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Bihar Jamin Jamabandi: गलत जमाबंदियों की जांच नहीं कर पाएंगे DCLR, अब इन्हें मिली जिम्मेदारी

Bihar Jamin Jamabandi: बिहार में जमाबंदी की वैधता की जांच या लॉक-अनलॉक करने की जिम्मेदारी अब भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के पास नहीं रहेगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब यह जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों (CO) को दे दी है. डीसीएलआर के स्तर पर सुस्ती और लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने को देखते हुए विभाग ने यह फैसला लिया है. इस संबंध में चकबंदी निदेशक की ओर से पत्र लिखकर सभी समाहर्ताओं को यह जानकारी दे दी गई है. CO करेंगे अभिलेखों की जांच पत्र के अनुसार, लॉक जमाबंदी में अगर प्रशासनी जमीन शामिल है, तो सीओ उसके अभिलेखों की जांच करेंगे. प्रशासनी जमीन पाए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा. इसके बाद प्रशासनी जमीन पाए जाने पर जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. जांच के क्रम में अगर जमीन प्रशासनी जमीन यानी रैयती पर्चा से अलग पाई गई, तो जमाबंदी अनलॉक कर दी जाएगी. साथ ही, मौजावार पोर्टल पर इसकी सूची भी देखी जा सकेगी. CO को क्यों सौंपी गई जिम्मेदारी दरअसल, विभागीय समीक्षा में पाया गया कि यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है, इसके बावजूद डिजिटलीकरण के दौरान छूटे जमाबंदी की वैधता की जांच और उसे लॉक-अनलॉक करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. विभागीय बैठकों में डीसीएलआर की ओर से बताया गया कि अंचलों द्वारा रैयती जमीन के जमाबंदी सुधार का साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उन्हें निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है. इससे पहले भी चकबंदी निदेशक की ओर से सभी जिला पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया था. Also Read : बिहार के इन 6 शहरों में 487 करोड़ से लगेंगे हाईटेक कैमरे, IIT रुड़की और बेल्ट्रॉन को मिली जिम्मेदारी क्या कहते हैं मंत्री इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि करीब 9.65 लाख जमाबंदियां संदिग्ध पाई गई थीं. जिसके बाद जांच में तेजी लाने के लिए यह काम भूमि उप समाहर्ता से लेकर अंचलाधिकारियों को सौंप दिया गया है. Also Read : कामेश्वर चौपाल के निधन पर CM नीतीश ने जताया दुख, रामभक्तों में भी शोक की लहर The post Bihar Jamin Jamabandi: गलत जमाबंदियों की जांच नहीं कर पाएंगे DCLR, अब इन्हें मिली जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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माघ पूर्णिमा के दिन करें कनकधारा स्रोत का पाठ

