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मौलाना मजहरुल हक विवि के 10 मदरसों में शुरू होंगे पांच रोजगारपरक कोर्स

संवाददाता, पटना मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना की अभिषद की 17वीं बैठक शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मो आलमगीर ने कहा कि बिहार में मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. विश्वविद्यालय परिवार इसके लिए प्रतिबद्ध है. कुलपति ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय आगामी कुछ हफ्तों में सिलसिलेवार ढंग से पांच सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है. यह निःशुल्क पाठ्यक्रम पहले चरण में 10 मदरसों में शुरू किया जायेगा. वार्षिक बजट में छह करोड़ 78 लाख 65 हजार रुपये का अनुमोदन इस सीनेट में विश्वविद्यालय के वार्षिक बजट (2025-26) कुल 36 करोड़ 78 लाख 65 हजार 764 को सीनेट सदस्यों ने सर्वसम्मति से अनुमोदित किया. इस अवसर पर सीनेट के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किये और विश्वविद्यालय के बहुमुखी विकास व विस्तार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया. कुलपति ने कहा विश्वविद्यालय में नामांकन और परीक्षा की प्रक्रिया बिल्कुल नियमित हो चुकी है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी आठ संकायों में पीएचडी के लिए दूसरे बैच की नामांकन प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है. कुलपति ने शिक्षा विभाग में लंबित नये पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की और अभिषद के सदस्यों से इस बारे में प्रशासन से उच्चस्तरीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की. सीनेट की इस बैठक में पूर्व कुलपति प्रो शर्फे आलम एवं प्रो शम्सुजुहा, विधायक महबूब आलम, विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, मुन्ना चौधरी, नथुनी खरवार, शाह जावेदी, डॉ खुर्शीद अनवर, हस्मत नौशाबा, अब्दुल कयूम अंसारी, डॉ असदुल्लाह खान, परवेज उर रहमान, मो सालेह, जफर इमाम, खालिद कमाल, माज आरफी व अन्य लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव कर्नल कामेश कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संकाय अध्यक्ष (मानविकी) डॉ मो एजाज आलम ने किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मौलाना मजहरुल हक विवि के 10 मदरसों में शुरू होंगे पांच रोजगारपरक कोर्स appeared first on Naya Vichar.

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पांच महीने से कौमा में रहे बीइओ का ट्राॅमा सेंटर में निधन

भगवानपुर. पांच महीने से कौमा में रह रहे भगवानपुर प्रखंड के पूर्व बीइओ प्रेम शंकर झा का निधन शनिवार की सुबह करीब आठ बजे बीएचयू के ट्राॅमा सेंटर में हो गया. इसके बाद प्रखंड तथा जिला शिक्षा विभाग में शोक का लहर दौड़ पड़ी है. बताया जाता है कि विगत सितंबर माह के 18 तारीख को तड़के सुबह जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के निकट तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रेमशंकर झा पैदल सड़क पार कर रहे थे, तभी सीएनजी ऑटो ने उन्हें काफी जोरदार तरीके से धक्का मारकर मौके से फरार हो गया था. इस दौरान सड़क पर बुरी तरह घायल पड़े बीइओ को रास्ते से गुजर रहे वाहन चालकों व सुबह टहल रहे नागरिकों के सहयोग से सदर अस्पताल पहुंचाया था, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देख चिकित्सकों ने उनका फर्स्ट ट्रीटमेंट करने के उपरांत उन्हें बीएचयू के ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया था. जहां एडमिट कर उनका इलाज किया जा रहा था. मगर मरते दम तक वह कौमा में ही रहे और कभी वापस चेतना में नहीं लौटे. आखिरकार शनिवार की सुबह उन्होंने ट्राॅमा सेंटर में आखिरी सांसें ली. गौरतलब है कि बीते वर्ष के 18 सितंबर को मुंडेश्वरी धाम के नीचे वन विभाग द्वारा नवनिर्मित इको पार्क का उद्घाटन समारोह था, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों होना सुनिश्चित था. दरअसल, इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने अपने ड्राइवर को गाड़ी सहित आने के लिए फोन किया था और समय के बचत के लिए डेरा से निकलकर वह पैदल सड़क पार कर रहे थे, तभी यह हादसा घटित हो गया. पूर्व बीइओ के निधन की सूचना पर उनके परिजनों के साथ प्रखंड शिक्षा विभाग के अकाउंटेंट शमीम अहमद व कृष्णापुर न्यू प्राथमिक विद्यालय के एचएम आलोक मिश्रा समेत कई अन्य शिक्षा कर्मी वाराणसी पहुंचे थे, जिनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार वाराणसी में ही गंगा घाट पर किया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पांच महीने से कौमा में रहे बीइओ का ट्राॅमा सेंटर में निधन appeared first on Naya Vichar.

