UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश प्रशासन ने अपने नए बजट में प्रदेश की आर्थिक रीढ़ यानी MSME सेक्टर (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के लिए खजाना खोल दिया है. इस बजट का सीधा लक्ष्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और छोटे उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाना है.
MSME सेक्टर के लिए बजट में क्या खास है?
प्रदेश प्रशासन ने इस बार MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है. यह पिछले साल के मुकाबले 19% ज्यादा है. उत्तर प्रदेश का MSME सेक्टर देश में सबसे आगे है, जो लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है. बजट में बढ़ोत्तरी का मतलब है कि अब छोटे उद्योगों को ज्यादा प्रशासनी मदद और सुविधाएं मिलेंगी.
क्या है ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल’ नई योजना?
औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए प्रशासन ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’ नाम से एक नई योजना शुरू कर रही है. इसके लिए 575 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर नौकरियों के बड़े अवसर पैदा होंगे.
युवाओं को कैसे मिलेगा अपना बिजनेस शुरू करने का मौका?
युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए प्रशासन ने दो बड़े ऐलान किए हैं:
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं. प्रशासन का लक्ष्य हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises) शुरू करवाने का है.
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: अपना काम शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.
क्या अब ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ का स्वाद चखेगा प्रदेश?
‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) की सफलता के बाद, अब प्रशासन ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ की नई योजना लेकर आई है. इसके लिए 75 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. इसका उद्देश्य हर जिले के खास खान-पान को पहचान दिलाना और उससे जुड़े रोजगार को बढ़ावा देना है.
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