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PM Modi: ‘अमृत से भी अधिक मीठी है मराठी भाषा’, 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में बोले पीएम मोदी

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 98वें अखिल हिंदुस्तानीय मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन किया. सात दशकों के बाद आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम 21 से 23 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , एनसीपी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार , प्रसिद्ध मराठी लेखिका तारा भवालकर और सम्मेलन की अध्यक्ष उषा तांबे भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं. सम्मेलन का आयोजन पहली बार मई 1878 में न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानाडे ने पुणे में किया था. 1954 में हिंदुस्तान के पहले प्रधानमंत्री  जवाहरलाल नेहरू को कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था.

खास है अखिल हिंदुस्तानीय मराठी साहित्य सम्मेलन- पीएम मोदी

98वें अखिल हिंदुस्तानीय मराठी साहित्य सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि मराठी भाषा अमृत से भी बढ़कर मीठी है और वह इस भाषा को बोलने का प्रयास और इसके नए शब्दों को सीखने की कोशिश निरंतर करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस के कारण ही उन्हें मराठी भाषा और मराठी परंपरा से जुड़ने का भी सौभाग्य मिला है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 350 वर्ष पूरे हुए हैं. जब अहिल्याबाई होल्कर की जयंती का 300वां वर्ष है और कुछ ही समय पहले बाबा साहेब आंबेडकर के प्रयासों से बने देश के संविधान ने भी अपने 75 वर्ष पूरे किए हैं.

‘एक बीज बन गया है विशाल वट वृक्ष’- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा “आज हम इस बात पर भी गर्व करेंगे कि महाराष्ट्र की धरती पर मराठी भाषी एक महापुरुष ने 100 वर्ष पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बीज बोया था. आज ये एक वट वृक्ष के रूप में अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है.” उन्होंने कहा कि वेद से विवेकानंद तक हिंदुस्तान की महान परंपरा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक संस्कार यज्ञ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से चला रहा है. मेरा सौभाग्य है कि मेरे जैसे लाखों लोगों को आरएसएस ने देश के लिए जीने की प्रेरणा दी है. संघ के ही कारण मुझे मराठी भाषा और मराठी परंपरा से जुड़ने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है.

मराठी साहित्य राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत- पीएम मोदी

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि देश और दुनिया में 12 करोड़ मराठी भाषी लोगों को इसका दशकों से इंतजार था. उन्होंने कहा ‘यह काम पूरा करने का अवसर मुझे मिला. मैं इसे अपने जीवन का बड़ा सौभाग्य मानता हूं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अखिल हिंदुस्तानीय मराठी साहित्य सम्मेलन एक भाषा या राज्य तक सीमित आयोजन नहीं है, मराठी साहित्य के इस सम्मेलन में आजादी की लड़ाई की महक है. उन्होंने कहा कि इसमें महाराष्ट्र और राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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