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March 17, 2026

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NATO देशों पर भड़के ट्रंप, कहा- हमें किसी की जरूरत नहीं, हमने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया

Donald Trump Lashes Out NATO: डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- अमेरिका को हमारे ज्यादातर NATO सहयोगियों ने बताया है कि वे मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ हमारे सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते. ऐसा तब है, जब लगभग हर देश इस बात से पूरी तरह सहमत थे कि हम जो कर रहे हैं वह सही है. ईरान को किसी भी तरह से, किसी भी रूप में, परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती. हालांकि, मुझे उनके इस कदम पर कोई हैरानी नहीं हुई. NATO देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है अमेरिका ट्रंप ने आगे लिखा- अमेरिका NATO देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है. ट्रंप ने नाटो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे वन-वे स्ट्रीट बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- यानी, हम उनकी रक्षा करेंगे, लेकिन वे हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे. खासकर जरूरत के समय में. US President Donald Trump posts on Truth Social -“The United States has been informed by most of our NATO “Allies” that they don’t want to get involved with our Military Operation against the Terrorist Regime of Iran, in the Middle East, this, despite the fact that almost every… pic.twitter.com/6Yt3gqzHaR — ANI (@ANI) March 17, 2026 हमने ईरान की सेना को पूरी तरह तबाह कर दिया : ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा- हमने ईरान की सेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है. उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके विमान-रोधी और रडार सिस्टम खत्म हो चुके हैं. सबसे अहम बात यह है कि उनके नेता लगभग खत्म हो चुके हैं. अब वे न तो हमें, न ही हमारे मिडिल ईस्ट सहयोगियों को, और न ही पूरी दुनिया को फिर कभी धमका पाएंगे. हमें NATO देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है : ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्ट में लिखा- अब हमें NATO देशों की मदद की न तो कोई जरूरत है और न ही कोई इच्छा. हमें तो इसकी जरूरत कभी थी ही नहीं. यही बात जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया पर भी लागू होती है. क्यों नाटो देशों पर भड़के ट्रंप? इजराइल और अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. ट्रंप चाहते थे कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश अपनी नौसेना तैनात करें. लेकिन सभी देशों ने उन्हें मदद करने से साफ इनकार कर दिया. ट्रंप इसी बात से नाराज हैं. ट्रंप का तर्क है कि चूंकि इन देशों का व्यापार इस मार्ग पर निर्भर है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी इन्हीं देशों की होनी चाहिए. The post NATO देशों पर भड़के ट्रंप, कहा- हमें किसी की जरूरत नहीं, हमने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया appeared first on Naya Vichar.

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धोनी ने नंबर 7 को कहा अलविदा? अब जर्सी पर दिखेगा नंबर 8, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

MS Dhoni 7 Jersey: धोनी ने अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर जर्सी बदलने का संकेत दिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि उनकी मशहूर नंबर 7 वाली जर्सी को हटाकर हैंगर पर नंबर 8 वाली जर्सी टांगी जा रही है. धोनी ने कैप्शन में लिखा कुछ नंबर हमेशा आपके साथ रहते हैं. 7 हमेशा उनमें से एक रहा है. लेकिन आज मैं 8 पर स्विच कर रहा हूं. रहस्य बरकरार: नंबर 7 को क्यों कहा अलविदा? धोनी ने यह तो बता दिया कि वे स्विच कर रहे हैं, लेकिन इसकी असली वजह अभी भी एक राज है. उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, इसका खुलासा वे जल्द ही करेंगे. क्रिकेट गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या यह कोई नया रिकॉर्ड है या फिर किसी बड़े ब्रांड (जैसे Parle-G 8-Grain) के साथ जुड़ा कोई विज्ञापन का हिस्सा. फैंस के बीच कयासों का दौर वीडियो वायरल होते ही मात्र कुछ घंटों में इसे 1.3 मिलियन से अधिक लोग देख चुके हैं. फैंस अपनी-अपनी थ्योरी दे रहे हैं.तारीख का कनेक्शन: पीयूष चौहान नाम के यूजर ने इसे 17 मार्च (1+7=8) की तारीख से जोड़कर देखा. दूसरे खिलाड़ियों के लिए त्याग: कुछ यूजर्स का मानना है कि यह संजू सैमसन या रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों के लिए किया गया फैसला हो सकता है.थाला फॉर ए रीजन: कई फैंस भावुक हैं और कमेंट कर रहे हैं कि उनके लिए धोनी का मतलब ही नंबर 7 है. BCCI पहले ही कर चुका है जर्सी रिटायर बीसीसीआई (BCCI) ने धोनी के ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए जर्सी नंबर 7 को पहले ही रिटायर कर दिया है. धोनी का जन्म 7 जुलाई (7वें महीने की 7 तारीख) को हुआ था, इसलिए उन्होंने हमेशा इस नंबर को अपने दिल के करीब रखा. The post धोनी ने नंबर 7 को कहा अलविदा? अब जर्सी पर दिखेगा नंबर 8, सोशल मीडिया पर मचा बवाल appeared first on Naya Vichar.

