गिरफ्तार आरोपियों में मृतका शाहीन प्रवीण के पति डुमरी थाना क्षेत्र के चीनो निवासी जाबिर अंसारी, सास जुबैना निशा, निमियाघाट थाना क्षेत्र के करमाटोंगरी निवासी वकील अंसारी व गुड्डू अली, बगोदर थाना क्षेत्र के बेको निवासी सराफत अंसारी तथा दो नाबालिग शामिल हैं. गुरुवार को जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार ने बताया कि बीते 30 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली थी कि बगोदर थाना क्षेत्र के कारीपहाड़ी जंगल में एक अज्ञात स्त्री का अर्धजला शव पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गयी. घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया गया था. जांच के दौरान घटनास्थल पर एफएसएल टीम, श्वान दस्ता, फिंगरप्रिंट टीम और तकनीकी शाखा की टीम को भी लगाया गया. अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने स्त्री की पहचान का प्रयास किया. इसी दौरान यह जानकारी मिली कि डुमरी थाना क्षेत्र से कुछ दिन पहले एक स्त्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसके बाद स्त्री के परिजनों को घटनास्थल पर बुलाया गया, जहां शरीर पर पहले से मौजूद निशान, अर्धजले कपड़े और घटनास्थल पर पड़ी चूड़ियों की पहचान के आधार पर मृतका की पहचान शाहीन परवीन, पति जाबिर अंसारी, निवासी चीनो (डुमरी थाना क्षेत्र) के रूप में की गई.
मृतका के पिता ने पति-सास समेत अन्य पर दर्ज कराया था हत्या का मामला
कारीपहाड़ी जंगल में अर्धजली अवस्था में मिली स्त्री के शव मामले में मृतका के पिता ताहुल अंसारी ने बेटी की हत्या कर शव को जलाकर जंगल में फेंकने का आरोप लगाते हुए पति, सास समेत अन्य लोगों के विरुद्ध बगोदर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी. आवेदन के आधार पर बगोदर पुलिस ने बगोदर थाना कांड संख्या 20/26 दर्ज किया. इस मामले में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसपी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका की सास जेबुन निशा को सबसे पहले हिरासत में लिया. इसके बाद जब उससे पूछताछ की गई तो उसने सभी चीजों को पुलिस को बता दिया. वहीं पति घटना के बाद मुंबई भाग गया था. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की और एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी पति से जब हत्या के कारण को लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह दूसरी शादी करना चाहता था और इसी वजह से उसने अपनी पत्नी शाहीन प्रवीण की हत्या की साजिश रची. इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जला कर कारीपहाड़ी जंगल में फेंक दिया गया.
शव मिलने से दो दिन पहले ही हुई थी स्त्री की हत्या
कारीपहाड़ी जंगल में अर्धजली अवस्था में मिली स्त्री के शव मामले की जांच में पुलिस के सामने सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं. मिली जानकारी के अनुसार स्त्री की हत्या शव मिलने से दो दिन पहले ही कर दी गई थी. जांच में खुलासा हुआ है कि 28 जनवरी को मृतका शाहीन प्रवीण की हत्या उसके पति जाबिर अंसारी, सास जुबैना निशा और गुड्डू अली ने मिलकर की थी. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से जंगल में ही बने एक गड्ढे में छिपा दिया था, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे. इसके बाद अगले दिन यानि 29 जनवरी को आरोपी दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा. इस दौरान साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को आग के हवाले कर दिया. पुलिस के अनुसार शव को जलाने की कार्रवाई सराफत अंसारी और घटना में शामिल दो नाबालिग युवकों द्वारा की गई थी, जबकि वकील अंसारी पूरे इलाके पर नजर रखे हुए था, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके.
घटना से एक सप्ताह पहले जाबिर और शराफत ने मुंबई में रची थी हत्या की साजिश
चिरुवांशरीफ मजार घुमाने का बहाना बनाकर पत्नी को ले गया था पति. कारीपहाड़ी जंगल में अर्धजली अवस्था में मिली स्त्री के शव मामले की जांच में यह सामने आया है कि इस जघन्य वारदात की साजिश पहले से ही रची जा चुकी थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतका के पति जाबिर अंसारी और सराफ़त अंसारी पिछले कई वर्षों से मुंबई में सिलाई का काम करते थे और वहीं रहते हुए उन्होंने हत्या की योजना बनाई थी. जानकारी के अनुसार आरोपियों ने अपने बयान में बताया है कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की साजिश रच ली थी. दोनों के बीच यह तय हुआ था कि किस तरह मृतका की हत्या की जाएगी और बाद में साक्ष्य को कैसे मिटाया जाएगा. योजना के तहत यह तय किया गया था कि जाबिर अंसारी अपनी पत्नी शाहीन प्रवीण को चिरुवा मजार घुमाने के बहाने घर से बाहर निकालेगा. जांच में यह भी सामने आया है कि योजना के मुताबिक जाबिर अपनी पत्नी को बाइक से कारीपहाड़ी जंगल की ओर ले गया. वहां पहले से तय भूमिका के अनुसार अन्य आरोपी भी मौजूद थे. सुनसान जगह मिलने पर साजिश के तहत स्त्री की हत्या कर दी गई और बाद में शव को ठिकाने लगाने की तैयारी की गई. आरोपियों के बयान और तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल से मिले प्रमाण इस बात की पुष्टि करते हैं कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी.
छापेमारी में ये थे शामिल, बरामद सामग्री
छापामारी दल में बगोदर सरिया के एसडीपीओ धनंजय राम, सरिया के इंस्पेक्टर अजय कुमार, बगोदर थाना प्रभारी विनय कुमार यादव, एसआई अंजन कुमार, एसआई अभिजीत कुमार, एसआई आनंद कच्छप, एएसआई झरी उराओं, एएसआई संजय कुमार, एएसआई तौफ़ीक आलम, एएसआई प्रदीप सिंह और तकनीकी शाखा व बगोदर थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे.
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