Pak Afghan War: पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ उसकी खुली जंग जारी है और उसकी सेनाओं के हवाई हमलों में 270 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है. हमले में 400 से अधिक तालिबानी लड़ाके घायल हुए हैं. पाकिस्तान ने ये हमले अफगान तालिबान के सीमा पार हमले के जवाब में किये हैं. इस बीच अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और पाकिस्तान के अंदर उन ठिकानों को निशाना बनाया जिन्हें उन्होंने ‘महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्य’ बताया. पाकिस्तानी सेना की ओर से तालिबान के खिलाफ जारी ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत अफगानिस्तान में कई स्थानों पर हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद उनकी यह टिप्पणी आई. बता दें दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है. इसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता.
जवाब दे चुका है हमारा धैर्य- ख्वाजा आसिफ
इधर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग जारी रख रहे हैं. शुक्रवार को आसिफ ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा ‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग जारी है…अब होगा ‘दमा दम मस्त कलंदर’. पाकिस्तान की सेना समुद्र पार से नहीं आई है. हम आपके पड़ोसी हैं; हम आपके हर कोने से वाकिफ हैं.’’ ‘दमा दम मस्त कलंदर’ सिंधी सूफी संत लाल शहबाज कलंदर से जुड़ा एक आध्यात्मिक गीत है.
दोनों ओर की सेनाओं को नुकसान
पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने ‘274 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया जबकि 400 अन्य घायल हो गये.’ उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में बारह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए जबकि 27 अन्य घायल हो गए और एक लापता हो गया. चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के केंद्रीय कमान और नियंत्रण केंद्र ‘जनरल हेडक्वार्टर’ का दौरा किया, जहां उन्हें मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने सीमा के निकट स्थित 73 अफगान चौकियों को नष्ट कर दिया, जबकि 18 अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है. जो ‘हमारे कब्जे’ में हैं. उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार कम से कम 115 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोप नष्ट हो गईं.
हथियार डिपो और बटालियन मुख्यालय को तबाह करने का दावा
प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि काबुल, कंधार, पक्तिया, खोस्त और लघमान में 22 स्थानों पर लड़ाकू विमानों की ओर से किए गए हमलों में अफगान तालिबान कोर मुख्यालय, ब्रिगेड मुख्यालय, बटालियन मुख्यालय और हथियार डिपो भी नष्ट हो गए. तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि हाल के हमलों का मकसद यह स्पष्ट संदेश देना था “हम कड़ी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम हैं” और साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान द्वारा किसी भी ‘दुर्भावनापूर्ण कृत्य’ का जवाब ‘इस्लामाबाद में’ दिया जायेगा. मुजाहिद ने बताया कि पिछली रात की जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी सेना की 19 चौकियों और दो मुख्यालयों पर कब्जा कर लिया गया.
55 पाकिस्तानी सैनिक के मारे जाने का दावा
टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ‘डूरंड रेखा’ के पास अफगान बलों की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 55 सैनिक मारे गए. उन्होंने कहा ‘‘अफगान सेना ने हथियार, गोला-बारूद, एक टैंक और एक सैन्य परिवहन वाहन बरामद किया है. इस कार्रवाई में इस्लामी अमीरात के 13 सैनिक मारे गए और 22 अन्य घायल हो गए.’’
मुजाहिद ने दोहराया कि अफगानिस्तान पाकिस्तान और हिंदुस्तान समेत पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है.
चीन-रूस ने की शांति की अपील
इधर चीन और रूस ने भी तनाव बढ़ने पर चिंता जाहिर की है. साथ ही दोनों पक्षों से राजनयिक माध्यमों से अपने मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया है. चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संघर्षविराम के लिए बातचीत करने की अपील की. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष पर बारीकी से नजर रख रहा है. प्रशासनी प्रसारक पीटीवी न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी वायु सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में अफगान तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने अफगान तालिबान की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है. (इनपुट भाषा)
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