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iPhone vs Android: प्रॉडक्ट और सर्विसेज के रेट्स में इतना अंतर क्यों?

iPhone vs Android: एंड्रॉयड फोन और आईफोन के बीच कीमत के अंतर से तो हम सभी वाकिफ हैं. इसके साथ ही, दो तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलनेवाले डिवाइसेज पर ई-कॉमर्स या ऑनलाइन सर्च किये गए प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की कीमत में भी अंतर देखने को मिलता है. यह अंतर आपने भी कभी न कभी अमेजन, फ्लिपकार्ट, ओला, उबर, जेप्टो, ब्लिंकिट सहित कई ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर जरूर महसूस किया होगा. जहां एक ही तरह के प्रॉडक्ट या सर्विस की प्राइस में अंतर होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? ऐपल इकोसिस्टम का प्रीमियम प्राइस स्ट्रक्चर जब हम एक ही ऐप या सेवाओं की तुलना करते हैं, तो अक्सर आईफोन और एंड्रॉयड डिवाइस पर उनकी कीमतों में अंतर दिखाई देता है. यह अंतर मुख्य रूप से ऐपल के इकोसिस्टम के प्रीमियम प्राइस स्ट्रक्चर की वजह से होता है. वहीं, प्रोडक्ट या सेवा आईफोन पर महंगे और एंड्रॉयड पर सस्ते दिख सकते हैं. दरअसल, ई-कॉमर्स या ऑनलाइन सर्च किये गए प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज में एंड्रॉयड फोन और आईफोन के बीच अंतर होने की कई वजहें हैं. ऐप सब्सक्रिप्शन मायने रखता है कुछ प्रमुख सेवाएं जैसे YouTube Premium, Google One और सोशल मीडिया सब्सक्रिप्शन, एंड्रॉयड पर आईफोन के मुकाबले सस्ते होते हैं. इसका कारण यह है कि गूगल एंड्रॉयड प्लैटफॉर्म के साथ गहरे तरीके से जुड़ा हुआ है और इसलिए ये सेवाएं एंड्रॉयड पर कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं. इन-ऐप पर्चेज पर नजर कुछ गेम्स और ऐप्स में आईफोन और एंड्रॉयड के लिए मूल्य निर्धारण के अलग-अलग स्तर होते हैं. आईफोन की तुलना में एंड्रॉयड पर इन-ऐप खरीदारी अक्सर सस्ती होती है. इससे यूजर्स को यह एहसास होता है कि आईफोन के मुकाबले एंड्रॉयड पर सुविधाएं अधिक किफायती हैं. खर्च करने की क्षमता का आकलन कुछ ऑनलाइन प्लैटफॉर्म डिवाइस के आधार पर कीमतों में अंतर कर सकते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि आईफोन यूजर्स की खर्च करने की क्षमता अधिक होती है, और इसलिए कीमतों को इस आधार पर तय किया जा सकता है. ऐपल का प्रीमियम प्राइसिंग मॉडल ऐपल अपने प्रॉडक्ट्स के लिए प्रीमियम प्राइसिंग स्ट्रैटेजी अपनाता है. इसका मतलब है कि आईफोन यूजर्स से अधिक कीमत ली जाती है, क्योंकि कंपनी आईफोन को एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में प्रस्तुत करती है. इसी तरह, ऐप्स और सब्सक्रिप्शन सेवाएं भी आईफोन पर महंगी हो सकती हैं, क्योंकि वे ऐपल के इकोसिस्टम का हिस्सा होते हैं. गूगल और एंड्रॉयड की कीमतों में फ्लेक्सिबिलिटी एंड्रॉयड के लिए गूगल का ऐप स्टोर (Google Play Store) अधिक लचीला और खुला है. गूगल अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों को बढ़ावा देता है और इसमें सब्सक्रिप्शन और इन-ऐप खरीदारी पर कम कमीशन लिया जाता है. इस वजह से, एंड्रॉयड ऐप्स और सेवाएं आमतौर पर सस्ती होती हैं. अलग-अलग फीस और कमीशन स्ट्रक्चर ऐपल की ऐप स्टोर पॉलिसी के अनुसार, एप्लिकेशन डेवलपर्स को ऐपल को 15-30% कमीशन देना होता है. इस वजह से आईफोन पर ऐप्स और सेवाओं के लिए कीमतें अधिक हो सकती हैं, क्योंकि डेवलपर्स को इस कमीशन को कवर करने के लिए कीमतों को बढ़ाना पड़ता है. अलग-अलग कस्टमर प्रोफाइल आईफोन यूजर्स आमतौर पर अधिक खर्च करने वाले माने जाते हैं और इसलिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म और ऐप्स आईफोन पर हाई प्राइसिंग का सामना कर सकते हैं. दूसरी तरफ, एंड्रॉयड का यूजरबेस ज्यादा डाइवर्स है, जिसमें अधिक प्रतिस्पर्द्धी कीमतों को प्राथमिकता देने वाले कस्टमर्स शामिल होते हैं. इंटिग्रेटेड इकोसिस्टम और सर्विसेज ऐपल एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम ऑफर करता है, जिसमें ऐप्स, सर्विसेज और हार्डवेयर सभी एक साथ काम करते हैं. इसकी वजह से एप्लिकेशन और सर्विसेज आमतौर पर आईफोन पर अधिक महंगी होती हैं, क्योंकि वे एक स्पेशल एक्सपीरिएंस और हाई क्वॉलिटी ऑफर करते हैं. कीमतों में अंतर की वजह आईफोन और एंड्रॉयड डिवाइस के बीच कीमतों का अंतर मुख्य रूप से ऐपल के प्रीमियम ब्रांड, गूगल की प्राइस स्ट्रैटेजी और कस्टमर के खर्च करने की क्षमता पर आधारित होता है. यही वजह है कि आईफोन पर कुछ प्रॉडक्ट्स महंगे और एंड्रॉयड पर सस्ते होते हैं. Phonic Smartglasses: मेटा जैसा एक्सपीरिएंस, हिंदुस्तानीय कीमत में; लेंसकार्ट का धमाका! The post iPhone vs Android: प्रॉडक्ट और सर्विसेज के रेट्स में इतना अंतर क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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Cyber Fraud : यहां की जा सकती है साइबर ठगी की शिकायत

