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Dhanbad News: हाइड्रोलिक प्रणालियों में विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटलीकरण का समन्वय भविष्य की जरूरत : उप महानिदेशक

Dhanbad News: मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विशेषज्ञ ले रहे हिस्सा

Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम के मैकेनिकल इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इनोवेशन्स इन फ्लूइड पावर (आइएफपी 2026) शनिवार से शुरू हो गया. यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फ्लूइड पावर सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया है. कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन के दौरान बतौर अतिथि डीजीएमएस उप महानिदेशक अजय सिंह, बॉश रेक्सरोथ एजी के सीनियर उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर फ्लाइग, आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, उप निदेशक प्रो धीरज कुमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो सोमनाथ चट्टोपाध्याय, सम्मेलन के संयोजक प्रो अजीत कुमार और सह संयोजक प्रो निरंजन कुमार ने संयुक्त रूप से किया.

उद्योग और अनुसंधान के साझा मंच पर संवाद

सम्मेलन में बॉश रेक्सरोथ, वोल्वो सीइ, एपिरॉक, बुल मशीनस, बीइएमएल, कैटरपिलर, एचएएल, डीआरडीओ, इसरो, एनएलसी, बीसीसीएल और वाल्वोइल जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. यह मंच उद्योग और शैक्षणिक जगत के बीच सार्थक संवाद और सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान कर रहा है.

बहुविषयक दृष्टिकोण पर जोर : डीजीएमएस के उप महानिदेशक अजय सिंह ने आधुनिक इंजीनियरिंग में बहुविषयक सोच की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि हाइड्रोलिक प्रणालियों में विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटलीकरण का समन्वय भविष्य की जरूरत है. फ्लूइड पावर का उपयोग अब केवल खनन तक सीमित नहीं, बल्कि एयरोस्पेस, निर्माण, कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से हो रहा है.

फ्लूइड पावर अनुसंधान का केंद्र बन सकता है आइआइटी आइएसएम : अलेक्जेंडर फ्लाइग

अलेक्जेंडर फ्लाइग ने कहा कि हाइड्रोलिक्स आज कई औद्योगिक अनुप्रयोगों की प्रेरक शक्ति बन चुकी है. उन्होंने उद्योग-अकादमिक सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि आइआइटी आइएसएम धनबाद हिंदुस्तान में फ्लूइड पावर अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बन सकता है. वहीं निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने तकनीकी विकास में हाइड्रोलिक नवाचारों की भूमिका को रेखांकित किया.

दो महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर

उद्घाटन समारोह का प्रमुख आकर्षण दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर रहा. पहला समझौता मिनिमैक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुआ, जिसके तहत आइआइटी आइएसएम में फ्लूइड टेस्टिंग, रिसर्च और एनालिटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जायेगी. दूसरा समझौता नेवियर ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ खनन और खनिज अन्वेषण के लिए स्वदेशी हाइड्रोलिक तकनीक के विकास को लेकर किया गया.

प्लेनरी सत्र में वैश्विक विशेषज्ञों के व्याख्यान

पहले दिन आयोजित विभिन्न प्लेनरी सत्र में अमेरिका, जर्मनी, इटली और हिंदुस्तान के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने तकनीकी विषयों पर व्याख्यान दिये. सम्मेलन के माध्यम से फ्लूइड पावर क्षेत्र में नवाचार, शोध और उद्योग सहयोग को नयी गति मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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