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बिहार पुल निर्माण निगम के इंजीनियर पर विजिलेंस का एक्शन, 4 ठिकानों पर की छापेमारी

नया विचार पटना- बिहार पुल निर्माण निगम के प्रोजेक्ट इंजीनियर जंग बहादुर सिंह के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में गुरुवार देर रात निगरानी ब्यूरो ने दबिश दी. छापेमारी की कार्रवाई शुक्रवार सुबह 4 बजे खत्म हुई है. विजिलेंस की टीम मे जंग बहादुर सिंह के चार ठिकानों पर छापेमारी की. पुनाईचक स्थित फ्लैट, पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के वेद नगर मोहल्ला, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड स्थित कार्यालय और बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुधानी गांव में यह छापा मारा गया है. इंजीनियर पर आरोप है कि अपने और परिवार के सदस्यों के नाम से पटना एवं बक्सर शहर में करोड़ों की फ्लैट के साथ जमीन खरीदी है. गोपनीय जांच में निगरानी ने इंजीनियर के खिलाफ लगाए गए आरोप को प्रथम दृष्ट्या सही पाया है. जांच के क्रम में आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य पाए जाने के आधार पर निगरानी थाना काण्ड सं0-03/25, 16 जनवरी 2025 धारा-13 (2) सहपठित धारा 13 (1) (बी) भ्र०नि०अधि० 1988 (संशोधित 2018) दर्ज कर लिया गया है. न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद गुरुवार को विजिलेंस की टीम ने इंजीनियर जंगबहादुर सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की. विजिलेंस की ओर से बताया गया है कि तलाशी के दौरान बरामद नकद, निवेश से संबंधित कागजात, आभूषण एवं अभिलेख आदि का ब्यौरा पूर्ण रूप से प्राप्त होने पर अलग से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचना दी जाएगी. विजिलेंस की टीम को मिले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज इंजीनियर जंग बहादुर सिंह को विजिलेंस की टीम ने लोहिया पथचक्र पुल के नीचे बने कार्यालय से पकड़ा. यहां विजिलेंस की टीम के साथ इंजीनियर की काफी कहासुनी हुई. इंजीनियर कार्यालय के अंदर जाने को तैयार नहीं था. लेकिन जब विजिलेंस टीम ने उनपर दवाब बनाया तो इंजीनियर ने कार्यालय का कमरा खोला. कार्यालय से विजिलेंस की टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिसे जब्त कर लिया गया. इंजीनियर ने लगाए ये आरोप वहीं इंजीनियर जंग बहादुर सिंह का कहना है कि पूर्व डीजीपी योगेश्वर नाथ श्रीवास्तव से जमीन का विवाद था. जिसको लेकर उन्होंने निगरानी विभाग में शिकायत की थी. ये मामला कोर्ट में चल रहा है इसी को लेकर छापेमारी की गई है.

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BPSC 70वीं PT पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार 

नया विचार पटना- BPSC 70वीं PT पर रोक लगाने से पटना हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा है। इस मामले में अब 31 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर आज यानी गुरुवार को पटना हाईकोर्ट में सुबह करीब एक घंटे बहस हुई। इस दौरान प्रशासनी वकील पीके शाही और जनसुराज के वकील वाईबी गिरी के बीच तीखी बहस हुई। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह चंदेल की बेंच में इस मामले में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाया है। जबकि प्रशासनी वकील ने इसे नेतृत्व से प्रेरित बताया है। दरअसल, प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की ओर से BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। प्रशांत किशोर ने 14 दिन बाद अपना आमरण अनशन खत्म करते हुए कहा कि ‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हाईकोर्ट हमारी नहीं सुनेगा तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।’ परीक्षा रद्द करने और रिजल्ट पर रोक की मांग जनसुराज के वकील प्रणव कुमार ने आर्टिकल 226 के तहत याचिका दायर की है। साथ ही ये अपील की है कि जब तक री-एग्जाम न हो जाए, तब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाए। जनसुराज के अलावा पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और खान सर की ओर से भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें री-एग्जाम कराने और प्रदर्शनकारी अभ्यथियों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की मांग की गई है। पप्पू यादव ने 11 जनवरी को री-एग्जाम की मांग को लेकर हाईकोर्ट में 150 पेज की याचिका दायर की है। उन्होंने कहा था, ‘अभ्यर्थियों पर जो केस हुए हैं। इसको लेकर अलग से पिटीशन फाइल हुआ है। लाठीचार्ज के लिए भी अलग से पिटीशन फाइल किया गया है। BPSC के खिलाफ आंदोलन को खत्म करने में कोचिंग माफियाओं का हाथ है।’ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया था इनकार इससे पहले बिहार की आनंद लीगल एंड फोरम ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, लेकिन SC ने इसपर सुनवाई से इनकार कर दिया था। CJI संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार, जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा था- ‘आपको आर्टिकल 226 के तहत पटना हाईकोर्ट जाना चाहिए।’