Cyber Fraud : डिजिटल कम्युनिकेशन आज की जरूरत है, क्योंकि इसने वैश्विक स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान को नये तरीके से परिभाषित किया है. पर इस तकनीक के तेज विकास ने साइबर अपराध और साइबर ठगी को खूब बढ़ावा भी दिया है. हिंदुस्तान की बात करें, तो यहां जिस तेजी से डिजिटल विकास हो रहा है, उसी तेजी से डिजिटल ठगी, यानी साइबर धोखाधड़ी की समस्या भी गहराती जा रही है. इंटरनेट का बढ़ता उपयोग, तेजी से बढ़ता डिजिटलीकरण, ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ते दायरे, डिजिटल साक्षरता का अभाव, जालसाजों की लोगों तक आसान पहुंच ने साइबर ठगों की हिम्मत बढ़ा दी है. ऐसे में हमें सतर्क रहने की जरूरत है. जानिए साइबर फ्रॉड से जुड़े विभिन्न तथ्यों के बारे में नीचे दी गयी जानकारी में. क्या है साइबर ठगी साइबर या डिजिटल धोखाधड़ी साइबर अपराध का ही एक तरीका है, जिसमें आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं. इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी, चोरी, जासूसी, वायरस भेज दूसरों के सिस्टम को हैक कर लेना आदि अपराध आते हैं. इस तरह के अपराध आम तौर पर कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क और इंटरनेट से जुड़ी सुरक्षा को भेदने के लिए किया जाता है, ताकि उपयोगकर्ताओं को प्रभावित किया जा सके और उनकी गोपनीय जानकारी चुरायी जा सके तथा इसके बदले पैसों की मांग की जा सके. डिजिटल फ्रॉड के प्रकार मैलवेयर : यह एक तरह का प्रोग्राम या कोड होता है, जो इस तरह डिजाइन किया गया होता है जिससे आपके कंप्यूटर नेटवर्क को हानि पहुंचे. इसे आम भाषा में कंप्यूटर वायरस भी कहा जाता है. फिशिंग : यह एक फ्रॉड ईमेल होती है जो किसी बैंक, प्रशासनी एजेंसी या किसी प्रसिद्ध कंपनी के ईमेल की तरह डिजाइन की गयी होती है. इसका उपयोग अपराधी संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए करते हैं. स्मिशिंग : इस तरीके में पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों को इस तरह से टेक्स्ट मैसेज भेजे जाते हैं, ताकि लोग समझें कि इसे किसी जानी-मानी कंपनी ने भेजा है. विशिंग : बैंक विवरण और क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से लोगों को इस झूठे दावे के साथ फोन कॉल किये जाते हैं या वॉयस मैसेज छोड़े जाते हैं कि ये किसी जानी-मानी कंपनी की ओर से आये हैं. पहचान की चोरी : धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए जब व्यक्तिगत जानकारी जैसे क्रेडिट कार्ड, आपका नाम, आपके आधार, बैंक खाते आदि की जानकारी की चोरी की जाती है. ऑनलाइन घोटाले : ऑनलाइन नीलामी या निवेश में घोटाले जैसी धोखाधड़ी वाली योजनाओं के जरिये लोगों को उन वस्तुओं या सेवाओं के लिए भुगतान करने के लिए प्रेरित करना जो उन्हें कभी नहीं मिलने वाली हैं. साइबर स्टॉकिंग : यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक व्यक्ति इंटरनेट के जरिये किसी दूसरे व्यक्ति को धमकी देता है. डिनायल ऑफ सर्विस (डीओएस) हमले : जब साइबर अपराधी किसी नेटवर्क या वेबसाइट पर इतनी ट्रैफिक डाल देता है कि वह क्रैश कर जाता है या उस तक पहुंच मुश्किल हो जाती है. जबरन उगाही के लिए इस तरह के हमले किये जाते हैं. इन सबके अतिरिक्त ठगी के लिए रैनसमवेयर, सिम स्वैप, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, मनी म्यूल, प्रमोशन एब्यूज, रोमांस स्कीम, डिजिटल अरेस्ट आदि तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हें भी पढ़ें : देश में डिजिटल ठगी में हुई भारी वृद्धि, जानें कितने पैसे लूटे जालसाजों ने यहां करें साइबर ठगी की शिकायत साइबर ठगी का शिकार होने पर साइबर क्राइम अथॉरिटी के हेल्पलाइन नंबर- 1930- पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. यह टोल फ्री नंबर है, इस पर आप कभी भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अतिरिक्त आप नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (https://cybercrime.gov.in/), रिजर्व बैंक के पोर्टल (https://sachet.rbi.org.in/Home/Index), दूरसंचार विभाग के चक्षु पोर्टल https://sancharsaathi.gov.in/ पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. The post Cyber Fraud : यहां की जा सकती है साइबर ठगी की शिकायत appeared first on Naya Vichar.