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नवरात्र 2026: राशि अनुसार करें ये चमत्कारी उपाय, सिर्फ 9 दिन में बनेंगे बिगड़े काम और चमकेगा भाग्य

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र का पर्व बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है. यह समय मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की साधना का होता है, जब किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़ा प्रभाव देते हैं.  चैत्र नवरात्र का पर्व 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाए जाएंगे. इन नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे.  Chaitra Navratri 2026: नवरात्र के 9 दिन करें राशि अनुसार उपाय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि अपनी राशि के अनुसार इन 9 दिनों में विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सोई हुई किस्मत जाग उठती है. आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए खास उपाय- मेष राशि: नवरात्र में मां स्कंदमाता की पूजा करें. गुड़ या लाल मिठाई का भोग लगाएं और “ऊँ स्कंदमात्रै नमः” मंत्र का जप करें, इससे जीवन की बाधाएं दूर होंगी और साहस बढ़ेगा. वृषभ राशि: मां महागौरी को सफेद फूल अर्पित करें और कन्याओं को खीर खिलाएं, इससे आर्थिक समस्याएं दूर होंगी और सुख-समृद्धि आएगी. मिथुन राशि: मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करें. हरे फल या मूंग की दाल का हलवा चढ़ाएं, इससे करियर और शिक्षा में उन्नति के योग बनेंगे. कर्क राशि: मां सिद्धिदात्री को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं, इससे घर की अशांति खत्म होगी और पारिवारिक सुख मिलेगा. सिंह राशि: मां कूष्माण्डा की पूजा करें और लाल चंदन का दान करें। इससे समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कन्या राशि: मां ब्रह्मचारिणी को हरी सब्जियां या मूंग दाल अर्पित करें, इससे बुद्धि तेज होगी और नौकरी-व्यापार में सफलता मिलेगी. तुला राशि: मां महागौरी को सुगंधित सफेद फूल चढ़ाएं और कन्याओं को मिठाई खिलाएं, इससे वैवाहिक जीवन और धन में वृद्धि होगी. वृश्चिक राशि: मां स्कंदमाता की पूजा करें और लाल पुष्प अर्पित करें, इससे मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मबल मजबूत होगा. धनु राशि: मां चंद्रघंटा को पीली मिठाई या चने की दाल का भोग लगाएं, इससे भाग्य प्रबल होगा और रुके काम बनेंगे. मकर राशि: मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा करें. काले तिल और तेल का दान करें, इससे रोग और शत्रु बाधाएं समाप्त होंगी. कुंभ राशि: मां कालरात्रि की उपासना करें और जरूरतमंदों को काले वस्त्र दान करें, इससे जीवन की बड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी. मीन राशि: मां चंद्रघंटा को केसर युक्त मिठाई चढ़ाएं, इससे मानसिक शांति मिलेगी और भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. Also Read: शुरू होने वाला है चैत्र नवरात्र, जानें धार्मिक संकेत और पर्व का विशेष महत्व The post नवरात्र 2026: राशि अनुसार करें ये चमत्कारी उपाय, सिर्फ 9 दिन में बनेंगे बिगड़े काम और चमकेगा भाग्य appeared first on Naya Vichar.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं भारत के 22 जहाज, सरकार बना रही है एग्जिट प्लान