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बीआरसी नहीं आनेवाले 16 प्रधानाध्यापकों का वेतन कटौती की अनुशंसा

चैनपुर. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में नामांकित छात्रों का अपार आइडी बनाना है, कई बार दिये गये निर्देश के बाद भी अपार आइडी बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापकों द्वारा बरती जा रही शिथिलता को देखते हुए अब प्रधानाध्यापक को बीआरसी भवन में बुलाकर अपार आइडी बनाने का कार्य पूरा किया जा रहा है. प्रतिदिन 20 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बीआरसी कार्यालय में बुलाकर वहां मौजूद डाटा ऑपरेटर के साथ समन्वय स्थापित कर अपार आइडी बनाने का निर्देश प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दिया गया है. इससे संबंधित पत्र प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी किया गया है, जिसमें डेट वाइज सूची संलग्न किया गया है और इस सूची के मुताबिक ही सभी प्रधानाध्यापकों को बुलाया जा रहा है. इधर, शुक्रवार को जिन 20 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपार आइडी बनाने के लिए बुलाया गया था, उनमें से 16 विद्यालय के प्रधानाध्यापक बीआरसी कार्यालय नहीं पहुंचे थे. उनके विरुद्ध अपार आइडी बनाने में शिथिलता बरतने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी धीरेंद्र प्रसाद द्वारा उनके वेतन की कटौती के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान को पत्र लिखते हुए अनुशंसा की गयी है. पत्र जारी करते हुए उन्होंने बताया कि 20 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बीआरसी कार्यालय बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ चार विद्यालयों के ही प्रधानाध्यापक बीआरसी कार्यालय पहुंचे. इससे यह स्पष्ट होता है कि 16 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अपार आइडी बनाने के कार्य में शिथिलता बरत रहे हैं, जिसको देखते हुए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के वेतन की कटौती के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान कैमूर से अनुशंसा की गयी है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि संबंधित प्रधानाध्यापक अपार आइडी जनरेट करने के लिए ना ही स्वयं बीआरसी कार्यालय आये और ना ही अपने विद्यालय से किसी शिक्षक को उनके द्वारा बीआरसी कार्यालय भेजा गया, जिसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है. # जिनका वेतन कटौती के लिए की गयी अनुशंसा प्राथमिक विद्यालय रूपापट्टी प्राथमिक विद्यालय डुमरिया प्राथमिक विद्यालय खरौरा प्राथमिक विद्यालय झरिया न्यू प्राथमिक विद्यालय भालुबुड़न उच्च विद्यालय डूमरकोन प्राथमिक विद्यालय कम्हरिया प्राथमिक विद्यालय महुली न्यू प्राथमिक विद्यालय शेरपुर 10. प्राथमिक विद्यालय लखमनपुर श्री श्री 108 उच्च विद्यालय हाटा उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरकोन उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरडीहा उत्क्रमित उर्दू विद्यालय हाटा उच्च माध्यमिक विद्यालय सिकंदरपुर उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिरबिट डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बीआरसी नहीं आनेवाले 16 प्रधानाध्यापकों का वेतन कटौती की अनुशंसा appeared first on Naya Vichar.