Magh Purnima 2025 Kanakdhara Stotra: धर्म शास्त्र के मुताबिक ऐसी मान्याता है कि आदि शंकराचार्य द्वारा रचित इस कनकधारा स्तोत्र को हमें तो रोज पाठ करना चाहिए, लेकिन ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा पर इस पाठ अत्यधिक महत्व होता है. इसे पूजा विधि के अंत मे पढ़ा जाता है,इस मंत्र की विशेषता यह कि इसे किसी विशेष माला, जाप, पूजन, विधि-विधान की आवश्यकता नहीं पड़ती, रोजाना प्रातः काल पर एक बार पढ़ने से शुभ फल मिलता है.यह एक सिद्ध मंत्र होने के कारण चैतन्य माना जाता है. कनकधारा स्तोत्र पाठ अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्तीभृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीलामाङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः लगने जा रहा है साल का दूसरा खरमास, जानें इस दौरान क्यों नहीं होते मंगलकार्य मुग्धा मुहुर्विदधती वदने मुरारेःप्रेमत्रपा-प्रणहितानि गताऽऽगतानिमालादृशोर्मधुकरीव महोत्पले यासा मे श्रियं दिशतु सागरसम्भवायाः विश्वामरेन्द्रपद-वीभ्रमदानदक्षआनन्द-हेतुरधिकं मुरविद्विषोऽपिईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणर्द्धमिन्दीवरोदर-सहोदरमिन्दिरायाः आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्दआनन्दकन्दमनिमेषमनङ्गतन्त्रम्आकेकरस्थित-कनीनिकपक्ष्मनेत्रंभूत्यै भवेन्मम भुजङ्गशयाङ्गनायाः बाह्वन्तरे मधुजितः श्रित कौस्तुभे याहारावलीव हरिनीलमयी विभाति,कामप्रदा भगवतोऽपि कटाक्षमाला,कल्याणमावहतु मे कमलालयायाः कालाम्बुदाळि-ललितोरसि कैटभारे-धाराधरे स्फुरति या तडिदङ्गनेव,मातुः समस्तजगतां महनीयमूर्ति-भद्राणि मे दिशतु भार्गवनन्दनायाः प्राप्तं पदं प्रथमतः किल यत् प्रभावान्माङ्गल्यभाजि मधुमाथिनि मन्मथेन,मय्यापतेत्तदिह मन्थर-मीक्षणार्धंमन्दाऽलसञ्च मकरालय-कन्यकायाः दद्याद् दयानुपवनो द्रविणाम्बुधारामस्मिन्नकिञ्चन विहङ्गशिशौ विषण्णे,दुष्कर्म-घर्ममपनीय चिराय दूरंनारायण-प्रणयिनी नयनाम्बुवाहः इष्टाविशिष्टमतयोऽपि यया दयार्द्र दृष्ट्यात्रिविष्टपपदं सुलभं लभन्ते,दृष्टिः प्रहृष्ट-कमलोदर-दीप्तिरिष्टांपुष्टिं कृषीष्ट मम पुष्करविष्टरायाः गीर्देवतेति गरुडध्वजभामिनीतिशाकम्भरीति शशिशेखर-वल्लभेति,सृष्टि-स्थिति-प्रलय-केलिषु संस्थितायैतस्यै नमस्त्रिभुवनैकगुरोस्तरुण्यै