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बिहार

ताजा ख़बर, बिहार, समस्तीपुर

जिला शिक्षा अधिकारी निकला करोड़पति, निगरानी की एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी

नया विचार – बेतिया में गुरुवार की सुबह निगरानी विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रजनीशकांत प्रवीण के आवास पर छापेमारी की. विजिलेंस की टीम सुबह DEO के बेतिया सरिसवा रोड स्थित किराए के मकान पर छापेमारी की है. पश्चिम चम्पारण के जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के विरुद्ध उनके तीन ठिकानों पर विजिलेंस की स्पेशल टीम के छापामारी की है. जिला शिक्षा कार्यालय, डीईओ के सरिसवा रोड स्थित आवास और एनएच 727 में यामाहा शो रूम के पास एक निजी ट्रस्ट कार्यालय पर छापेमारी हुई है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिक्षक संगठनों में ने भी इनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे. 1.87 करोड़ों रुपए से ज्यादा की संपत्ति का पता चला जानकारी के अनुसार बिहार विशेष निगरानी इकाई टीम द्वारा एक साथ उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है. बिहार विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज कुमार दराद के निर्देश पर यह छापेमारी की गई है. जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण बेतिया में पोस्टेड है. इनके घर दरभंगा, मधुबनी, बेतिया और समस्तीपुर और ठिकानों प्रवास कार्यालय विशेष निगरानी इकाई चार टीम छापेमारी कर रही है. प्रारंभिक जाँच लगभग 1.87 करोड़ों रुपए से ज्यादा की आय से अधिक सम्पत्ति का खुलासा हुआ है. जांच दल के अनुसार एक विश्वसनीय स्रोत से विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई है कि रजनी कांत प्रवीण, जो वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी, बेतिया (पश्चिम चंपारण) के रूप में तैनात हैं, उन्होंने वर्ष 2005 से अब तक की अवधि के दौरान अवैध रूप से आपराधिक साजिश को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 1,87,23,625/- रुपये की भारी चल और अचल संपत्ति अर्जित की है, जो उनके आय के वैध स्रोत से अधिक है. लगभग तीन करोड़ की संपत्ति होने का आरोप रजनी कांत प्रवीण और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पटना, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में कई जमीन/फ्लैट हैं, जिनकी कीमत लगभग 2,92,92,225/- रुपये है. रजनी कांत प्रवीण और उनकी पत्नी ने अपनी सेवा अवधि के दौरान कानूनी स्रोतों से लगभग 2,52,00,000/- रुपये की कमाई की है. यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त अवधि के दौरान उनके द्वारा किया गया व्यय लगभग 1,46,31,400/- रुपये है. आरोप है कि अभियुक्त के पास लगभग 2,92,92,225/- रुपये की चल-अचल सम्पत्ति है, जो या तो उसके स्वयं के नाम पर है या उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर है, जो भ्रष्ट और अवैध साधनों से अवैध रूप से अर्जित की गई है. 45वें बैच के अधिकारी हैं रंजनीकांत रजनी कांत प्रवीण बिहार राज्य शिक्षा विभाग के 45वें बैच के अधिकारी हैं. वे वर्ष 2005 में सेवा में आए और दरभंगा, समस्तीपुर और बिहार के अन्य जिलों में शिक्षा अधिकारी के रूप में काम किया. उनकी सेवा की कुल अवधि लगभग 19-20 वर्ष है. रजनी कांत प्रवीण की पत्नी शुष्मा कुमारी एक संविदा शिक्षिका थीं, जिन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और वर्तमान में ओपन माइंड बिरला स्कूल, दरभंगा की निदेशक/वास्तविक मालिक के रूप में कार्य कर रही हैं और रजनी कांत प्रवीण के अवैध रूप से अर्जित धन के वित्तीय समर्थन/निवेश से इस संस्थान को चला रही हैं.

