिरफ्तार करके दिखाएं। हम तो डंके की चोट पर रथ पर चढ़ेंगे और खुद तेजस्वी के रथ का सारथी भी बनेंगे।’

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‘केजरीवाल पर भीड़ ने पत्थर से किया हमला, दिखाए काले झंडे’, AAP ने प्रवेश वर्मा पर लगाए आरोप; जारी किया वीडियो

नया विचार –  नई दिल्ली में विधानसभा सीट पर प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी ने शनिवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल पर प्रवेश वर्मा के गुंडों ने पत्थर से हमला किया। नई दिल्ली विधानसभा में प्रचार करते वक्त यह हमला किया गया। लोकल लोगों से भी प्रवेश वर्मा के गुंडों की झड़प हुई। स्थानीय लोगों ने भाजपा के गुंडों को भगाया। इसके बाद प्रवेश वर्मा के गुंडों ने पत्थर से हमला किया। प्रवेश वर्मा पर कार्रवाई की मांग की AAP नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “भाजपा के गुंडों ने आज फिर नई दिल्ली विधानसभा में प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल पर पत्थरों से हमला किया है। आज तक नई दिल्ली विधानसभा में इस तरह की हरकत कभी नहीं हुई थी। प्रवेश वर्मा जब वहां प्रचार कर रहे थे तो वे ये देख कर बौखला गए कि कैसे इतना पैसा बांटने के बाद, सारे काले काम करने के बाद भी जनता पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल के साथ है और इस बौखलाहट में भाजपा और प्रवेश वर्मा ने अपने गुंडों से अरविंद केजरीवाल पर हमला करवाया है। किसी भी तरीके से वे (भाजपा) नई दिल्ली विधानसभा में शांतिपूर्ण चुनाव नहीं होने देना चाहते। चुनाव आयोग की आंखें बंद हैं। वे (प्रवेश वर्मा) जान बूझकर अब हिंसा पर उतारू हैं। मैं आशा करती हूं कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस की आंखें खुलेंगी।” घटना पर तुरंत कार्रवाई होः प्रवेश वर्मा प्रवेश वर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मैं लेडी हार्डिंग अस्पताल गया ताकि घायल युवाओं के बारे में जानकारी ले सकूं। अरविंद केजरीवाल जी, यह घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि आपकी लापरवाही और असंवेदनशीलता को भी दर्शाती है। जब लोग सवाल कर रहे थे, तो आपने गाड़ी से टक्कर मारी। इस घिनौने कृत्य के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।” बीजेपी ने केजरीवाल पर लगाए आरोप वहीं, बीजेपी ने भी वीडियो जारी किया है और केजरीवाल पर ही आरोप लगाए हैं। बीजेपी के एक्स हैंडल पर लिखा गया, “2 युवकों को तानाशाह से सवाल पूछना पड़ा भारी। दिल्ली चुनावों में हार सामने देख बौखलाया महाठग। सवाल पूछने पर दो युवाओं को जोरदार टक्कर मारकर भागे, दोनों युवक को लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल ले कर गए। केजरीवाल क्या तुम्हारे लिए लोगों की जान की कोई कोई कीमत नहीं है?”  

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PK ने कि बेदारी कारवां मुहिम की शुरुआत, बोले- मेरा लक्ष्य गोडसे के दौर में गांधी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है