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पीजी सेमेस्टर-3 की परीक्षा मेें कुल 34 परीक्षार्थी हुये अनुपस्थित

मुंगेर मुंगेर विश्वविद्यालय ने 5 फरवरी से दो केंद्रों पर सत्र 2024-26 पीजी सेमेस्टर-1 तथा सत्र 2023-25 पीजी सेमेस्टर-3 की परीक्षा आरंभ की है. जिसके छठे दिन मंगलवार को दो पालियों में पीजी सेमेस्टर-3 की परीक्षा ली गयी. जिसमें कुल 1,983 परीक्षार्थियों में 1,949 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 34 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं परीक्षा के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासित नहीं किया गया. परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमर कुमार ने बताया कि मंगलवार को दो पालियों में पीजी सेमेस्टर-1 की परीक्षा ली गयी. जिसमें प्रथम पाली में सेमेस्टर-3 के ग्रुप-ए में शामिल विषय बॉटनी, कैमेस्ट्री, कॉमर्स, गणित, संगीत, फिजिक्स, जुलॉजी, बंग्ला, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फिलॉस्फी के सीसी-12 पेपर की परीक्षा हुयी. इसमें कुल 863 परीक्षार्थियों में 846 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 17 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं दूसरी पाली में सेमेस्टर-3 के ग्रुप-बी में शामिल विषय भूगोल, होम साइंस, इकोनॉमिक्स, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, सोसोलॉजी के सीसी-12 पेपर की परीक्षा ली गयी. जिसमें कुल 1,120 परीक्षार्थियों में 1,103 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 17 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. इधर अब बुधवार को संत रविदास जयंती अवकाश के बाद गुरूवार 13 फरवरी को सातवें दिन की परीक्षा होगी. जिसमें प्रथम पाली में सेमेस्टर-1 के ग्रुप-ए में शामिल विषय बॉटनी, कैमेस्ट्री, कॉमर्स, गणित, संगीत, फिजिक्स, जुलॉजी, बंग्ला, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फिलॉस्फी के सीसी-4 पेपर की परीक्षा होगी. जबकि दूसरी पाली में पीजी सेमेस्टर-1 के ग्रुप-बी में शामिल विषय भूगोल, होम साइंस, इकोनॉमिक्स, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, सोसोलॉजी के सीसी-4 पेपर की परीक्षा ली जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पीजी सेमेस्टर-3 की परीक्षा मेें कुल 34 परीक्षार्थी हुये अनुपस्थित appeared first on Naya Vichar.

