Hot News

March 9, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मिडिल ईस्ट जंग का असर: LPG सप्लाई ठप, बेंगलुरु के होटल कारोबार पर ताला

LPG Supply Crisis: बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन ने कहा, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए गैस सिलेंडर की सप्लाई सोमवार से रोक दी गई है. अचानक सप्लाई बंद होना होटल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है. गैस सप्लाई बंद होने की वजह से मंगलवार से होटल बंद रहेंगे. Bangalore Hotels Association releases a notice saying, “The supply of gas cylinders for commercial use has been stopped from today. Since the hotel industry is classified as an Essential Service, the common people, senior citizens, students, medical and other people who depend on… pic.twitter.com/K49p5LnWVN — ANI (@ANI) March 9, 2026 होटल बंद होने से आम लोग होंगे प्रभावित एसोसिएशन ने कहा- होटल इंडस्ट्री को एसेंशियल सर्विस की कैटेगरी में रखा गया है, इसलिए आम लोगों, सीनियर सिटिजन, स्टूडेंट्स, मेडिकल और इस पर निर्भर दूसरे लोगों को रोजाना के खाने में दिक्कत होगी. ऑयल कंपनियों ने कहा था 70 दिनों तक गैस सप्लाई में नहीं होगी दिक्कत एसोसिएशन ने अपने नोटिस में कहा- हमारी होटल इंडस्ट्री को तब तक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा जब तक गैस सप्लाई नॉर्मल नहीं हो जाती. ऑयल कंपनियों ने कहा था कि 70 दिनों तक गैस सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी. लेकिन सप्लाई अचानक रोक दी गई. प्रशासन से एक्शन लेने की मांग एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर केंद्र प्रशासन से एक्शन लेने की गुहार लगाई है. एसोसिएशन ने कहा- हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित केंद्रीय मंत्री इस बारे में तुरंत एक्शन लेंगे और कमर्शियल गैस सप्लाई फिर से शुरू करेंगे और होटल इंडस्ट्री को मदद देंगे. ये भी पढ़ें: LPG सिलेंडर बुकिंग का बदला नियम, अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगी दूसरी रिफिल The post मिडिल ईस्ट जंग का असर: LPG सप्लाई ठप, बेंगलुरु के होटल कारोबार पर ताला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राष्ट्रपति के ‘प्रोटोकॉल उल्लंघन’ पर बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र को भेजी सीक्रेट रिपोर्ट, दी सफाई

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान हुए कथित ‘प्रोटोकॉल उल्लंघन’ (Protocol Violation) मामले में राज्य प्रशासन ने सीक्रेट रिपोर्ट केंद्र प्रशासन को भेजी है. सोमवार को राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है. इस रिपोर्ट में उन परिस्थितियों और प्रशासनिक निर्णयों का ब्योरा दिया गया है, जिसकी वजह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शीर्ष अधिकारी वहां मौजूद नहीं थे. क्या है पूरा मामला? केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मार्च को पश्चिम बंगाल प्रशासन से इस संबंध में जवाब मांगा था. आरोप है कि राष्ट्रपति के बंगाल आगमन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुपस्थित थे. इसे ‘ब्लू बुक’ (Blue Book) के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है, जिसमें राष्ट्रपति की सुरक्षा और सम्मान के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय होते हैं. रिपोर्ट में राज्य प्रशासन की दलीलें मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को जो सीक्रेट रिपोर्ट भेजी है, उसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है. सीएम की अनुपस्थिति : रिपोर्ट में उन कारणों का उल्लेख किया गया है, जिनकी वजह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन सकीं. कार्यक्रम स्थल का बदलाव : राष्ट्रपति के दौरे के दौरान ‘अंतरराष्ट्रीय आदिवासी और संथाल सम्मेलन’ का स्थान अचानक क्यों बदला गया, इसके पीछे के प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों के दस्तावेज भी केंद्र को सौंपे गये हैं. प्रशासनिक रिकॉर्ड : राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर चरण पर लिये गये फैसलों को रिकॉर्ड में रखा गया है और सहायक दस्तावेज भी रिपोर्ट के साथ संलग्न हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘ब्लू बुक’ और संवैधानिक गरिमा नियमों के अनुसार, जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाती हैं, तो मुख्यमंत्री और राज्य के शीर्ष अधिकारियों का वहां मौजूद होना प्रोटोकॉल का हिस्सा है. सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय ने इसे ‘गंभीर चूक’ के तौर पर लिया है. हालांकि, राज्य प्रशासन का दावा है कि उनके निर्णय प्रशासनिक बाध्यताओं पर आधारित थे. इतिहास के पन्ने से : प्रोटोकॉल पर कोलकाता-दिल्ली की भिड़ंत बंगाल की नेतृत्व में यह पहली बार नहीं है, जब प्रोटोकॉल के मुद्दे पर केंद्र और पश्चिम बंगाल प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हुआ है. इससे पहले भी कई बार प्रोटोकॉल को लेकर विवाद हो चुका है, जो इस प्रकार हैं – कलाईकुंडा विवाद (मई 2021) : चक्रवात ‘यास’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देरी से पहुंची थीं और रिपोर्ट सौंपकर चली गयीं थीं. इसे केंद्र ने बड़ा प्रोटोकॉल उल्लंघन माना था. मुख्य सचिव विवाद : कलाईकुंडा विवाद के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को दिल्ली तलब किया गया था, जिस पर राज्य और केंद्र के बीच हफ्तों तक संवैधानिक गतिरोध चला था. राजभवन बनाम नबान्न : पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के कार्यकाल के दौरान भी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य प्रशासनी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल को लेकर दर्जनों बार पत्राचार हुआ था. ब्लू बुक क्या है? यह एक अति-गोपनीय दस्तावेज है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के सख्त नियम होते हैं. किन लोगों की उपस्थिति होती है अनिवार्य? नियम है कि जब राष्ट्रपति किसी राज्य में कदम रखते हैं, तो मुख्यमंत्री (CM), मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) का स्वागत के लिए वहां मौजूद होना अनिवार्य है. सीटिंग अरेंजमेंट कैसे तय होता है? आधिकारिक कार्यक्रमों में मंच पर बैठने का क्रम और सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी पूरी तरह इसी बुक के आधार पर तय होती है. राष्ट्रपति से जुड़े विवाद के केंद्र में क्या है? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिलीगुड़ी दौरे पर सीएम ममता बनर्जी और शीर्ष अधिकारियों की अनुपस्थिति को केंद्र ने इसी ‘ब्लू बुक’ का उल्लंघन माना है. इसे भी पढ़ें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रोटोकॉल विवाद पर ममता बनर्जी ने तेज किया हमला, पीएम मोदी पर साधा निशाना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने वाली ममता बनर्जी इस्तीफा दें, आदिवासी सांसद की मांग जंगलमहल से उत्तर बंगाल तक नेतृत्व के केंद्र में आदिवासी, पद्म श्री कोमली सोरेन से मिले शुभेंदु अधिकारी केंद्र ने राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, राष्ट्रपति के कार्यक्रम में लापरवाही कैसे The post राष्ट्रपति के ‘प्रोटोकॉल उल्लंघन’ पर बंगाल की ममता बनर्जी प्रशासन ने केंद्र को भेजी सीक्रेट रिपोर्ट, दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ICC टी20 वर्ल्ड कप टीम में बुमराह सहित 4 भारतीय खिलाड़ी, मारक्रम को बनाया कप्तान

ICC T20 World Cup 2026 Team: टी20 विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, ईशान किशन और हार्दिक पांड्या को आईसीसी की 2026 टी20 विश्व कप टीम में शामिल किया गया है. आईसीसी ने अपनी टीम में एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को किया शामिल आईसीसी ने अपनी टी20 वर्ल्ड कप टीम में एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को भी शामिल किया है. आईसीसी ने साहिबजादा फरहान को ओपनर के रूप में टीम में शमिल किया है. साहिबजादा फरहान टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. उन्होंने कुल 383 रन बनाए. उनका औसत 76.60 रहा और इसमें श्रीलंका और नामीबिया के खिलाफ दो शतक शामिल हैं. फरहान के साथ सैमसन को बनाया ओपनर आईसीसी ने अपनी टीम में साहिबजादा फरहान के साथ हिंदुस्तान के संजू सैमसन को ओपनर बनाया है. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में पांच पारियों में 321 रन बनाया और सबसे अधिक रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर रहे. उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया. आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की टीम: साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान) संजू सैमसन – विकेटकीपर (हिंदुस्तान) ईशान किशन (हिंदुस्तान) एडन मारक्रम – कप्तान (दक्षिण अफ्रीका) हार्दिक पांड्या (हिंदुस्तान) विल जैक्स (इंग्लैंड) जेसन होल्डर (वेस्टइंडीज) जसप्रीत बुमराह (हिंदुस्तान) लुंगी एनगिडी (दक्षिण अफ्रीका) आदिल राशिद (इंग्लैंड) ब्लेसिंग मुजरबानी (जिंबाब्वे) 12वां खिलाड़ी: शैडली वैन शाल्कविक (USA). ये भी पढ़ें: देखकर अच्छा लगा, धोनी के मुस्कान वाले पोस्ट पर गंभीर का रिएक्शन उनका बस चले तो खुद… जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर पर क्या कहा? The post ICC टी20 वर्ल्ड कप टीम में बुमराह सहित 4 हिंदुस्तानीय खिलाड़ी, मारक्रम को बनाया कप्तान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विजय सिन्हा का 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड, डिप्टी सीएम ने 34 बड़ी उपलब्धियां गिनाईं

