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एआई युग में शिक्षकों की भूमिका 

नया विचार न्यूज़– 21वीं सदी के तीसरे दशक में, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तेज़ी से शिक्षा प्रणाली में प्रवेश कर रही है, तब यह आवश्यक हो गया है कि हम शिक्षकों की पारंपरिक भूमिका पर पुनर्विचार करें। पहले जहाँ शिक्षक ज्ञान का प्रमुख स्रोत माने जाते थे, अब वह भूमिका तकनीक विशेष रूप से एआई आधारित टूल्स द्वारा साझा की जा रही है। छात्रों के पास अब स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे उपकरण हैं जिनमें वे एक क्लिक पर दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एआई टूल्स जैसे कि चैटबॉट्स, भाषा अनुवादक, वर्चुअल ट्यूटर, और ऑटोमैटिक असेसमेंट सिस्टम छात्रों को व्यक्तिगत और त्वरित सहायता प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या शिक्षकों की भूमिका अब केवल तकनीकी सहायकों तक सीमित रह जाएगी? इस बदलते परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और बहुआयामी हो गई है। एआई सूचना दे सकता है, लेकिन समझ, मूल्य, नैतिकता और सामाजिक बौद्धिक विकास जैसे पहलुओं में मानव शिक्षक की भूमिका अपरिहार्य है। शिक्षक अब केवल जानकारी देने वाले नहीं, बल्कि मॉडरेटर, मेंटर, मोटिवेटर और नैतिक मार्गदर्शक बनते जा रहे हैं। जब कोई छात्र एक एआई टूल से उत्तर प्राप्त करता है, तब उसे यह समझाने वाला चाहिए कि उस उत्तर का वास्तविक दुनिया में क्या महत्व है, क्या सीमाएं हैं, और उसमें क्या भावनात्मक या सामाजिक पहलू जुड़े हो सकते हैं। यह काम केवल एक संवेदनशील और प्रशिक्षित शिक्षक ही कर सकता है। इसके अलावा, हर छात्र की सीखने की प्रक्रिया अलग होती है। भले ही एआई “पर्सनलाइज़्ड लर्निंग” का दावा करता हो, परंतु मानवीय संवेदनाओं, रुचियों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों को समझने की जो क्षमता एक शिक्षक में होती है, वह किसी भी मशीन में नहीं हो सकती। शिक्षक छात्रों में सहानुभूति, सहयोग, नेतृत्व और आलोचनात्मक सोच जैसे गुणों का विकास करते हैं। वे क्लासरूम को केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक संवाद का मंच भी बनाते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि शिक्षकों को एआई के साथ सहयोग करना सीखना होगा, न कि उससे प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। शिक्षक यदि एआई टूल्स को अपनी शिक्षण पद्धति में एक सहायक उपकरण के रूप में अपनाएं, तो न केवल छात्रों को बेहतर अनुभव मिल सकता है, बल्कि शिक्षकों का कार्यभार भी कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, असाइनमेंट की जांच, उपस्थिति दर्ज करना, या प्रारंभिक मूल्यांकन जैसे काम एआई कर सकता है, जिससे शिक्षक छात्रों के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण संवाद और मार्गदर्शन में समय दे सकें। प्रशासन और शिक्षा नीति निर्माताओं को चाहिए कि वे शिक्षकों को एआई साक्षर बनाएं। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि वे तकनीकी टूल्स का प्रभावी उपयोग कैसे करें और उनकी सीमाओं को कैसे समझें। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में ऐसी शिक्षण संस्कृति विकसित की जाए जहाँ शिक्षक और तकनीक मिलकर छात्रों की संपूर्ण शिक्षा का आधार बनें। निष्कर्षत, एआई युग में शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं हो रही, बल्कि और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। जहाँ तकनीक “क्या” और “कैसे” सिखा सकती है, वहीं शिक्षक यह सिखाते हैं कि “क्यों” सीखना ज़रूरी है। भविष्य की शिक्षा प्रणाली एक ऐसे मॉडल की माँग करती है जहाँ शिक्षक और एआई साथ मिलकर एक नई पीढ़ी को तैयार करें जो न केवल ज्ञानवान हो, बल्कि विवेकशील, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी भी हो।