श्रुत्यै नमोऽस्तु नमस्त्रिभुवनैक-फलप्रसूत्यैरत्यै नमोऽस्तु रमणीय गुणाश्रयायै,शक्त्यै नमोऽस्तु शतपत्र निकेतनायैपुष्ट्यै नमोऽस्तु पुरुषोत्तम-वल्लभायै नमोऽस्तु नालीक-निभाननायैनमोऽस्तु दुग्धोदधि-जन्मभूत्यै,नमोऽस्तु सोमामृत-सोदरायैनमोऽस्तु नारायण-वल्लभायै नमोऽस्तु हेमाम्बुजपीठिकायैनमोऽस्तु भूमण्डलनायिकायै,नमोऽस्तु देवादिदयापरायैनमोऽस्तु शार्ङ्गायुधवल्लभायै नमोऽस्तु देव्यै भृगुनन्दनायैनमोऽस्तु विष्णोरुरसि स्थितायै,नमोऽस्तु लक्ष्म्यै कमलालयायैनमोऽस्तु दामोदरवल्लभायै नमोऽस्तु कान्त्यै कमलेक्षणायैनमोऽस्तु भूत्यै भुवनप्रसूत्यै,नमोऽस्तु देवादिभिरर्चितायैनमोऽस्तु नन्दात्मजवल्लभायै सम्पत्कराणि सकलेन्द्रिय-नन्दनानिसाम्राज्यदान विभवानि सरोरुहाक्षि,त्वद्-वन्दनानि दुरिताहरणोद्यतानिमामेव मातरनिशं कलयन्तु नान्यत् यत्कटाक्ष-समुपासनाविधिःसेवकस्य सकलार्थसम्पदः,सन्तनोति वचनाऽङ्गमानसैःस्त्वां मुरारि-हृदयेश्वरीं भजे सरसिज-निलये सरोजहस्तेधवळतरांशुक-गन्ध-माल्यशोभे,भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञेत्रिभुवन-भूतिकरि प्रसीद मह्यम् दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्टस्वर्वाहिनीविमलचारु-जलप्लुताङ्गीम्,प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेषलोकाधिराजगृहिणीम मृताब्धिपुत्रीम् कमले कमलाक्षवल्लभेत्वं करुणापूर-तरङ्गितैरपाङ्गैः,अवलोकय मामकिञ्चनानांप्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहंत्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्,गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनोभवन्ति ते भुविबुधभाविताशयाः श्रीमदाध्यशङ्कराचार्यविरचितं श्री कनकधारा स्तोत्रम् समाप्तम् कनकधारा स्तोत्र के पाठ से मिलेगा ये लाभ यह माना जाता है कि इस स्तोत्र की रचना आदिगुरु शंकराचार्य ने की थी. माघ पूर्णिमा के दिन कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे व्यक्ति के पास धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं रहती. आप चाहें तो कनकधारा स्तोत्र का नियमित रूप से या प्रत्येक शुक्रवार को पाठ कर सकते हैं. ऐसा करने वाला साधक आर्थिक कठिनाइयों से मुक्त रहता . The post माघ पूर्णिमा के दिन करें कनकधारा स्रोत का पाठ appeared first on Naya Vichar.