बिहार

फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय के हड़ताल से पार्सल डिलीवरी ठप

नया विचार मुजफ्फरपुर : खबड़ा स्थित फ्लिपकार्ट कार्यालय में लूट की वारदात के बाद से फ्लिपकार्ट की वेबसाइट पर नई बुकिंग व ऑर्डर किए गए सामान की डिलीवरी बंद है। अधिकारियों की मानें तो डिलीवरी ब्वॉय की हड़ताल से जिले में 4 दिन में करीब 25 हजार से अधिक ऑर्डर की डिलीवरी नहीं हो पाई है। जिनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें स्टेटस चेक करने पर इनवैलिड दिखा रहा है। डिलीवरी के लिए आए सामान खबड़ा हब सेंटर में पड़े हैं। वहीं, जिले के मुख्य डाकघर के कोड 842001 से लेकर अन्य पोस्टल ऑर्डर के कोड पर फ्लिपकार्ट पर ऑर्डर करने पर सामान आउट ऑफ स्टॉक दिखा रहा है। अघोरिया बाजार की प्रिया ने बताया कि उसने मेकअप का सामान फ्लिपकार्ट से ऑर्डर करने की काफी कोशिश की। लेकिन आउट ऑफ स्टॉक दिखा रहा था। वहीं, लक्ष्मी चौक के केशव ने ब्रांडेड जूता व परफ्यूम ऑर्डर करने की कोशिश की। लेकिन आउट ऑफ स्टॉक के कारण ऑर्डर नहीं हो पाया। जिले भर में फ्लिपकार्ट से रोजाना 10 हजार से अधिक सामान की डिलीवरी की जाती है। वहीं, 25-30 बुकिंग यहां से दूसरे शहरों में भेजने के लिए होती है। इधर, खबड़ा स्थित कार्यालय सह गोदाम समेत जिले में स्थित फ्लिपकार्ट के 11 सेंटरों पर तालाबंद रहा। इसके कारण फ्लिपकार्ट पर ऑर्डर किए गए सामान की डिलीवरी नहीं हो सकी। दूसरी तरफ, 100 से अधिक की संख्या में डिलीवरी ब्वॉय ने खबड़ा कार्यालय में पहुंच प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि लूट के दौरान गोली लगने से मृत प्रकाश मिश्रा के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा, उनकी पत्नी को पास के हब में परमानेंट नौकरी और बच्ची जब बड़ी हो जाए तो उसकी पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था की जाए।

बिहार

जमीन सर्वे में आपकी खतियान खो गया है तो घबराएं नहीं अंचल खोजेगा आपका खतियान

नया विचार पटना : कीड़ा चाटने या पानी से भींगने से खतियान खराब हो गया तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपको खाता नंबर और खेसरा नंबर याद है तो अपने जमीन के सर्वे के लिए आवेदन फॉर्म भरें। सर्वे अधिकारियों द्वारा आपके शपथ पत्र के आधार पर खतियान खोजने की जिम्मेवारी अंचल कार्यालय को दी जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रैयत के पास खतियान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अंचल कार्यालय को दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिनकी जमीन है उनके नाम से ही जमीन का सर्वे होगा। सर्वे में लगे कर्मचारी आपके खतियान को खोजने में मदद करने के साथ समस्या का समाधान करेंगे। जमीन की नापी के दौरान सर्वे अमीन आपके खेत पर जाएंगे। इस दौरान भी चौहद्दी में आने वाले किसानों से आपकी जमीन होने की पुष्टि करेंगे। इसके आधार पर आपके नाम का नया खतियान बनाएंगे। जमीन की जानकारी प्राप्त करना आसान किसान को अपने-अपने जमीन की चौहदी अपने सर्वे फॉर्म में लिखना और बताना है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पास जमीन का खतियान किसी कारण गुम हो गया है तो बगल के किसानों के चौहदी में आपका नाम डालने से आपके जमीन होने की पुष्टि होगी। इसके आधार पर भी जमीन का नया खतियान आपके नाम से बनाना सर्वे अमीन के लिए आसान होगा। वंशावली देना अनिवार्य यदि आपके नाम से जमाबंदी कायम है तो वंशावली नहीं देनी है। यदि जमीन पूर्वजों के नाम पर है तो अपने नाम से नया खतियान बनाने यानी रजिस्टर वन में नाम चढ़ाने के लिए वंशावली देने अनिवार्य है। वंशावली के हिसाब से ही नया खतियान में आपका अंश रहेगा। यह संयुक्त खतियान होगा। जिले में 50% लोगों ने दिया आवेदन पटना जिला में रहने वाले परिवारों के आधार पर जमीन सर्वे के लिए 7 लाख आवेदन आना है। अभी तक करीब 3.50 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन जमा किया है। इसकी संख्या करीब 50 प्रतिशत हैं। इसको संख्या बढ़ाने के लिए सर्वे कर्मियों के द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से संपर्क किया जा रहा है। पटना के 1300 राजस्व ग्रामों में सर्वे पटना में 1511 राजस्व ग्राम हैं। इनमें 41 राजस्व ग्राम टोपो लैंड का हिस्सा है। 170 राजस्व ग्राम नगर निकाय का हिस्सा है। शेष 1300 राजस्व ग्राम में सर्वे का कार्य शुरू किया गया है। जो लोग गांव से बाहर रह रहे हैं वे लोग वेबसाइट https://dlrs.bihar.gov.in/ प्रशासन के नाम पर सर्वे: राज्य के विभिन्न इलाकों में गैरमजरूआ आम, गैर मजरूआ मालिक, कैसरे हिंद, बकाश्त भूमि, भू-दान, भू हदबंदी, बास्गीत पां की भूमि, बंदोबस्ती पचर्चा की भूमि, वक्फ बोर्ड और धार्मिक न्यास की भूमि का सर्वे प्रशासन के नाम पर होगा। इन जमीनों की जानकारी अंचलाधिकारियों से सर्वे कार्यालय के द्वारा मांगी जा रही है ताकि, इन जमीनों का सर्वे प्रशासन के नाम पर हो सके।

