Countries Without Rail Networks: दुनिया में रेलवे एक तेज और आसान ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जहां एक भी रेलवे स्टेशन नहीं है. इन देशों में भूगोल, इतिहास, आबादी और आर्थिक परिस्थितियों की वजह से रेलवे सुविधा विकसित नहीं हो पाई. यहाँ के लोग मुख्य रूप से बस, कार, फ्लाइट और फेरी पर निर्भर रहते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं ये देश और वहां लोग किस तरह यात्रा करते हैं.
भूटान ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों के बीच यात्रा
भूटान में रेलवे का निर्माण तकनीकी रूप से बेहद मुश्किल है. खड़ी पहाड़ियाँ और गहरी घाटियाँ ट्रैक बिछाने में बाधक हैं. इसलिए यहां की जनता शहरों और कस्बों के बीच यात्रा के लिए प्रशासनी बस और प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भर रहती है.
फ्रांस और स्पेन के बीच स्थित एंडोरा भी बिना रेलवे वाला देश है. इसका आकार छोटा है और पहाड़ी इलाका रेलवे के लिए उपयुक्त नहीं. यहां का जुड़ा हुआ बस नेटवर्क देश के अंदरूनी और पड़ोसी देशों से कनेक्टिविटी बनाए रखता है.
साइप्रस में बंद हुई रेल सेवाएं
साइप्रस में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान ट्रेनें चलती थीं, लेकिन 20वीं सदी में बंद कर दी गईं. आज यहां की जनता शहरों और कस्बों में यात्रा के लिए बस, टैक्सी और प्राइवेट कार पर निर्भर है. ज्वालामुखी, ग्लेशियर और कम आबादी घनत्व की वजह से आइसलैंड में कभी भी पब्लिक रेल नेटवर्क नहीं रहा. लंबी दूरी की यात्रा के लिए देश में बस और सड़क मार्ग ही मुख्य विकल्प हैं.
क्यों नहीं हैं रेलवे?
इन देशों में रेलवे न होने के पीछे मुख्य कारण हैं:
- भौगोलिक बाधाएँ: ऊबड़-खाबड़ इलाके और पहाड़
- आर्थिक कारण: रेलवे सिस्टम आर्थिक रूप से स्थिर नहीं
- ऐतिहासिक कारण: साइप्रस और माल्टा में रेलवे बंद, क्योंकि सड़क और बस ट्रांसपोर्ट ज्यादा फायदेमंद साबित हुए.
इन देशों की यात्रा में रेल नहीं, बल्कि बस, कार और फ्लाइट ही मुख्य साधन हैं. ये उदाहरण दर्शाते हैं कि हर देश की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार ही परिवहन प्रणाली विकसित होती है.
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