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पटना, बिहार, शिक्षा

बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का ट्रांसफर शुरु

नया विचार पटना : बिहार में प्रशासनी स्कूलों में शिक्षकों का ट्रांसफर शुरु हो गया है। कैंसर रोगी 35 शिक्षकों को उनके ऐच्छिक स्थानों पर पोस्टिंग की गई है। इसमें 10 शिक्षकों का ट्रांसफर अंतर जिला हुआ है। जबकि 25 शिक्षकों का ट्रांसफर प्रखंड में किया गया है। शिक्षकों के ट्रांसफर का निर्णय स्थापना समिति के बैठक के बाद लिया गया है। बैठक में 47 शिक्षकों के आवेदन की स्क्रूटिनी की गई है। इसमें 35 शिक्षकों के आवेदन को सही पाया गया है। जबकि 9 शिक्षकों का ट्रांसफर दूसरे कैटेगरी में करने का निर्णय लिया गया है। 3 शिक्षकों ने आवेदन के दौरान सर्टिफिकेट ई शिक्षा कोष पर अपलोड नहीं किया था। इसकी वजह से उनका ट्रांसफर रिजेक्ट कर दिया गया है। 759 ने कैंसर के आधार पर आवेदन किया 759 शिक्षकों ने कैंसर के आधार पर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है। इसमें 47 नियमित शिक्षक हैं। जबकि 260 विद्यालय अध्यापक और 452 नियोजित शिक्षक हैं। ट्रांसफर के बाद अंतर जिला शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा। 7 दिनों के अंदर शिक्षक अपने निर्धारित स्कूलों में काम शुरु करेंगे। इस दौरान शिक्षकों के संबंध में संपूर्ण जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी। जिन जिन जगहों पर शिक्षक की पोस्टिंग होगी, वहां के डीईओ ई शिक्षा कोष पोर्टल पर ट्रांसफर और पोस्टिंग का आदेश अपलोड करेंगे। टीआरई 3 पास अभ्यर्थियों की पोस्टिंग हुई, 64128 शिक्षकों को जिला आवंटित हुआ टीआरई 3 पास शिक्षक अभ्यर्थियों को शुक्रवार को जिला आवंटित किया गया है। जिसमें 1 से 12 तक कक्षा के लिए पास 56 विषयों में 64128 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित किया गया है। इसमें 1 से 5 कक्षा तक 21726, 6 से 8वीं कक्षा के लिए 16942 शिक्षक अभ्यर्थी की पोस्टिंग हुई है। इसके साथ ही 9 व 10वीं कक्षा में विशेष शिक्षकों 173 शिक्षकों की पोस्टिंग की गई है। 11 व 12वीं के 2342 अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा। टीआरई 3 में 68558 पास हुए है।

पटना, बिहार

बिहार विधानसभा चुनाव तक 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा वोट दे सकेंगे

नया विचार पटना : बिहार विधानसभा चुनाव तक 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा वोट दे सकेंगे। इसके लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाना होगा। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पंजीकरण के लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर रखी है। इन तारीखों को 18 वर्ष पूरा करने वाले लोग मतदाता बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन पहले ही दे सकते हैं। इसके लिए वोट हेल्पलाइन या voters.eci. gov.in के माध्यम से आवेदन दे सकते हैं। आवेदन करने वाले का मतदाता सूची में नाम जुड़ जाएगा। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने ऐसे लोगों से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की अपील की है। वर्तमान में पटना जिले में 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 47,075 है। ये सभी पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग करेंगे। 7 जनवरी को जारी मतदाता सूची के मुताबिक जिले में मतदाताओं की संख्या 50,03,061 है। सबसे अधिक 30 से 39 वर्ष के 12,22,468 मतदाता हैं। दूसरे नंबर पर 40 से 49 वर्ष के बीच वाले उम्र की मतदाता है। इनकी संख्या 11,58,224 है। तीसरे नंबर पर 50 से 59 वर्ष के बीच वाले मतदाता है। इनकी संख्या 8,21,868 है।

पटना, बिहार

सीएम प्रगति यात्रा वैशाली और सीतामढ़ी को औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए कैबिनेट से 1300 करोड़ की स्वीकृति दी