बिहार, मौसम

बिहार में आज भी सर्दी और कोहरे का कहर, इन 11 जिलों में कोल्ड-डे की स्थिति, जानें मौसम अपडेट

नया विचार – बिहार की मौसमी दशाएं अभी कुछ ऐसी बनी हुई हैं कि पूरे उत्तरी, दक्षिण-मध्य और पूर्वी बिहार के अधिकतर जगहों पर गुरुवार को भी घने कोहरे छाये रहने के आसार हैं. इसकी वजह से दिन के तापमान में कमी बने रहने और गलन भरी ठंड जारी रहने की आशंका है. आईएमडी पटना के अनुसार दिन में धूप निकलने की संभावना कम होने से गुरुवार को पूर्वी चंपारण, छपरा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है. राज्य के शेष हिस्से में भी कंपाने वाली ठंड जारी रहेगी। इन जिलों में कोहरा छाए रहने के आसार पूर्वानुमान के अनुसार दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, बेगूसराय और पूर्वी बिहार के अधिकतर जगहों पर गुरुवार को घना कोहरा छाये रहने के आसार हैं. राज्य के शेष हिस्सों में सुबह के समय मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है. इस तरह पूरे राज्य में खासतौर पर सुबह के समय मध्यम से घने कोहरे की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. इधर बुधवार को राज्य के अधिकतर हिस्से में सुबह के समय कोहरा छाये रहा. इसमें खासतौर पर उत्तरी बिहार, दक्षिण-मध्य और पूर्वी बिहार के हिस्सों में लगभग पूरे दिन देखा गया. केवल कुछ समय के लिए सूरज दिखने के आसार बने. हालांकि इससे ठंड में किसी तरह की राहत नहीं मिली. इन जिलों में शीत दिवस जैसे हालात बुधवार को वैशाली, मधेपुरा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में उच्चतम और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री के बीच अंतर देखा गया. इससे यहां शीत दिवस जैसे हालात रहे. करीब छह-सात स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक का अंतर दर्ज किया गया. हालांकि दक्षिण बिहार कई जगहों पर अभी भी दिन का तापमान काफी अधिक है. बुधवार को राज्य का सर्वाधिक उच्चतम तापमान गया में 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा. डेहरी में 27.4, अरवल में 25.3, शेखपुरा में 24.1, राजगीर में 24.9 और जमुई व बक्सर में 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच उच्चतम तापमान रहा. सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान डेहरी में रहा.

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बिहार के बाहुबली अनंत सिंह पर 60-70 राउंड फायरिंग: मोकामा क्षेत्र में लोगों की शिकायत सुनने पहुंचे थे; पांच महीने पहले जेल से छूटे

नया विचार – पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह पर बुधवार देर शाम जानलेवा हमला हुआ है। इस दौरान 60 से 70 राउंड फायरिंग हुई है। हालांकि हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अनंत सिंह मोकामा विधानसभा क्षेत्र के हेमजा गांव के दौरे पर थे। बताया जा रहा है कि कुख्यात अपराधी सोनू-मोनू गैंग ने अनंत सिंह पर फायरिंग की है। बताया जाता है कि गैंग ने गांव के एक परिवार को जमकर पीटा और घर से बाहर करके ताला लगा दिया था। जब इस बात की समाचार छोटे प्रशासन के नाम से पहचाने जाने वाले अनंत सिंह को हुई तो वो गैंगस्टर के घर पहुंचे। अनंत सिंह को घर पर देखकर दोनों भाई सोनू-मोनू फायरिंग करने लगे। हालांकि इस गोलीबारी में छोटे प्रशासन बाल-बाल बच गए हैं। अनंत सिंह पर गोलीबारी करने के बाद सोनू-मोनू फरार हो गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की। अनंत सिंह पर गोलीबारी की घटना के बाद नौरंगा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। बाढ़ डीएसपी मौके पर कैंप कर रहे हैं।

