Earthquake: अफगानिस्तान में मंगलवार 4 मार्च को आए भूकंप ने खतरा बढ़ा दिया है. तीव्रता 4.2 आंकी गई है, लेकिन गहराई केवल 10 किलोमीटर होने की वजह से इसे खतरनाक बताया जा रहा है. गहराई कम होना आफ्टरशॉक के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है.
अफगानिस्तान में आते रहते हैं भूकंप के झटके
अफगानिस्तान में हमेशा भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं. इससे पहले रविवार 2 मार्च को भी 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप 140 किमी की गहराई पर आया था. 23 फरवरी को अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था. जो 120 किलोमीटर की गहराई पर था.
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उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक
उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि वे पृथ्वी की सतह के नजदीक ज्यादा ऊर्जा छोड़ते हैं, जिससे जमीन ज्यादा हिलती है और अधिक नुकसान होता है. जबकि गहरे भूकंप सतह पर आते-आते ऊर्जा खो देते हैं.
EQ of M: 4.2, On: 04/03/2025 14:00:46 IST, Lat: 36.43 N, Long: 71.32 E, Depth: 10 Km, Location: Afghanistan.
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अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, अफगानिस्तान बाढ़, भूस्खलन और भूकंप सहित प्राकृतिक आपदाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है. रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंपों का इतिहास रहा है, हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है जहां हर साल भूकंप आते हैं. अफगानिस्तान हिंदुस्तानीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच कई फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जिसमें एक फॉल्ट लाइन सीधे हेरात से भी गुजरती है.
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