Indian Railway : हिंदुस्तानीय रेलवे ने वर्ष 2025 में देश के कई दुर्गम इलाकों तक रेल नेटवर्क का विस्तार किया. तमिलनाडु के पंबन में देश का पहला वर्टिकल-लिफ्ट रेलवे पुल बनाया गया, जबकि चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल तैयार किया गया. इसके अलावा बिरबी-सैरांग रेल लाइन के शुरू होने से मिजोरम पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ गया. इससे पूर्वोत्तर के दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने का सपना पूरा हुआ. इन बड़ी परियोजनाओं से कठिन भौगोलिक इलाकों को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी सफलता मिली है.
अब कुल 164 वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनें दे रही हैं सेवाएं
रेल मंत्रालय ने 2025 में देश में 42 परियोजनाएं शुरू कीं, जिनका कुल मूल्य 25,000 करोड़ रुपये से अधिक है. रेलवे ने इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में विशेष ट्रेनें भी चलाईं और 15 नई ट्रेनों की शुरुआत के साथ वंदे हिंदुस्तान सेवाओं का तेजी से विस्तार किया. रेल मंत्रालय ने वर्ष के अंत की अपनी समीक्षा में बताया कि देश में अब कुल 164 वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं. रेल मंत्रालय के अनुसार, देश के रेल नेटवर्क में 13 अमृत हिंदुस्तान ट्रेनें भी जोड़ी गईं, जिससे ऐसी सेवाओं की कुल संख्या 30 हो गई. दो नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल सेवाएं भी शुरू हो गईं, जो गुजरात के भुज और अहमदाबाद तथा बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर को राज्य की राजधानी पटना से जोड़ती हैं.
रिकॉर्ड 43,000 विशेष ट्रेन चलाई गई इस साल
हिंदुस्तानीय रेलवे ने 2025 में त्योहारों के मौसम और व्यस्त यात्रा अवधि के दौरान भारी यातायात को संभालने के लिए रिकॉर्ड 43,000 विशेष ट्रेन यात्राएं भी संचालित कीं. रेल मंत्रालय का मुख्य ध्यान बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी रहा, जिसके तहत अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच 900 किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइनें चालू की गईं और मौजूदा पटरियों का बड़े पैमाने पर नवीनीकरण किया गया ताकि ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और तेज हो सके.
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‘रेलवन’ ऐप भी शुरू किया गया इस साल
मंत्रालय ने कहा कि ‘ब्रॉड गेज’ नेटवर्क का विद्युतीकरण लगभग पूरा होने की ओर अग्रसर है और लगभग 99.2 प्रतिशत मार्ग पूरे हो चुके हैं. मंत्रालय ने कहा कि देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना ने 30 नवंबर, 2025 तक 55.63 प्रतिशत प्रगति हासिल कर ली है. हिंदुस्तानीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 2025 में ‘रेलवन’ ऐप भी प्रारंभ किया. मंत्रालय ने बताया कि यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.
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