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धूमधाम से मनाया जायेगा जिला स्थापना दिवस समारोह

जमुई. अपर समाहर्ता सुभाषचंद्र मंडल की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय संवाद कक्ष में जिला स्थापना दिवस समारोह को लेकर समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में जिला स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाने को लेकर चर्चा की गयी. अपर समाहर्ता ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आगामी 21 फरवरी को जिला स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जायेगा. जिला स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम जमुई में आयोजित किया जायेगा. इसे लेकर नगर परिषद जमुई को निर्देश दिया गया है कि स्थापना दिवस समारोह से पहले पूरे शहर की साफ-सफाई बेहतर ढ़ंग से करे. स्थापना दिवस समारोह के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के साथ-साथ रंगोली प्रतियोगिता, स्पोर्ट्सकूद प्रतियोगिता व अन्य मनोरंजक गतिविधि की जायेगी. इन कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकार व विद्यालय के छात्रों को भी भाग लेने का अवसर मिलेगा. समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर अलग-अलग विभाग के द्वारा स्टॉल लगाया जायेगा और लोगों को प्रशासनी योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी. सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी व्यवस्था सुचारू रूप से की जाये ताकि यह कार्यक्रम जिलेवासियों के लिए यादगार बन सके. उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सफल बनावें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post धूमधाम से मनाया जायेगा जिला स्थापना दिवस समारोह appeared first on Naya Vichar.

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मनरेगा से बन रहे खेल मैदान की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : पीओ

अररिया. अररिया सदर प्रखंड कार्यालय स्थित मनरेगा भवन में मंगलवार को प्रखंड के पंचायत रोजगार सेवक, पीटीए व जेई के साथ एक बैठक आयोजित की गयी. इसमें अररिया प्रखंड के फिलहाल बाइस पंचायत में बनने वाले स्पोर्ट्स मैदान के निर्माण कार्य के प्रगति की समीक्षा की गयी.अररिया प्रखंड में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रजनीकांत ने स्पोर्ट्स मैदान निर्माण कार्य की प्रगति का बारी-बारी से पंचायत वार समीक्षा की. उन्होंने कहा कि मनरेगा से प्रखंड के सभी पंचायतों में स्पोर्ट्स मैदान का निर्माण कार्य होना है जिसमें वॉलीबॉल, बैडमिंटन, बास्केट बॉल स्पोर्ट्स के लिए अलग अलग मैदान बनाया जाना है. जिसको लेकर पंचायत के मुखिया को ये कार्य सौंपा गया है. उन्होंने बताया कि पांच से छह पंचायतों में स्पोर्ट्स मैदान बनकर तैयार होने वाला है शेष पंचायतों में भी उन्होंने कहा कि दस दिनों के अंदर काम शुरू कर दें. ताकि जल्द से जल्द निर्धारित समय तक ग्राउंड तैयार हो सके. उन्होंने कहा कि पंद्रह तारीख तक हर हाल में काम पूरा कर लेना है. साथ कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि काम के गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होनी चाहिए. जो प्राक्कलन है. उसी के अनुसार कार्य करना है. उन्होंने ये भी बताया कि शेष बचे पंचायतों में स्थल चिह्नित होने के बाद यहां भी स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगा. मौके पर मनरेगा जेइ रवि कुमार ने बताया कि इस तरह के स्पोर्ट्स मैदान के बन जाने से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं व युवा पीढ़ी को काफी लाभ होगा. मौके पर प्रखंड के सभी पंचायत रोजगार सेवक व पीटीए मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मनरेगा से बन रहे स्पोर्ट्स मैदान की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : पीओ appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ गए परिवार के घर चोरों ने किया हाथ साफ, 5 लाख कैश और गहने लेकर हुए फरार