किसी मुस्लिम व्यक्ति को अगर प्रशासन गलत तरीके से पकड़ता है या पकड़ कर रखा है तो जन सुराज उसे इंसाफ दिलाने की पूरी जिम्मेदारी लेगा: प्रशांत किशोर नया विचार पटना–  जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज मुस्लिम समुदाय में जागरूकता लाने के लिए पटना के हज भवन में जन सुराज बेदारी कारवां अभियान की शुरुआत की, जिसके माध्यम से बिहार के हर घर तक जन सुराज का संदेश पहुंचाया जाएगा। प्रशांत किशोर ने अभियान की शुरुआत करते हुए मौलाना मज़हरुल हक ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य गोडसे के दौर में गांधी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि बेदारी कारवां गांधी की विचारधारा पर आधारित कारवां है, क्योंकि गांधी की विचारधारा से ही मुस्लिम समाज के लोगों का विकास हो सकता है। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने एक बड़ी समस्या के बारे में बात करते हुए कहा कि हाल ही में BPSC आंदोलन के दौरान उन्हें पता चला कि कई मुस्लिम युवकों को पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में ले रखा है। और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि मुस्लिम समुदाय में इतना डर है कि कोई भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा है। लेकिन अब हमने तय किया है कि जन सुराज हर उस युवा को इंसाफ दिलाएगा जिसे प्रशासन ने गलत तरीके से हिरासत में लिया है।

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BPSC के जरिए चिराग पासवान की SEAT टैक्टिस? इस बार विधानसभा में एंट्री की तैयारी के लिए नया ‘मॉडल’?

नया विचार पटना– बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर का अनशन समाप्त हो गया है। मामला हाईकोर्ट में है। 30 जनवरी को अगली सुनवाई है। आश्चर्यजनक ढंग से प्रशासन और प्रतिपक्ष तकरीबन साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मसले पर चुप हैं। दोनों की अब तक की कोशिश यही दिखती है कि बीपीएससी को बचाया जाए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुरू में रुचि तो दिखाई, लेकिन प्रशांत किशोर की इस मामले में एंट्री से उन्होंने भी कदम खींच लिए। एनडीए में अपवाद स्वरूप चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ही है, जिसने अभ्यर्थियों को नैतिक समर्थन दिया है। इसकी क्या वजह है, यह तो चिराग ही बेहतर बता सकते हैं। चिराग को धांधली का शक चिराग पासवान कहते हैं- ‘मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से छात्रों के साथ हैं। मैं मानता हूं कि कहीं ना कहीं इस परीक्षा में धांधली हुई है। कुछ तो अनियमितता बरती गई, जिसकी वजह से कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा की नौबत आई। मामले की गंभीरता इससे ही पता चलती है कि एक ही परीक्षा दो बार कराई गई। जिन 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा हुई, वहां गड़बड़ी की पुष्टि जरूर हुई होगी। BPSC की जिम्मेदारी बनती है कि सभी बच्चों को समान मौके मिलें। किसी को एडवांटेज न मिले। इसलिए पूरी परीक्षा को फिर से करानी चाहिए।’ राज्य प्रशासन ने पल्ला झाड़ा राज्य प्रशासन ने बीपीएससी को स्वशासी संस्था मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री समझ ली। आयोग अपनी जिद पर अड़ा है। अभ्यर्थी आंदोलन की राह पर हैं। प्रशासन अभ्यर्थियों की बात मानने की कौन कहे, सुनने तक को तैयार नहीं है। अभ्यर्थी प्रशासन से बात कराने के लिए राज्यपाल से मिले। राज्यपाल ने उनकी मांगों पर गौर करने का आश्वासन भी दिया। पर, यह सबको पता है कि राज्यपाल की अपनी सीमाएं हैं। वे प्रशासन या आयोग के मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकते। अभ्यर्थियों के साथ आए चिराग सवाल उठता है कि प्रशासन चुप है, प्रशासन में सहयोगी भाजपा चुप है और एनडीए के अन्य घटक भी नहीं बोल रहे तो चिराग पासवान ने अलग स्टैंड कैसे ले लिया! कहीं वे राज्य प्रशासन के मुखिया नीतीश कुमार से 2020 की तरह पंगा लेने की भूमिका तो नहीं तैयार कर रहे! या कि विधानसभा चुनाव में सीटों के लिए प्रेशर बनाने की उनकी यह टैक्टिस है। एलजेपीआर पहले ही 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। एनडीए में समझौता हुए बगैर चिराग ने कुछ सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है। इसमें शेखपुरा की सीट भी शामिल है। चिराग ने वहां से पार्टी जिला अध्यक्ष इमाम गजाली को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है। नीतीश से चिराग की दोस्ती न के बराबर? जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। प्रशासन बनाने के लिए भी वे किसी से तालमेल नहीं करेंगे। ऐसे में एनडीए से सिर्फ चिराग के दोबारा बीपीएससी परीक्षा कराने के लिए अभ्यर्थियों के साथ खड़े होने के क्या मायने हो सकते हैं। अतीत में नीतीश से उनके रिश्ते कैसे रहे हैं, यह सबको पता है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने नीतीश को ऐसी चोट पहुंचाई, जिसका दर्द पांच साल बाद भी उन्हें सालता है। चिराग को बिहार में संभावनाएं दिख रही हैं। नेतृत्व में नीतीश कुमार की यह आखिरी पारी हो सकती है। भाजपा के पास भी कोई दमदार युवा चेहरा नहीं है। यानी आगे भी गठबंधन प्रशासन की ही संभावनाएं हैं। ऐसे में चिराग के पास बिहार की नेतृत्व के लिए कुछ विधायक तो होने ही चाहिए। सीटों की बारगेनिंग की टैक्टिस! चिराग को यह भी पता है अपने दम पर चुनाव में उनकी सफलता संभव नहीं। लोकसभा चुनाव में पांच सीटें एलजेपीआर को मिलीं तो उसमें एनडीए की साझा ताकत थी। अपने दम पर तो वे 2020 में 134 उम्मीदवार उतार कर देख चुके हैं। एक भी नहीं जीता। हां, किसी को हराने का माद्दा जरूर उनमें है। विधानसभा चुनाव में जेडीयू को तकरीबन तीन दर्जन सीटों पर हार का कारण चिराग ही बने थे। चिराग अपनी ताकत बढ़ाना चाहते हैं, ताकि वे एनडीए में सीटों की बारगेनिंग कर सकें।