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करौं में बांग्ला जात्रा का किया गया मंचन

करौं. प्रखंड के रानी मंदाकिनी प्लस टू उच्च विद्यालय मैदान परिसर में जय बाबा धर्मराज जातरा समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय बांग्ला जात्रा का आयोजन किया गया. पश्चिम बंगाल से आये स्वर्ण मंजरी ओपेरा के बैनर तले नेपाल प्रशासन की ओर से निर्देशित सामाजिक बांग्ला जात्रा रोकते रांगा सोहाग रात का मंचन किया गया. इसमें टीवी सीरियल की प्रसिद्ध अभिनेत्री कस्तूरी व कुमार अमित के अलावा एके हसन आदि कलाकारों ने अपने अभिनय का जलवा बिखेरा. जात्रा में एक गांव के अस्पताल के एक डाक्टर पलाश व उसी गांव के स्कूल की प्रधान शिक्षिका वनलता सेन के संघर्ष की कहानी दिखाई गयी है. जो लोगों को गांव के दुराचारी राजाबाबू के अत्याचार से बचाने की लड़ाई लड़ते हैं. वहीं गांव के अस्पताल के डाक्टर पलाश की मुलाकात राजाबाबू की बहन रूपकथा से होती है. इस दौरान दोनों में प्यार हो जाता है. इधर शोषण की शिकार सभी स्त्रीएं मिलकर खलनायक की हत्या कर अपना बदला ले लेती है. इसके इर्द-गिर्द लिखी कहानी का दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया. जातरा के सफल संचालन में धर्मराज जातरा समिति के अध्यक्ष सबल सिंह, हेमंत सिंह, विष्णु साह, शशि प्रकाश सिंह, अभिजीत बल, परिमल बल, बिल्टू दे, हृदय नारायण चौधरी, समीरण सिंह, अमित ओझा, आशीष आचार्य समेत समिति के अन्य सदस्य लगे हुए है. —————– तीन दिवसीय बांग्ला जातरा आयोजित डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post करौं में बांग्ला जात्रा का किया गया मंचन appeared first on Naya Vichar.

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मंईयां सम्मान की राशि गबन करने का आरोप, प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी

फतेहपुर की बानरनाचा पंचायत का है मामला, 17 लाभुकों की राशि गयी दूसरों के खाते में कुछ कर्मियों ने लाभुकों का नाम तो योजना में जोड़ा, लेकिन बदल दिये बैंक आउंट नंबर अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी राशि, प्रज्ञा केंद्र संचालक की मिली संलिप्तता प्रतिनिधि, फतेहपुर फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के बानरनाचा पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक मृत्युंजय चौधरी पर मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना में जालसाजी कर लाभुकों को मिलने वाली राशि हड़पने का आरोप लगा है. उन्होंने यह रकम अपने सात व्यक्तिगत बैंक खातों में स्थानांतरित कर ली. इस मामले में फतेहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. बानरनाचा पंचायत के प्रभारी पंचायत सचिव उपेंद्र यादव और फतेहपुर पंचायत के पंचायत सचिव दुखहरण मंडल की लिखित शिकायत पर फतेहपुर थाना कांड संख्या 06/25 के तहत धारा 316(2), 318(2)(4), 319(2) में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब लाभुकों के मोबाइल पर राशि निर्गत होने के मैसेज आने लगे, लेकिन उनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे. दुमा गांव की एक स्त्री लाभुक ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत अपना बैंक खाता संख्या 84031276773 दिया था, लेकिन राशि उनके खाते में न आकर किसी अन्य खाते में जा रही थी. स्त्री ने अधिकारियों से इसकी जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है. फिलहाल, प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई हो सके. लाभुकों को पैसे आने के मिलते रहे मैसेज, किसी और के खाते में हो रहे थे ट्रांसफर महीनों से मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना की राशि का इंतजार कर रही दर्जनों स्त्रीओं के मोबाइल पर पैसे आने के मैसेज तो आ रहे थे, लेकिन यह राशि उनके खातों में न जाकर किसी और के खाते में जमा हो रही थी. शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें विभागीय कर्मियों की संलिप्तता का संदेह भी सामने आया. शुरुआती जांच में जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले थे. पता चला कि कुछ कर्मियों ने लाभुकों का नाम तो योजना में जोड़ा, लेकिन उनकी बैंक जानकारी बदलकर राशि अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी. आरोप है कि यह गड़बड़ी बानरनाचा पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक मृत्युंजय चौधरी की मिलीभगत से हुई. जांच में पाया गया कि उन्होंने 17 लाभुकों के बैंक खातों की जगह किसी अन्य के खाते की जानकारी अपडेट कर प्रशासनी राशि का गबन कर लिया. मामले के उजागर होते ही प्रखंड प्रशासन ने जांच कर दोषी प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. क्या कहते हैं बीडीओ – मामला मेरे संज्ञान आते ही इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. जांच में अन्य कई मामले भी उजागर हुए हैं. संबंधित पंचायत सचिवों को आरोप लग रहे प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. प्रेम दास, फतेहपुर बीडीओ ————————————– क्या कहते हैं थाना प्रभारी – संबंधित पंचायत सचिव के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है, आगे की कारवाई की जा रही है. रंजीत गुप्ता, थाना प्रभारी डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मंईयां सम्मान की राशि गबन करने का आरोप, प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी appeared first on Naya Vichar.

