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Railway: रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण में चीन, फ्रांस, रूस जैसे देश से आगे है भारत

Railway: रेल मंत्रालय ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए अपने नेटवर्क के बिजलीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रहा है. इसका मकसद ऊर्जा पर होने वाले खर्च में कमी लाने के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देना भी है. मंत्रालय के प्रयास के नतीजा है कि देश में ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.2 फीसदी बिजलीकरण हो चुका है. वैश्विक स्तर पर हिंदुस्तानीय रेल बिजली नेटवर्क के बिजलीकरण में दुनिया के कई प्रमुख देशों से आगे हो गया है. इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवे की वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में सिर्फ 39 फीसदी, फ्रांस में 60ं फीसदी, स्पेन में 67 फीसदी, रूस में 52 फीसदी, जापान में 64 फीसदी और चीन में 82 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो सका है.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में 7188 किलोमीटर और वित्त वर्ष 2024-25 में 2701 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है. विद्युतीकरण परियोजनाओं का पूरा होना वन विभाग के अधिकारियों से वन संबंधी मंजूरी, अतिक्रमण को हटाना, विभिन्न अधिकारियों से वैधानिक मंजूरी, क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियां, परियोजना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति और जलवायु परिस्थितियों के कारण किसी विशेष परियोजना स्थल के लिए एक वर्ष में कार्य करने वाले महीनों की संख्या जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है. 

गौर करने वाली बात है कि सड़क मार्ग के मुकाबले रेल से कार्बन उत्सर्जन काफी कम होता है. नीति आयोग की वर्ष 2021 में आयी रिपोर्ट के अनुसार सड़क मार्ग से एक टन की माल ढुलाई एक किलोमीटर होने पर 101 ग्राम कार्बन का उत्सर्जन होता है, जबकि रेल से यह उत्सर्जन सिर्फ 11.5 ग्राम होता है. यानी सड़क मार्ग के मुकाबले रेलवे से माल ढुलाई होने पर 89 फीसदी कम कार्बन उत्सर्जन होता है. 

अधिकांश राज्यों में रेल नेटवर्क का पूर्ण हो चुका है विद्युतीकरण

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे अधिकांश राज्यों में 100 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है. जबकि असम में 92 फीसदी, कर्नाटक में 96 फीसदी, तमिलनाडु में 97 फीसदी, गोवा में 91 फीसदी और राजस्थान में 99 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है. सभी नयी रेल लाइन और मल्टी ट्रैकिंग परियोजना का निर्माण विद्युतीकरण के साथ किया जा रहा है. रेलवे लगभग पूर्ण विद्युतीकरण के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग के जरिये सतत संचालन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें रणनीतिक बिजली खरीद योजना के आधार पर सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय स्रोतों का संयोजन शामिल है. 

इन सभी पहल से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिल रही है. इसके अलावा यात्री सुविधा को बेहतर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. इस कड़ी में रेलवे के 6117 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवाएं मुहैया कराया गया है. रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों से किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाती है. स्टेशनों और डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है और अब तक रेल यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए 1731 स्टेशनों और 11953 डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके है. 

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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