Middl East Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हिंदुस्तान के 22 जहाज फंसे हुए हैं. इन्हें सुरक्षित वापस लाने का प्रयास जारी है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी हिंदुस्तानीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में हिंदुस्तानीय जहाजों से जुड़ी कोई भी घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, एजेंसियों और हिंदुस्तानीय दूतावासों के साथ मिलकर संचालन पर करीबी नजर रख रहा है. फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला संकरा जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद प्रभावी रूप से बंद हो गया है. इसके कारण उस रास्ते से जहाज नहीं आ पा रहे हैं. सुरक्षित रूप से हिंदुस्तान पहुंच चुके हैं चार जहाज बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी टैंकर नंदा देवी मंगलवार गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया है. इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को पहला जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका था. उन्होंने बताया कि दोनों जहाजों में मिलाकर करीब 92,712 टन एलपीजी है, जो देश की एक दिन की खाना पकाने वाली गैस की जरूरत के बराबर है. एलपीजी लेकर आ रहे दोनों हिंदुस्तानीय जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की थी और 14 मार्च की सुबह वे सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने वाले हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है. फारस की खाड़ी के पूर्वी में दो और पश्चिमी में 22 जहाज फंसे हैं फारस की खाड़ी को खुले महासागर से जोड़ने वाला रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद बेहद संवेदनशील हो गया है. युद्ध शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कुल 28 हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे, जिनमें पश्चिमी हिस्से में 24 और पूर्वी हिस्से में चार जहाज थे. अब पश्चिमी हिस्से में 22 और पूर्वी हिस्से में दो जहाज बचे हैं. पूर्वी हिस्से में मौजूद जहाजों में कच्चे तेल का टैंकर जग लाडकी करीब 80,800 टन मुरबान क्रूड लेकर हिंदुस्तान पहुंचने वाला है. इस जहाज पर सवार सभी 22 हिंदुस्तानीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं. वहीं, दूसरा टैंकर जग प्रकाश भी जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर तंजानिया की ओर बढ़ चुका है. यह ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन लेकर जा रहा है. बाकी हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर प्रशासन की नजर हिंदुस्तान प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मीडिल ईस्ट में मौजूद बाकी हिंदुस्तानीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हिंदुस्तानीय अधिकारी सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फिलहाल 22 हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं. इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चे तेल के टैंकर, 1 रासायनिक उत्पादों का जहाज, 3 कंटेनर शिप, 2 बल्क कैरियर और 1 ड्रेजर शामिल हैं. इसके अलावा, 1 जहाज खाली है, जबकि 3 जहाज नियमित रखरखाव के लिए ड्राई डॉक में हैं. पोत परिवहन मंत्री ने की एलपीजी टैंकर चालकों से बात पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दो एलपीजी टैंकरों के चालक दल से वीडियो कॉल के जरिए बात की है. उन्होंने उनके साहस, सतर्कता और उत्कृष्ट सेवा की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि फारस की खाड़ी और रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए चालक दल का व्यवहार बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षित समुद्री संचालन के महत्व को दर्शाता है. (इनपुट भाषा) Also Read: इजराइल के रक्षा मंत्री का दावा, हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत The post स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हैं हिंदुस्तान के 22 जहाज, प्रशासन बना रही है एग्जिट प्लान appeared first on Naya Vichar.