Vijay Sinha: बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के तौर पर अपने 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. सोमवार को पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने विभाग की 34 प्रमुख उपलब्धियों को गिनाया. सिन्हा ने कहा कि इन 100 दिनों में राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर खास जोर दिया गया. अब जमीन से जुड़ी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं. बिहार भूमि पोर्टल से ऑनलाइन हुई जमीन की सेवाएं डिप्टी CM ने बताया कि विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि बिहारभूमि पोर्टल को मजबूत बनाना है. अब जमीन से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं. इससे आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं. साथ ही दलाल और मुंशी प्रथा पर भी सख्ती की गई है. उन्होंने कहा कि भू-माफिया के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है. शिकायतों के लिए शुरू हुआ ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जमीन से जुड़े मामलों की शिकायत और समाधान के लिए 12 दिसंबर से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है. इस पहल के जरिए लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जा रहा है और उनका त्वरित समाधान करने की कोशिश की जा रही है. जमीन की मापी के लिए तय की गई समय सीमा राजस्व विभाग ने जमीन की मापी के लिए भी समय सीमा तय की है. अब अविवादित जमीन की मापी 7 दिनों के भीतर और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था लागू की गई है. इससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 14 दिनों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर लंबित मामलों को सलटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. अब जिन मामलों में कोई आपत्ति नहीं होती, उनमें 14 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है. भूमि विवाद में पुलिस का दखल खत्म डिप्टी CM ने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका समाप्त कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामले राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं. इसलिए जमीन पर कब्जा दिलाना या निर्माण कराना पुलिस का काम नहीं है. ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ की शुरुआत जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए विभाग ने ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया है. इसके तहत पात्र लोगों को उनकी जमीन का अधिकार दिलाने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को दी गई है. पारिवारिक बंटवारा और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन सुविधा विभाग ने पारिवारिक बंटवारा पोर्टल भी शुरू किया है. अब लोग पारिवारिक बंटवारा और दाखिल-खारिज के लिए एक साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इससे प्रक्रिया पहले से आसान और तेज हो गई है. 46 लाख आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य राजस्व महा-अभियान के तहत विभाग को करीब 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 31 मार्च तक सभी आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है. इनमें लगभग 40 लाख आवेदन परिमार्जन से जुड़े हैं. परिमार्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी हिस्सेदारों के नाम स्वतः अलग-अलग दाखिल-खारिज हो जाएंगे. अन्य उपलब्धियों की लिस्ट राजस्व अभिलेखों की ऑनलाइन नकल चिरकुट फाइल से नकल निकालने की व्यवस्था समाप्त डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति को वैधानिक मान्यता फर्जी कागजात लगाने वालों पर प्राथमिकी अनिवार्य एक जैसे मामलों में एक जैसा न्याय सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी उद्योगों के लिए सभी जिलों में लैंड बैंक कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल डिप्टी CM ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जमीन से जुड़े कामों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है. Also Read: राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी ने RJD विधायकों को पटना बुलाया, एक सीट जीतने का बनेगा फॉर्मूला The post विजय सिन्हा का 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड, डिप्टी सीएम ने 34 बड़ी उपलब्धियां गिनाईं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा चुनाव: छत्तीसगढ़ से बीजेपी के लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस के फूलो देवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित

