रांची. राज्य प्रशासन लॉक जमीन को खोलने की प्रक्रिया शुरू करेगी. डिजिटलाइजेशन में भी तेजी लायी जायेगी. रैयतों के दस्तावेज का मिलान कर रसीद काटने की व्यवस्था की जायेगी. यह जानकारी विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ ने दी. इससे पहले भाजपा विधायक राज सिन्हा ने प्रशासन से पूछा था कि रैयत पूर्व से लगान भर रहे हैं. उनकी जमीन के सारे दस्तावेज सही हैं, लेकिन आबाद जमीन को भी लॉक कर दिया गया है. सीओ केवल लोगों को दौड़ा रहे हैं.
मामले को लेकर प्रशासन गंभीर
सदन में विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बात सही है. प्रशासन भी गंभीर है. लेकिन जो प्रश्न हैं, उसमें जितने जिले बतायेंगे, सभी जगह जमीन लॉक की गयी है. 2019 में भाजपा की प्रशासन में ही 11 जून को कैबिनेट का निर्णय आया था. जिसके तहत दोहरी जमाबंदी या गैर मजरूआ जमीन का लगान रसीद लॉक किया गया था. इसके साथ ही कहा गया था कि जिस जमीन का खतियान नहीं मिल रहा है या खतियान जर्जर है, डिजिटलाइजेशन नहीं हो रहा है, उसका सीओ भौतिक सत्यापन कर रसीद काटेंगे.
बंद लगान चालू करेगी प्रशासन
मंत्री ने बताया कि बोकारो में 2.36 लाख और चतरा में 3.73 लाख जमीन के खाते का लगान रसीद कटा है. सदन में मंत्री ने कहा कि जिनका लगान बंद कर दिया गया है, उसे प्रशासन प्रक्रिया के तहत चालू करेगी. डिजिटलाइजेशन का काम भी होगा. विपक्षी भाजपा विधायक श्री सिन्हा का कहना था कि 25 वर्ष बीत गये. जमीन का डिजिटलाइजेशन नहीं हुआ. यह जिम्मेवारी किसकी है. राज्य में 58 प्रतिशत म्यूटेशन के मामले लंबित हैं. 2.21 लाख जमीन के खाते को लॉक कर दिया गया है. पासवर्ड सीओ के पास होता है और लोग परेशान हैं.
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