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चिराग पासवान और प्रशांत किशोर में हो रही ‘अंडर टेबल डील’, BJP को किनारे कर हथियाएंगे नीतीश की कुर्सी?

नया विचार – बिहार को नेतृत्व की प्रयोगशाला कहा जाता रहा है। यहां अक्सर अप्रत्याशित नेतृत्वक गठजोड़ और समीकरण देखने को मिलते रहे हैं। खासकर मकर संक्रांति के बाद बिहार की नेतृत्व में कुछ ना कुछ फेरबदल होते रहे हैं। इस बार भी इसके संकेत मिल रहे हैं। पहला नेतृत्वक बदलाव तो सार्वजनिक है, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस का हाथ थामने की तैयारी में हैं। दही चूड़ा भोज के बहाने दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद इनके बीच गठबंधन होने के संकेत मिल रहे हैं। असली नेतृत्वक फेरबदल दूसरी है, जिसपर हमारा मकसद आपका ध्यान दिलाना है। मकर संक्रांति के बाद यानी खरमास खत्म होते ही लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक निजी टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में चिराग की ओर से कही गई बातों पर गौर करें तो ऐसा लगता है कि उनके और नये-नये नेतृत्व में आए प्रशांत किशोर के बीच कोई अंडर टेबल डील हो रही है। चिराग ने पढ़े प्रशांत के लिए कसीदे जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। चिराग ने कहा- ‘चुनावी नेतृत्व में किसकी कितनी ताकत है इसका अंदाजा इसी से लगता है कि आपके पास कितने विधायक या सांसद हैं। नेतृत्वक स्तर पर और चुनावी रणक्षेत्र में अभी भी उनको (प्रशांत किशोर) प्रूफ करना है। मुझे नहीं पता कि वह उसमें कितना खरा उतरेंगे। उपचुनाव में उन्होंने जरूर प्रयास किया। वो सफलता उनको नहीं मिली।’ चिराग ने आगे कहा कि प्रशांत जी मेरे पुराने मित्र हैं। इतना मैं जरूर मानता हूं कि वो भी एक नई सोच के साथ बिहार को एक बदलाव की दिशा में लेकर जाना चाहते हैं, जिसका मैं जरूर सम्मान करता हूं। भविष्य के गर्भ में उनके लिए क्या है, क्या नहीं ये मुझे नहीं पता। लेकिन ये जरूर है कि वह एक नई सोच के साथ आए हैं। कम से कम वह जात-पात, धर्म-मजहब से उठकर कोई सामने आता है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। MY समीकरण ने दशकों तक हमारे प्रदेश को जातीयता और सांप्रदायिकता में बांटने का काम किया। मैं भी अपने MY समीकरण की बात करता हूं, जिसमें M का मतलब स्त्री और Y का अर्थ युवा है। मैंने लोकसभा चुनाव में उसे प्रमाणित करके भी दिखाया है। पांच लोकसभा सीटों में 4 युवा (एक स्त्री युवा) और दो स्त्रीओं को टिकट दिया। मोदी का हनुमान वाले बयान को बताया फिल्मी डायलॉग पिछले 10 साल की नेतृत्व देखें तो चिराग पासवान हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्पण को दर्शाने के प्रयास में होते हैं। यही वजह है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होने के बाद भी चिराग पासवान ने खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का हनुमान बता दिया था। मोदी के हनुमान वाले बयान पर उनसे सवाल पूछा गया तो पहली बार ऐसा लगा कि वह इससे बाहर निकलना चाहते