Hot News

मैथिली साहित्य को बड़ा सम्मान, ‘धात्री पात सन गाम’ के लिए डॉ. महेंद्र झा को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार

Sahitya Akademi Award: मैथिली साहित्य के आकाश में एक नया सितारा पूरी चमक के साथ उभरा है. वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेंद्र झा को उनकी कालजयी कृति “धात्री पात सन गाम” के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

सोमवार को हुई इस घोषणा ने न केवल मिथिलांचल बल्कि पूरे साहित्यिक जगत को हर्षित कर दिया है. भावुक कर देने वाली बात यह है कि डॉ. झा ने इस सर्वोच्च सम्मान को अपनी दिवंगत पत्नी की स्मृति को समर्पित किया है. यह पुरस्कार मात्र एक उपलब्धि नहीं, बल्कि मैथिली भाषा की उस समृद्ध विरासत की जीत है जिसे डॉ. झा ने दशकों तक अपने शब्दों से सींचा है.

संस्मरण नहीं, जीवन का सच्चा दस्तावेज है यह कृति

डॉ. महेंद्र झा की पुरस्कृत कृति ‘धात्री पात सन गाम’ को मैथिली साहित्य में मानवीय संवेदनाओं का एक जीवंत चित्र माना जा रहा है. डॉ. झा के अनुसार, यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि उनके जीवन की सच्ची घटनाओं और अनुभवों का निचोड़ है. इसमें गांव की मिट्टी की सोंधी महक, समाज का ताना-बाना और मिथिला की संस्कृति को इतने सजीव ढंग से पिरोया गया है कि पाठक खुद को उन गलियों का हिस्सा महसूस करने लगता है.

उनकी अन्य रचनाओं जैसे ‘दिक्पाल’ और ‘पाठान्तर’ ने पहले ही साहित्य जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी, लेकिन इस कृति ने उन्हें राष्ट्रीय फलक पर स्थापित कर दिया है.

शिक्षा और साहित्य का सफर

6 जनवरी 1947 को जन्मे डॉ. महेंद्र झा का शैक्षिक सफर बेहद प्रेरणादायी रहा है. उन्होंने मैथिली में एम.ए. करने के बाद पटना विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. उनका अधिकांश समय सहरसा कॉलेज में छात्रों को साहित्य की बारीकियां समझाने में बीता.

1971 से 2004 तक वे सहरसा कॉलेज में मैथिली के प्राध्यापक रहे और बाद में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पीजी सेंटर में एचओडी और ह्यूमैनिटीज विभाग में डीन के महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया. 2009 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनकी लेखनी थमी नहीं, बल्कि और अधिक धारदार होकर सामने आई.

31 मार्च को मिलेगा सम्मान

साहित्य अकादमी के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. महेंद्र झा को आगामी 31 मार्च को आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा. उन्हें पुरस्कार स्वरूप उत्कीर्ण तांबे की पट्टिका (ताम्र पत्र) शॉल और ₹1 लाख की राशि प्रदान की जाएगी.

मिथिला के लोकजीवन, गीत, ग़ज़ल और कविताओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को आवाज देने वाले डॉ. झा को मिल रहा यह सम्मान मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊर्जा देगा.

Also Read: सुधा डेयरी की तर्ज पर बिहार में खुलेंगे ‘तरकारी’ आउटलेट, किसानों की सब्जियां सीधे पहुंचेगी बाजार

The post मैथिली साहित्य को बड़ा सम्मान, ‘धात्री पात सन गाम’ के लिए डॉ. महेंद्र झा को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top