Chitrakoot : कभी दस्यु गिरोहों के लिए बदनाम रहा चित्रकूट अब विकास की रोशनी से रौशन नजर आ रहा है. यह वही चित्रकूट है जहां कभी ददुआ, ठोकिया, राधे, बबली कोल, गौरी यादव, साधना पटेल और गोप्पा जैसे दस्यु गिरोहों का समानांतर शासन देखने को मिलता था. लोगों में हरदम इन दस्युओं को लेकर दहशत का माहौल था. यहां तक कि ये नेतृत्व को प्रभावित करने की स्थित में थे. लेकिन सीएम योगी के शासन काल में यहां का विकास हो रहा है.
वनवास के दौरान भगवान श्री राम ने पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण सहित जिस चित्रकूट में सर्वाधिक समय बिताया था. जो चित्रकूट उनको अयोध्या से भी अच्छा लगने लगा था (अवध सहस सम बनु प्रिय लागा)। उन्होंने यहीं कोल, किरात आदि को खुद से जोड़कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया. इसी चित्रकूट में भरत के साथ हुआ उनका मिलन भाई-भाई के प्रेम की मिसाल बन गया. उसी चित्रकूट में वह ऋषियों और मुनियों के संपर्क में आए. कुल मिलाकर राम,लक्ष्मण और सीता के लिए चित्रकूट प्रवास का अहसास जंगल में मंगल जैसा रहा. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निजी रुचि और प्रयासों के नाते चित्रकूट एक बार फिर वैसा ही अहसास करा रहा है.
चित्रकूट की बेहतरी के लिए योगी प्रशासन की ओर से किए गए काम
चित्रकूट के समग्र विकास के लिए चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन हो चुका है. बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. यहां की पहाड़ियों पर एक खूबसूरत एयरपोर्ट भी खुल चुका है. यह सात जिलों वाले बुंदेलखंड का पहला एयरपोर्ट है. कनेक्टिविटी बढ़ने और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ने से हाल में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उलट प्रवाह के कारण यहां ढेर सारे पर्यटक आए. आने वाले दिनों में चित्रकूट आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी. इसके मद्देनजर योगी प्रशासन पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं लगातार बेहतर कर रही है.
पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए 50 करोड़ की मंजूरी
8 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में भी इसके किए प्रशासन ने 50 करोड़ रुपए मंजूर किए. इस पैसे से राम वनगमन के पड़ाव स्थल पर पर्यटक सुविधा केंद्र की सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा. इसमें करीब 12 करोड़ रुपए की लागत आएगी. एयरपोर्ट के पास देवांगना में 17.56 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटक सुविधा केंद्र बनेगा. इसी क्रम में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के विकास में 20.45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इन सभी कार्यों के लिए पहली किस्त के रूप में क्रमशः 50, 70 और 75 लाख रुपए जारी भी किए जा चुके हैं. राम के वनवास से जुड़े स्थलों, मंदाकिनी जिसका हमारे धर्मग्रंथों में खासा महत्व है. उसके घाटों खासकर रामघाट, तुलसी दास की जन्म स्थली राजापुर ,महर्षि बाल्मीकि का आश्रम लालपुर आदि का सुंदरीकरण शामिल हैं.
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