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PGTI GOLF GOLMURI : शुभम नारायण ने जीता पीजीटीआइ क्वालिफाइंग स्कूल का खिताब

जमशेदपुर. दिल्ली के शुभम नारायण ने जमशेदपुर के गोलमुरी गोल्फ कोर्स में स्पोर्ट्से गए टाटा स्टील पीजीटीआइ क्वालीफाइंग स्कूल 2025 के अंतिम क्वालीफाइंग चरण में पंचकूला के खिलाड़ी अनंत सिंह अहलावत के खिलाफ तीसरे प्लेऑफ होल पर जीत दर्ज की. 27 वर्षीय शुभम शनिवार की सुबह 13वें होल (तीसरे प्लेऑफ होल) पर बराबरी के साथ स्कूल चैंपियन बने. शुभम के प्रतिद्वंद्वी अनंत तीसरे अतिरिक्त होल पर बराबरी करने से चूक गए. शुभम नारायण (71-64-67-66) और अनंत सिंह अहलावत (67-64-67-70), दोनों ही सेना के अधिकारियों के बेटे हैं. शुक्रवार को दोनों प्ले-ऑफ में पहुंचे थे, जब वे रेगुलेशन 72 होल के अंत में 16-अंडर 268 के कुल स्कोर के साथ शीर्ष पर बराबरी पर थे. इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने पहले दो प्ले-ऑफ होल पर पार बनाए. शुक्रवार शाम को कम होती रोशनी के कारण आगे का स्पोर्ट्स संभव नहीं था. इसलिए शनिवार को सुबह 7 बजे स्पोर्ट्स फिर से शुरू करने का फैसला किया गया. विजेता शुभम को 75 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया. फाइनल राउंड में कट तीन अंडर 281 पर था. इस वजह से शीर्ष 33 खिलाड़ियों ने 2025 टाटा स्टील पीजीटीआइ सीजन के लिए अपने पूरे कार्ड अर्जित किए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post PGTI GOLF GOLMURI : शुभम नारायण ने जीता पीजीटीआइ क्वालिफाइंग स्कूल का खिताब appeared first on Naya Vichar.

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विश्वविद्यालय के रोक के बाद भी होता रहा काॅलेज के खातों का संचालन