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बीएमए कॉलेज, बहेड़ी में विकास कार्यों को लेकर महाविद्यालय कर्मी परिषद की बैठक

नया विचार न्यूज़ – बिलट महथा आदर्श महाविद्यालय, बहेड़ी में आगामी नैक मूल्यांकन, स्वतंत्रता दिवस की तैयारी तथा आंतरिक विकास कार्यों को लेकर समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कुशेश्वर यादव के द्वारा किया गया। उक्त बैठक में पूर्व से गठित कई समितियों को भंग करते हुए नए सिरे से इनके पुनर्गठन तथा कई अन्य नये समितियों को गठित करने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। साथ ही, इस बैठक में छात्र-छात्राओं को होने वाली तमाम तरह की समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रोफेसर यादव ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन सभी छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में अपनी 75% उपस्थिति सुनिश्चित करें, अन्यथा उन्हें आंतरिक सतत मूल्यांकन परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा। नियमित कक्षा में उपस्थित होने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस बैठक में सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने अपना-अपना विचार रखा। इस अवसर पर श्री अशोक कुमार त्रिवेदी, डॉ नरेश कुमार, डॉ मंजर हुसैन, डॉ अभिमन्यु कुमार राय, डॉ मनोरमा कुमारी, डॉ महेश प्रसाद यादव, डॉ सुधांशु कुमार झा, डॉ सुजीत कुमार द्विवेदी, डॉ आर के चौधरी, श्री मनोज चौधरी, श्री नवीन शंकर सिंह, श्री भगवान झा, श्री कपिल मंडल समेत सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित थे।

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राजस्व संग्रहण में तेजी हेतु आयुक्त ने की बैठक, सभी संबंधित पदाधिकारी शतप्रतिशत राजस्व संग्रह करें-आयुक्त

नया विचार न्यूज़ दरभंगा– आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा श्री कौशल किशोर की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण को लेकर बैठक आयोजित की गई।दरभंगा प्रमंडल स्थित सभागार में आयोजित की गई जिसमें दरभंगा,मधुबनी एवं समस्तीपुर जिलों के वरीय पदाधिकारियों ने भाग लिये।आयुक्त ने विभिन्न प्रकार के राजस्व जैसे कि परिवहन विभाग, निबंधन विभाग, मद्यनिषेध विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग,वाणिज्य कर विभाग राजस्व विभाग के कर की वसूली की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।  आयुक्त महोदय ने संबंधित विभाग को पिछले साल के लक्ष्य में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी कर संग्रहण करने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया। आयुक्त महोदय ने यह भी स्पष्ट कहा कि राजस्व संग्रहण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। आयुक्त महोदय ने कहा कि लोक शिकायत की सुनवाई में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधी प्राधिकारी को दिया एवं सुनवाई में स्वयं उपस्थित होने को कहा। उन्होंने दस्तावेज को डिजिटाइजेशन शत प्रतिशत कराने का निर्देश सभी संबंधित पदाधिकारी को अनुश्रवण करने को कहा। आज बैठक से अनुपस्थित रहने वाले उत्पाद अधीक्षक दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर का वेतन आयुक्त महोदय द्वारा स्थगित किया गया। उन्होंने उपनिदेशक उत्पाद अधीक्षक को पिछले साल के लक्ष्य से 25 प्रतिशत ज्यादा राजस्व संग्रहण करने का निर्देश दिया। खान एवं भूतत्व विभाग दरभंगा मधुबनी एवं समस्तीपुर को को राजस्व संग्रहण करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि अवैध खनन को लेकर मधुबनी से काफी शिकायत मिल रही है। आयुक्त महोदय ने खनन विकास पदाधिकारी मधुबनी को अवैध खनन के विरुद्ध 24घंटे छापेमारी करने का निर्देश दिया। बैठक में नीलाम पत्र का भी समीक्षा की गई सभी मामलों को जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी ,सरल एवं प्रभावी बनाया जाए । लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक निश्चित कार्ययोजना तैयार कार्यो को अंतिम रूप दें। बैठक में आयुक्त के सचिव सत्येंद्र कुमार,निबंधन पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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स्वास्थ्य में बदहाली के खिलाफ कन्वेंशन