नया विचार पटना : राज्य के साढ़े 3 लाख गन्ना किसानों के लिए खुशसमाचारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में उत्तम, सामान्य और निम्न तीनों कोटि के गन्ना के दाम 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। उत्तम कोटि के गन्ना देने वाले किसानों को अब प्रति क्विंटल 365 की जगह 375 रुपए मिलेंगे। सामान्य कोटि के लिये 345 की जगह 355 रुपए और निम्न कोटि वाले गन्ना के लिये किसान को 310 की जगह अब 320 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान होगा। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डा. एस, सिद्धार्थ ने बैठक के बाद कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान जो 21 घोषणाएं की हैं उनको पूरा करने के लिए कुल 2960.48 करोड़ रुपए खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। वैशाली और सीतामढ़ी औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए कैबिनेट से 1300 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

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इंसान को बदलने की राजनीति करते थे जेपी, कभी नहीं लड़े चुनाव: हरिवंश

इंसान को बदलने की नेतृत्व करते थे जेपी, कभी नहीं लड़े चुनाव: हरिवंश नया विचार पटना– राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि रामवृक्ष बेनीपुरी जैसा विलक्षण व्यक्ति, चिंतक, लेखक हिंदुस्तान में कम हुए हैं. वहीं, जब जन्म के बाद आंखें खुलीं और थोड़ी से चेतना हुई, तो जिसको देखा, वो थे जयप्रकाश नारायण थे. वह शुक्रवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं नेतृत्वक शोध संस्थान में रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संपादित पुस्तक ‘जयप्रकाश की विचारधारा’ का विमाेचन करने के बाद संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि गांव में हम दोनों के घर एक जगह ही हैं. जेपी इंसान को बदलने की नेतृत्व करते थे. उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा और न ही कभी सदन में गये. वह नये समाज के निर्माण के लिए काम कर रहे थे. उन्होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की. जेपी ने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे बेहतर इंसान बन सकें और बेहतर इंसान ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकता है. नीतीश कुमार आज भी जेपी के अनुयायी बने हुए हैं हरिवंश ने कहा कि जेपी जातीय, आर्थिक व लैंगिक संतुलन के पुरोधा थे. आंदोलन से बहुत लोग निकले, लेकिन सीएम नीतीश कुमार आज भी उनके अनुयायी बने हुए हैं. उन्होंने बिहार में जातीय, आर्थिक व लैंगिक न्याय का जो संतुलन बनाया, उसका परिणाम यह है कि बिहार निरंतर विकास कर रहा है. बिहार में जहां जेपी के गांव से पटना आने में दो-दो दिन लग जाते थे, वहीं अब पूरे बिहार से लोग आसानी से कम समय में पटना पहुंच जाते हैं. पूर्व शिक्षा मंत्री रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि गांधी मैदान में 13 अप्रैल, 1946 को जेपी के लिए जितना बड़ा जनसमूह उमड़ा, उतनी बड़ी जनसभा आज तक नहीं देखी गयी. इस पुस्तक के पुनर्प्रकाशन को लेकर बेनीपुरी के नाती राजीव महंत ने भी कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है. जेल से जेपी को भगाने में बेनीपुरी की भूमिका को याद किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार विधानसभा के उपसभापति प्रो रामवचन राय ने कहा कि इस पुस्तक के पुनर्प्रकाशन से एक खोई हुई रोशनी लौट आयी है. उन्होंने जेल से जेपी को भगाने में बेनीपुरी की भूमिका को याद किया और जेपी के प्रति उनके समर्पण की चर्चा की. वहीं, संस्थान के निदेशक डॉ नरेंद्र पाठक ने कहा कि यह पुस्तक 1948 में प्रकाशित हुई थी और अब इसकी पुनर्प्रकाशन से आम लोग जेपी की कृतियों से परिचित हो सकेंगे. मंच संचालन लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने किया. मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय पासवान, शिक्षा विभाग के सचिव बैजनाथ यादव, डॉ रेखा कुमारी, दीपक कुमार सिंह, प्रो वीरेंद्र झा, डॉ मधुबाला, डॉ विद्यार्थी विकास, भैरव लाल दास, मिथिलेश, रजनीश उपाध्याय, अरुण नारायण, धीरज कुमार सिंह व अन्य मौजूद थे.