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इफ्तार में बदला बॉडी लैंग्वेज! ‘गेस्ट अपीयरेंस’ में नजर आए CM नीतीश, टोपी उतारते ही सियासी कयास शुरू

Nitish Kumar Iftar Politics : बिहार की नेतृत्व में आज एक अलग नजारा देखने को मिला. इसे देख कर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. दरअसल, बिहार की नेतृत्व में बॉडी लैंग्‍वेज का बड़ा खास महत्‍व है. पहनावे से लेकर मिलने जुलने और पार्टियों में शामिल होने के पीछे भी नेतृत्व तलाशी जाती है. ऐसे में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के आज के बॉडी लैंग्‍वेज से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. आगे इन सवालों की ओर भी चलेंगे. लेकिन पहले आपको ये बता दें कि आज  जेडीयू की ओर से हज भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था. लेकिन इस दौरान ऐसा पहली बार हुआ जब नीतीश कुमार ने इफ्तार के दौरान टोपी नहीं पहनी. केवल रस्‍म निभाकर चले गए. नीतीश की भूमिका निभाते नजर आए निशांत इस दौरान बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार हज भवन पहुंचे थे. इससे पहले नीतीश कुमार के बेटे हज भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे. निशांत इस दौरान वैसे ही नजर आए, जैसे पिछले साल नीतीश कुमार नजर आए थे. लगभग उसी तरह टोपी पहने हुए और रोजेदारों का स्वागत करते हुए. निशांत के साथ कार्यकर्ताओं ने ली सेल्‍फी इस आयोजन के दौरान एक चीज और खास थी. निशांत कुमार एक खास वर्ग के पहचान को मजबूती देने वाली पल्‍ले वाली टोपी लगाए नजर आए. उनके कंधे पर पिता नीतीश की तरह ही हाजी रुमाल नजर आया. निशांत पार्टी में शामिल होने के बाद एक्टिव नजर आ रहे थे. जिससे जेडीयू कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा हुआ था. एक तरफ जहां जेडीयू कार्यकर्ता निशांत के साथ सेल्‍फी लेते दिखे वहीं, निशांत ने उनसे गले मिलकर स्‍वागत करते नजर आए किया. स्त्री कार्यकर्ताओं ने भी निशांत के साथ सेल्‍फी ली. नीतीश ने क्‍यों उतार दी टोपी? ये तो रही कार्यक्रम की बात, लेकिन इस दौरान जो एक खास नजारा देखने को मिला. वो अहम था. दरअसल, नीतीश कुमार हज भवन पहुंचे तो उन्‍होंने टोपी नहीं पहनी. और ये शायद पहली बार ऐसा हुआ होगा. उन्‍हें जो टोपी पहनाई गई, उसे उन्‍होंने तुरंत उ‍तार दिया और विजय चौधरी को पहना दिया. अब नीतीश कुमार का ये एक्‍शन बिहार की नेतृत्व में नए सवाल खड़े कर रहा है. सवाल ये कि क्‍या नीतीश कुमार अब इस खास वर्ग के वोट बैंक को साधने की जिम्‍मेदारी विजय चौधरी को सौंपने का इशारा कर रहे हैं? यह सवाल बिहार की फिजा में तैर रहा है.  सिर्फ मौजूदगी दर्ज कराने आए नीतीश! इशारा या संदेश? इस इफ्तार पार्टी के दौरान गौर करने वाली बात एक और है. वो ये कि नीतीश कुमार हज भवन में आयोजित इफ्तार पार्टी में आए और अपनी मौजूदगी दर्ज करा कर निकल गए. वो न तो रुके और न ही बैठे. अब जो सवाल बिहार की नेतृत्व में खड़े हो रहे हैं. उनका आना और आकर चले जाना इसकी पुष्टि करता सा नजर आता है. अब ये इशारा था या संदेश ये तो आने वाला वक्‍त बताएगा. नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. ऐसे में अब शायद वो अपनी नेतृत्वक विरासत बेटे और करीबियों को सौंपने या उनके जरिए चलाने का मन बना चुके हैं. ऐसे में आज की इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार की मेहमान की तरह एंट्री खास नजर आई. पटना: जदयू के दावत-ए-इफ्तार में पहुंचे CM नीतीश कुमार. हज भवन में निशांत की एंट्री पर लगे नारे- ‘बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’. मंत्री जमा खान क्या बोले, सुनिए.#PrabhatKhabar #NitishKumar #NishantKumar #JDU #BiharPolitics @Jduonline @Nishantjdu @NitishKumar pic.twitter.com/E0z0sn4aKh — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 17, 2026 गेस्‍ट अपीयरेंस में नजर आए नीतीश बिहार में इफ्तार पार्टी का भी अपना नेतृत्वक महत्व है. पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इफ्तार की पार्टी के दौरान टोपी पहन कर खास वर्ग को पूरी तरह से साधा था. वो इफ्तार पार्टी में मेजबान की तरह नजर आए थे. लेकिन इस बार वो मेहमान की तरह केवल ‘गेस्ट अपीयरेंस’ देते नजर आए. नीतीश की भूमिका में इस बार निशांत कुमार को देखा गया. स्‍वर्गीय सुशील मोदी को पहनाई थी टोपी अपनी टोपी विजय चौधरी को पहनाने वाले ये वही नीतीश हैं, जिन्‍होंने पूर्व डिप्‍टी सीएम स्‍वर्गीय सुशील मोदी को भी टोपी पहनाई थी. जो एक वक्‍त बाद बीजेपी को रास नहीं आया. समय के साथ बीजेपी ने सुशील मोदी के इस सॉफ्ट एप्रोच पर उन्‍हें बिहार के डिप्‍टी सीएम के पद से भी अलग कर दिया. ऐसे में नीतीश कुमार का टोपी न पहनना बिहार की नेतृत्व की नई दिशा की ओर इशारा जरूर करता नजर आता है. पटना: जदयू के दावत-ए-इफ्तार में पहुंचे CM नीतीश कुमार. हज भवन में निशांत की एंट्री पर लगे नारे- ‘बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’. मंत्री जमा खान क्या बोले, सुनिए.#PrabhatKhabar #NitishKumar #NishantKumar #JDU #BiharPolitics @Jduonline @Nishantjdu @NitishKumar pic.twitter.com/E0z0sn4aKh — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 17, 2026 ALSO READ : कपूरथला RFC : जहां स्‍टेनलेस स्टील की चादरें बनती हैं देश की रफ्तार, ऐसे तैयार होती है हाई-स्पीड ट्रेन The post इफ्तार में बदला बॉडी लैंग्वेज! ‘गेस्ट अपीयरेंस’ में नजर आए CM नीतीश, टोपी उतारते ही सियासी कयास शुरू appeared first on Naya Vichar.