Rajya Sabha Elections: नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख आज दोपहर खत्म हो गई. उसके बाद बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा कर दी गई. निर्वाचन अधिकारी मनीष शर्मा ने वर्मा और नेताम को चुनाव के प्रमाण पत्र सौंपे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को बधाई दी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बधाई दी और भरोसा जताया कि वह संसद के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगी. कौन हैं लक्ष्मी वर्मा? लक्ष्मी वर्मा (59) राज्य के प्रभावशाली कुर्मी समाज से हैं. उन्होंने भाजपा की तरफ से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राज्य स्त्री अयोग से इस्तीफा दे दिया था. बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की निवासी वर्मा वर्तमान में रायपुर में निवास करती हैं. वर्मा ने 1990 में भाजपा की प्राथमिक सदस्य के रूप में अपने नेतृत्वक सफर की शुरुआत की थी. वह 1994 में रायपुर नगर निगम में वार्ड पार्षद चुनी गईं. बाद में उन्होंने 2010 से 2015 तक रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष के तौर पर काम किया. वर्मा को ग्रामीण नेतृत्व की गहरी समझ है. वह भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता रह चुकी हैं. वर्मा स्त्री मोर्चा से लेकर पार्टी के पदाधिकारी पद तक लगातार सक्रिय रही हैं. उन्होंने जिला, मंडल और बूथ स्तर पर काम किया है. जानें कौन हैं आदिवासी नेता नेताम ? बस्तर इलाके के कोंडागांव जिले की आदिवासी नेता नेताम (54) लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुनी गई हैं. वह 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा के लिए पहली बार विधायक चुनी गई थीं. 2000 में छत्तीसगढ़ बनने के बाद, वह राज्य की पहली विधानसभा की सदस्य बनीं. 2016 से, नेताम छत्तीसगढ़ प्रदेश स्त्री कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हैं. नेताम कांग्रेस और सार्वजनिक जीवन में कई अहम पदों पर रह चुकी हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नेताम को बधाई दी है. कवि तेजपाल सिंह तुलसी और नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है राज्य के पांच राज्यसभा सदस्यों में से दो-कवि तेजपाल सिंह तुलसी और नेताम का छह साल का कार्यकाल नौ अप्रैल को खत्म होने वाला था. जिससे दो खाली सीटों को भरने के लिए चुनाव कराने की जरूरत थी. राज्य के दूसरे राज्यसभा सदस्य कांग्रेस के रंजीत रंजन और राजीव शुक्ला, और भाजपा के देवेंद्र प्रताप सिंह हैं. The post राज्यसभा चुनाव: छत्तीसगढ़ से बीजेपी के लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस के फूलो देवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UAE पर ईरान का ताबड़तोड़ हमला, 15 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, एक भारतीय घायल

Iran Attack On UAE: यूनाइटेड अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि UAE एयर डिफेंस ने ईरान के 15 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 12 को मार गिराया. जबकि 3 मिसाइलें समुद्र में गिर गईं. ईरान ने यूएई पर अब तक 253 बैलिस्टिक मिसाइलों से किया हमला ईरान ने यूएई पर अब तक 253 वैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. यूएई के रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि ईरान ने अब तक 253 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 233 नष्ट हो गईं, 18 समुद्र में गिर गईं, और 2 देश के अंदर गिरीं. कुल 1,440 ईरानी UAV (ड्रोन) का भी पता चला है, जिनमें से 1,359 को रोक लिया गया, जबकि 81 देश के इलाके में गिरीं. 