हैं। चिराग ने कहा, ‘2020 का बिहार विधानसभा चुनाव मैं अकेले लड़ रहा था। मतभेद की वजह से मैंने जेडीयू के सामने अपने प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि बीजेपी का मैं समर्थन कर रहा था। उस वक्त कहा गया था कि मैं प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल कहीं भी प्रचार में नहीं कर सकता हूं। जब दो तीन बार यही बात पूछी गई तो उस वक्त आया तो फिल्मों के बैकग्राउंड से ही तो कहीं ना कहीं वो डायलॉगबाजी चलती है मन में। उस वक्त बोलते बोलते थोड़ा नाटकीय होते हुए बोल दिया था कि मुझे प्रधानमंत्री की तस्वीर होर्डिंग्स पर लगाने की जरूरत नहीं है, वो मेरे दिल में बसते हैं। जरूरत हुई तो दिल चीर कर दिखा दूंगा। उसी बात को लोगों ने हनुमान से जोड़ा।’ कई मुद्दों पर चिराग की बीजेपी से अलग राय 1. जातीय जनगणना और आरक्षण: इस मुद्दे पर चिराग बीजेपी से इतर राय रखते हैं। चिराग कहते हैं कि जातीय जनगणना होनी चाहिए। साथ 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देने के कांग्रेस के दावे पर वह कहते हैं- ‘मैं मानता हूं कि जितने भी प्रावधान हैं, जो भी इस व्यवस्था को और भी सशक्त करने की सोच को मजबूती दे सकते हैं वह किया जाना चाहिए।’ वह कहते हैं कि आज भी कई योजनाएं हैं जिसके लिए जातीय अनुपात के आंकड़े होना जरूरी है। 2. वक्फ संशोधन बिल: बीजेपी जहां इस बिल को लाने पर आमदा है, वहीं चिराग इसके खिलाफ हैं। चिराग कहते हैं कि हम और बीजेपी अलग-अलग पार्टी हैं, इसलिए कई मुद्दों पर हमारी अलग-अलग राय है। वक्फ बिल जब कैबिनेट में आया, उस वक्त हमारी पार्टी की सोच थी कि जितने भी स्टेक होल्डर हैं उनको अपनी बातें रखने का मौका मिलना चाहिए। हम लोगों का मत था कि इसको एक कमेटी में भेजा जाना चाहिए। इसके लिए जेपीसी का गठन किया गया है, जो भी कमेटी का फैसला होगा वह पार्टी को स्वीकार होगा। 3. संभल जैसी घटना: बीजेपी से इतर चिराग कहते हैं कि ऐसी कोई भी घटना आपको परेशान कर सकती है। लेकिन वहीं पर आपको अपनी प्रशासन पर विश्वास रखना होता है। कोर्ट को माध्यम बनाकर मस्जिद मस्जिद मंदिर ढूंढने के सवाल पर चिराग कहते हैं कि उनकी प्राथमिकताओं में ये है ही नहीं। ये आस्था का सवाल है। इसपर किसी के लिए भी कॉमेंट करना ठीक नहीं है। मैं कतई इस बात का पक्षधर नहीं हूं कि आप जगह जगह जाकर खुदाई करें। 4. यूनिफॉर्म सिविल कोड: गृहमंत्री अमित शाह खुद कह चुके हैं कि वह इसे देशभर में लागू करके रहेंगे। वहीं चिराग पासवान इसके खिलाफ में हैं। वह इसपर कुछ भी खुलकर बोलने से बचते रहें हैं। 5. तेजस्वी की शिक्षा: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की शिक्षा को लेकर बीजेपी, जेडीयू और प्रशांत किशोर लगातार आक्रामक है, लेकिन चिराग की इसपर अलग राय है। चिराग कहते हैं कि एजुकेशन जरूर मायने रखती है, लेकिन आपकी नीति, आपकी सोच आपके विचार, आपके फैसले आपके व्यक्तित्व को प्रस्तुत करते हैं। मैं कतई किसी के ऊपर व्यक्तिगत टिप्पणी का पक्षधर नहीं हूं। कौन कितना पढ़ा-लिखा है इसपर उनका मूल्यांकन करने के बजाय