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प्रशांत किशोर ने अनशन तोड़ा, 15वें दिन गंगा नहाकर और केला खाकर जन सुराज आश्रम पहुंचे…

नया विचार पटना– बीपीएससी की 70वीं पीटी परीक्षा दोबारा कराने की छात्रों की मांग के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आखिरकार 15वें दिन केला खाकर अपने अनशन तोड़ दिया है। पटना में मरीन ड्राइव के पास जन सुराज आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 14 दिन लंबा अनशन खत्म किया। इससे पहले उन्होने महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। हवन-पूजन किया, और फिर पवित्र गंगा में डुबकी लगाई। फिर केला और जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया। इस मौके पर जन सुराज के समर्थक भी मौजूद रहे। आपको बता दें इससे पहले लगातार अनशन पर रहने के चलते प्रशांत किशोर की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें 6 जनवरी की रात को पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने पीके के पेट में इंफेक्शन बताया था। जिसके बाद तबीयत बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनसे डॉक्टरों ने भी अनशन तोड़ने की अपील की थी। हालांकि वो अपनी जिद पर डटे रहे, और अनशन नहीं तोड़ा। हालांकि दो दिन दिन तबीयत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन आज 15वें दिन प्रशांत किशोर ने जन सुराज आश्रम में उन्होने अनशन तोड़ दिया। हालांकि उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। वहीं आज बीपीएसपी रीएग्जाम की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। जिसका फैसला भी आज आना है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रशासनी और जन सुराज के वकीलों क बीच तीखी नोंकझोंक हुई है। करीब 1 घंटे 20 मिनट तक सुनवाई चली।

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बिहार के महान नाटककार डॉ.चतुर्भुज की जयंती मुकेश कुमार की अध्यक्षता गूगल मीट के माध्यम से की गई।

नया विचार समस्तीपुर : मुकेश आर्ट एंड कल्चर के बैनर तले मुकेश कुमार की अध्यक्षता में महान नाटककार डाक्टर चतुर्भुज की जयंती गूगल मीट के माध्यम से आयोजित किया गया।वर्चुअल बैठक की शुरुआत संगीतज्ञ मंगलेश कुमार के द्वारा किया गया। इस अवसर पर विषय प्रवेश करते हुए कुमार अनुपम ने कहा कि बिहार के नाट्य जगत में डॉ.चतुर्भुज गुरु जी के नाम से विख्यात थे।उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एम.ए. के कोर्स में नाट्य शास्त्र की पढ़ाई की शुरुआत करवाया। वहीं महान रंगकर्मी,शिक्षाविद और फिल्म निर्माता अनिल पतंग ने कहा की गुरु जी बचपन से ही रंगमंच को जिया। वे हम लोग के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।रंगकर्मी विनय सिन्हा ने गुरु जी के जीवन को अनुकरणीय बताया। जबकी किस्सा जाफरी इमाम जबकि साहित्यकार व शिक्षाविद् शाह जाफर इमाम ने स्वयं के द्वारा डाक्टर चतुर्भुज के नाटकों के मंचन के दिनों को याद कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डाक्टर चतुर्भुज के बड़े पुत्र रंगकर्मी, साहित्यकार, उद्घोषक डॉ.अशोक प्रियदर्शी ने गुरु जी के जीवन के जाने अनजाने पहलुओं को पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर चतुर्भुज ड्रामा डॉट कॉम पर उनकी रचनाओं, नाट्य शिल्प विज्ञान, चतुर्भुज रचनावली,उपन्यास आदि पढ़ा जा सकता है।मौके पर शिक्षाविद यशवंत चौधरी,अरुण कुमार राम,मणि भूषण प्रसाद, नरेश कुमार आदि ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने ने सहयोग किया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन शिक्षाविद कौशल किशोर क्रांति ने किया।