8 क्रूज मिसाइलों का भी पता चला और उन्हें नष्ट कर दिया गया. Ministry of Defence of the United Arab Emirates tweets – “UAE air defences on Monday detected 15 ballistic missiles, of which 12 were destroyed, while 3 missiles fell into the sea. A total of 18 UAVs were also detected, with 17 intercepted, while 1 fell within the country’s… pic.twitter.com/mlp6O7l3SG — ANI (@ANI) March 9, 2026 ईरानी हमले में 4 विदेशी नागरिकों की मौत, एक हिंदुस्तानीय घायल यूएई के रक्षा मंत्री ने बताया, ईरानी हमले में पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों में से 4 की मौत हो गई है. जबकि 117 लोगों को मामूली चोटें आईं. घायलों में UAE, मिस्र, सूडान, इथियोपिया, फिलीपींस, पाकिस्तान, ईरान, हिंदुस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अजरबैजान, यमन, युगांडा, इरिट्रिया, लेबनान, अफगानिस्तान, बहरीन, कोमोरोस, तुर्की, इराक, नेपाल, नाइजीरिया, ओमान, जॉर्डन और फिलिस्तीन के नागरिक शामिल हैं. ये भी पढ़ें: अमेरिकी एक्सपर्ट ने खोली ट्रंप की पोल! ईरान में 150+ लड़कियों की मौत US मिसाइल से ही हुई क्या है क्लस्टर बम? ईरान के इस हथियार से कांप उठा है इजरायल, आयरन डोम भी कन्फ्यूज The post UAE पर ईरान का ताबड़तोड़ हमला, 15 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, एक हिंदुस्तानीय घायल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार नहीं, यूपी वाली आकांक्षा सिंह असली, UPSC ने किया क्लियर

UPSC Akanksha Singh Case: UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट 6 मार्च 2026 को जारी हुआ. रिजल्ट आते ही सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में एक दिलचस्प मामला सामने आया. समाचारें आने लगीं कि Akanksha Singh नाम की दो उम्मीदवारों ने एक ही रैंक यानी 301 हासिल की है. इस समाचार ने काफी लोगों को कन्फ्यूज कर दिया. लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर असली Akanksha Singh कौन हैं और किसे सच में यह रैंक मिली है. देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया और इंटरनेट पर भी लोग इसे लेकर सवाल पूछने लगे. UPSC Akanksha Singh Case: मीडिया रिपोर्ट्स से बढ़ी उलझन रिजल्ट के बाद कुछ जगहों पर बिना पूरी जानकारी के समाचारें चलने लगीं कि दो अलग-अलग Akanksha Singh ने समान रैंक हासिल की है. इससे उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच कन्फ्यूजन और बढ़ गया. कई लोग यह जानने की कोशिश करने लगे कि दोनों में से असली रैंक किसकी है. इसी बीच यह मामला इतना चर्चा में आ गया कि UPSC को खुद सामने आकर स्थिति साफ करनी पड़ी. UPSC ने जारी किया नोटिस UPSC says – “The final result of the Civil Services Examination, 2025 has been declared on 06.03.2026. There are various media reports, wherein two candidates of same name i.e. Akanksha Singh, are claiming to have secured the same Rank 301 in the final result of the Civil… pic.twitter.com/L0inivgvIC — ANI (@ANI) March 9, 2026 कौन है असली रैंक होल्डर? UPSC ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया कि उनके रिकॉर्ड के मुताबिक सिविल सेवा परीक्षा 2025 में रैंक 301 सिर्फ एक ही उम्मीदवार को मिली है. आयोग के अनुसार Akanksha Singh, जिनका रोल नंबर 0856794 है, वही इस रैंक की असली हकदार हैं. वहीं, बिहार के आरा जिले की पवना थाना क्षेत्र निवासी आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी 2026 में 301वां रैंक हासिल करने का दावा किया था. आकांक्षा ने दी थी जानकारी #WATCH | Ghazipur, UP | On appearing for UPSC CSE 2026, Dr Akanksha Singh says, “… I’ve completed my MBBS and Master’s. I’m a gynaecologist. This was my second attempt. I secured a rank of 301 in the UPSC CSE 2025, and I’ve been feeling great ever since… I completed my MBBS… pic.twitter.com/9fnxvmTaQq — ANI (@ANI) March 7, 2026 UPSC ने यह भी बताया कि वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभईपुर गांव की रहने वाली हैं. यानी आयोग के रिकॉर्ड में किसी दूसरी उम्मीदवार को इस रैंक पर नहीं दिखाया गया है. UPSC ने यह भी साफ कर दिया कि किसी भी परीक्षा के रिजल्ट से जुड़ी सही जानकारी हमेशा आयोग के रिकॉर्ड से ही मानी जाएगी. यह भी पढ़ें: खूबसूरत सिंगर ने तोड़ा UPSC का पहाड़, मनिका बिना कोचिंग 2 बार पास The post बिहार नहीं, यूपी वाली आकांक्षा सिंह असली, UPSC ने किया क्लियर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

LPG सिलेंडर बुकिंग का बदला नियम, अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगी दूसरी रिफिल

