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Pollution: दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने के फैसले को लेकर राजनीति हुई तेज

Pollution: दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली प्रशासन की ओर से कृत्रिम बारिश(क्लाउड सीडिंग) का ट्रायल कर रही है. मंगलवार को कृत्रिम बारिश का ट्रायल सफल नहीं हो सका. लेकिन दिल्ली प्रशासन ने फैसला लिया है कि अभी कृत्रिम बारिश के और ट्रायल होंगे. हालांकि कृत्रिम बारिश कराने के लिए ट्रायल कराने के फैसले को लेकर नेतृत्व तेज हो गयी है. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराना संभव नहीं है और दिल्ली प्रशासन आम लोगों को भ्रमित करने का नाटक कर रही है.

वहीं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि राजधानी में क्लाउड सीडिंग के 7 ट्रायल और होंगे. बादलों की आर्द्रता कम होने के कारण दो ट्रायल सफल लहीं हो सका, लेकिन इसके कारण नोएडा के आसपास हल्की बारिश हुई. कृत्रिम बारिश के लिए नमी का एक मानक होना जरूरी है और दिल्ली में नमी केवल 15-20 फीसदी है. दिल्ली में नमी बढ़ते ही ट्रायल दोबारा शुरू होगा. गौरतलब है कि आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉक्टर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि कृत्रिम बारिश कराने का फैसला बादलों की नमी के आधार पर तय किया जाएगा. 

दिल्ली में मंगलवार को हुई कृत्रिम बारिश के कारण नोएडा से सटे इलाकों में हल्की बारिश हुई.  विपक्ष के प्रदूषण कम करने पर बेवजह हो रहे खर्च पर उठाए जा सवाल पर सिरसा ने कहा कि पूर्व की आम आदमी प्रशासन ने ऑड-ईवन लागू करने का फैसला लिया था और इसपर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. कृत्रिम बारिश के लिए दिल्ली प्रशासन ने सिर्फ 3.21 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. 

कृत्रिम बारिश के नाम पर प्रशासन कर रही है ड्रामा

दीवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली प्रशासन ने कृत्रिम बारिश के लिए आईआईटी कानपुर काे जिम्मा सौंपा. हालांकि शुरुआती ट्रायल सफल नहीं हो पाया, लेकिन दिल्ली प्रशासन और ट्रायल करने के फैसले पर अडिग है. दिल्ली प्रशासन के कृत्रिम बारिश कराने के फैसले को लेकर नेतृत्व तेज हो गयी है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं हो सकती है. वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद दिल्ली की रेखा गुप्ता प्रशासन ड्रामा कर रही है.

प्रदूषण से निपटने के लिए ड्रामे में आम लोगों का पैसा खर्च किया जा रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि क्लाउड सीडिंग प्रक्रिया शुरू होते ही 15 मिनट में बारिश होने लगती है, लेकिन दिल्ली में ऐसा नहीं हो सका. आम आदमी पार्टी प्रशासन के दौरान केंद्र प्रशासन ने संसद में मौसम विभाग, केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर जवाब दिया था कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं हो सकती है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अमूमन जाड़ा शुरू होते ही प्राकृतिक तौर पर बारिश होती है. 

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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