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गुड मॉर्निंग इंडिया! अंतरिक्ष में गले मिली ISRO की 2 सैटेलाइट्स, SpaDeX मिशन सफल, दुनिया का चौथा देश बना भारत

नया विचार – हिंदुस्तान अंतरिक्ष में दो स्पेसक्राफ्ट को सक्सेसफुली डॉक करने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन ही ऐसा करने में सफल रहे हैं। इसरो ने बताया कि 16 जनवरी को सुबह डॉकिंग एक्सपेरिमेंट को पूरा किया गया। हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ (SpaDex) के तहत सेटेलाइट्स की ‘डॉकिंग’ सफलतापूर्वक की. इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,’हिंदुस्तान ने अंतरिक्ष इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है. गुड मॉर्निंग हिंदुस्तान, इसरो के स्पेडेक्स मिशन ने ‘डॉकिंग’ में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है. इस लम्हे का गवाह बनकर गर्व महसूस हो रहा है.’ इससे पहले 12 जनवरी को इसरो ने उपग्रहों को ‘डॉक’ करने के परीक्षण के तहत दो अंतरिक्ष यान को तीन मीटर की दूरी पर लाकर और फिर सुरक्षित दूरी पर वापस भेजा था. इसरो ने 30 दिसंबर 2024 को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ (स्पेडेक्स) मिशन को कामयाबी के साथ शुरू किया था. दो छोटी सेटेलाइट्स, एसडीएक्स01 (चेजर) और एसडीएक्स02 (टारगेट) को 24 पेलोड के साथ ले जाने वाले पीएसएलवी सी60 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले ‘लॉन्चपैड’ से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद लगभग 220 किलोग्राम वजन वाले दो छोटे अंतरिक्ष यान के टार्गेटेड तरीके से 475 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में प्रक्षेपित किया गया था. इसरो के मुताबिक स्पेडेक्स मिशन दो छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग कर अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ के लिए एक किफायती टेक्नोलॉजी मिशन है जिसे पीएसएलवी के जरिये लॉन्च किया गया था. क्यों जरूरी है यह टेक्नोलॉजी ? अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ तकनीक तब जरूरी होती है जब सामान्य मिशन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कई रॉकेट लॉन्च की जरूरत होती है. यह टेक्नोलॉजी हिंदुस्तान की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं जैसे चंद्रमा पर हिंदुस्तानीय मिशन, चंद्रमा से नमूने वापस लाना, हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) बनाने और चलाने वगैरह के लिए बेहद जरूरी है. इस मिशन के ज़रिए हिंदुस्तान अंतरिक्ष डॉकिंग टेक्नोलॉजी रखने वाला दुनिया का चौथा देश बनने की बन गया है.

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बिहार में कौन सा जिला किस फसल के लायक, डिजिटल सर्वे कराएगी सरकार