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मिडिल ईस्ट जंग: ट्रंप के काउंटर टेररिज्म चीफ ने दिया इस्तीफा, कहा- गॉड ब्लेस यू अमेरिका

Middle East War: अमेरिकी काउंटर टेररिज्म के निदेशक जो केंट ने ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के विरोध में इस्तीफा दिया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर अपने इस्तीफे के बारे में जानकारी दी. केंट ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा खुलासा भी किया है. ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था : जो केंट जो केंट ने इस्तीफा देते हुए कहा- उनका दिल इस बात की गवाही नहीं देता कि वह ट्रंप प्रशासन के ईरान युद्ध का समर्थन करें. केंट ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान से हमारे देश को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था. After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today. I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr — Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026 इजराइल और अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण ईरान से जारी हुआ युद्ध : केंट जो केंट ने एक्स पर अपने पोस्ट में बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया- ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत इजराइल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण हुई. पिछले साल जुलाई में हुई थी केंट की नियुक्ति जो केंट की अमेरिकी काउंटर टेररिज्म के निदेशक पद पर नियुक्ति पिछले साल जुलाई में हुई थी. केंट को 44 के मुकाबले 52 वोट मिले थे. बड़ी जीत के बाद उन्होंने पद संभाला था. केंट ने ट्रंप के पहले कार्यकाल का समर्थन किया जो केंट ने डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल का समर्थन किया. ट्रंप को निशाने पर लेते हुए अपने इस्तीफा पत्र में केंट ने लिखा- मैं उन मूल्यों और विदेशी नीतियों का समर्थन करता हूं जिन पर आपने 2016, 2020, 2024 में चुनाव लड़ा था. जून 2025 तक आप यह समझते थे कि मिडिल ईस्ट के युद्ध एक जाल थे जिन्होंने अमेरिकी जीवन और संपत्ति को नष्ट किया. केंट ने ट्रंप से कहा- अपने पहले प्रशासन में आपने कासिम सुलेमानी को मारकर और ISIS को हराया था. ये भी पढ़ें: इजराइल के रक्षा मंत्री का दावा, हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात हुई इंडियन नेवी, वॉरशिप से एस्कॉर्ट कर रहे तिरंगा लगे जहाज The post मिडिल ईस्ट जंग: ट्रंप के काउंटर टेररिज्म चीफ ने दिया इस्तीफा, कहा- गॉड ब्लेस यू अमेरिका appeared first on Naya Vichar.