नया विचार न्यूज़ पटना-    स्वास्थ्य सेवा की बदहाली के खिलाफ आज गांधी संग्रहालय, पटना में एक जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का संचालन पांच सदस्यीय एक अध्यक्ष मंडल ने किया जिसमें प्रीति सिन्हा, संजय श्याम, मनोज चन्द्रवंशी, जयप्रकाश ललन एवं नन्द किशोर सिंह शामिल थे। शुरुआत में सिटीजंस फोरम, पटना के संयोजक अनीश अंकुर ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया, कन्वेंशन के विषय पर प्रकाश डाला और अध्यक्ष मंडल का प्रस्ताव किया।   अध्यक्ष मंडल ने सबसे पहले सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा तैयार किये गये आलेख को कन्वेंशन में पेश करने के लिए मधु मृणालिनी को आमंत्रित किया। आलेख की प्रस्तुति के बाद एक-एक करके करीब 24 प्रतिनिधियों ने कन्वेंशन को सम्बोधित किया।  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करने प्रमुख वक्ताओं में नेतृत्वकर्मी अरुण कुमार मिश्र, चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी, अरविन्द सिन्हा, कृष्णदेव यादव, नरेन्द्र कुमार, सतीश कुमार, उदयन राय, पुकार, मणिलाल, सौजन्य उपाध्याय, मणिकांत पाठक, देव रतन प्रसाद, डॉ. ओमप्रकाश रमण, डॉ. मनीष कुमार, शिक्षक रौशन प्रकाश, प्रो. प्रोफेसर सुधीर कुमार , सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल कृष्ण, मजदूर नेता गणेश शंकर सिंह एवं राम लखन , जन कवि आदित्य कमल, रोजगार आन्दोलन की प्रीति सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम शरण, अधिवक्ता अशोक कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि, काजल मिलन के पति डॉ. रवि रंजन, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार झा, आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा प्रस्तुत किये गये आलेख में बिहार में स्वास्थ्य सेवा की बदहाली का विस्तार से उल्लेख किया गया है। प्रशासनी अस्पतालों की अव्यवस्था से लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी, लापरवाही एवं पैसे की लूट पर प्रकाश डाला गया है। आलेख के जरिए सिटीजंस फोरम,पटना बिहार प्रशासन से मांग करता है: 1. बिहार के सभी प्रशासनी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त एवं बेहतर करो ! 2. निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाओ और सभी तरह के फीस की युक्तिसंगत राशि तय करो! 4. काजल मिलन तथा उसकी नवजात बच्चियों को न्याय दो! 5. काजल मिलन के परिजनों पर से झूठे मुकदमे वापस लो ! 6. समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव वाले सभी निजी अस्पतालों का लाइसेंस रद्द करो ! 7. काजल मिलन की मौत के लिए जिम्मेदार ज्योति पुंज अस्पताल पर कार्रवाई करो !  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए लगभग सभी वक्ताओं ने सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा पेश आलेख का समर्थन किया और जोरदार स्वागत में स्वास्थ्य व्यवस्था को जनपक्षधर एवं बेहतर बनाने के लिए जन आन्दोलन की जरूरत को रेखांकित किया।  साथी प्रीति सिन्हा के अध्यक्षीय भाषण के बाद जन कन्वेंशन की समाप्ति की घोषणा की गई।

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PK ने मंगल पांडेय पर फिर किया पलटवार, बोले – मंगल पांडेय ने दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपए लेने की बात तो स्वीकार कर लिए, अब ये बताएं कि फ्लैट खरीदने के लिए बाकी 61 लाख किससे लिए, नहीं तो हम बताएंगे