LPG Cylinder Booking Rules Changed: मिडिल ईस्ट संकट के बीच सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने LPG बुकिंग का नियम सख्त कर दिया है. अब एक रिफिल के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन के अंतर पर ही बुक होगा. साथ ही, रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और कमर्शियल के बजाय घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है. Govt Sources say – * Petrol and Diesel prices are unlikely to increase as we have enough stock. Unless crude oil prices breach USD 130, petrol-diesel prices are unlikely to increase. We expect crude oil prices to be around $100 per barrel. * No problem of shortage of petrol… pic.twitter.com/PGo8SB4wFl — ANI (@ANI) March 9, 2026 सिलेंडर बुकिंग में क्यों हुई देरी? प्रशासनी सूत्रों के मुताबिक, यह देखा गया कि जो लोग पहले 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे डर के मारे अब 15-15 दिनों में ही बुकिंग करने लगे हैं. इस अफरा-तफरी और स्टॉक दबाने की आदत को रोकने के लिए बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. यानी अब आप एक सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन से पहले दूसरी बुकिंग नहीं कर पाएंगे. पेट्रोल-डीजल और हवाई ईंधन (ATF) का क्या होगा ? बढ़ते कच्चे तेल के दामों के बीच राहत की समाचार यह है कि हिंदुस्तान के पास पर्याप्त स्टॉक है. कीमतें कब बढ़ेंगी ? : जब तक कच्चा तेल $130 प्रति बैरल के पार नहीं जाता, तब तक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की उम्मीद कम है. प्रशासन को भरोसा है कि तेल $100 के आसपास रहेगा. सप्लाई का नया रास्ता: हिंदुस्तान अब हॉर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) के अलावा दूसरे रास्तों से भी कच्चा तेल मंगवाने की प्रक्रिया तेज कर रहा है. हवाई ईंधन (ATF): हिंदुस्तान हवाई ईंधन का बड़ा उत्पादक और निर्यातक है, इसलिए विमानों के ईंधन की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है. Also Read: रिटायरमेंट की टेंशन खत्म! इस प्रशासनी योजना में मिलेगा FD से ज्यादा रिटर्न, आज ही करें इन्वेस्ट The post LPG सिलेंडर बुकिंग का बदला नियम, अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगी दूसरी रिफिल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट का मामला गरमाया, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दारRamgarh (रजरप्पा): देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. घटना से जुड़ा वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले को गंभीरता को समझते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने चार जैप जवान और एक गृह रक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. मंदिर परिसर में अब दूसरे जवानों को तैनात किया गया है और उन्हें हिदायत दी गई है कि श्रद्धालुओं से किसी प्रकार की बदतमीजी न हो. आदित्यपुर निवासी के साथ हुई मारपीट जानकारी के अनुसार जमशेदपुर के आदित्यपुर निवासी सौरभ कुमार, सुमन कुमार और प्रेम कुमार अपने परिवार के साथ रविवार को मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा-अर्चना करने रजरप्पा मंदिर पहुंचे थे. बताया जाता है कि मंदिर में भीड़ अधिक होने के कारण वे लोग निकासी द्वार से अंदर प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गयी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और वहां मौजूद चार-पांच पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने लगे. मारपीट का वीडियो वायरल आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लाठी, थप्पड़ और घूंसे से श्रद्धालुओं की पिटाई कर दी. इस दौरान श्रद्धालु की पत्नी और उसकी मां उसे बचाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन पुलिसकर्मी लगातार मारपीट करते रहे. बाद में मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया. घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गयी और मामले की जांच शुरू कर दी गयी. पैसा लेने का भी लगा है आरोप घटना की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को रामगढ़ एसपी अजय कुमार रजरप्पा मंदिर पहुंचे. उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद पुजारियों, दुकानदारों और पुलिसकर्मियों से पूरे मामले की जानकारी ली. पूछताछ के दौरान पुजारियों ने बताया कि वे श्रद्धालु यह आरोप लगा रहे थे कि उनसे पैसे लेने के बाद भी मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था. हालांकि पैसा किसने लिया और इस आरोप में कितनी सच्चाई है, यह जांच का विषय है. पूरे मामले पर एसपी ने कही यह बात एसपी अजय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी. अनुमान के मुताबिक उस दिन करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे. इसी