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मसूड़ों की सूजन और बदबू से हैं परेशान अपनाएं Oil Pulling का देसी नुस्खा

Oil Pulling Benefits: क्या आप भी मुंह से आने वाली बदबू, मसूड़ों में सूजन, कैविटी और दांतों के दर्द से परेशान रहते हैं? तो चिंता करने की कोई बात नहीं है. इसका एक आसान आयुर्वेदिक उपाय इन दिनों तेजी से चर्चा में है – ऑयल पुलिंग (Oil Pulling). हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. हंसा राजेन्द्र जी के अनुसार, यह सिर्फ मुंह साफ करने की तकनीक नहीं, बल्कि पूरे शरीर को डिटॉक्स करने का एक प्राकृतिक तरीका भी है. इससे आपको काफी राहत मिल सकती है. क्या है ऑयल पुलिंग (Oil Pulling) और कैसे करें? ऑयल पुलिंग (oil pulling) ऑयल पुलिंग में सुबह खाली पेट एक चम्मच वर्जिन नारियल तेल को 10-15 मिनट तक मुंह में घुमाया जाता है. ध्यान रखें कि तेल को निगलना नहीं है, बल्कि बाद में थूककर गुनगुने पानी से कुल्ला करना है. शुरुआती लोग 5 मिनट से शुरू कर सकते हैं. आयुर्वेद के अनुसार ऑयल पुलिंग के फायदे (Oil Pulling Benefits) डॉ. हंसा राजेन्द्र बताती हैं कि नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है. यह मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया जैसे Streptococcus mutans को कम करता है, जिससे कैविटी और मसूड़ों की समस्या घटती है. इससे मुंह की बदबू में कमी आती है. मसूड़े मजबूत और हेल्दी बनते है. पाचन में सुधार होता है और शरीर में हल्कापन और मानसिक स्पष्टता मिलती है. आयुर्वेद में क्या कहा गया है? आयुर्वेद में इसे ‘गंडूष’ (Gandosh) कहा गया है. यह न सिर्फ दांत और मसूड़ों को मजबूत करता है, बल्कि पाचन शक्ति (अग्नि) को भी बेहतर बनाता है. Oil pulling से दांत बनेंगे मजबूत और सांस रहेगी फ्रेश ऑयल पुलिंग करते समय किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है?   यह दांतों का इलाज नहीं है, समस्या होने पर डेंटिस्ट से मिलें तेल को निगलें नहीं प्रोसेस करते टाइम ज्यादा जोर से मुंह न चलाएं बैटर रिजल्ट के लिए नमक और हल्दी वाले पानी से कुल्ला करें यह भी पढ़ें: वजन कम करना है? डॉ. हंसा राजेंद्र का 7-Day हेल्दी ब्रेकफास्ट प्लान तेजी से घटाएगा वजन यह भी पढ़ें: नेचुरल स्किन ग्लो के लिए रोज पिएं बीटरूट डिटॉक्स ड्रिंक, एक्सपर्ट ने बताया बनाने का तरीका The post मसूड़ों की सूजन और बदबू से हैं परेशान अपनाएं Oil Pulling का देसी नुस्खा appeared first on Naya Vichar.