नया विचार – बिहार में किस फसल के लिए कौन सा जिला उपयुक्त है, इसका पता लगाने के लिए बिहार प्रशासन डिजिटल सर्वे करायेगी. कृषि विभाग ने 28 जिलों में यह काम शुरू कर दिया है. जल्द ही पूरे प्रदेश में सर्वे शुरू किया जाएगा. इस सर्वे के बाद बिहार में जलवायु परिवर्तन के अनुसार फसल चयन और योजना बनाने में आसानी होगी. इस सर्वे के बाद क्षेत्रवार फसलों को लगाने और कहां कैसी फसल लगाने के लिए उपयुक्त जलवायु है, इन सबका भी सहजता से पता चल सकेगा. 13 हजार गांवों में होगा डिजिटल क्राप सर्वे विभाग ने इस साल 13 हजार गांवों में डिजिटल क्राप सर्वे करने की कार्ययोजना बनायी है. संबंधित जिलों के जिलाधिकारी इसकी निगरानी करेंगे. अभी रबी फसलों का सर्वे चल रहा है. पिछले दिनों इसको लेकर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने उच्चस्तरीय बैठक की थी. इसमें उन्होंने विभाग को 36 जिलों में फसलों के डिजिटल सर्वे का काम शुरू करने को कहा था. उन्होंने जिलाधिकारियों को इसकी निगरानी का टास्क सौंपा है. डीएम इसकी नियमित समीक्षा करेंगे. किसान बनेंगे प्रशासनी योजना में सहभागी मुख्य सचिव के निर्देश के बाद कृषि विभाग ने सर्वे को लेकर कार्ययोजना बनायी है. इसके तहत 28 जिलों में इसकी शुरुआत की गयी है. शेष 10 जिलों में भी इसके कार्यान्वयन को लेकर काम शुरू किया जाएगा. विभाग इसको लेकर अलग से योजना बनाएगा और फिर उसका कार्यान्वयन होगा. विभाग का कहना है कि सर्वे से किसानों को न केवल योजनाओं का समुचित लाभ मिलेगा बल्कि वे प्रशासनी योजनाओं के कार्यान्वयन में भी सहयोगी की भूमिका में रहेंगे. एक क्लिक में मिलेगी फसल संबंधी जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे से जलवायु परिवर्तन के अनुसार फसल चक्र की योजना बनाने में मदद मिलेगी. जिलेवार बीज, खाद आवंटन और फसल आदि में मदद मिलेगी. यही नहीं कृषि क्षेत्र में उच्चस्तरीय तकनीक के उपयोग का रास्ता भी प्रशस्त हो सकेगा. इस सर्वे के बाद सभी गांवों में फसलों को लेकर प्रशासन के पास अद्यतन और वैज्ञानिक आंकड़े उपलब्ध होंगे. किस गांव में कितने रकबे में कौन सी फसल है, इन सबकी जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध हो सकेगी. शेखपुरा जिले में हो चुका है ट्रायल बिहार में फसलों के डिजिटल सर्वे का ट्रायल शेखपुरा जिला में हुआ था. उस समय देश के कुछ चुनिंदा जिलों में प्रायोगिक तौर पर बिहार के शेखपुरा जिले का चयन किया गया था. यहां किया गया सर्वे व उसका परिणाम बेहद सफल रहा था. इसके बाद उसी मॉडल को बिहार के अन्य जिलों में कार्यान्वित करने का निर्णय लिया गया है. इसके बाद 28 जिलों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी. उस पर काम शुरू किया गया. शीघ्र इसे सभी जिलों में विस्तारित किया जाएगा.

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एल्यूमीनियम फैक्ट्री में बॉयलर फटा, एक मजदूर की मौतः एक अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका

