Swachh Survekshan 2025: पटना नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारी तेज कर दी है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम की ओर से करीब 20 बिंदुओं पर काम शुरू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य शहर को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाना है. मालूम हो कि, स्वच्छता सर्वेक्षण की टूलकिट में कचरा सेग्रिगेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता सुविधाओं तक लोगों की पहुंच, जल प्रबंधन, स्वच्छता अभियान, सफाई कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं, नागरिकों की प्रतिक्रिया और शिकायत निवारण जैसे बिंदु शामिल हैं.
इस बार सर्वेक्षण के दौरान सिर्फ सड़कों की सफाई नहीं, बल्कि स्कूल परिसर, पर्यटन स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता भी देखी जाएगी. यदि इन स्थानों पर गंदगी पाई गई तो नगर निगम को कम अंक मिल सकते हैं.
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छह स्लम एरिया को किया गया चिह्नित
निगम की ओर से खाली प्लॉटों में बिखरे मलबे और वर्षों से खड़े पुराने वाहनों को हटाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. साथ ही, सीएंड वेस्ट को भी सड़क या खुले जगह में फेंकने पर जुर्माना लगाया जा रहा है. साथ ही, शहर के कुछ प्रमुख स्लम क्षेत्रों को चिन्हित किया है. इनमें छज्जुबाग, चिनाकोठी, वार्ड संख्या 23 में संप हाउस के पास का इलाका, वार्ड 25 का पीएंडटी कॉलोनी और वार्ड 20 का पुनाईचक सब्जी मंडी क्षेत्र शामिल है. मार्च महीने में केंद्र प्रशासन की टीम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पटना आएगी.
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पटना के पांच ट्रांस्पोर्ट हब का भी होगा असेस्मेंट
सर्वेक्षण में बेहतर मार्क्स के लिए बैक लेन सफाई और सौंदर्यीकरण पर भी काम होगा. स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में नगर निगम की ओर से कुल 66 बैक लेन को दिखाया गया था. इनमें नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र अंचल में 16-16, कंकड़बाग में 11, बांकीपुर में 10, अजीमाबाद में 12 और पटना सिटी में एक बैक लेन शामिल थी.
इन बैक लेनों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पेंटिंग और नियमित सफाई कराई जाएगी. वहीं, शहर के पांच प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब का भी निरीक्षण कर मार्किंग की जाएगी. इसके लिए पटना जंक्शन, जेपी नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मल्टी मॉडल हब, पाटलिपुत्र जंक्शन और बैरिया बस स्टैंड को चयनित किया गया है.
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24 स्टॉर्म वॉटर ड्रेन व आठ नाला को किया जा रहा साफ
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत फील्ड असेस्मेंट टीम को कम से कम 24 नाला और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन (एसडब्ल्यूडी) दिखाना होगा. वर्षा जल निकासी के लिए बने इन ड्रेनों की संख्या कंकड़बाग अंचल में अधिक है. निगम ने नाला उड़ाही का काम शुरू कर दिया है. फिलहाल 26 स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और आठ नालों को चिन्हित कर सफाई कराई जा रही है.
बता दें कि, 31 जनवरी तक नाला उड़ाही का काम पूरा करने की कार्ययोजना बनाई है. नाला उड़ाही की निगरानी के लिए निगम स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है. शहर के प्रमुख नालों में सैदपुर नाला, आनंदपुरी नाला, कुर्जी (राजीव नगर) नाला, मंदिरी नाला, सरपेंटाइन नाला, बाकरगंज नाला, बाइपास नाला, योगीपुर नाला और सिटी मोट नाला शामिल हैं.
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अंचलवार तैयारी की गयी सूची
अंचल : एसडब्ल्यूडी – नाला – ट्रांस्पोर्ट हब – स्लम – बैक लेन
नूतन राजधानी : 0 – 3 – 3 – 0 – 16
पाटलिपुत्र : 0 – 3 – 1 – 5 – 16
कंकड़बाग : 10 – 1 – 0 – 1 – 11
बांकीपुर : 8 – 1 – 0 – 0 – 10
अजीमाबाद : 0 – 0 – 1 – 0 – 12
पटनासिटी : 8 – 0 – 0 – 0 – 1
कोट: स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए नालों की उड़ाही, मैनहोल की मरम्मत और बैक लेन का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है. सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और थूकने पर सख्ती से जुर्माना लगाया जा रहा है. स्ट्रीट वेंडरों को प्लास्टिक का उपयोग बंद कराया गया है. वार्ड स्तर पर भी निगरानी की जा रही है. कार्यपालक पदाधिकारी को भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
– यशपाल मीणा, नगर आयुक्त
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प्रभात नॉलेज: स्वच्छता सर्वे के फील्ड असेस्मेंट में बेहतर अंक पाने के लिए निगम को जमीनी स्तर पर साफ-सफाई दिखानी होती है. नालों व स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की नियमित उड़ाही, कचरा सेग्रिगेशन, बैक लेन की सफाई, स्लम एरिया में स्वच्छता, ट्रांसपोर्ट हब और सार्वजनिक स्थलों पर साफ शौचालय, शिकायतों का त्वरित निवारण और नागरिकों की सकारात्मक फीडबैक से मार्किंग बेहतर होती है.
प्रभात इनडेप्थ: स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan 2025) में बेहतर रैंकिंग से शहर की राष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है. केंद्र प्रशासन से अतिरिक्त अनुदान, नई स्वच्छता परियोजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अवसर बढ़ते हैं. निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है. साथ ही, नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है और जीवन स्तर में सुधार होता है. 2024-25 में पटना को थ्री स्टार रेटिंग और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देश में 21वां स्थान मिला था.
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