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उ उ मा वि बेला पंचरुखी में विश्व हिन्दी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया।

नया विचार समस्तीपुर :  उ उ मा वि बेला पंचरुखी समस्तीपुर में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में विश्व हिन्दी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया।कार्यक्रम का संचालन छात्रा नंदनी कुमारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन नेहा हिंदुस्तानी ने किया।समारोह की शुरुआत छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत गाकर किया गया।वहीं विषय प्रवेश शिक्षक अनंत कुमार यादव ने किया।इस अवसर पर शिक्षक शिव शंकर प्रसाद, शत्रुघन कुमार, संजीव कुमार झा, इन्दिरा कुमारी, विमला कुमारी, बीबी शकीला रहमान , छात्र प्रियांशु, छात्रा अमृता, खुशबू, रानी, अजनबी, इशरत, सुमन, पूजा आदि ने संबोधित किया। प्रधानाध्यापक ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हिन्दी संस्कृत की वंशज और इंडो आर्यन शाखा की ध्वन्यात्मक विश्व की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी दिवस राष्ट्रीय स्तर पर चौदह सितंबर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दस जनवरी को मनाया जाता है। विश्व स्तर पर हिन्दी को स्थापित करने हेतु यह आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर सबों ने हिन्दी में काम करने का संकल्प दोहराया।

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बिहार के DGP का अपराधियों को अल्टीमेटम, कहा- जैसा बर्ताव करेंगे, उसी अंदाज में जवाब मिलेगा  

नया विचार पटना – बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने शुक्रवार को पटना आईजी ऑफिस में अपराध नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक की. चार घंटे तक चली इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कानून व्यवस्था और छोटी-बड़ी घटनाओं पर अपडेट लिया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कानून व्यवस्था नियंत्रण को लेकर टिप्स भी दिए. इस बैठक में आईजी गरिमा मलिक और पटना एसएसपी अवकाश कुमार समेत एसपी रैंक के सभी अधिकारी मौजूद थे. अपराधियों की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी समीक्षा बैठक के बाद एनकाउंटर के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि जब पुलिस सक्रिय होती है तो अपराधियों से मुठभेड़ की संभावना बढ़ जाती है. अगर अपराधी पुलिस पर हमला करेंगे तो क्रॉस फायरिंग होगी. अपराधियों की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, जिस तरह का व्यवहार करेंगे, उन्हें उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा. पुलिस गश्ती पर जोर इस बैठक में डीजीपी ने पुलिस गश्त को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि दिन और रात में गश्त ठीक से होनी चाहिए. उन्होंने जांच में तेजी लाने और तकनीक का इस्तेमाल कर अपराध रोकने पर भी जोर दिया. उन्होंने जेल से छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए. विनय कुमार के डीजीपी बनने के बाद कई एनकाउंटर बता दें कि डीजीपी बनने के बाद विनय कुमार ने अपराध पर नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसी का नतीजा है कि पटना में मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए हैं. पूर्णिया में भी पुलिस ने एक वांछित अपराधी को मार गिराया है. गया में भी शुक्रवार की सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली मार दी.

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बिहार के इस जिले के युवाओं को नौकरी के लिए नहीं करना होगा बड़े शहरों का रूख, CM नीतीश ने दिया तोहफा

नया विचार – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्तमान में अपनी प्रगति यात्रा के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं. इस यात्रा का पहला चरण पश्चिम चंपारण के बेतिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने कोरोना काल के दौरान बेतिया के जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा स्थापित किए गए ‘चनपटिया मॉडल’ का अवलोकन किया. इस मॉडल के तहत, अब चनपटिया औद्योगिक क्षेत्र के विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। चनपटिया मॉडल’ से रोजगार का नया रास्ता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के बाद, चनपटिया के बाजार समिति परिसर की 29.30 एकड़ भूमि को कृषि विभाग से उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा है. इसके अलावा, चनपटिया के स्टार्टअप जोन में वस्त्र उद्योग से जुड़ी इकाइयों को विशेष सहायता देने की योजना है, और इन इकाइयों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2022 के तहत वित्तीय मदद भी प्रदान की जाएगी. कुंदन कुमार की पहल से चनपटिया में बढ़ रहा औद्योगिक विकास ‘चनपटिया मॉडल’ की शुरुआत उस वक्त हुई थी जब कुंदन कुमार बेतिया के जिलाधिकारी थे. कोरोना महामारी के दौरान, उन्होंने बाहरी राज्यों से बिहार लौटे श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य से चनपटिया में एक स्टार्टअप ज़ोन स्थापित किया था. यह मॉडल अब धीरे-धीरे फल-फूल रहा है, और इस क्षेत्र में अब 50 से ज्यादा उद्यमी काम कर रहे हैं. पहले ये लोग बड़े शहरों में काम की तलाश करते थे, लेकिन अब ‘चनपटिया मॉडल’ के तहत वे अपने गांव में ही रोजगार पा रहे हैं. कोरोना काल में ग्रामीण रोजगार सृजन की सफलता कहानी इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया है, बल्कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद की है. कुंदन कुमार की इस पहल से यह साबित होता है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और उद्योगों का विकास बिहार के आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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आचार्य किशोर कुणाल को मिले भारत रत्न, केंद्रीय मंत्री ने बताई वजह