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AUS vs SL: बीच मैदान खिलाड़ियों के बीच भिड़ंत, बल्लेबाज तीन बार बचते-बचते आखिरकार गिरा, Video

AUS vs SL: गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्से जा रहे श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच में एक चौंकाने वाली घटना घटी. कल 6 फरवरी को शुरू हुए मैच के दौरान एक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने गेंदबाजी के बाद नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े बल्लेबाज से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बल्लेबाज कुछ समय के लिए जमीन पर ही गिर गया. यह वाकया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 61वें ओवर में हुआ अप्रत्याशित टकराव यह घटना श्रीलंका की पहली पारी के 61वें ओवर की है, जब ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुहनेमन गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय कुसल मेंडिस नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे. दिनेश चांडीमल 74 रन के निजी स्कोर पर अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहे, लेकिन उनका ध्यान भंग हो गया और उसी समय वे स्टंप आउट हो गए. इसके बाद तीसरी गेंद पर रमेश मेंडिस बल्लेबाजी के लिए आए. गेंद के पीछे दौड़ते हुए हुई जोरदार टक्कर 61वें ओवर की तीसरी गेंद पर रमेश मेंडिस ने एक डिफेंसिव शॉट स्पोर्ट्सकर रन लेने की कोशिश की. गेंद ऑन-साइड की तरफ गई, और कुहनेमन उसे पकड़ने के लिए तेजी से दौड़े. इसी दौरान उनका नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े कुसल मेंडिस सिंगल के लिए निकले. दोनों का ध्यान अपने-अपने लक्ष्य पर था. दोनों ने ध्यान नहीं दिया और वहीं पर जबरदस्त टकराव हो गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेंडिस कुछ देर के लिए मैदान पर ही गिर गए और दर्द में दिखे. हालांकि, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी. Bit happening here between Kuhnemann and Kusal Mendis 😅🫣#SLvAUS pic.twitter.com/yDKW2Kiahf — 7Cricket (@7Cricket) February 6, 2025 ऑस्ट्रेलिया सीरीज में पहला मैच जीत कर आगे ऑस्ट्रेलिया दो मैचों की टेस्ट सीरीज में पहले ही 1-0 से बढ़त बना चुका है। गॉल में स्पोर्ट्से गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को पारी और 242 रनों से करारी शिकस्त दी थी. दूसरे टेस्ट में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. पहले दिन का स्पोर्ट्स समाप्त होने तक श्रीलंका ने 97 ओवरों में 9 विकेट गंवाकर 229 रन बनाए थे. आज दूसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरे कुसल मेंडिस ने 10वें विकेट के लिए 27 रन की साझेदारी की. उन्होंने 139 गेंद पर 85 रन बनाए. उनकी पारी की बदौलत श्रीलंका ने सभी विकेट खोकर 257 रन बनाए. वहीं ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी की शुरुआत की है और लंच तक 21 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 85 रन बना लिए हैं. ‘मुझे नहीं स्पोर्ट्सना था, लेकिन आधी रात को फोन बजा और…’ श्रेयस अय्यर कैसे बने प्लेइंग XI का हिस्सा, खुद बताया अक्षर पटेल बने ऋषभ पंत के लिए खतरा? संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या है वजह The post AUS vs SL: बीच मैदान खिलाड़ियों के बीच भिड़ंत, बल्लेबाज तीन बार बचते-बचते आखिरकार गिरा, Video appeared first on Naya Vichar.

