Kshar Sutra Care Tips: फिस्टुला (भगंदर) एक ऐसी समस्या है जिसमें गुदा के आसपास एक असामान्य रास्ता बन जाता है. आयुर्वेद में इसका प्रभावी इलाज क्षारसूत्र थेरेपी से किया जाता है. इस उपचार में औषधीय धागे की मदद से फिस्टुला को धीरे-धीरे ठीक किया जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. विकास के अनुसार, क्षारसूत्र करवाने के बाद मरीज को कुछ जरूरी सावधानियां जरूर रखनी चाहिए ताकि घाव जल्दी भरे और संक्रमण से बचाव हो सके.
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान
क्षारसूत्र के बाद गुदा के आसपास की जगह को साफ रखना बहुत जरूरी होता है. डॉक्टर अक्सर गुनगुने पानी से सिट्ज बाथ लेने की सलाह देते हैं. इससे दर्द कम होता है और घाव जल्दी ठीक होता है.
कब्ज बिल्कुल न होने दें
डॉ. विकास बताते हैं कि कब्ज होने से घाव पर दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ सकता है. इसलिए, फाइबर युक्त भोजन खाएं, ज्यादा पानी पिएं, हरी सब्जियां और फल डाइट में शामिल करें.
भारी काम और ज्यादा देर बैठने से बचें
क्षारसूत्र के बाद कुछ समय तक भारी वजन उठाने या ज्यादा देर तक बैठने से बचना चाहिए. इससे घाव पर दबाव पड़ सकता है.
समय-समय पर ड्रेसिंग और धागा बदलवाएं
क्षारसूत्र थेरेपी में डॉक्टर समय-समय पर औषधीय धागा बदलते हैं. इसलिए नियमित फॉलो-अप पर जाना बहुत जरूरी है.
मसालेदार और तला-भुना कम खाएं
बहुत ज्यादा मसालेदार या तला-भुना खाना पेट में जलन और कब्ज बढ़ा सकता है. इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन लेना बेहतर होता है.
डॉक्टर की दवाएं नियमित लें
आयुर्वेदिक दवाएं और लेप संक्रमण को कम करने और घाव भरने में मदद करते हैं. इसलिए दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें.
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