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एडमिट कार्ड खो गया है? इन आसान तरीकों से चेक कर सकेंगे अपना Bihar Board रिजल्ट

Bihar Board Result: रिजल्ट का दिन हर स्टूडेंट के लिए खास होता है. सुबह से ही इस सोच में रहते हैं कि पास होंगे या नहीं, कितने नंबर आएंगे, कौन टॉप करेगा. ऐसे हजारों सवाल दिमाग में घूमते रहते हैं. लेकिन इस पूरे एक्साइटमेंट के बीच अगर अचानक याद आए कि आपका रोल नंबर या एडमिट (Bihar Board Admit Card) कार्ड ही नहीं मिल रहा, तो समझिए टेंशन दोगुनी हो जाती है. कई स्टूडेंट्स के साथ ऐसा होता है कि एग्जाम खत्म होने के बाद वो एडमिट कार्ड को कहीं रख देते हैं, या फिर गलती से खो जाता है.  रिजल्ट (Bihar Board Result 2026) आने के समय जब उसकी जरूरत पड़ती है, तब सबसे ज्यादा परेशानी होती है कि रिजल्ट कैसे देखें. लेकिन अब आपको सिर्फ रोल नंबर पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आज के डिजिटल जमाने में कई ऐसे आसान और स्मार्ट तरीके मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप बिना एडमिट कार्ड या रोल नंबर के भी अपना रिजल्ट आसानी से देख सकते हैं. आइए जानते हैं कि बिहार बोर्ड एग्जाम (Bihar Board Result) का एडमिट कार्ड खो जाने पर रिजल्ट कैसे चेक करें.  Bihar Board Result: बिना एडमिट कार्ड के रिजल्ट देखने के आसान टिप्स Digilocker या SMS का यूज करें: आजकल कई बोर्ड रिजल्ट SMS या DigiLocker पर भी भेजते हैं. अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन किया है, तो वहां से सीधे मार्कशीट मिल सकती है.  ऑफिशियल हेल्पलाइन का सहारा लें: बिहार बोर्ड की हेल्पलाइन नंबर या ईमेल पर कॉन्टैक्ट करें. अपनी डिटेल देकर रोल नंबर या रिजल्ट से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं.  रजिस्ट्रेशन नंबर से रिजल्ट देखें: अक्सर बिहार बोर्ड या यूनिवर्सिटी रोल नंबर के अलावा रजिस्ट्रेशन नंबर से भी रिजल्ट चेक करने का ऑप्शन देती है. अगर आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर है, तो आप चेक कर सकते हैं.  नाम (Name Wise Result) से रिजल्ट देखें: बिहार बोर्ड और वेबसाइट्स नाम के जरिए भी रिजल्ट देखने की फैसिलिटी देती हैं.  इसमें आप अपना नाम, पिता का नाम और डेट ऑफ बर्थ डालकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं.   स्कूल/कॉलेज से संपर्क करें: अपने स्कूल या कॉलेज में संपर्क करें. वहां से आपको रोल नंबर या पूरी इंफॉर्मेशन मिल सकती है.  एडमिट कार्ड का डुप्लीकेट निकालें: अगर आपने एडमिट कार्ड की फोटो या PDF सेव की होगी, तो  वहां से आपको रोल नंबर मिल सकता है. फिर अप अपना रिजल्ट देख सकते हैं.  यह भी पढ़ें: कैसे चेक करें Bihar Board Result? पहले ही समझ लें पूरा तरीका The post एडमिट कार्ड खो गया है? इन आसान तरीकों से चेक कर सकेंगे अपना Bihar Board रिजल्ट appeared first on Naya Vichar.

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मारुति सुजुकी को मिला 5,786 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स नोटिस, फिर भी रॉकेट बने शेयर