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Mehndi Design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत

Mehndi Design: हिन्दू धर्म में महाशिवरात्रि एक प्रमुख त्यौहार है. इस बार महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन सुहागिन स्त्रीओं की हाथों मेहंदी बहुत जंचती हैं. यह सुंदरता और धार्मिक भावनाओं को व्यक्त करने का एक अच्छा तरीका माना जाता है. हाथों में मेहंदी महाशिवरात्रि के त्यौहार को बहुत खास बना सकती हैं. ऐसे में इस आर्टिकल में कुछ बेहतरीन मेहंदी डिजाइन बताए गए हैं, जो कि आप महाशिवरात्रि के मौके पर लगा सकते हैं. यह भी पढ़ें- 5 Beautiful back hand mehndi designs: शादी या त्योहार के लिए अभी सेव कर लें ये मेहंदी डिजाइन फ्लोरल पैटर्न मेहंदी डिजाइन फ्लोरल पैटर्न मेहंदी डिजाइन में हाथों और पैरों में फूलों के डिजाइन बनाए जाते हैं. हाथों पर कई तरह के फूलों की डिजाइन बनाने के साथ पत्तियों की भी डिजाइन बना सकते हैं. Mehndi design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत 5 मोर पंख मेहंदी डिजाइन पैटर्न इस पैटर्न पर हाथों में मोर के पंख मोर के पंख का आकार नकल किया जाता है जिसमें पंखों के किनारों पर लहरदार रेखाएं होती हैं. ये डिज़ाइन आमतौर पर गोल आकार के होते हैं, जिनके अंदर छोटे-छोटे डिजाइन या फूल बनाए जाते हैं. Mehndi design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत 6 फुल लेंथ मेहंदी डिजाइन पैटर्न हाल ही में अगर आपकी शादी हुई है, तो आप पर फुल लेंथ मेहंदी डिजाइन अच्छी लगेगी. इस डिजाइन को आप दोनों हाथों में लगा सकती हैं. Mehndi design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत 7 हाफ मेहंदी डिजाइन पैटर्न ऑफिस वर्किंग स्त्रीओं के लिए हाफ डिजाइन मेहंदी ज्यादा अच्छी लगेगी. यह आपके हाथों के लिए बेहतर साबित होंगी. Mehndi design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत 8 The post Mehndi Design: महाशिवरात्रि पर लगाएं ये खास मेहंदी, हाथ लगेंगे खूबसूरत appeared first on Naya Vichar.

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नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में VC का पद खाली, विद्यार्थियों को हो रही परेशानी, कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन

पलामू, चंद्रशेखर सिंह : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में एक सप्ताह से वीसी का पद खाली है. पिछले दो वर्ष से एनपीयू में कुलपति का पद प्रभार में चल रहा था. निवर्तमान पलामू प्रमंडल के आयुक्त बाल किशुन मुंडा को एनपीयू का प्रभार दिया गया था. आयुक्त बाल किशुन मुंडा 31 जनवरी को सेवानिवृत्ति हो गये. इसके बाद प्रशासन ने अभी तक न तो आयुक्त की पोस्टिंग की है ना ही एनपीयू में वीसी के पद पर किसी की पोस्टिंग की गयी है. विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को नहीं मिल पाया है वेतन पिछले एक सप्ताह से यह पद खाली है. इस वजह से नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कार्य कर रहे पदाधिकारी और कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन नहीं मिल पाया है. जबकि विश्वविद्यालय के तहत पांच अंगीभूत महाविद्यालय जीएलए कॉलेज, जेएस कॉलेज, योध सिंह नामधारी महाविद्यालय, जेस कॉलेज, एसएसजेएसएन कालेज गढ़वा और मनिका डिग्री कॉलेज आता है. इन कॉलेजों में कार्य कर रहे करीब 200 प्रोफेसर, कर्मचारी व अन्य लोगों को भी वेतन नहीं मिला है. विश्वविद्यालय के छात्रों का नहीं हो पा रहा काम वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारी चिंतित है. अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 16 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ था कि विश्वविद्यालय में वीसी का पद खाली हो. वीसी का पद खाली रहने के कारण विश्वविद्यालय में डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आए हुए छात्रों को लौटना पड़ा. छात्रों को सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण वे काफी आक्रोशित थे. उनका कहना था कि इतने दूर से किराया लगाकर आने के बावजूद भी काम नहीं हो पाता है. पलामू की सभी समाचारें यहां पढ़ें छात्रों का नहीं हो पा रहा है काम : प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी ने कहा कि यहां पढ़ने वाले छात्रों का दुर्भाग्य है कि पिछले एक सप्ताह से वीसी का पद खाली है. वे बताते हैं कि वीसी का पद खाली रहने के कारण छात्रों का कोई काम नहीं हो पा रहा है. वीसी की नियुक्ति जल्द करें राजभवन : अभिषेक राज आजसू के छात्र नेता अभिषेक राज ने कहा कि एनपीयू में प्रभारी कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एक हफ्ते से कुलपति का पद रिक्त पड़ा है. लगभग दो सालो से एनपीयू में स्थायी कुलपति नहीं है. विवि में कुलपति के नहीं होने से प्रोविजनल, डिग्री समेत कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल के छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है. नियुक्ति नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जायेगा. Also Read: पलामू में सवारी गाड़ी और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर, 1 की मौत, आधा दर्जन लोग घायल The post नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में VC का पद खाली, विद्यार्थियों को हो रही परेशानी, कर्मचारियों को भी नहीं मिला वेतन appeared first on Naya Vichar.