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JDU ने BJP को दिया जोर का झटका, किया सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान

हाई कमान ने घंटे भर के अंदर फैसला वापस लिया व प्रदेश अध्यक्ष विरेन सिंह को पद से हटा दिया नया विचार पटना– नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड ने हिंदुस्तानीज जनता पार्टी को जोरदार झटका दिया है. जेडीयू ने बुधवार को मणिपुर की भाजपा नीत प्रशासन से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर दिया. अब राज्य विधानसभा में जेडीयू का एकमात्र विधायक अब विपक्ष की बेंच पर बैठेगा. मणिपुर में 2022 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने छह सीटें जीतीं, लेकिन चुनाव के कुछ महीनों बाद, पांच विधायक भाजपा में चले गए, जिससे सत्तारूढ़ दल की संख्या मजबूत हो गई. मणिपुर की जदयू इकाई के प्रमुख केश बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को पत्र लिखकर घटनाक्रम की जानकारी दी है. जेडीयू के समर्थन वापसी की घटना कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी द्वारा पिछले साल नवंबर में समर्थन वापस लेने के कुछ ही महीनों के भीतर हुई है. जेडीयू एमएलए को माना जाए विपक्षी विधायक बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड की मणिपुर इकाई के पत्र में कहा गया है कि जेडीयू की मणिपुर इकाई प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य प्रशासन का समर्थन नहीं करती है. इसलिए हमारे एकमात्र विधायक मोहम्मद अब्दुल नासिर को सदन में विपक्षी विधायक माना जाएगा. हालांकि, नीतीश कुमार ने बीजेपी प्रशासन से जदयू का समर्थन वापस लेने का निर्णय क्यों लिया, इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दबाव बना रही JDU करीब दो सालों से हिंसा झेल रहे मणिपुर में BJP प्रशासन पहले से ही कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष का दबाव झेल रही है. बिहार में इसी साल अक्टूबर के आसपास विधानसभा चुनाव होने हैं. नीतीश कुमार के इस फैसले के दिल्ली से लेकर बिहार तक कई मायने निकाले जाएंगे. JDU केंद्र और बिहार में BJP की प्रमुख सहयोगी पार्टी है. JDU के इस फैसले को सीट बंटवारे के लिए BJP पर दबाव की रणनीति के तौर पर भी देखा जाएगा. जेडीयू ने मणिपुर के राज्यपाल को समर्थन वापसी का पत्र भेज दिया है. जेडी(यू) के पीछे हटने के बावजूद उसके इस कदम से बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली प्रशासन की स्थिरता को तत्काल कोई खतरा होने की आशंका नहीं है. राज्य विधानसभा में मजबूत बहुमत रखने वाली भाजपा के बिना किसी महत्वपूर्ण व्यवधान के सत्ता पर अपना कब्जा बनाए रखने की संभावना है.

बिहार, राजनीति, समस्तीपुर

समस्तीपुर से शुरू हुई थी भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश की मुहिम, खड़े-खड़े कर दिया था बीडीओ का तबादला,

