Patna News : बिहार की राजधानी पटना अब अपनी पुरानी सीमाओं को लांघकर एक नए अवतार में ढलने को तैयार है. राज्य प्रशासन ने ‘ग्रेटर पटना’ के सपने को हकीकत में बदलने के लिए सोनपुर के इलाके को चुनने का बड़ा फैसला लिया है.
जेपी सेतु के ठीक आगे करीब 500 एकड़ जमीन पर एक आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप बसाई जाएगी, जो न केवल पटना के ट्रैफिक और आबादी के बोझ को कम करेगी, बल्कि बिहार के शहरी विकास का नया चेहरा भी बनेगी. नगर विकास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है और अगले महीने से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी जाएगी.
सोनपुर बनेगा ग्रेटर पटना का नया चेहरा
नगर विकास विभाग की योजना के अनुसार सोनपुर का बड़ा हिस्सा अब ग्रेटर पटना में शामिल होगा. यहां जेपी सेतु के आगे फैले इलाके को चरणबद्ध तरीके से विकसित कर एक नए शहर का रूप दिया जाएगा. विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले महीने से जमीन लेकर डेवलपमेंट का काम शुरू होने की संभावना है. इस क्षेत्र में निजी जमीन के साथ-साथ रेलवे की जमीन भी शामिल है, जिसके लिए रेलवे से बातचीत की जाएगी.
क्यों सोनपुर को चुना गया
सैटेलाइट टाउनशिप के लिए पहले पटना के आसपास कई इलाकों का सर्वे किया गया था. गया-डोभी, डुमरी, पुनपुन और बिहटा-सरमेरा रोड जैसे क्षेत्रों पर भी विचार हुआ. लेकिन आवागमन की सुविधा, मौजूदा और प्रस्तावित ब्रिज कनेक्टिविटी को देखते हुए इन सभी विकल्पों को फिलहाल रद्द कर दिया गया. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जेपी सेतु के समानांतर बन रहा नया पुल सोनपुर इलाके को सीधे पटना से जोड़ देगा, जिससे रोजाना आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी.
जमीन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई टाउनशिप योजना में जमीन मालिकों के हितों का खास ध्यान रखा गया है. प्रशासन जमीन अधिग्रहण के बाद पूरे क्षेत्र को विकसित करेगी और फिर 55 प्रतिशत जमीन वापस मालिकों को लौटा दी जाएगी. इसके अलावा मुआवजे की राशि भी आकर्षक रखी गई है. सर्किल रेट से करीब तीन गुनी कीमत पर भुगतान की तैयारी है, जिससे प्रति एकड़ जमीन का मुआवजा 1.30 करोड़ से लेकर 6 करोड़ रुपये तक हो सकता है. यह व्यवस्था पहले चरण में सोनपुर और मुजफ्फरपुर में लागू की जाएगी.
कैसे विकसित होगा नया शहर
सोनपुर में बसने वाली इस सैटेलाइट टाउनशिप को पूरी तरह प्लान्ड सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा. चौड़ी सड़कों, पार्कों, सामाजिक और सार्वजनिक ढांचे के साथ-साथ कमजोर वर्ग के लिए आवास की भी व्यवस्था होगी. विकसित क्षेत्र का एक हिस्सा प्रशासन बिक्री के लिए रखेगी, जिससे परियोजना के लिए संसाधन जुटाए जा सकेंगे. लक्ष्य यह है कि नया शहर केवल आवासीय नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश और सामाजिक जीवन का केंद्र बने.
43 शहरों के लिए नया मास्टर प्लान
राज्य प्रशासन केवल पटना तक सीमित नहीं रहना चाहती. बिहार के 43 शहरों में नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए नए सिरे से मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके लिए कैबिनेट ने बिहार शहरी आयोजना स्कीम नियमावली-2025 को मंजूरी दे दी है. इस नीति के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने की योजना है.
निवेश और रोजगार के नए रास्ते
सोनपुर में बनने वाली टाउनशिप को आर्थिक विकास का नया इंजन माना जा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के चलते यहां निजी निवेश आने की संभावना है. रियल एस्टेट, व्यापार और सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. इससे न सिर्फ सोनपुर बल्कि आसपास के इलाकों की तस्वीर भी बदलेगी.
ग्रेटर पटना की ओर पहला कदम
जेपी सेतु के आगे बसने वाली यह सैटेलाइट टाउनशिप ग्रेटर पटना की परिकल्पना को जमीन पर उतारने की पहली ठोस कोशिश मानी जा रही है. अगर यह परियोजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में पटना का शहरी विस्तार एक नई दिशा ले सकता है. राजधानी के बाहर बसता नया शहर, पटना के भविष्य की कहानी लिखने की तैयारी में है.
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