Bihar News: सीवान के एक दवा व्यवसायी अपने घर में ताला बंद कर अपने पूरे परिवार के साथ महाकुंभ में डुबकी लगाने प्रयागराज गए थे. घर में ताला लगा होने का फायदा उठाकर चोरों ने दिनदहाड़े उनके घर से करीब 5 लाख कैश समेत लाखों रुपये के जेवरात चुरा लिए. दवा व्यवसायी का नाम मनोज तिवारी है और उनका घर सीवान के महादेवा थाना क्षेत्र के नया बस्ती में है, जहां चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. महाकुंभ से लौटे तो टूटा था घर का ताला चोरों ने दिनदहाड़े बाउंड्रीवाल फांदकर गेट का ताला तोड़ा और फिर इस चोरी को अंजाम दिया. परिजनों को इसकी जानकारी तब हुई जब वे प्रयागराज से लौटे. जब वे घर पहुंचे तो देखा कि गेट का ताला टूटा हुआ था. घर के अंदर जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और चोर नकदी समेत जेवरात चोरी कर ले गए थे. सीसीटीवी फूटेज खंगाल रही पुलिस परिजनों ने बताया कि परिवार में नई शादी हुई थी जिसके चलते घर में भारी मात्रा में नकदी और जेवरात रखे हुए थे. जब परिजनों ने नकदी और जेवरात चेक किए तो न तो पैसा था और न ही जेवरात. परिजनों ने घर में हुई भीषण चोरी की घटना की सूचना महादेवा थाने की पुलिस को दी. चोरी की सूचना मिलते ही महादेवा थाने की पुलिस घर पहुंची और मामले की जांच कर रही है. पुलिस घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि चोरों का कुछ सुराग मिल सके लेकिन अभी तक पुलिस खाली हाथ है. Also read :राजगीर के बाद अब औरंगाबाद में होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण, सीएम ने जिले को दी 554 करोड़ की सौगात आसपास के लोग हो सकते हैं शामिल परिजनों का कहना है कि चूंकि चोरी शाम को हुई, इसलिए यह तो नहीं बता सकते कि किसने की, लेकिन जिस तरह से दिन में चोरी की गई, उससे लगता है कि इसमें आसपास रहने वाले लोग शामिल हो सकते हैं. Also Bihar: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा महागठबंधन, चिराग के सांसद का दावा  The post महाकुंभ गए परिवार के घर चोरों ने किया हाथ साफ, 5 लाख कैश और गहने लेकर हुए फरार appeared first on Naya Vichar.

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Mukesh Ambani In Maha Kumbh 2025: मुकेश अंबानी पहुंचे महाकुंभ, परिवार संग संगम में लगाई डुबकी, देखें Video