दौरान आदित्यपुर से आये कुछ लोग निकासी द्वार से जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे और पुलिसकर्मियों के साथ विवाद हो गया. जिसके बाद हाथापाई की स्थिति बन गयी. मामले की जांच के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जैप जवान श्यामलाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव, जॉनसन सुरीन और गृह रक्षक सिकंदर यादव को निलंबित कर दिया गया है. मौके पर मुख्यालय डीएसपी चंदन कुमार वत्स, चितरपुर सीओ दीपक मिंज, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है. वहीं प्रशासन ने मंदिर परिसर में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ पुजारियों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपेक्षा की है. इसे भी पढ़ें:  हाईकोर्ट में 4 हफ्ते के लिए टली जमशेदपुर के जेएनसी की सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट से मिल चुका है स्टे बोकारो सिविल कोर्ट को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा व्यवस्था टाइट The post रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट का मामला गरमाया, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल के पुराने वोटर की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 10 को, जानें पूरा मामला

SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल के उन पुराने वोटर की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी, जिनके नाम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिये गये. हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सीनियर एडवोकेट मनेका गुरुस्वामी की याचिका पर विचार करते हुए कहा कि वे इस याचिका पर सुनवाई करेंगे. याचिका वोटर लिस्ट से पुराने मतदाताओं के नाम हटाये जाने से संबंधित है. मेनका गुरुस्वामी की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए नामित उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने देश की सबसे बड़ी अदालत में कहा कि ये मतदाता हैं. इन्होंने पहले मतदान किया था. अब उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किये जा रहे हैं. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा- हम न्यायिक अधिकारियों के फैसले के खिलाफ अपील को रोक नहीं सकते. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील ने कहा कि अपील विचार करने लायक है. इस पर पीठ ने कहा कि याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी. सर्वोच्च अदालत ने 24 फरवरी को एसआईआर प्रक्रिया में 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाने के लिए पश्चिम बंगाल के 250 जिला जजों के अलावा दीवानी न्यायाधीशों की तैनाती और झारखंड और ओडिशा से न्यायिक अधिकारियों को बुलाने की अनुमति दी थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 22 फरवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को लिखी थी चिट्ठी पीठ ने 22 फरवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की चिट्ठी पर भी गौर किया, जिसमें कहा गया था कि एसआईआर में तैनात 250 जिला जजों को भी दावों और आपत्तियों को निपटाने में लगभग 80 दिन और लग सकते हैं. पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा 28 फरवरी तय की गयी थी. 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था असाधारण फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को असाधारण फैसला देते हुए स्पष्ट किया था कि कोई भी व्यक्ति एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकता. साथ ही न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आदेश दिया था कि चुनाव आयोग की ओर से भेजे गये नोटिस को जलाये जाने के आरोपों पर हलफनामा दायर करें. ऐसे मामले विचाराधीन की श्रेणी में वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज तर्कसंगत विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मेल न होना. मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से अधिक होना. इसे भी पढ़ें SIR के खिलाफ धरना दे रहीं ममता बनर्जी, क्या होगा 60 लाख मतदाताओं का! चुनाव आयोग भी असमंजस में एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट चुनाव आयोग की बैठक में तृणमूल कांग्रेस का हंगामा, ज्ञानेश कुमार से भिड़ गयी चंद्रमा भट्टाचार्य Voter List में ‘गड़बड़ी’ का विरोध करने CEO ऑफिस पहुंची मोस्तारी बानो, रातभर धरना पर वामदल The post बंगाल के पुराने वोटर की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 10 को, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top