नया विचार पटना– विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता और अफसरों को सीधा संदेश दिया कि रिश्वतखोरों की अब यहां गुंजाइश नहीं होगी. समस्तीपुर के झखरा में कहा,”यह बीडीओ साहेब कल से सरायरंजन में नहीं रहेंगे.” समस्तीपुर जिले के झखरा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन बनाने वाली जनता को शक्तिशाली बनाना चाहिए. हमारा प्रयास सत्ता में रहते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाना है. जनता दरबार में सरायरंजन के बीडीओ के खिलाफ अधिक शिकायतें मिलने पर मंच से ही कहा “यह बीडीओ साहब कल से सरायरंजन में नहीं रहेंगे.” मुख्यमंत्री के सामने सारे अधिकारी लाइन से खड़े थे, न जाने किसकी बारी आ जाये और उन्हें तलब कर लिया जाये. गुढ़वी गांव की आंख की अंधी युवती भी पहुंची थी, उसे नौकरी चाहिए थी. सीएम ने बगल में खड़े अधिकारी को उसे मदद करने का निर्देश दिया. यहां उजियारपुर के सुनील चौधरी, दुधपुरा के संजय कर्ण भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से सभी से उनके आवेदन लिये और कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया. जाति के घरौंदे से बाहर निकलने की अपील दलसिंहसराय पहुंचे तो वहां मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारी होने पर गर्व होने का मान दिलायेंगे. जिले के आरबी कॉलेज मैदान में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने मौजूद भारी भीड़ से अपील की, जाति के घरौंदे से बाहर निकलें और बिहारी होने का अभिमान तथा स्वाभिमान जगायें. इससे एकजुट होकर समृद्ध बिहार के निर्माण का उनका सपना पूरा हो सकेगा. यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला ई-गवर्नेंस वाला राज्य बन चुका है. उन्होंने यहां भी भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों को पकड़वाने में आम लोगों से सहयोग मांगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि रिश्वतखोरों को पकड़वाने वालों को एक हजार रुपये से लेकर पचास हजार रुपये तक का ईनाम दिया जायेगा. अपनी प्रशासन की विकास योजनाओं की भी चर्चा की. बिहार को वाजिब हक दिलाने की होगी कोशिश बेगूसराय में जनता से कहा, असली मकसद तो आपके दरबार में हाजिरी लगाना है. मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में कहा कि योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन तो एक बहाना है. विकास यात्रा का असली उद्देश्य तो आप सबसे जनता से मिलना है. आपके दरबार में हाजिरी लगाना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की आज भी हकमारी हो रही है. जबकि वह बिहार को वाजिब हक दिलाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल उपलब्ध संसाधनों से ही राज्य का विकास होगा. बेगूसराय में वहां के तत्कालीन सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की मांग पर जिले के गुप्ता बांध का विकास बाइपास सड़क के रूप में किये जाने की घोषणा की. बताया कि चार साल के उनके शासन काल में कृषि उत्पाद दो गुना हो गया. यहां 63 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया गया और 87 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन हुआ.

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आपकी जमीन सरकारी है या रैयती? अब CO करेंगे फैसला, जानिए कैसे…

नया विचार – बिहार प्रशासन ने राज्य में जमीन के रिकार्ड को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब राज्य में जमीन की जमाबंदी की वैधता की जांच की जाएगी और प्रशासनी पाए जाने पर उसे लॉक कर दिया जाएगा. ऐसी जमीन का उपयोग प्रशासनी कार्यों के लिए किया जाएगा. वहीं, अगर किसी जमीन की जमाबंदी की वैधता पर आपत्ति दर्ज कराई जाती है और जांच में वह रैयती (निजी) पाई जाती है तो उसे अनलॉक कर दिया जाएगा, ताकि रैयत उसका उपयोग कर सकें. अंचलाधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी इस निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए चकबंदी निदेशक ने सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है. इस पत्र के अनुसार अब जमाबंदी की वैधता की जांच करने और उसे लॉक या अनलॉक करने की पूरी जिम्मेदारी अंचलाधिकारी को दी गई है. जांच प्रक्रिया जमाबंदी की जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों की बात सुनी जाएगी. जांच में अगर जमाबंदी गलत पाई गई तो उसे रद्द कर दिया जाएगा. अन्यथा जमाबंदी अनलॉक रहेगी. दोनों ही स्थितियों में अंचल अधिकारी का आदेश उस जमाबंदी के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. पहले की व्यवस्था पहले भूमि सुधार उपसमाहर्ता द्वारा डिजिटल जमाबंदी की वैधता की जांच करने का निर्देश था. सॉफ्टवेयर मॉड्यूल के माध्यम से जमाबंदी को लॉक या अनलॉक करने का काम भी उनके द्वारा ही किया जाता था. लेकिन अब नए नियम के तहत अंचलाधिकारी जमाबंदी को लॉक या अनलॉक करने का काम करेंगे. नई व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी? समीक्षा में पाया गया कि पिछले कई वर्षों से अभियान जारी रहने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रक्रियाएं लंबित हैं. जमाबंदी की वैधता की जांच और लॉक या अनलॉक करने की प्रक्रिया ठीक से नहीं हो रही है. भूमि सुधार उप समाहर्ता ने बैठकों में बताया था कि रैयती जमीन की जमाबंदी बनाने के लिए अंचल कार्यालय से आधार का साक्ष्य मिलने में कठिनाई हो रही है. इसलिए इस प्रक्रिया को सुगम बनाने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के लिए यह नया निर्णय लिया गया है.

