CM Women Employment Scheme: मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना की शुरुआत को लेकर जिस उत्साह की उम्मीद प्रशासन ने जताई थी, वह अब वास्तविकता में बदलती दिख रही है. ग्रामीण इलाकों से शुरू हुई जीविका योजना अब शहरों में भी उतनी ही तेजी से पैर पसार रही है.
पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलने के बाद शहरी स्त्रीओं का रुझान हैरान करने वाला है. आंकड़े बताते हैं कि एक सप्ताह में ही 10 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं. यह तस्वीर बताती है कि स्त्रीओं के लिए यह योजना न सिर्फ राहत का साधन बनी है, बल्कि उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया भरोसा भी दे रही है.
गांव से शहर तक पहुंची जीविका की ताकत
शुरुआत में जीविका योजना को ग्रामीण स्त्रीओं की आर्थिक सशक्तिकरण का औजार माना गया था. समूह बनाकर स्त्रीएं बचत और लोन की प्रक्रिया से छोटे स्तर पर रोजगार और कारोबार शुरू करती थीं. धीरे-धीरे इसका असर पंचायत स्तर से ब्लॉक और जिले तक दिखने लगा. लेकिन अब जब मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना के तहत सीधा 10,000 रुपये की पहली किस्त दी जा रही है, तो शहरों की स्त्रीएं भी बड़ी संख्या में इससे जुड़ रही हैं.
शहरी क्षेत्रों में पहले से सक्रिय समूह अब रसोई संचालन, अस्पताल और प्रशासनी दफ्तरों में सेवाएं देने से आगे बढ़कर नए काम शुरू करने की तैयारी में हैं.
आवेदन का अंबार और बढ़ती उम्मीदें
महज सात दिनों में 4.5 लाख नए आवेदन और कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा आवेदन इस बात का सबूत हैं कि स्त्रीएं इस योजना से जुड़ने को लेकर कितनी गंभीर हैं. अभी राज्य में 3.12 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, लेकिन नए आवेदनों की बाढ़ से यह संख्या और बढ़ने वाली है. प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यह आंकड़ा और चौंकाने वाला होगा.
किस्तों में मिलेगी राशि, बनी है पूरी योजना, प्रशासन ने साफ किया है कि एक साथ सभी स्त्रीओं को राशि नहीं दी जाएगी. इसके लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई गई है. 3 अक्टूबर को 25 लाख स्त्रीओं को पहली किस्त दी जाएगी. इसके बाद 6 और 17 अक्टूबर को भी धनराशि ट्रांसफर होगी. पूरी प्रक्रिया 26 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसका फायदा यह होगा कि न केवल प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखने का समय मिलेगा, बल्कि भौतिक सत्यापन और बैंक खातों की जांच भी ठीक ढंग से की जा सकेगी.
शहरी स्त्रीओं की बदलती तस्वीर
पहले यह माना जाता था कि जीविका समूह केवल ग्रामीण स्त्रीओं के लिए ही कारगर है. लेकिन ऑनलाइन आवेदन और बैंक ट्रांसफर की सुविधा ने शहरी स्त्रीओं को भी आकर्षित किया है. छोटे-छोटे कारोबार, घरेलू उद्योग और स्वरोजगार की दिशा में यह किस्त उनके लिए शुरुआती पूंजी की तरह काम करेगी. घर-घर जाकर जीविका कर्मचारी पहचान पत्र, बैंक पासबुक और अन्य कागजातों की जांच कर रहे हैं ताकि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे.
प्रशासनी रिकॉर्ड बताते हैं कि अब तक 75 लाख स्त्रीओं को कुल 7,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. इस पैसे से स्त्रीएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, छोटे व्यापार कर रही हैं और धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रही हैं.
त्योहारों और चुनावी मौसम के बीच बिहार की स्त्रीओं के लिए जीविका योजना उम्मीद और आत्मनिर्भरता का नया दरवाजा खोल रही है. गांव हो या शहर, स्त्रीएं अब केवल समूह का हिस्सा बनने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी इसमें शामिल हो रही हैं. 10,000 की पहली किस्त ने उन्हें यह विश्वास दिया है कि बदलाव की शुरुआत उनके हाथों से हो सकती है.
Also Read: Flight Ticket Price Diwali: फ्लाइट टिकट ने ली उड़ान , दिवाली-दशहरा पर आसमान छू रहा पटना का किराया
The post CM Women Employment Scheme: जीविका योजना के पहली किस्त के बाद गांव-शहर में मची होड़, 10 लाख नए आवेदन दर्ज appeared first on Naya Vichar.