PM Modi Malaysia Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिनों के मलेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं. पीएम मोदी अपने ‘दोस्त’ और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के न्योते पर वहां जा रहे हैं. यह दौरा 7 और 8 फरवरी तक चलेगा, जिसमें दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौतों पर मुहर लग सकती है.
डिफेंस और सिक्योरिटी पर रहेगा ‘मेन फोकस’
पीएम मोदी ने रवाना होने से पहले अपने बयान में साफ कर दिया कि इस विजिट का सबसे बड़ा लक्ष्य हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच डिफेंस (रक्षा) और सिक्योरिटी रिश्तों को और भी मजबूत करना है. विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, हिंदुस्तान इस बार मलेशिया को ‘डोर्नियर विमान’ (Dornier aircraft) बेचने और वहां की ‘स्कॉर्पीन पनडुब्बियों’ (Scorpene submarines) और ‘सुखोई-30’ (SU-30) लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस (देखरेख) में मदद करने की तैयारी में है.
VIDEO | Delhi: Prime Minister Narendra Modi (@narendramodi) left for Malaysia on a two-day trip to the Southeast Asian country. The Prime Minister said India is looking at boosting defence and security ties and enhancing economic and innovation partnership with Malaysia.… pic.twitter.com/S8TqjIbYa5
— Press Trust of India (@PTI_News) February 7, 2026
अगस्त 2024 में बदला था दोस्ती का लेवल
यह पीएम मोदी का तीसरा मलेशिया दौरा है. खास बात यह है कि अगस्त 2024 में जब मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम हिंदुस्तान आए थे, तब दोनों देशों के रिश्तों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया गया था. उस बड़े बदलाव के बाद मोदी जी की यह पहली मलेशिया यात्रा है. इससे पहले 2015 में भी उनके दौरे के वक्त रिश्तों को ‘एन्हांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का नाम दिया गया था.
30 लाख हिंदुस्तानीयों से मिलेंगे मोदी: ‘लिविंग ब्रिज’
मलेशिया में करीब 29 लाख से 30 लाख हिंदुस्तानीय रहते हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े प्रवासी हिंदुस्तानीयों (डायस्पोरा) में से एक हैं. पीएम मोदी ने कहा कि वह वहां रहने वाले हिंदुस्तानीयों से मिलने के लिए काफी एक्साइटेड हैं. उन्होंने इस कम्युनिटी को दोनों देशों के बीच एक ‘जीता-जागता पुल’ बताया, जो मलेशिया की तरक्की में भी बड़ा रोल निभा रहे हैं.
इतिहास और आज के रिश्ते: कुछ जरूरी बातें
पुराना नाता: हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच डिप्लोमैटिक रिश्ते 1957 में शुरू हुए थे.
तोराना गेट: कुआलालंपुर के ब्रिकफील्ड्स में बना ‘तोराना गेट’ हिंदुस्तान की तरफ से मलेशिया को दोस्ती का तोहफा है. इसका उद्घाटन 2015 में पीएम मोदी और तत्कालीन पीएम नजीब रजाक ने किया था.
हालिया मुलाकातें: जुलाई 2025 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी. इसके अलावा अक्टूबर 2025 में फोन पर बात और आसियान-हिंदुस्तान समिट (ASEAN-India Summit) में भी मोदी जी वर्चुअली शामिल हुए थे.
इस टूर का ओवरऑल ‘वाइब’ कैसा है?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, हिंदुस्तान अब मलेशिया के साथ सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि इकोनॉमी, इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी के फील्ड में भी हाथ मिलाना चाहता है. मलेशिया हिंदुस्तान की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) और इंडो-पैसिफिक रीजन के लिए एक बहुत ही जरूरी पार्टनर है.
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