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कैबिनेट छोड़नेवाले बयान से मुकरे जीतनराम मांझी, मरते दम तक नरेंद्र मोदी के साथ रहेंगे

नया विचार पटना– केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में हैं. दिल्ली और झारखंड के चुनाव में सीटें ना मिलने पर जीतन राम मांझी की एनडीए से नाराजगी रह-रह कर सामने आ रही है. नेतृत्वक सौदेबाजी के माहिर खिलाड़ी रहे माझी को लेकर मंगलवार को कुछ मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह समाचार आई कि अब जीतन राम मांझी ने कैबिनेट छोड़ने की बात कह दी है, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने इसपर सफाई दी है. केंद्रीय मंत्री ने साफ किया है कि वो मरते दम तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ नहीं छोड़ेंगे. कैबिनेट की बैठक छोड़ने की कही थी बात कैबिनेट छोड़ने की बात कहने को लेकर अपनी सफाई देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा, ‘कुछ वेब पोर्टल और समाचार चैनलों के द्वारा भ्रमक ख़बर प्रचारित/प्रसारित किया गया है कि जीतन राम मांझी कैबिनेट से इस्तीफ़ा देंगे. मैंने मुंगेर की सभा में हो रही देरी को लेकर कहा था कि आप लोग लेट कर रहें हैं जिसके कारण मेरी फ्लाइट छूट जाएगी और मुझे कैबिनेट छोड़ना पड़ेगा. वैसे लोगों को मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैं मरते दम तक माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का साथ नहीं छोडूंगा.’ मीडिया को दी कड़ी चेतावनी मीडिया को चेतावनी देते हुए केंद्रीय मंत्री जीतनराम माझी ने कहा, ‘हम सब अभी देश और बिहार के हित का कार्यकर रहें हैं तो कुछ मिडिया घराना विपक्ष के इशारे पर हमें बांटने की कोशिश कर रहा है. मैं वैसे लोगों को चेतावनी देना चाहता हूँ कि वह सचेत हो जाएं अन्यथा मैं उनके ख़िलाफ़ न्यायालय की शरण लूंगा और प्रेस काउंसिल में उनकी शिकायत दर्ज कराऊंगा.’ क्या कहा था जीतन राम मांझी ने मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बिहार के मुंगेर जिले में भूइयां-मुसहर सम्मेलन को जीतन राम मांझी ने संबोधित किया था. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि झारखंड में चुनाव हुआ तो हमारी पार्टी को कोई सीट नहीं दी गई. दिल्ली में चुनाव है तो वहां भी हमें कोई सीट नहीं दी गयी है. ये तो अन्याय है. वो समझते हैं कि हमारा अस्तित्व नहीं है, इसलिए हमें सीट नहीं दी गई. मांझी ने आगे कहा था कि जब लोग हमारे साथ हैं. मेरे पास वोट है तो हमें सीट क्यों नहीं मिली. ये सवाल करना है. हमारा स्टैंड साफ है. जो हमारा अस्तित्व है, उसके मुताबिक सीट दो. मांझी ने आगे कहा था कि मेरी बात आगे बढ़ती है तो लग रहा है कि मुझे कैबिनेट छोड़ना पड़ेगा.

बिहार

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में दिखेगी बिहार की ज्ञान और शांति की झलक

नया विचार – दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस गणतंत्र दिवस पर बिहार की समृद्ध परंपरा, ज्ञान और शांति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिलेगा। रक्षा मंत्रालय द्वारा चुनी गई थीम ‘स्वर्णिम हिंदुस्तान: विरासत और विकास’ के अंतर्गत बिहार की झांकी को शामिल किया गया है। इस झांकी में भगवान बुद्ध की भव्य मूर्ति को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, जो बिहार के राजगीर स्थित घोड़ाकटोरा जलाशय में स्थापित है। यह 70 फीट ऊंची मूर्ति 2018 में एक ही पत्थर से तैयार की गई थी और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में एक विशेष आकर्षण बन चुकी है। हर साल लाखों पर्यटक इस स्थान की ओर आकर्षित होते हैं। बिहार प्रशासन की ओर से झांकी के माध्यम से नालंदा की प्राचीन विरासत और शिक्षा के क्षेत्र में इसके ऐतिहासिक योगदान को भी उजागर किया जाएगा। इसके साथ ही, नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना और राज्य को शिक्षा के वैश्विक मानचित्र पर पुनः स्थापित करने के प्रयास को भी झांकी में दर्शाया गया है। यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि आठ वर्षों बाद बिहार की झांकी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बन रही है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

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