भभुआ कार्यालय. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा महाराणा प्रताप काॅलेज मोहनिया के खातों का संचालन पर रोक लगाये जाने के बाद भी स्पोर्ट्स जारी है. अब जबकि हाइकोर्ट के निर्देश पर राज्यपाल सचिवालय द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम रविवार को आ रही है, ऐसी स्थिति में यह मामला संवेदनशील हो गया है. श्रम संसाधन मंत्री तथा काॅलेज के शासी निकाय के जनप्रतिनिधि सदस्य संतोष कुमार सिंह ने राज्यपाल को साक्ष्य के साथ पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है. मालूम हो कि कालेज में 75 करोड़ के कथित गबन के मामले में महाविद्यालय के खातों के संचालन पर 28 फरवरी, 2024 को रोक लगा दी गयी, तब से शिक्षकों का वेतन भुगतान बंद है. लेकिन, महाविद्यालय के अन्य कार्यों के लिए खाता संचालन नहीं रुक पाया है. मंत्री द्वारा दिये गये साक्ष्य में बैंक ऑफ बड़ौदा के दो खातों का साक्ष्य है. इनसे 29 जुलाई 2024 को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता संख्या 00070100029524 से करीब तथा खाता नंंबर 00070100029525 से 13 जनवरी 25 को 44 हजार, 02 जनवरी 25 को 75 हजार व 50 हजार दूसरे खाते में डाले गये है. 31 दिसंबर 24 को भी आरटीजीएस के माध्यम से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर किया गया है. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा खाता संचालन बंद किये जाने के निर्णय के खिलाफ जो लोग हाईकोर्ट में खाता संचालन खुलवाने के लिए याचिका दायर किये हैं, वहीं लोग बिना किसी सक्षम प्राधिकार से अनुमति लिए खाता का संचालन भी कर दिये. बता दें कि महाराणा प्रताप कालेज में लाॅ की पढ़ाई शुरु कराने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा रोक लगाये जाने के बावजूद खातों का संचालन कर दिया गया. सबसे बड़ा आश्चर्य तो यह है कि एक तरफ विश्वविद्यालय राजभवन को पत्र लिखकर यह स्वीकार कर रहा है कि महाराणा प्रताप कॉलेज में शासी निकाय के अध्यक्ष व सचिव का पद रिक्त है, वहीं दूसरी तरफ तथाकथित सचिव द्वारा एनओसी देने के लिए पत्र पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर उसे एनओसी प्रदान कर दिया गया है. इस संबंध में महाराणा प्रताप महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ शंभू नाथ सिंह ने बताया कि इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विश्वविद्यालय के रोक के बाद भी होता रहा काॅलेज के खातों का संचालन appeared first on Naya Vichar.

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श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर 2.15 लाख रुपये व सामान की चोरी

वरीय संवाददाता, देवघर : राजस्थान के उदयपुर से देवघर पूजा करने आये श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर तीन मोबाइल, 2.15 लाख रुपये व अन्य सामान की चोरी कर ली गयी. इस घटना नगर थाना क्षेत्र के शिवराम झा चौक के समीप की बतायी जा रही है. घटना को लेकर उदयपुर के बेदला तेलीवाड़ा निवासी विष्णु प्रजापत ने नगर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. श्रद्धालु विष्णु प्रजापत ने बताया कि शुक्रवार रात में उनलोगों की बस शिवराम झा चौक के समीप खड़ी थी और वे सभी यात्री मानसरोवर वसंती विहार के समीप स्थित एक आश्रम में कमरे लेकर ठहरे. उसी दौरान रात के समय अज्ञात बदमाशों ने उनलोगों की बस के पीछे का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किये और यात्री खमानी बाई के बैग से 50,000 रुपये सहित आधार कार्ड, विष्णु प्रजापत के बैग से 1,65,000 रुपये व तीन नये जैकेट, चालक लेहरु लाल के 15000 रुपये व मोबाइल, नारायणी बाई के मोबाइल के अलावा अन्य यात्रियों के कपड़े व सामान की चोरी कर ली. घटना की जानकारी उनलोगों को सुबह में हुई. उसके बाद वे लोग शिकायत देने नगर थाना पहुंचे. नगर थाने की पुलिस से इन श्रद्धालु यात्रियों ने कार्रवाई का आग्रह किया है. हाइलाइट्स – नगर थाना क्षेत्र के शिवराम झा चौक के समीप हुई घटना – उदयपुर के बेदला तेलीवाड़ा निवासी विष्णु प्रजापत ने दी नगर थाने में शिकायत डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर 2.15 लाख रुपये व सामान की चोरी appeared first on Naya Vichar.