Mukesh Ambani In Maha Kumbh 2025: मुकेश अंबानी महाकुंभ पहुंचकर अरैल घाट पर अपने परिवार के साथ त्रिवेणी के अरैल घाट में डुबकी लगाई. इस दौरान उनके साथ उनकी मां कोकिलाबेन अंबानी, बड़े बेटे आकाश और बहू श्लोका, छोटे बेटे अनंत और राधिका भी पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई. हेलिकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र पहुंचे मुकेश अंबानी दुनिया के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी अपने परिवार के साथ संगम में स्नान करने के लिए हेलिकॉप्टर से मेला क्षेत्र पहुंचे. फिर वहां से सुरक्षा व्यवस्था के साथ अरैल घाट पहुंचे और वोट में बैठकर संगम पहुंचे फिर अस्था की डुबकी लगाई. VIDEO | Maha Kumbh Mela 2025: Reliance Industries chairperson Mukesh Ambani, along with his family, takes a boat ride in Sangam. #MahaKumbh2025 #MahaKumbhWithPTI pic.twitter.com/BjusqBD4pk — Press Trust of India (@PTI_News) February 11, 2025 अनिल अंबानी ने भी पत्नी के साथ संगम में लगाई डुबकी इससे पहले 27 जनवरी को मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी अपनी पत्नी के साथ महाकुंभ पहुंचे थे और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई थी. यह भी पढ़ें: Photos: बिहार-यूपी बॉर्डर पर महाजाम, रेलवे स्टेशन भी पूरा पैक, महाकुंभ जाने वालों की देखिए भीड़ वीवीआईपी का जारी है कुंभ स्नान महाकुंभ में वीवीआईपी का पवित्र स्नान जारी है. अबतक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) भी संगम में डुबकी लगा चुके हैं. The post Mukesh Ambani In Maha Kumbh 2025: मुकेश अंबानी पहुंचे महाकुंभ, परिवार संग संगम में लगाई डुबकी, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: दीदी कैफे चलाकर आत्मनिर्भर बनीं गोमिया की 5 महिलाएं

Success Story|गोमिया (बोकारो), नागेश्वर : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में 5 स्त्रीएं मिलकर दीदी कैफे चला रहीं हैं. कभी गरीबी में जीवन यापन करने वाली ये स्त्रीएं दीदी कैफे चलाकर आत्मनिर्भर बन गयीं हैं. इन स्त्रीओं के नाम लीला देवी, प्रमिला देवी, कुसमी देवी, गीता देवी और सुशीला देवी हैं. इन्होंने मिलकर 8 वर्ष पहले गोमिया प्रखंड मुख्यालय के पास वाहन शेड में ‘दीदी कैफे’ शुरू की थी. ये सभी स्त्रीएं ‘कमल आजीविका सखी मंडल’ से जुड़ी हैं. इन स्त्रीओं ने बताया कि ‘दीदी कैफे’ के जरिये ये लोग अब आत्मनिर्भर बन गयीं हैं. हालांकि, इन्होंने यह नहीं बताया कि ये लोग आज कितना कमाई कर रहीं हैं, लेकिन इतना जरूर कहतीं हैं कि 10 हजार रुपये खर्च करके दीदी कैफे की शुरुआत की थी. अब परिवार का भरण-पोषण आराम से हो जाता है. वाहन रखने वाले शेड में चलता है ‘दीदी कैफे’ लीला, प्रमिला, कुसमी, गीता और सुशीला कहतीं हैं कि प्रखंड कार्यालय के पास उनके लिए एक छोटे-से कमरे की व्यवस्था की गयी है. इसी कमरे में वे अपना सामान रखतीं हैं. वाहन रखने के लिए बने शेड में उन्होंने चूल्हा बना रखा है. उसी में खाना बनातीं हैं. इस कैफे में नाश्ता और भोजन का उत्तम प्रबंध करतीं हैं. शेड में ग्राहकों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं शेड में ग्राहकों को बैठाने की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अच्छी बात यह है कि इनके कैफे में आम आदमी से लकर प्रखंड कार्यालय के बड़ा बाबू तक भोजन करने आते हैं. यहां ग्राहकों को आसपास के अन्य होटल्स की तुलना में सस्ता भोजन मिलता है. भोजन की गुणवत्ता भी अच्छी होती है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अपने काम और कमाई से संतुष्ट हैं सभी स्त्रीएं ग्राहकों के बैठने के लिए उचित प्रबंध नहीं होने की वजह से दीदी कैफे चलाने वाली स्त्रीओं को थोड़ी निराशा होती है, लेकिन अपने काम से सभी संतुष्ट हैं. उन्हें इस बात का सुकून है कि वह अपने कैफे में आने वाले लोगों को अच्छा भोजन परोसती हैं. अपनी कमाई से भी वह संतुष्ट हैं. ये स्त्रीएं चाहतीं हैं कि उनके कैफे में बैठने और खाने के लिए उचित व्यवस्था हो. अलग से रसोई बन जाये, तो वह और बेहतर सेवा दे सकतीं हैं. बीडीओ से कैंटीन बनाने की समूह की दीदियों ने की मांग स्त्री समूह की दीदियां कहतीं हैं कि प्रखंड विकास पदाधिकारी अगर उनकी समस्याओं का समाधान कर दें, तो ग्राहकों को और बेहतर सेवा दे सकेंगी. इस संबंध में पूछने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) महादेव कुमार महतो ने कहा कि प्रयास होगा कि एक सुसज्जित कैंटीन बने, ताकि कार्यालय में आने वाले लोग यहां बैठकर जलपान और खाना खा सकें. इस संबंध में जिला प्रशासन से भी बात करेंगे और समस्याओं का समाधान करेंगे. बोकारो जिले की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दीदी कैफे को हर दिन हो जाती है 1500 रुपए की बचत गरीब परिवारों से आने वाली इन स्त्रीओं ने कहा कि दीदी कैफे चलाकर वह खुद तो सशक्त हो ही रहीं हैं, अपने परिवार की भी आर्थिक मदद कर रहीं हैं. दीदी कैफे की हर दिन की कमाई 1500 रुपए के आसपास है. इस तरह एक स्त्री के हिस्से 250 से 300 रुपए आ जाते हैं. सभी स्त्रीएं अपनी कमाई से खुश हैं. इसे भी पढ़ें झारखंड में बनेंगे वंदे हिंदुस्तान के डिब्बे, रेल का पहिया भी बनेगा, चाकुलिया में होगा 3967.84 करोड़ का निवेश 11 फरवरी 2025 को आपको कितने में मिलेगा एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें 14 किलो वाले गैस का रेट Jharkhand Ka Mausam: 2 डिग्री चढ़ा तापमान, जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम The post Success Story: दीदी कैफे चलाकर आत्मनिर्भर बनीं गोमिया की 5 स्त्रीएं appeared first on Naya Vichar.