प्रशांत किशोर बोले झूठ बोल रहे मंगल पांडेय, पूछा – क्या उनके विभाग ने दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को NOC दिया या नहीं, और 450 एंबुलेंस का करीब 100 करोड़ पैसा एंबुलेंस कंपनी को दिया या नहीं? नया विचार न्यूज़  नालंदा। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में आज नालंदा के हरनौत में बिहार बदलाव जनसभा करने पहुंचे। जनसभा के बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा दिल्ली में 86 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने के खुलासे के बाद उनके दिए गए जवाबों पर भी प्रशांत किशोर ने पलटवार किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि मंगल पांडेय ने यह तो स्वीकार कर लिया कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपये लिए। यह बताकर वो फंस गए हैं। अब वो बताएं कि बाकी के 61 लाख रुपये किससे लिए? नहीं तो 7 दिन में हम बता देंगे।आगे उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय को कर्ज लेना था तो खुद क्यों नहीं लिए? पिताजी के अकाउंट में लेकर पत्नी को क्यों भेजे? प्रशांत किशोर ने मंगल पांडेय के जवाब कि किशनगंज के एमजीएम कॉलेज को मान्यता देने में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है, पर भी पलटवार किया। कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग एनओसी नहीं देता है, तब तक यूजीसी डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता नहीं देती है। यह सीधी बात है कि मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य मंत्री रहते दिलीप जायसवाल की मदद से दिल्ली में फ्लैट खरीदा। इसके बदले में स्वास्थ्य विभाग ने एनओसी दी, जिससे एमजीएम कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता मिली। पीके ने साथ ही यह भी बताया कि बिहार प्रशासन द्वारा साल 2022 में खरीदे गए एम्बुलेंस का करीब 100 करोड़ रुपया पेमेंट किया जा चुका है। मामला कोर्ट में जाने की वजह से बाकी एम्बुलेंस का पेमेंट अटक गया है। इससे पहले प्रशांत किशोर के आरोप पर मंगल पांडेय ने कहा था कि एम्बुलेंस खरीद में कोई पेमेंट नहीं किया गया है।

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मुसरीघरारी चौराहा पर जाम में फंसे केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : मुसरीघरारी चौराहा पर शुक्रवार की दोपहर के 12 बजे से देर रात तक भारी जाम लगा रहा।जाम में केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एवं इनका काफिला करीब दो घंटे तक फंसा रहा। केन्द्रीय मंत्री को जाम से निकालने के लिए पुलिस बल को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ज्ञात हो कि केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पुरौना धाम से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से बेगूसराय लौट रहे थे।इसी दौरान इनका काफिला जाम में फंस गया। वहीं चौराहा पर हजारों वाहन व यात्री भी फंसे रहे। शुक्रवार को दिनभर जाम लगने से स्थानीय दुकानदार एवं यात्री भी परेशान रहे।

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नई अमृत भारत ट्रेन सेवा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमित शाह व नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया

नया विचार न्यूज़ सीतामढ़ी–  अमित शाह, गृह एवं सहकारिता मंत्री, हिंदुस्तान प्रशासन एवं श्री नीतीश कुमार, माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा दिनांक 08.08.2025 को सीतामढ़ी से नई दिल्ली के लिए एक नई अमृत हिंदुस्तान ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) । आज इसका परिचालन सीतामढ़ी से 05599 सीतामढ़ी-दिल्ली उद्घाटन स्पेशल के रूप में किया गया ।  दिल्ली और सीतामढ़ी के मध्य गाड़ी सं. 14048/14047 दिल्ली-सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का नियमित परिचालन दिल्ली से 09.08.2025 से प्रत्येक शनिवार को तथा सीतामढ़ी से 10.08.2025 से प्रत्येक रविवार को किया जाएगा ।   गाड़ी सं. 14048 दिल्ली-सीतामढ़ी अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस 09.08.2025 से प्रत्येक शनिवार को दिल्ली से 14.00 बजे खुलकर गाजियाबाद, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज, सिसिवा बाजार, बगहा, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, बैरगनिया स्टेशनों पर रूकते हुए अगले दिन 10.45 बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी । वापसी में गाड़ी सं. 14047 सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस 10.08.2025 से प्रत्येक रविवार को सीतामढ़ी से 22.15 बजे खुलकर उपरोक्त स्टेशनों पर रूकते हुए अगले दिन 22.40 बजे दिल्ली पहुंचेगी ।  विदित हो हिंदुस्तानीय रेल की ओर से बिहार को मिलने वाली यह सातवीं अमृत हिंदुस्तान ट्रेन है। इससे पहले जब देश में पहली बार अमृत हिंदुस्तान ट्रेनें बनकर तैयार हुई थी, तो उनका परिचालन दरभंगा से वाया अयोध्या आनंद विहार टर्मिनल तथा मालदा टाउन से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरू के बीच किया गया था। सहरसा और मुंबई के मध्य अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस के परिचालन का प्रारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया था । इसके अलावा पटना और नई दिल्ली के बीच प्रतिदिन अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस के साथ-साथ मोतिहारी से आनंद विहार के लिए, दरभंगा से लखनऊ तथा भागलपुर, गया, सासाराम के रास्ते मालदा टाउन से लखनऊ के लिए अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है जिससे बिहार के लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। अमृत हिंदुस्तान ट्रेनों का निर्माण मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री में किया गया है। इसे खास तौर पर मध्य एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे लगे हुए हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस अमृत हिंदुस्तान ट्रेन के नए संस्करण में कई-नई सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं, जिससे अमृत हिंदुस्तान 2.0 पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो गई है।  अमृत हिंदुस्तान ट्रेन लो बजट में यात्रा करने का एक सुविधाजनक और विश्वसनीय माध्यम बन गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में जानकारी दी थी कि देश में 100 नए अमृत हिंदुस्तान रेक निर्माणाधीन हैं, जिन्हें हिंदुस्तानीय रेल के विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा।  अमृत हिंदुस्तान 2.0 ट्रेन के कोच में फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल होल्डर, फोल्डेबल बॉटल होल्डर जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इनमें हवाई जहाज की तर्ज पर रेडियम एलिमिनेटेड फ्लोरिंग स्ट्रिप, एयर स्प्रिंग बॉडी जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिससे सफर आरामदायक होता है। इस ट्रेन के प्रत्येक शौचालय में इलेक्ट्रो न्यूमेटिक फ्लशिंग प्रणाली, ऑटोमेटिक सॉप डिस्पेंसर और एरोसॉल आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे स्वच्छता और सुरक्षा को मजबूती प्राप्त होगी। शौचालयों के निर्माण में शीट मेटल कंपाउंड सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे रख-रखाव आसान होगा। अमृत हिंदुस्तान 2.0 ट्रेन में 130 किमी/घंटा रफ्तार देने की क्षमता है। हिंदुस्तानीय रेल के इतिहास में पहली बार ट्रेन में सेमी-ऑटोमैटिक कपलर का उपयोग किया गया है, जो न केवल यात्रा को सुगम बनाती है, बल्कि कनेक्शन को भी सुविधाजनक बनाती है।  लोकोमोटिव के साथ यह रेक स्थिरता के साथ उच्चतम गति और बेहतर संचालन सुनिश्चित करता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कपलर में क्रैश ट्यूब और म्च्-असिस्टेड ब्रेक सिस्टम की सुविधा दी गई है, जिससे तेजी से ब्रेक लग सकेगा। ये फीचर पहली बार हिंदुस्तानीय ट्रेनों में जोड़ा गया है। इसके अलावा पूरी तरह से सील गैंगवे और वैक्यूम एवैक्यूशन सिस्टम से लैस है।  यात्री और सुरक्षा-गार्ड के बीच दो-तरफा संचार के लिए प्रत्येक कोच में इमरजेंसी टॉक बैक सिस्टम की नई सुविधा जोड़ी गई है। गैर-एसी कोचों में पहली बार फायर डिटेक्शन सिस्टम की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा में नई क्रांति है।  ऑन-बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OBCMS) से रियल टाइम व्हील और बियरिंग की निगरानी होती है। इंटरनेट आधारित वाटर लेवल इंडिकेटर स्टेशनों और ऑन-बोर्ड स्टाफ को सहायता प्रदान करते हैं। देश में पहली बार किसी ट्रेन में बाहरी आपातकालीन लाइट्स की सुविधा भी दी गई है।

