Cyber Crime: देवघर-साइबर थाने की विशेष टीम ने कुंडा थाना क्षेत्र के पहरीडीह औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के समीप छापेमारी कर साइबर ठगी करते डीसी कुमार दास समेत 11 युवकों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. यह सभी मंईयां सम्मान योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर फर्जी मोबाइल नंबर से कॉल कर आम लोगों से ठगी कर रहे थे. इन आरोपियों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सभी को कोर्ट में पेश कराया गया और कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. छापेमारी टीम में साइबर थाने के पदाधिकारी सहित सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे.
मोबाइल समेत अन्य सामान जब्त
पुलिस मीडिया सेल के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में सारवां थाना क्षेत्र के सरपत्ता गांव निवासी डी सी कुमार दास सहित चरघरा गांव निवासी निपु कुमार दास, खैरवा गांव निवासी धनंजय कुमार दास, सारठ थाना क्षेत्र के पथरड्डा ओपी के दुधवाजोरी गांव निवासी जितेंद्र दास, सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के कुरुवा गांव निवासी मेहताब अंसारी, करौं थाना क्षेत्र के केनवरिया गांव निवासी रामचंद्र दास, श्रीकांत दास, पाथरौल थाना क्षेत्र के लेड़वा गांव निवासी विजय कुमार दास, मिथुन कुमार दास, मुकेश कुमार दास व पालोजोरी थाना क्षेत्र के लखीबाद गांव निवासी मसरुद्दीन अंसारी शामिल हैं. आरोपितों के पास से 11 मोबाइल सहित 15 सिम कार्ड व चार प्रतिबिंब टारगेटेड सिमकार्ड जब्त किये गये हैं. जांच में आरोपितों के पास से जब्त मोबाइल नंबरों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज पायी गयी हैं.
प्रशासन योजनाओं के नाम पर करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि फर्जी ब्लॉक लेवल प्रशासनी पदाधिकारी बनकर मंईयां सम्मान योजना व किसान समृद्धि योजना समेत अन्य प्रशासनी योजनाओं के लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी करते हैं. वहीं एसबीआई ग्राहकों को केवाइसी अपडेट कराने, एसबीआई क्रेडिट कार्ड व टाटा कार्ड यूजर्स को फर्जी लिंक व एपीके फाइल भेजकर अपडेट कराने, फर्जी फोन-पे व पेटीएम केयर अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देने के साथ ही फोन-पे गिफ्ट कार्ड क्रिएट कराकर उसे रिदम कर ठगी करते हैं. वहीं बैंक के फर्जी अधिकारी बनकर एटीएम बंद होने व चालू कराने का झांसा देकर ठगी करते हैं.
पुलिस ने जारी किया मोबाइल नंबर
साइबर थाने की पुलिस ने आमजनों से अपील कि है कि आपके थाना क्षेत्र में किसी भी जगह पर साइबर अपराध हो रहा है तो उसे रोकने के लिये मोबाइल नंबर 9798302117 पर गुप्त सूचना दे सकते हैं. सूचना देने वाले का नाम पुलिस गोपनीय रखेगी. वहीं लोगों से यह भी कहा है कि साइबर थाने से बचने के लिये किसी अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आने पर अपनी कोई निजी जानकारी साझा न करें. गूगल सर्चइंजन, गूगल एड्स एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिये गये कस्टमर केयर व हेल्पलाइन नंबरों पर भरोसा न करें. कस्टमर केयर नंबरों के लिये हमेशा ऑफिसियल वेबसाइट पर ही संपर्क करें.
साइबर अपराध का शिकार होने पर करें संपर्क
किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गये अज्ञात लिंक या यूआरएल पर ना क्लिक करें, ना ही किसी अन्य नंबर पर उक्त लिंक को फारवर्ड करें. बैंक के यूपीआई एप्लिकेशन से संबंधित रजिस्ट्रेशन के लिये बैंक के ऑफिसियल नंबर से ही मैसेज भेजा जाता है. अनजान नंबर से लिंक आने पर ना ही क्लिक करें और ना ही अनजान एप डाउनलोड करें. साइबर अपराध के शिकार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें.
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