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Beer Price Hike: गर्मी आते ही महंगी हुई बीयर, कीमतों में 15% की बढ़ोतरी, जेब होगी हल्की

Beer Price Hike: अगर आप तेलंगाना में बीयर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अब अधिक कीमत चुकानी होगी. तेलंगाना प्रशासन ने बीयर की कीमतों में 15% की बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू कर दी गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब हर बोतल या कैन के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा. तेलंगाना प्रशासन का बड़ा फैसला बीयर की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल तेलंगाना में लागू की गई है. प्रशासन ने यह निर्णय तब लिया जब प्रमुख बीयर निर्माता United Breweries ने पिछले महीने तेलंगाना बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGBCL) को अपनी बीयर की आपूर्ति रोक दी थी. कंपनी ने सप्लाई रोकने के दो प्रमुख कारण बताए पुरानी मूल्य नीति: 2019-20 से कंपनी की बीयर के बेसिक प्राइस में संशोधन नहीं किया गया था.बकाया भुगतान: TGBCL ने कंपनी की पिछली सप्लाई का भुगतान नहीं किया था, जिससे कंपनी को नुकसान हो रहा था. Also Read : प्रशासनी कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है खुशसमाचारी, जानें कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग United Breweries का मार्केट पर प्रभाव United Breweries हिंदुस्तान की सबसे बड़ी बीयर निर्माता कंपनी है, जो Kingfisher जैसे लोकप्रिय ब्रांड का उत्पादन करती है. कंपनी के पास देश के बीयर मार्केट की 70% हिस्सेदारी है. यह सालाना 12 बोतलों वाले 6 करोड़ बॉक्स बेचती है. तेलंगाना में प्रशासन ही कंपनियों से शराब खरीदती है और फिर इसे खुदरा विक्रेताओं को सप्लाई करती है. ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, तेलंगाना में बीयर की कीमत 300 रुपये प्रति बॉक्स थी, जबकि महाराष्ट्र में यह 500 रुपये प्रति बॉक्स है. उपभोक्ताओं पर असर इस कीमत वृद्धि का सीधा असर तेलंगाना के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. प्रशासन के आदेश के मुताबिक, पहले से मौजूद स्टॉक भी नई कीमतों पर ही बेचा जाएगा. इस बढ़ोतरी से राज्य प्रशासन के राजस्व में वृद्धि होगी, लेकिन उपभोक्ताओं को अपनी पसंदीदा बीयर के लिए अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. Also Read : पीएम आवास के लिए बदल गए नियम, जानें क्या हुआ नया बदलाव The post Beer Price Hike: गर्मी आते ही महंगी हुई बीयर, कीमतों में 15% की बढ़ोतरी, जेब होगी हल्की appeared first on Naya Vichar.