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अक्षर पटेल बने ऋषभ पंत के लिए खतरा? संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या है वजह

Sanjay Manjrekar: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला एकदिवसीय मैच में हिंदुस्तानीय टीम ने शानदार स्पोर्ट्स दिखाते हुए इंग्लिश टीम को 4 विकेट से शिकस्त दी. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत में काफी तेज स्पोर्ट्स दिखाया, लेकिन हर्षित राणा ने गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी क्रम को घुटने पर ला दिया. इसी दौरान अक्षर पटेल ने भी किफायती गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में अच्छे हाथ दिखाए. उनके प्रदर्शन को देखते  हुए संजय मांजरेकर काफी खुश नजर आए. उन्होंने यहां तक कह दिया कि वे ऋषभ पंत की जगह भी ले सकते हैं.  नागपुर में पहला मैच समाप्त होने के बाद ईएसपीएन पर बात करते हुए संजय मांजरेकर ने कहा, “मैच शुरू होने से पहले ही मैंने अपनी प्लेइंग इलेवन चुन ली थी. इस बीच सुझाव था कि शायद ऋषभ पंत को चैंपियंस ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए आजमाया जा सकता है, जिससे हिंदुस्तान को टॉप-6 में एक बाएं हाथ का बल्लेबाज भी मिल जाता. लेकिन अब अक्षर पटेल एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं.” अक्षर पटेल ने बल्लेबाजी करते हुए अपना तीसरा अर्धशतक लगाया. उन्होंने 47 गेंद पर 52 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी कमाल का रहा. अक्षर ने 110.6 की एसआर से बल्लेबाजी करते हुए 6 चौके और 1 छक्का लगाया. संजय ने आगे कहा, “उन्होंने (अक्षर पटेल) टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तानीय टीम के लिए बल्लेबाजी की है और उनके अंदर एक बल्लेबाज वाला धैर्य भी मौजूद है. मुझे लगता है कि उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजना एक चतुर फैसला था, खासकर जब उन्हें एक विशुद्ध बल्लेबाज की भूमिका में रवींद्र जडेजा से ऊपर भेजा गया. अक्षर स्पिनर्स के खिलाफ सहज नजर आए, और हिंदुस्तान को मध्यक्रम में ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी, जो स्पिन के खिलाफ मजबूती से स्पोर्ट्स सके.” अक्षर पटेल ने 2022 के बाद पहला अर्द्धशतक लगाया, साथ ही यह हिंदुस्तान में उनकी पहली फिफ्टी है.   अक्षर लेफ्ट हैंडर बैट्समैन हैं और स्पिन भी अच्छी स्पोर्ट्स रहे हैं हिंदुस्तान ने अपनी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम की घोषणा कर दी है. इसमें अक्षर के साथ ऋषभ पंत भी शामिल हैं. लेकिन संजय मांजरेकर मानना है कि पटेल पंत से बेहतर विकल्प हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “चैंपियंस ट्रॉफी हिंदुस्तानीय परिस्थितियों जैसी पिचों पर स्पोर्ट्सी जाएगी, ऐसे में अक्षर पटेल टीम में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. उनके प्रदर्शन के चलते ऋषभ पंत की वापसी फिलहाल टल सकती है, क्योंकि अक्षर भी एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और लेग स्पिन या बाएं हाथ के स्पिनर्स को बेहतर तरीके से स्पोर्ट्स सकते हैं.” अक्षर पटेल ने अब तक अपने कैरियर में 61 ओडीआई मैच स्पोर्ट्से हैं, जिसमें उन्होंने 665 रन बनाने के साथ 65 विकेट भी लिए हैं. एक ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा के साथ उनकी जुगलबंदी अच्छी बैठ रही है. विकेट कीपर के रूप में केएल राहुल से खतरा ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक अच्छी शुरुआते के बाद अपनी पारी को आगे नहीं बढ़ा पाए थे. वे अपना विकेट जल्दबाजी भरे स्पोर्ट्स के कारण ऐसा लग रहा था, जैसे फेंक कर जा रहे हों, इसके लिए उन्हें सुनील गावस्कर से भी डांट पड़ी थी. ऋषभ शॉर्ट पिच गेंद पर भी संघर्ष कर रहे थे. इसके साथ ही हिंदुस्तानीय टीम विकेट कीपिंग के रूप में केएल राहुल की मौजूदगी भी उनके लिए चिंता का सबब बन सकती है. राहुल को पहले मैच में कीपिंग की जिम्मेदारी मिली है. ऐसे में पंत के लिए बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में समस्या आ सकती है.  हिंदुस्तान ने पहले एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड के 247 रन के जवाब में 68 गेंद शेष रहते 251 रन बनाकर जीत हासिल की. तीन मैचों की सीरीज में हिंदुस्तान अब 1-0 से आगे है. इस शृंखला का दूसरा मैच 9 फरवरी को कटक में स्पोर्ट्सा जाएगा. वहीं तीसरा मैच 12 फरवरी को अहमदाबाद में स्पोर्ट्सा जाएगा. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले हिंदुस्तान अपनी तैयारियों को पुख्ता करना चाह रहा है, ऐसे में टीम संयोजन को लेकर और प्रयोग की बजाय टीम इंडिया अपने बेंच स्ट्रेंथ को और मजबूत कर रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी 19 फरवरी से पाकिस्तान में शुरू होगी, वहीं हिंदुस्तान अपने अभियान की शुरुआत दुबई में 20 फरवरी को बांग्लादेश से खिलाफ शुरु करेगा.  18,00,00,00,000 रुपये खर्च, आखिरकार तैयार हुआ गया पाकिस्तान का क्रिकेट स्टेडियम, जानें कब होगा उद्घाटन ‘मुझे नहीं स्पोर्ट्सना था, लेकिन आधी रात को फोन बजा और…’ श्रेयस अय्यर कैसे बने प्लेइंग XI का हिस्सा, खुद बताया The post अक्षर पटेल बने ऋषभ पंत के लिए खतरा? संजय मांजरेकर ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या है वजह appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: समझदार पुरुष अपनी पत्नी को कभी नहीं बताते ये बातें, जीवनभर चलते हैं सिर उठाकर