मोबाइल पर बात करने, टॉयलेट करने गए दो मजदूरों की बची जान नया विचार समस्तीपुर- समस्तीपुर के एल्यूमीनियम फैक्ट्री में बुधवार दोपहर एक हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में बॉयलर के फटने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। एक अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। अस्पताल में घायलों के पहुंचने के बाद अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायलों से घटना की जानकारी लेने में जुट गई। साथ ही एक टीम घटनास्थल पर भी पहुंची है, जहां जांच पड़ताल जारी है। घटना वैनी थाना क्षेत्र स्थित फैक्ट्री की बताई जा रही है। तापमान बढ़ने से फटा बॉयलरः एसडीओ घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीओ दिलीप कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि समस्तीपुर जिले के वैनी थाना के पास एक अल्युमिनियम फैक्ट्री में बॉयलर के ब्लास्ट होने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि एक डेड बॉडी के मालवी में फंसे होने की बात बताई गई है। गंभीर रूप से जख्मी तीन लोगों को उपचार के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया है। सदर एसडीओ ने बताया कि घायलों और मृतक की पहचान जारी है। हालांकि, कुछ घायलों की पहचान हुई है, लेकिन पुष्टि के बाद ही इसकी जानकारी दी जाएगी। उधर, बताया जा रहा है कि दिलीप कुमार नाम का शख्स फैक्ट्री का मालिक बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री में मौजूद सभी लोग फरार हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा- काफी तेज था धमाका प्रत्यक्षदर्शी राहुल सिंह ने बताया कि यहां एल्यूमीनियम फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट हुआ। धमाका काफी तेज था। हम लोग कुछ ही दूरी पर थे। धमाके की तेज आवाज के बाद हम लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। यहां आकर देखा, तो धमाके के बाद फैक्ट्री की दीवार मलबे में तब्दील हो गई थी। मलबे में तीन मजदूर बेहद गंभीर स्थिति में पड़े थे। तीनों को तत्काल गांव के लोगों की मदद से ताजपुर हॉस्पिटल भेजा गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक मजदूर की मौक पर ही मौत हो गई। एक मजदूर के दबे होने की बात कही जा रही है। फिलहाल, जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा है। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। 100 साल पुरानी है फैक्ट्री, 150 से 200 मजदूर करते हैं काम राहुल सिंह ने बताया कि हादसे के शिकार मृतक मुजफ्फरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। उसका सिर बुरी तरह से डैमेज हो गया था। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री करीब 100 साल पुरानी है, जहां एल्यूमिनियम का बर्तन बनता है। राहुल ने बताया कि फैक्ट्री में 150 से 200 मजदूर काम करते हैं, लेकिन जहां बॉयलर रहता है, वहां करीब 7 से 8 मजदूर रहते हैं, काम करते हैं। मोबाइल पर बात करने गया, तो बची जान राहुल ने बताया कि एक मजदूर आज छुट्टी पर था। एक मजदूर जो घायल है, उसकी पहचान पवन कुमार सिंह के रूप में हुई है, उनका बेटा भी फैक्ट्री में काम करता है, जो घटना से ठीक पहले मोबाइल पर बात करने बाहर चला गया था, जिससे उसकी जान बच गई। वहीं, एक मजदूर टॉयलेट चला गया था।

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सीएम नीतीश ने किया विधानसभा में गेस्ट हाउस का उद्घाटन, पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास

नया विचार पटना– बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को विधानसभा में अतिथिशाला का उद्घाटन किया है. इस मौके पर राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव सहित कई मंत्री मौजूद रहे. बता दें कि इस आकर्षक एवं खूबसूरत दिख रहे अतिथिशाला भवन में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था शिलान्यास उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस अतिथिशाला का लाभ सभी विधायकों और विधान पार्षदों को मिलेगा. जो परेशानियां आती थीं उनका भी निदान होगा. उन्होंने कहा कि विधानसभा के शताब्दी वर्ष पर आज के शुभ दिन से इसकी शुरुआत हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमलों से शिलान्यास किया गया था. आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसका उद्घाटन किया गया. उन्होंने आगे कहा कि सबका साथ, सबका विकास हमारी डबल इंजन प्रशासन का लक्ष्य है और प्रशासन इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है. मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार विधानसभा में एक अतिथिशाला की आवश्यकता बहुत दिनों से महसूस की जा रही थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा के अध्यक्ष की पहल पर इसे बनवा भी दिया है. यह अच्छी बात है. 20 और 21 जनवरी को पीठासीन अधिकारीयों का होगा सम्मेलन बता दें कि बिहार में 20 और 21 जनवरी को अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. विधानसभा परिसर में इस आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. इस सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे. इसी क्रम में विधानसभा में अतिथिशाला का उद्घाटन किया गया है. इस सम्मेलन में पूरे देश के पीठासीन पदाधिकारी, 28 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, छह विधानसभा परिषद के सभापति और केंद्र शासित प्रदेशों के स्पीकर सहित 264 अतिथि शामिल होंगे.