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बिहार में कुर्की के डर से मंत्री के भाई ने किया सरेंडर, अपहरण मामले के बाद नेपाल में छिपा था पिन्नू

नया विचार बेतिया – बिहार के बेतिया में एक राइस मील से मजदूर को पिस्तौल का भय दिखाकर अगवा करने और जबरन उससे जमीन लिखवाने के मामले में पुलिस को मंत्री रेणु देवी के भाई की तलाश थी. ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही थी लेकिन मुख्य अभियुक्त रवि कुमार उर्फ पन्नू फरार था. इस बीच कुर्की की तैयारी तेज हो गयी. पुलिस ने पन्नू के घर पर इश्तेहार चिपकाया. जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया. वह नेपाल में छिपा था. कुर्की के डर से उसने शनिवार को सरेंडर कर दिया. कुर्की के डर से पिन्नू ने किया सरेंडर एसपी डॉ शौर्य सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि अपहरण मामले के मुख्य अभियुक्त रवि कुमार उर्फ पिन्नू ने सरेंडर कर दिया है. पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में उसने सरेंडर किया. एसपी ने कहा कि लगातार कुछ दिनों से छापेमारी चल रही थी. कोर्ट में हल्की चूक पुलिस से हुई थी और इसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. उसके बाद वारंट लेकर अब कुर्की की तैयारी चल रही थी. कुर्की के डर से पिन्नू ने सरेंडर कर दिया. नेपाल में छिपा था पिन्नू एसपी ने बताया कि पिन्नू नेपाल में छिपा था. बेतिया पुलिस नेपाल भी गयी थी. अब कुर्की की कार्रवाई शुरू होने वाली थी. इश्तेहार आज ही चिपकाया गया था. कुर्की के डर से पिन्नू ने सरेंडर कर दिया. एसपी ने बताया कि जिस पिस्टल का इस्तेमाल अपहरण के लिए हुआ था, उसे जब्त करने की तैयारी हो रही है. एसपी ने दी कड़ी चेतावनी एसपी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बेतिया में ये साफ हिदायत देना चाहता हूं कि इस तरह के अपराध जो भी करते हैं या जो करने की मंशा रखते हैं, वो किसी भी तबके से आते हैं, वो क्राइम करने के बाद केवल अपराधी हैं. उसपर सख्त कार्रवाई होगी.