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Swapna Shastra: इन सपनों को छिपाकर रखने में ही है भलाई, किसी को बताया तो झेलनी पड़ेगी मुसीबतें

Swapna Shastra: सोते समय व्यक्ति कई तरह के सपने देखता है. कभी ये सपने बहुत अच्छे होते हैं, तो कभी बहुत डरावने. लेकिन स्वप्न शास्त्र में हर सपने का एक खास मतलब जरूर होता है, जो कि आपकी जिंदगी में होने वाली घटनाओं के बारे में आगाह करता है. ऐसे में कुछ सपने हैं, जिन्हें भूलकर भी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए. अगर आप इन सपनों के बारे में किसी को बता देंगे, तो आपको उनके नकारात्मक नतीजे भुगतने पड़ेंगे. इसके अलावा, ये सपने आपकी उन्नति में बाधा भी पैदा करने का काम करती हैं. ऐसे में इन सपनों को गुप्त रखने में ही भलाई होती है. यह भी पढ़ें- Swapna Shastra: बर्बादी का संकेत देते हैं ये सपने, लव लाइफ पैदा होती हैं दिक्कतें यह भी पढ़ें- Swapna Shastra: फूटी किस्मत बदलने वाली होती है, तो ही दिखाई देते हैं ये 4 सपने कीमती चीजें स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर आपने सपने में ढेर सारा धन, कीमती आभूषण और आर्थिक रूप से संपन्न चीजें देख रहे हैं, तो यह बहुत शुभ होता है. यह आपकी जिंदगी में खुशहाली आने का संकेत देता है. ऐसे में इन सपनों को किसी के साथ शेयर करने की भूल नहीं करनी चाहिए. अगर आप इन सपनों के बारे में किसी को बताएंगे, तो इस सपने से मिलने वाला लाभ कम हो सकता है या खत्म हो जाएगा. हरा-भरा बगीचा स्वप्न शास्त्र के मुताबिक, सोते समय अगर आपने सपने में फूलों का बगीचा या फिर हरे-भरे खूबसूरत पेड़ देख रहे हैं, तो ये सपने शुभ संकेत की ओर इशारा करते हैं. यह सपना भविष्य में बहुत बड़ी खुशसमाचारी आने की ओर संकेत करता है. ऐसे में इस सपने को किसी को बताना नहीं चाहिए. अगर आपने इस सपने को किसी के साथ शेयर कर दिया है, तो इससे मिलने वाला लाभ कम हो जाएगा. किसी तरह की दुर्घटना स्वप्न शास्त्र में बताया गया है कि सपने में अगर किसी तरह की दुर्घटना, बीमारी या अनहोनी की घटना देख रहे हैं, तो इसका जिक्र दूसरों के साथ करना सही नहीं होता है. ऐसा करने से व्यक्ति की जिंदगी में परेशानी दीवार बनकर खड़ी हो जाती है. इसके अलावा, अगर सपने में भगवान के दर्शन हो रहे हैं, तो भी किसी के साथ शेयर करना नहीं चाहिए. किसी व्यक्ति की मृत्यु स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर सपने में किसी की मृत्यु देख रहे हैं, तो भी किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सपना व्यक्ति की उम्र बढ़ाने की ओर संकेत करता है. ऐसे में अगर आपने इस सपने के बारे में किसी को बताते हैं, तो इससे मिलने वाला लाभ कम हो जाएगा. यह भी पढ़ें- Swapna Shastra: नींद में दिखाई दे ये सपने, तो समझिए मालामाल होने वाले हैं आप, दूर हो जाएंगी सारी परेशानी Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Swapna Shastra: इन सपनों को छिपाकर रखने में ही है भलाई, किसी को बताया तो झेलनी पड़ेगी मुसीबतें appeared first on Naya Vichar.

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