Maruti Suzuki: हिंदुस्तान की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (MSIL) मंगलवार को चर्चा में रही. कंपनी को आयकर विभाग (Income Tax Authority) की ओर से 5,786 करोड़ रुपए का एक ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर मिला है. आमतौर पर इतने बड़े टैक्स नोटिस से शेयर गिर जाते हैं, लेकिन मारुति के मामले में इसका उल्टा असर दिखा और निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा. क्या है टैक्स नोटिस का मामला? कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि उसे वित्त वर्ष 2022-23 के लिए यह ड्राफ्ट ऑर्डर मिला है. आयकर विभाग ने कंपनी द्वारा दिखाई गई आय (Returned Income) में कुछ खर्चों या दावों को लेकर आपत्ति जताई है, जिसकी कुल रकम 57,864 मिलियन जो करीब 5,786 करोड़ रुपए बैठती है. इस नोटिस के बाद कंपनी ने क्या कहा मारुति सुजुकी इस नोटिस को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। कंपनी ने साफ किया है कि: वह इस आदेश के खिलाफ डिस्प्युट रिजोल्यूशन पैनल (DRP) के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी. कंपनी का मानना है कि इस नोटिस से उनके बिजनेस, ऑपरेशन या आर्थिक सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. शेयर बाजार में मारुति की रफ्तार हैरानी की बात यह है कि टैक्स नोटिस की समाचार के बावजूद मारुति के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. दोपहर 3 बजे के करीब शेयर 2.10% उछलकर 13,020 रुपए के पार ट्रेड कर रहा था. आज शेयर 12,800 रुपए पर खुला और दिनभर के कारोबार में 13,101 रुपए के ऊंचे स्तर तक जा पहुंचा. कैसा रहा कंपनी का हालिया प्रदर्शन? मारुति सुजुकी की बैलेंस शीट और सेल्स रिपोर्ट उसकी मजबूती की गवाही दे रही है. वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती 9 महीनों में कंपनी ने 14.35 लाख से ज्यादा कारें बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 4% की बढ़ोतरी है. तीसरी तिमाही में कंपनी ने 37,940 मिलियन रुपए का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि इसकी कुल बिक्री 6.67 लाख करोड़ रुपए से अधिक रही. Also Read: BEL को मिला 1,011 करोड़ रुपए का नया ऑर्डर, इंवेस्टर्स को डिविडेंड के साथ मिला डबल धमाका The post मारुति सुजुकी को मिला 5,786 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स नोटिस, फिर भी रॉकेट बने शेयर appeared first on Naya Vichar.

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CBI के शिकंजे में रेलवे इंजीनियर! बोकारो में घूस लेते धराया, बिजली कनेक्शन के बदले मांगी थी ‘कमीशन’

CBI Action in Bokaro, बोकारो (धर्मेंद्र गुप्त): दक्षिण पूर्व रेलवे के धनबाद आद्रा मंडल में तैनात जूनियर इंजीनियर रविंद्र कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी पर 15 हजार रुपये की अवैध वसूली का आरोप है. इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. मिली जानकारी के अनुसार दरोगा प्रधान कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में साइट इंजीनियर के पद पर कार्यरत अरविंद कुमार राय ने 27 फरवरी को सीबीआई में शिकायत दर्ज करायी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजूडीह, बोकारो स्थित दक्षिण पूर्व रेलवे में कार्यरत जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) रविंद्र कुमार ने साइट ऑफिस में बिजली कनेक्शन दिलाने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी. बिजली कनेक्शन लगवाने के नाम पर मांगी राशि बताया गया है कि संबंधित कंपनी रेलवे के ट्रैक डबलिंग प्रोजेक्ट में काम कर रही है और आद्रा डिवीजन में उसका कार्य जारी है. इसी दौरान भोजूडीह स्थित साइट ऑफिस के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत थी, जिसके बदले आरोपी इंजीनियर ने अवैध राशि की मांग की. Also Read: भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद समुद्र ने छीनी जिंदगी, 3 दिन बाद मिला बीटेक छात्र अनिमेष का शव सीबीआई ने दर्ज किया मामला शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच करायी, जिसमें आरोप सही पाये गये. इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया. सीबीआई ने शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाये जायेंगे. Also Read: राहुल सिंह बने मानगो के डिप्टी मेयर, 10 वोटों के अंतर से जीते चुनाव The post CBI के शिकंजे में रेलवे इंजीनियर! बोकारो में घूस लेते धराया, बिजली कनेक्शन के बदले मांगी थी ‘कमीशन’ appeared first on Naya Vichar.

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