US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच बड़ा खुलासा किया है. ट्रंप ने बताया कि ईरान पर हमले की सबसे पहली सलाह उन्हें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दी थी. ट्रंप के अनुसार, मिडिल ईस्ट के मुद्दों पर करीबी सहयोगियों के साथ बातचीत के दौरान यह सुझाव सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह खुलासा टेनेसी में आयोजित मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स गोलमेज बैठक में किया. उन्होंने कहा कि फैसले से पहले उन्होंने हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, वायु सेना के जनरल डैन केन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर ईरान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी.
ट्रंप ने क्या बताया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर कार्रवाई से पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की. उन्होंने बताया- मैंने पीट हेगसेथ को फोन किया, जनरल डैन केन को फोन किया, और अपने कई सहयोगियों से बात की. ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के सामने एक महत्वपूर्ण मुद्दा है ईरान, जो पिछले 47 वर्षों से आतंकवाद का प्रसार कर रहा है और परमाणु हथियार के बेहद करीब है. उन्होंने कहा- या तो हम यूं ही आगे बढ़ते रह सकते हैं, या पश्चिम एशिया की ओर कदम बढ़ाकर इस बड़ी चुनौती का समाधान कर सकते हैं.
ट्रंप ने की हेगसेथ की तारीफ
मिडिल ईस्ट पर हमले के कारण देश में निंदा झेल रहे ट्रंप ने हेगसेथ की तुरंत प्रतिक्रिया की सराहना की है. ट्रंप ने कहा- पीट, मुझे लगता है कि आपने सबसे पहले कहा कि हमें कदम उठाना चाहिए, क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता.
ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को पांच दिन टाला
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईओरान को दी गई समय सीमा बढ़ा दी है. ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया गया है.
ट्रंप का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच हुई है सार्थक बातचीत
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के पूर्ण समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है. ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि अमेरिकी दूत एक ईरान के एक नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान समझौता करना चाहता है. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालना और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना चाहेगा. हालांकि ट्रंप ने बातचीत का कोई भी डिटेल जारी नहीं किया है.
ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
इधर ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए इन्हें फर्जी समाचार बताया है. ईरान की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. फर्जी समाचारें फैला कर वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हैं.
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