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय से सबसे ज्ञानी और विद्वान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने कई तरह की नीतियों की रचना की थी. इन नीतियों को बाद में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाने लगा. कहा जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल, समृद्ध और खुशहाल जीवन की तलाश हैं तो ऐसे में उसे चाणक्य नीति में बताई गयी बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए. आज हम आपको चाणक्य नीति में बताई गई कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें एक समझदार आदमी कभी भी अपनी पत्नी को नहीं बताता है. जब आप अपनी पत्नी को इन बातों को नहीं बताते हैं तो आपको एक बेहतर, इज्जत से भरी और खुशियों से भरी जिंदगी जिंदगी जीने का मौका मिलता है. तो चलिए इन बातों के बारे में विस्तार से जानते हैं. दान की जानकारी चाणक्य नीति के अनुसार आपको अपनी पत्नी को कभी भी दान-पुण्य से जुड़ी बातें नहीं बतानी चाहिए. शास्त्रों में दान की जानकारी किसी को भी देने से मना किया गया है. जब आप दान की बात किसी और को बताते हैं तो इसका फल आपको मिलता नहीं है. कई बार दान देने की वजह से आपकी पत्नी आपको ताने भी मार सकती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: पैसे गिनते-गिनते थक जाएंगे आप, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: जीवन में कभी नहीं सहना पड़ेगा धोखा खाने का दुख, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल कमाई की जानकारी आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको अपनी कमाई की जानकारी पत्नी को भी नहीं देनी चाहिए. आप कितने पैसे कमा रहे हैं इसकी जानकारी सिर्फ आपको होनी चाहिए. कई बार जब आपकी पत्नी को आपकी सैलरी पता चल जाती है तो वह घर का बजट भी बिगाड़ सकती है. अतीत की जानकारी चाणक्य नीति के अनुसार चाहे आप अपनी पत्नी से कितना भी प्यार क्यों न करते हों उसे अपने अतीत के बारे में नहीं बताना चाहिए. आपको बीती बातों को भूलकर आगे के जीवन पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. जब आप पास्ट से जुड़ी बातों को अपनी पत्नी को बताते हैं तो ऐसे में लड़ाई-झगड़े के दौरान वह इन बातों को आपके सामने उठा भी सकती है. अपनी कमजोरियां आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको अपनी कमजोरियों को कभी भी अपनी पत्नी को नहीं बतानी चाहिए. जब आपकी पत्नी को आपकी कमजोरियों के बारे में पता चल जाता है तो ऐसे में वह किसी भी झगड़े के दौरान इन बातों को आपके सामने उठाकर आपसे जीतने की कोशिश कर सकती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: जीवन में कभी नहीं सहना पड़ेगा धोखा खाने का दुख, चाणक्य नीति में बताई गयी इन बातों का रखें ख्याल Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: समझदार पुरुष अपनी पत्नी को कभी नहीं बताते ये बातें, जीवनभर चलते हैं सिर उठाकर appeared first on Naya Vichar.

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Kameshwar Chaupal: कामेश्वर चौपाल ने बीजेपी के लिए छोड़ दिया था VHP, चुनाव भी लड़े, जानें राजनितिक सफर के बारे में

Kameshwar Chaupal Political Carrier: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का शुक्रवार को निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार थे और सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे. कामेश्वर चौपाल ने राम मंदिर निर्माण में पहली ईंट रखी थी. संघ ने उन्हें प्रथम कार सेवक का दर्जा भी दिया था. भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को की गई थी, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में 9 नवंबर 1989 को पहली आधारशीला रखने वाले कामेश्वर चौपाल ही थे. उस समय वे विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवक भी थे. राम मंदिर आंदोलन में कामेश्वर चौपाल की महत्वपूर्ण भूमिका थी. उनकी अहम भूमिका देखते हुए ही उन्हें आधारशीला रखने के लिए चुना गया था. कैसा रही राजनितिक यात्रा कामेश्वर चौपाल की नेतृत्वक यात्रा की बात करें, तो उन्होंने 1991 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने विश्व हिंदू परिषद छोड़ दिया था. पार्टी ने उन्हें चुनावी मैदान में भी उतारा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी ने उन्हें रोसड़ा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद 1995 में उन्हें बिहार की बेगूसराय सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और उन्हें यहां भी हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2002 में उन्हें बिहार विधान परिषद का सदस्य भी बनाया गया था. 2014 तक वे बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने सुपौल सीट से चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उप-मुख्यमंत्री पद के लिए भी उनका नाम की खूब चर्चा देखने को मिली थी. 2002 से 2014 तक वे राज्यसभा सदस्य रहे. कामेश्वर चौपाल 1982 में विश्व हिंदू परिषद के सदस्य बने थे. 1989 में उन्हें पहली बार राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई. चौपाल ने जेएन कॉलेज मधुबनी से ग्रेजुएशन किया था और 1995 में मिथिला विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सीएम नीतीश कुमार ने जताया शोक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि वे एक कुशल राजनेता एवं समाजसेवी थे. स्व० कामेश्वर चौपल राम जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी भी थे. उनके निधन से नेतृत्वक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. इसे भी पढ़ें: कामेश्वर चौपाल के निधन पर CM नीतीश ने जताया दुख, रामभक्तों में भी शोक की लहर The post Kameshwar Chaupal: कामेश्वर चौपाल ने बीजेपी के लिए छोड़ दिया था VHP, चुनाव भी लड़े, जानें राजनितिक सफर के बारे में appeared first on Naya Vichar.

