सिकंदरा पंचायत के पूर्व मुखिया एवं लोहंडा गांव निवासी जेपी सेनानी रामसागर सिंह का बीते रविवार की देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया. रामसागर सिंह युवा अवस्था मे ही नेतृत्व में सक्रिय हो गए और सामाजिक व नेतृत्वक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लेने लगे. 1965 के पंचायत चुनाव में 30 वर्ष की युवावस्था में ही वो सिकंदरा पंचायत के मुखिया निर्वाचित हो गए. इस दौरान उन्होंने 1965 से 1978 तक सिकंदरा पंचायत का प्रतिनिधित्व किया. मुखिया रहते हुए रामसागर सिंह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के 1974 के छात्र आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गये. आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने जेल यात्रा भी की थी. वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे. रामसागर सिंह श्री कृष्ण महाविद्यालय लोहंडा के संरक्षक भी थे. निधनोपरांत सोमवार की श्री कृष्ण महाविद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार समेत सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों ने दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा के शांति की प्रार्थना की. उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक आवास पहुंचकर अंतिम दर्शन किए. वे अपने पीछे पुत्र-पुत्री, नाती-पोते सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. सोमवार को सिमरिया गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके निधन पर भाकपा राज्य परिषद सदस्य अधिवक्ता नवलकिशोर सिंह, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नवलकिशोर सिंह, वरिष्ठ जदयू नेता चंद्रदेव सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता सह व्यापार मंडल अध्यक्ष हरदेव सिंह, जदयू नेता अनुज सिंह, ब्रजेश कुमार, सिकंदरा नगर पंचायत वार्ड संख्या 01 के पार्षद प्रतिनिधि ओम प्रकाश, रामपदारथ शर्मा समेत अनेक नेतृत्वक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
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