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RJD में अपराधियों का जमावड़ा, एक-एक का एनकाउंटर हो; बोले- मंत्री नीरज बबलू

नया विचार पटना– बिहार की कानून व्यवस्था पर लगातार हमला बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर नीतीश प्रशासन के मंत्री नीरज बबलू ने निशाना साधा है। उन्होने कहा कि आरजेडी में अपराधियों का जमावड़ा है, सवाल वो नहीं कौन उठाएंगे? सारा अपराधी आरजेडी से जुड़ा हुआ है। एक-एक अपराधी का एनकाउंटर होना चाहिए। बबलू के इस बयान के बाद से बिहार की सियासत का पारा चढ़ गया है। मंत्री नीरज बबलू ने कहा कि बिहार में ज्यादातर अपराधी किसी न किसी रूप में आरजेडी से जुड़े हुए हैं। आरजेडी के लोग अपराध के बारे में क्या बात करेंगे। बिहार के सारे अपराधियों का एक-एक कर एनकाउंटर कर देना चाहिए। सारे अपराधी राजद से जुड़े हैं इसलिए वे लोग खुद परेशान हैं। नीरज बबलू ने कहा कि लालू यादव सिमटते जा रहे हैं। उनका जनाधार खत्म होता जा रहा है। 2025 में इनका सफाया तय है। आपको बता दें बिहार के लॉ एंड ऑर्डर को लेकर तेजस्वी यादव लगातार हमलावर है। कभी क्राइम बुलेटिन जारी करते हैं, तो कभी आपराधिक घटनाओं की पूरी फेहरिस्त अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बताते है। बिहार में अपराध की घटनाओं को रोकने में नीतीश प्रशासन को फेल बताते आए हैं। जिस पर अब नीतीश प्रशासन के मंत्री नीरज बबलू हमलावर है। उन्होने राजद से ही अपराधियों का नाता बता डाला है।

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चिराग पासवान से पहले लोजपा कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार, दही-चूड़ा खाए बिना लौटे

नया विचार पटना- मकर संक्रांति पर चिराग पासवान की ओर से आयोजित चूड़ा-दही भोज में पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिना कुछ खाये ही लौट गये. मंत्री रत्नेश सदा के घर से मुख्यमंत्री सीधा लोजपा कार्यालय पहुंचे. चिराग पासवान के आने के पहले ही सीएम नीतीश कुमार के वहां पहुंचने से कार्यकर्ताओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. लोजपा के प्रदेश कार्यालय में उस समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ही मौजूद थे. नीतीश कुमार ने रामविलास पासवान के चलचित्र पर पुष्प अर्पित की और वहां से निकल गये. टाइम से पहले पहुंच गए सीएम नीतीश बताया जाता है कि लोजपा को यह सूचना मिली थी कि मुख्यमंत्री का आगमन 12 बजे होगा. पार्टी के लोग इस तैयारी में थे कि सीएम लोजपा रामविलास के कार्यालय 1व्हीलर रोड 12 बजे आएंगे. सीएम नीतीश कुमार के इस तरह अचानक टाइम से पहले पहुंचने को लेकर लोग हैरान हैं. चिराग पासवान नीतीश के निकलते तक भी पार्टी कार्यालय नहीं पहुंच पाए. मकर संक्रांति पर नीतीश कुमार LJPR के दफ्तर तो पहुंचे, लेकिन चिराग पासवान से मुलाकात नहीं हो पाई. चिराग पासवान से बिना मिले ही वो लौट गए. सभी दलों के नेता हैं आमंत्रित मकर संक्रांति के अवसर पर आज 14 जनवरी को बिहार में सियासी दिग्गजों के यहां दही-चूड़ा भोज का आयोजन है. इसी साल बिहार विधानसभा चुनाव भी है. ऐसे में सियासी दलों के जरिए चूड़ा दही भोज के दौरान सियासी समीकरणों को सेट करने की कोशिश की जाएगी. चिराग पासवान ने भी पार्टी दफ्तर में चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया है, जिसमें लोजपा रामविलास के नेताओं के अलावा एनडीए से बीजेपी, जदयू, हम, आरएलएम नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है.

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