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लगने जा रहा है साल का दूसरा खरमास, जानें इस दौरान क्यों नहीं होते मंगलकार्य

Kharmas 2025 Date: हमारे सनातन धर्म में खरमास का अपना एक अलग स्थान होता है. इस समय लोग मंगलकार्य क्रम नहीं करते ऐसा करना अशुभ माना जाता हैं.वहीं खरमास पूरे एक महीने तक लगता है, जब यह खत्म हो जाता है तो फिर से लोग अपने शुभ कार्य मंगल काम आरंभ कर देते हैं. ज्योतिषी शास्त्रों के मानें तो जब सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करता हैं तो खरमास लगजता है, इस समय सूर्य दक्षिणायन मे विराजमान रहते हैं .ऐसे में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है. कब से कब तक लगेंगा खरमास दोष वैदिक पंचांग के अनुसार, 12 फरवरी 2025 को सूर्य देव कुंभ राशि में गोचर करंगे हैं, इसके बाद वहीं 13 मार्च 2025 तक विराजित रहेंगे साथ ही इसके बाद अगले दिन मतलब 14 मार्च 2025 को सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे, सूर्य के इसी गोचर के साथ 14 मार्च 2025 से खरमास दोष आरंभ हो जाएगा. इसके बाद कोई मंगलकार्य एक महीने तक नहीं होगा. फिर उसके बाद सूर्य देव 14 अप्रैल 2025 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में विराजमान होंगे और इसी के साथ खरमास समाप्त होगा. फरवरी में इस दिन है प्रदोष व्रत, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त जाने नियम क्यों खरमास मैं नहीं होते मंगलकार्य धार्मिक और ज्योतिषी मान्यताओं के मुताबिक ऐसा मानना है कि खरमास के दौरान सूर्य देव अपना तेज धैर्य खो देते हैं, और सूर्य देव के अवतार के बाद ही सृष्टि पर जीवन की उत्पत्ति हुई थी, इतना ही नहीं इस समय पर गुरु का प्रभाव भी समाप्त हो जाता है.जिससे गुरु को शुभ और मंगलकार्य दायक का कारक माना जाता है, वहीं ऐसे में खरमास के समय कोई भी मंगलकार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए. मंगलकारी कार्यों के लिए गुरु के उदय होना विशेष महत्व रखता है.शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं तो खरमास प्रारंभ होता है और जब मकर राशि में जाते हैं तो खरमास का सम्पन्न हो जाता हैं. The post लगने जा रहा है साल का दूसरा खरमास, जानें इस दौरान क्यों नहीं होते मंगलकार्य appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ में फिर लगी आग, शंकराचार्य मार्ग की घटना

Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ से एक बड़ी समाचार सामने आ रही है. कुंभ क्षेत्र के शंकराचार्य मार्ग में आग लग गई है. अब तक कुंभ क्षेत्र में आग लगने की ये तीसरी घटना बताई जा रही है. फायर बिग्रेड की टीम लगातार आग बुझाने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी जान- माल के नुकसान की कोई समाचार नहीं है. अब तक घटना की वजह सामने नहीं आई है. मौके पर दमकल कर्मी और मेला प्रशासन मौजूद है और आग पर काबू भी पा लिया गया है. #WATCH | Prayagraj | A fire breaks out in Sector 18, Shankaracharya Marg of Maha Kumbh Mela Kshetra. Fire tenders are at the spot. More detail awaited pic.twitter.com/G4hTeXyRd9 — ANI (@ANI) February 7, 2025 The post महाकुंभ में फिर लगी आग, शंकराचार्य मार्ग की घटना appeared first on Naya Vichar.

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