नया विचार-  केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव रहे स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल को हिंदुस्तान रत्न देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस रूप में उन्होंने जाति, धर्म, पंथ से ऊपर उठकर मानवता की सेवा की है, वह प्रशंसनीय है. जीतन राम मांझी पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के पूर्व अध्यक्ष और महावीर मंदिर न्यास समिति के संस्थापक सचिव आचार्य स्वर्गीय किशोर कुणाल के श्राद्ध कर्म में शामिल हुए. कुर्जी स्थित बिहार विद्यापीठ परिसर में आयोजित श्राद्धकर्म में उन्होंने किशोर कुणाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. जीतन राम मांझी ने बताई वजह जीतन राम मांझी ने कहा, “स्वर्गीय किशोर कुणाल ने जिस रूप से मानवता की सेवा की, उन्होंने सैकड़ों संस्थाएं बनाई, जिस रूप में उन्होंने जाति, धर्म, पंथ से ऊपर उठकर काम किया. पुलिस विभाग में रहकर भी बेदाग छवि बनाए रखा. ऐसी स्थिति में हमने मांग की है कि उनको हिंदुस्तान रत्न की उपाधि मिलनी चाहिए.” इंडिया गठबंधन पर क्या बोले मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इंडी गठबंधन में टूट को लेकर हो रही बयानबाजी पर कहा कि हम लोग बहुत पहले कहते थे कि एक जंतु होता है, जिसको एक तराजू पर तौला नहीं जा सकता. वे लोग उसी प्रकार के जंतु हैं. कभी उछल-कूद कर इधर होंगे, कभी उधर होंगे, यह उसी का नतीजा है. इस गठबंधन का शुरू से ही कोई मकसद नहीं है. विकास के लिए तो ऐसा वे कर नहीं रहे हैं. उनका एक ही मकसद है, कौन प्राइम मिनिस्टर बनेगा, लीडर कौन बनेगा? जिसका उद्देश्य खत्म है, उसका टूटना स्वाभाविक है. तेजस्वी इंडिया गठबंधन के बड़े नेता नहीं हैं- जीतन राम मांझी राजद नेता तेजस्वी यादव के ‘इंडी गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था’ वाले बयान पर पूछने पर उन्होंने कहा, “वे इंडिया गठबंधन के बड़े नेता तो हैं नहीं, नेता कोई दूसरा है. उनका कुछ बयान आता, तो हम कुछ कह सकते थे. वे सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए ऐसा बोल रहे हैं। यहां पर भी वे लोग टुकड़ों में बटेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार एनडीए में रहेंगे. पहाड़ की तरह वह एनडीए में डटे हुए हैं. अभी हाल में ही उनका बयान भी आया था, उसके बाद यह प्रश्न करना ही बेमानी है. एनडीए पूरी तरह एकजुट है और बिहार चुनाव में दो तिहाई के साथ एनडीए की प्रशासन बनेगी और नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे.

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CM Nitish ने INDIA गठबंधन नाम का किया था पुरजोर विरोध, जदयू एमपी ने किया बड़ा दावा