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पटना में सहकारी क्षेत्र के संवर्धन ई पैक्स/एम पैक्स एवं अनाज भंडारण परियोजना के लिए भारत सरकार, सहकारिता विभाग एवं नाबार्ड के द्वारा एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न पहल जैसे कि नई बहुउद्देश्यीय पैक्स/डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियों का गठन, सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना और PACS और ARDB का कम्प्यूटरीकरण के सफल और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, सहकारिता मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 08 अगस्त 2025 को एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन, चार राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार के लिए दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, पटना में आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में संयुक्त सचिव, निदेशक सहकारिता मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन, नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक श्री गोवर्धन सिंह रावत एवं सभी चार राज्यों के नाबार्ड के अधिकारी, निबंधक सहयोग समितियां, FCI के ज़ोनल प्रमुख, राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी, राज्य सहकारी बैंकों एवं प्रबंध निदेशक ने भाग लिया। सभी राज्यों के जिला सहकारी बैंक एवं PACS के सदस्य इस कार्यशाला में विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। इस क्षेत्रीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में योजनाओं, इसके संभावित परिणामों, भूमिकाओं/जिम्मेदारियों और परियोजनों के बारे में स्पष्ट समझ विकसित करना था। इस कार्यशाला के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र के विभिन्न आयामों एवं परियोजनाओं के सभी हितधारकों में समन्वय स्थापित कर सहकारिता को सुदृढ़ बनाना है। कार्यशाला के दौरान, राज्यवार प्रगति समीक्षा की गई और प्रभावी कार्यान्वयन की चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की गई। बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य पालन समितियों को और अधिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया। आगे, सभी विभागों के साथ मिलकर काम करने, आपसी विश्वास के साथ और बेहतर समन्वय विकसित करने का निर्णय लिया गया। कुल मिलाकर, यह कार्यशाला पैक्स के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर एवं वित्तीय स्थिति में सुधार लाकर सदस्यों के आय के स्रोत को बढ़ाना है और हरसंभव सहकारिता को सहयोग प्रदान करना है ताकि वे कम से कम ग्रामीण वित्तीय स्थिति कि 40% हिस्सा बन सके। सहकारिता से समृद्धि की ओर का संकल्प करते हुए और एक बेहतर हिंदुस्तान के निर्माण का संकल्प करते हुए, इस कार्यशाला का समापन हुआ।

खेल, पटना, बिहार

खेल को जमीनी स्तर तक ले जाने की ऐतिहासिक पहल — बिहार में शुरू हुआ “वन डे स्कूल स्पोर्ट क्लाइम्बिंग कैंप प्रोग्राम” 

 नया विचार न्यूज़ पटना। आज दिनांक 7 अगस्त 2025 को पटना के पटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कंकड़बाग स्थित स्पोर्ट क्लाइम्बिंग वॉल पर “वन डे स्कूल स्पोर्ट क्लाइम्बिंग कैंप प्रोग्राम” का सफल शुभारंभ हुआ। इस अद्वितीय कार्यक्रम का नेतृत्व बिहार के पहले राष्ट्रीय स्पोर्ट क्लाइम्बर एवं स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव सैयद अबादुर रहमान द्वारा किया गया।  इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवीन शिक्षा नीति 2020 और स्पोर्ट्सो हिंदुस्तान नीति 2025 (राष्ट्रीय स्पोर्ट्स नीति) के अंतर्गत युवाओं को प्रारंभिक अवस्था में ही स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे ओलंपिक स्पोर्ट्स से जोड़ना है। पहले दिन 50 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह अभियान बच्चों में कितना जोश और उत्साह पैदा कर रहा है।  इस पहल के प्रथम चरण में 500 स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में Private School And Children Welfare Association का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।  आज के कैंप में Holy Faith Boys School के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया, जिनका नेतृत्व उनके कोच संजीत कुमार ने किया। यह सहयोग दर्शाता है कि निजी स्कूल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।  यह ऐतिहासिक पहल आने वाले वर्षों में 20,000 से अधिक स्कूली बच्चों को स्पोर्ट क्लाइम्बिंग से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बिहार, समस्तीपुर