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Delhi: दिल्ली में अब एलजी-सीएम के बीच नहीं होगी तकरार, जानें भाजपा नेताओं ने क्या किया दावा

Delhi: दिल्ली में मुख्यमंत्री (सीएम) और उपराज्यपाल (एलजी) के बीच टकराव होना कोई नया मामला नहीं है. 1998 में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक कई बार दिल्ली के निर्वाचित प्रशासन और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर संघर्ष हुआ है. लेकिन, 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलने के बाद भाजपा के नेताओं की ओर से दावा किया जा रहा है कि अब एलजी और सीएम के बीच तकरार होने की आशंका नहीं है. आइए, जानते हैं कि दिल्ली में एलजी और सीएम के बीच 1998 से लेकर 2025 तक कब-कब किन मुद्दों पर तकरार हुई और भाजपा नेताओं का दावा क्या है? शीला दीक्षित बनाम उपराज्यपाल विजय कपूर (1998-2004) साल 1998 से लेकर 2004 तक शीला दीक्षित प्रशासन और उपराज्यपाल विजय कपूर के बीच कई नीतिगत मामलों को लेकर मतभेद रहे. मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के नियंत्रण, सीलिंग ड्राइव और मास्टर प्लान जैसे मुद्दों पर दोनों के बीच विवाद हुआ. उस समय दिल्ली की शीला दीक्षित प्रशासन चाहती थी कि उसे अधिक स्वायत्तता मिले, लेकिन केंद्र प्रशासन के अधीन उपराज्यपाल ने कई बार योजनाओं पर अड़ंगा लगाया. अरविंद केजरीवाल बनाम नजीब जंग (2013-2016) 2013 में आम आदमी पार्टी की प्रशासन बनने के बाद एलजी और सीएम के बीच पहली बड़ी तकरार शुरू हुई. केजरीवाल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस, भूमि और कानून-व्यवस्था पर अधिक नियंत्रण की मांग की. नजीब जंग ने दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों की नियुक्तियों में दखल दिया, जिससे विवाद बढ़ा. केजरीवाल प्रशासन ने बिना LG की मंजूरी के विधायिका में बिल पेश करने की कोशिश की, जिसे रोक दिया गया. केजरीवाल ने नजीब जंग को “मोदी प्रशासन का एजेंट” कहा और एलजी ऑफिस पर धरना तक दिया. अरविंद केजरीवाल बनाम अनिल बैजल (2016-2021) मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल बिना मुख्यमंत्री की सहमति के फ़ाइलों को मंजूरी दे रहे थे. मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर आप विधायकों की ओर से कथित हमले के बाद अफसरों ने हड़ताल कर दी. केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल पर अफसरों को हड़ताल पर रखने का आरोप लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में फैसला दिया कि “एलजी को मुख्यमंत्री की सलाह पर कार्य करना होगा,” लेकिन कुछ शक्तियां केंद्र प्रशासन के पास ही रहीं. इसे भी पढ़ें: शीला की लाज नहीं बचा पाए संदीप दीक्षित! परवेश वर्मा ने हनक के साथ बचाई पिता की साख अरविंद केजरीवाल बनाम वीके सक्सेना (2022 से अब तक) शराब नीति घोटाला विवाद: दिल्ली प्रशासन की नई आबकारी नीति को लेकर एलजी और सीएम में तीखी झड़प हुई. एलजी वीके सक्सेना ने इस नीति की सीबीआई जांच की सिफारिश की, जिससे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर कानूनी शिकंजा कसा गया. दिल्ली सेवा बिल (2023): केंद्र प्रशासन ने “दिल्ली प्रशासन को अफसरों की नियुक्ति का अधिकार नहीं होगा” कहते हुए एक नया कानून लागू किया, जिससे सीएम और एलजी में फिर से तकरार बढ़ गई. आप विज्ञापन फंडिंग विवाद: एलजी ने आप प्रशासन पर प्रशासनी विज्ञापन के लिए सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया. इसे भी पढ़ें: भाजपा की आंधी में वोटकटवा भी नहीं बन पाई कांग्रेस, 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त क्या कहते हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अब जबकि दिल्ली में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है, तो उसके नेताओं का मानना है कि दिल्ली में 26 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी से एक ऐसी प्रशासन बनेगी, जिसके उपराज्यपाल कार्यालय के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध होंगे. मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक प्राधिकारियों का सम्मान करती है और उनके साथ हमेशा समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करके लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखती है. सचदेवा ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल ने हमेशा दिल्ली के लोगों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए काम किया है जो भाजपा का भी लक्ष्य है. उनके मार्गदर्शन में दिल्ली में हमारी प्रशासन अच्छी गुणवत्ता वाली सेवाओं और सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करेगी.’’ उन्होंने कहा कि भाजपा अपने चुनाव घोषणापत्र के अनुसार, दिल्ली को ‘‘विकसित राजधानी’’ बनाने के लिए काम करेगी. इसे भी पढ़ें: दिल्ली में 26 साल पहले प्याज-ड्रॉप्सी से ड्रॉप हुई थी भाजपा, आप’दा को हराकर आई वापस The post Delhi: दिल्ली में अब एलजी-सीएम के बीच नहीं होगी तकरार, जानें भाजपा नेताओं ने क्या किया दावा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बोधगया में बगैर नक्शा घर बनाने पर रोकने पर कार्यपालक पदाधिकारी पर हमला