नया विचार – इंडिया गठबंधन में शामिल दलों में घमासान मचा हुआ है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रही है. सपा ने इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन दिया है. ममता बनर्जी भी केजरीवाल के साथ हैं. तेजस्वी यादव ने बक्सर में कहा था कि इंडिया गठबंधन बस लोकसभा चुनाव 2024 तक के लिए था. अब इस पर जदयू की प्रतिक्रिया आई है. जदयू सांसद संजय झा ने कहा है कि बिहार सीएम नीतीश कुमार ने सबसे पहले इस नाम का ही विरोध किया था. क्या बोले संजय कुमार झा JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा, “INDIA गठबंधन का नाम तो बड़ा रख दिया गया, जिसका नीतीश कुमार ने विरोध भी किया था लेकिन कभी भी इसमें कोई एकरूपता नहीं थी. INDIA गठबंधन के लोग एक परिवार से बाहर देख ही नहीं सकते हैं. देश के लिए उनका क्या विजन है या क्या नीति है उस बारे में कोई बात ही नहीं थी. लोकसभा चुनाव से ही यह विभाजित गठबंधन था. जब हम (JDU) इस गठबंधन से अलग हुए तब ही हमने देख लिया कि इसका क्या परिणाम होने वाला है.” केजरीवाल पर भी भड़के संजय झा दिल्ली सीएम अरविन्द केजरीवाल ने गुरुवार को बिहार-यूपी के लोगों पर आपत्तिजनक बयान दिया था. उनके बयान पर जदयू सांसद ने कहा, “अरविंद केजरीवाल आपको बिहार-यूपी के लोगों से आपको इतनी नफरत क्यों है. आपको नहीं भूलना चाहिए कि दिल्ली आपकी जागीर नहीं, देश की राजधानी है, और सभी देशवासियों की है. बिहार-यूपी के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर दिल्ली ही नहीं, दुनियाभर में मुकाम हासिल किया है. आपने जो खुद के लिए शीशमहल बनवाये हैं, उसमें दिल्ली में रहने वाले बिहार-यूपी के लोगों के टैक्स के पैसे भी लगे हैं. आपके द्वारा बिहार-यूपी के लोगों का बार-बार अपमान बर्दाश्त के काबिल नहीं है. आपको तुरंत माफी मांगनी चाहिए.” चिराग पासवान ने भी इंडिया गठबंधन पर बोला हमला चिराग पासवान ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का यह गठबंधन अब पूरी तरह से बिखर चुका है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं और गठबंधन के घटक दलों का समर्थन भी अस्थिर है. यह दर्शाता है कि कांग्रेस का नेतृत्व अब न केवल देश की जनता ने नकार दिया है, बल्कि उनके ही गठबंधन के घटक दल भी उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं.

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पटना में ऑटो पर लगेंगे QR कोड, येलो, ग्रीन और ब्लू जोन के आधार पर होगा परिचालन

नया विचार पटना- पटना शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और जाम से निजात दिलाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार ने एक नई पहल की है. इसके लिए शहर को तीन जोन पीला, हरा और नीला में बांटा गया है. इसके तहत करीब 25,000 ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन नए रूट और जोन आधारित प्रणाली पर होगा. ऑटो और ई-रिक्शा पर QR कोड होगा अनिवार्य इस नई योजना के तहत सभी ऑटो और ई-रिक्शा पर QR कोड अंकित होंगे. इस कोड को स्कैन करने पर यात्रियों को ऑटो और उसके चालक की जानकारी तुरंत प्राप्त होगी. यह सुविधा यात्रियों की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी. इसके अलावा निर्धारित जोन से बाहर जाकर ऑटो चलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा. हालांकि, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैन्ड से चलने वाले रिजर्व ऑटो का परिचालन तीनों रूट के सभी जोन में हो सकेगा। पार्किंग के लिए जगह होगी तय नई योजना के तहत प्रत्येक जोन में ऑटो पार्किंग के लिए निश्चित स्थान चिह्नित किये जाएंगे. साथ ही संबंधित जोन और रूट के साथ पुलिस थानों की भी टैगिंग होगी. सभी रूटों पर ऑटो संचालन के लिए जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा की नए रूट पर केवल अधिकृत ऑटो ही चले. कौन से होंगे तीन जोन पीला जोन – इस जोन में पटना का उत्तरी -पश्चिमी क्षेत्र आएगा. जिसमें दानापुर, रूपसपुर, दीघा, एएन कॉलेज, जीपीओ और पटना जंक्शन शामिल है. हरा जोन – इस जोन में शहर का उत्तरी पूर्व और दक्षिणी पूर्व क्षेत्र आएगा. जिसमें पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, पटना साहिब, गायघाट, राजेन्द्र नगर, पीएमसीएच और पटना जंक्शन आदि शामिल होंगे. नीला जोन – इस जोन में दक्षिणी पश्चिमी पटना का क्षेत्र होगा. जिसमें अनीसाबाद गोलंबर और पटना एम्स आदि इलाके शामिल होंगे.

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