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RJD की बैठक के बीच तेजस्वी से मिलने पहुंचे राहुल गांधी, होटल मौर्या में मुलाकात, सियासी चर्चा…

नय विचार पटना– कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक दिन के बिहार दौरे पर शनिवार को पटना पहुंचे। राहुल का कार्यक्रम सबसे पहले बापू सभागार में विधान सुरक्षा सम्मेलन संवाद का था, फिर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करना था। लेकिन पटना पहुंचने के बाद राहुल सीधे होटल मौर्या पहुंचे। जहां आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक चल रही है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद से उन्होने मुलाकात की। तेजस्वी ने उनका स्वागत किया। हालांकि दोनों के बीच क्या चर्चा हुई ये अभी तक साफ नहीं हो सका है। इस मुलाकाक को इसलिए भी अहम समझा जा रहा है। क्योंकि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक राजद और कांग्रेस के बीच खींचतान शुरू हो गई है। तय कार्यक्रम के मुताबिक राहुल गांधी पटना में 6 घंटे रहेंगे। इस दौरान ग्रेस प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। कांग्रेस सदाकत आश्रम में भी वे करीब दो घंटे रहेंगे। लोकसभा चुनाव के बाद उनकी यह पहली बिहार यात्रा है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि सदाकत आश्रम के कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित इंदिरा भवन का राहुल गांधी उद्घाटन कर कर्मचारियों को आवास की चाबी सौपेंगे।

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राहुल गांधी आ रहे बिहार, पटना में बिताएंगे 6 घंटे, विधानसभा चुनाव पर कार्यकर्ताओं को देंगे टिप्स

नया विचार पटना– कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को बिहार आ रहे हैं। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर पार्टी के बड़े नेता के स्वागत के लिए खास तैयारी की गयी है। राहुल गांधी एक दिन के दौरे पर बिहार आ रहे हैं जिसमें वे कई कार्यक्रमों में भाग लेने वाले हैं। सियासी हलके में राहुल गांधी के बिहार दौरे को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पटना में लगभग 6 घंटे रहेंगे। दिल्ली से 12 बजे पटना एयरपोर्ट पर आने के बाद वे सीधे बापू सभागार जाएंगे। यहां विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद करेंगे। बापू सभागार में वे दो घंटे रहेंगे। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। कांग्रेस सदाकत आश्रम में भी वे करीब दो घंटे रहेंगे। लोकसभा चुनाव के बाद उनकी यह पहली बिहार यात्रा है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि सदाकत आश्रम में नवनिर्मित इंदिरा भवन का उद्घाटन कर कर्मियों को चाबी सौपेंगे। राहुल गांधी का बिहार आगमन ऐसे समय मे हो रहा है जब महागठबंधन में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे पर रस्साकशी चल रही है। कांग्रेस की ओर से आगामी चुनाव को लेकर कम से कम 70 सीटों की मांग की जा रही है। उधर राजद 150 से कम सीट लेने को तैयार नहीं है। लालू यादव की पार्टी आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बयानबाजी भी शुरू हो गयी है। माना जा रहा है कि सदाकत आश्रम में राहुल गांधी जब कार्यकर्ताओं के साथ 2 घंटे बिताएंगे उस दौरान विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के स्टैंड पर चर्चा होगी। राहुल गांधी अपने नेताओं को चुनाव को लेकर गाइड करेंगे और ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत के लिए टिप्स देंगे।

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