सरायरंजन कॉलेज में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129 वां जयंती समारोह
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कारण ही देश को इतनी जल्दी आजादी मिली। यह बातें केएसआर कॉलेज सरायरंजन में आयोजित महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 129 वें जयंती समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ.विपिन कुमार झा ने कहीं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जयंती समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. झा ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार इतिहास विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा आयोजित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती समारोह के मुख्य अतिथि हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ अवधेश कुमार झा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के महान जीवन और उनके द्वारा किए गए आजादी के इतिहास को अब तक उजागर नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। प्रो. झा ने स्पष्ट किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पत्नी एमिली सेंकिल को हिंदुस्तान में आने का वीजा नहीं दिया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय था। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की पुत्री डॉ.अनीता सेंकिल अभी भी जर्मनी में प्रोफेसर हैं, उनको हिंदुस्तान में लाकर हिंदुस्तान की नागरिकता देकर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आत्मा से न्याय किया जा सकता था। लेकिन किसी भी हिंदुस्तान प्रशासन के द्वारा ऐसा न्याय नहीं किया जाना, नेताजी के त्याग और बलिदान के प्रति अन्याय बताया। प्रो. अवधेश कुमार झा ने बताया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस एक ऐसे और वन मैन आर्मी थे जिनके भय से अंग्रेज़ प्रशासन ने इतनी जल्दी आजादी दी। 1952 में जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टल चर्चिल हिंदुस्तान आए, तो उन्होंने पत्रकारों के बीच खुलासा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान को इतनी जल्दी आजादी दिलाने का श्रेय केवल नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जाता है। एलएनएमयू के सीनेटर डॉ. विजय कुमार झा ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रो शेखर कुमार चौधरी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के ऐतिहासिक अवदान के संबंध में जानकारी दी। राष्ट्रीय सेवा योजना के इकाई के नोडल पदाधिकारी प्रो.रमेश कुमार के संचालन में डॉ .शर्देन्दु कुमार झा, प्रो पवन कुमार चौधरी, प्रो. इंद्र मोहन चौधरी, प्रो.प्रभात कुमार चौधरी,मुकुंद कुमार आदि ने समारोह को सम्बोधित किया। मौके पर प्रो. किरण कुमारी, प्रो.ममता कुमारी, प्रो.आभा कुमारी, प्रो.शबनम कुमारी, हिमांशु सोनी, अंजना कुमारी, मुस्कान कुमारी ,रश्मि कुमारी, अनुष्का कुमारी, नजमा खातून, पूजा कुमारी, सुमित कुमारी, जेकेया तरन्नुम, सहित विभिन्न विभागों की सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थीं।