ज्योति प्रकाश मिश्रा ने समस्तीपुर मंडल के नये मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर–    दिनांक 05 अगस्त 2025 को श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने समस्तीपुर मंडल के नये मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मंडल कार्यालय, समस्तीपुर में मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री मिश्रा ने मंडल के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया एवं समस्तीपुर मंडल की कार्यप्रणाली का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण देखा। विदित हो कि श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिन्दू कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की है तथा अपने बैच के गोल्ड मैडलिस्ट रहे हैं। ये हिंदुस्तानीय रेल यातायात सेवा के 1998 बैच के अधिकारी हैं। श्री मिश्रा हिंदुस्तानीय रेलवे के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) के अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में संचालन, वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन जैसे महत्त्वपूर्ण विभागों में कार्य किया है। उन्हें पूर्व में महाप्रबंधक पुरस्कार (2008), रेल मंत्री पुरस्कार (2009) तथा रेल मंत्री पुरस्कार (2019) जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। पूर्व मंडल रेल प्रबंधक श्री विनय श्रीवास्तव पदोन्नति एवं स्थानांतरण के पश्चात अब प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (PCME), चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) के पद पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। नये मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने मिथिलांचल की जनता के लिए सेवा का संकल्प व्यक्त करते हुए स्पष्ट रूप से अपनी प्राथमिकताएँ निम्नलिखित बिंदुओं में व्यक्त की: 1. यात्रियों की सुविधा में निरंतर सुधार: स्टेशन परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।प्रतीक्षालय, पेयजल, स्वच्छता, डिजिटल डिस्प्ले एवं लिफ्ट/एस्केलेटर जैसी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। 2. यात्रा सुरक्षा सर्वोपरि: ट्रेनों की संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संरक्षा निरीक्षणों की नियमितता बढ़ाई जाएगी।ट्रैक मेंटेनेंस एवं संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।स्टेशन परिसरों एवं ट्रेनों में CCTV निगरानी को और सुदृढ़ किया जाएगा। 3. समयबद्धता पर विशेष ध्यान: ट्रेनों के परिचालन में समयपालन को बढ़ाने के लिए परिचालन तंत्र को और अधिक कुशल बनाया जाएगा। सिग्नलिंग प्रणाली के उन्नयन एवं लूप लाइन सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा। 4. जनसुनवाई एवं जवाबदेही: यात्रियों की शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए “मंडल स्तर पर जनसुनवाई तंत्र” को और प्रभावशाली बनाया जाएगा। 5.स्थानीय जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य: स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेल सेवाओं में सुधार किया जाएगा। नये हाल्ट, ट्रेनों के ठहराव एवं कनेक्टिविटी को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। 6. स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण: ‘स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन’ के अंतर्गत स्टेशन परिसरों एवं ट्रेनों में स्वच्छता को और सख्ती से लागू किया जाएगा। सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसे पर्यावरण हितैषी उपायों को अपनाया जाएगा। 7. कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान: रेलवे कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर सुविधाएं, प्रशिक्षण और मनोबल बढ़ाने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। मरेप्र श्री मिश्रा ने कहा कि समस्तीपुर मंडल देश के महत्वपूर्ण रेल मंडलों में से एक है और उनकी पूरी कोशिश होगी कि यहां के लोग एक सुरक्षित, आरामदायक, समयबद्ध और भरोसेमंद रेल सेवा का अनुभव कर सकें।

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