Bihar News बोधगया नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद पर पथराव कर उन्हें घायल कर देने का मामला सामने आया है. वह शनिवार की दोपहर धर्मारण्य के पास प्रशासनी जमीन पर व बगैर नक्शा पारित कराये दो भवनों के निर्माण कार्य को बंद कराने पहुंचे थे. इसी दौरान भवन निर्माण कराने वालों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया. इस पथराव में कार्यपालक पदाधिकारी के बायें हाथ की कलाई पर चोट आयी और उनकी गाड़ी के शीशे भी टूट गये. इसके बाद किसी तरह वह मौके से भाग कर जान बचायी. इस बारे में कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बोधगया नगर पर्षद के पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर रोक लगी हुई है. लेकिन, उत्क्रमित वार्डों में नक्शा पारित कराने के बाद निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 31 के अंतर्गत धर्मारण्य के पास प्रशासनी जमीन पर दो भवनों का निर्माण होने की सूचना पर वह पहुंचे थे. इसमें से एक भवन के निर्माण को लेकर नगर पर्षद के माध्यम से पहले ही नोटिस जारी किया हुआ था, पर दूसरे भवन के निर्माण पर उन्होंने रोक लगाने का निर्देश देकर आगामी 13 फरवरी को बतसपुर गांव में प्रस्तावित सीएम के कार्यक्रम को लेकर साफ-सफाई इत्यादि की जांच व निर्देश देने चले गये. लेकिन, वापसी में उक्त निर्माणाधीन स्थल पर चार-पांच लोग मौजूद थे व उनकी गाड़ी के पहुंचते ही पथराव कर दिया. इससे गाड़ी के पीछे का शीश टूट गया व उनकी कलाई पर पत्थर लगने के कारण वह घायल हो गये. इसके बाद वह बोधगया थाने को सूचित करते हुए सीएचसी में उपचार कराया है. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर है रोक इस संबंध में बोधगया थाने में आवेदन दिया जा रहा है. मामले के संबंध में बोधगया थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के आधार पर आरोपितों पर कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गयी है. उल्लेखनीय है कि बोधगया नगर पर्षद क्षेत्र के पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर रोक लगाने को लेकर सख्ती बरती जाने का निर्देश दिया गया है. इसी के तहत कार्यपालक पदाधिकारी ने अवैध रूप से हो रहे निर्माण पर रोक लगाने पहुंचे थे. The post Bihar News: बोधगया में बगैर नक्शा घर बनाने पर रोकने पर कार्यपालक पदाधिकारी पर हमला appeared first on Naya Vichar.

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